ठीक एक साल पहले आज ही का दिन उत्तराखंड के लिए किसी काले दिन से कम नहीं था। उत्तराखंड में आई भीषण दैवीय अपदा ने उत्तराखंड के दिल में ऐसा जख्म दिया कि आज एक साल हो जाने के बाद भी उस जख्म के घाव हरे हैं। उस दौरान 'देवभूमि' कही जाने वाली उत्तराखंड की जमीन में किसी भी देव के पदचिह्न नहीं बल्कि लाशों का अंबार दिखाई दे रहा था।






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