अबीर-गुलाल, संगीत और नृत्य से भरपूर पारम्परिक लोकोत्सव होली का वास्तविक आनंद ब्रज में ही मिलता है। वैष्णव देवालयों में एक माह से भी अधिक समय तक चलने वाले इस उत्सव में ठाकुर जी अपने भक्तों के साथ नित्य होली खेलते हैं।
अबीर-गुलाल, संगीत और नृत्य से भरपूर पारम्परिक लोकोत्सव होली का वास्तविक आनंद ब्रज में ही मिलता है। वैष्णव देवालयों में एक माह से भी अधिक समय तक चलने वाले इस उत्सव में ठाकुर जी अपने भक्तों के साथ नित्य होली खेलते हैं।
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