साल 2010... हर साल की तरह कुछ अच्छी-बुरी यादें छोड़कर जाने को तैयार है। कॉमनवेल्थ और एशियाड जैसे खेल के मैदानों में भारतीय नौजवानों ने अच्छा प्रदर्शन करके और भारतीय बाजार ने दो साल की मंदी के बाद सही राह पकड़कर जहां अच्छी स्मृतियां छोड़ी वहीं एक के बाद एक कई घोटालों ने पटल पर आकर खुशियों का मजा किरकिरा कर दिया।
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