यह कहा जाता है 'किसी व्यक्ति का अपनी धरोहर से संबंध उसी प्रकार का है, जैसे एक बच्चे का अपनी मां से संबंध होता है। हमारी धरोहर हमारा गौरव है और इसे भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना तथा इसका संरक्षण करना हम सबकी जिम्मेदारी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51ए(एफ) में स्पष्ट कहा गया है कि अपनी समग्र संस्कृति की समृद्ध धरोहर का सम्मान करना और इसे संरक्षित रखना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है।






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