मथुरा

मथुरा । थाना हाइवे क्षेत्र अन्तर्गत एक विवाहिता की गला घौंटकर हत्या कर दी गयी। जानकारी के अनुसार रजनी 22 वर्ष पत्नी गोविन्द सिंह निवासी डिफेंस काॅलोनी मथुरा की बीती रात्रि गला रेतकर हत्या कर दी। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है। क्षेत्रीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाऐं है। सूचना पर पहंुची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। समाचार लिखे जाने तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। 

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मथुरा । नौहझील में सुबह चले लंबे घटनाक्रम के बाद अंततः प्रशासन के मनाने के उपरांत शहीद विजय चैधरी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सैनिक सम्मान के साथ हुये अंतिम संस्कार में पूरा परिवार, गांववासी, आसपास के गांव के लोग, राजनैतिक दलों के नेताओं के अलावा एसडीएम मांट सहित हजारों लोग मौजूद रहे। अंतिम संस्कार करने से पूर्व सेना के कमाण्डेंट व अन्य सैन्य अधिकारियों से फोन पर हुयी बातचीत के बाद उसे शहीद का दर्जा दिये जाने का जब आश्वासन मिला तभी अंतिम संस्कार हो पाया। आज सुबह से इसको लेकर जद्दोजहद चलती रही। जवान की पत्नी, परिवार के लोग और गांववासी उसे शहीद का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे थे। इससे पूर्व असम राइफल्स की बटालियन 20 एआर में तैनात ट्रेनिंग इंस्पैक्टर नौहझील के अनारगढी निवासी विजय चैधरी की मौत के बाद आज उसका शव नौहझील लाया गया लेकिन परिवार के लोग और गांववासी शहीद का दर्जा न मिलने तक दाह संस्कार न होने की बात पर अड़ गये और शव का दाह संस्कार नहीं किया। परिजनों का कहना था कि मृतक को शहीद का दर्जा जब तक न मिलेगा तब तक दाह संस्कार नहीं किया जायेगा। बताया गया कि असम राइफल्स में ट्रेनिंग इंस्पैक्टर के पद पर कार्यरत नौहझील के गांव अनरदागढी निवासी विजय चैधरी पुत्र वीरेन्द्र सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गयी थी। आज सुबह उसका शव उसके गांव लाया गया। सेना के अधिकारियों ने शव को परिजनों के पास रखा और कुछ देर बाद उसका दाह संस्कार कराने के लिये ले जाने लगे तभी परिजनों ने दाह संस्कार करने से मना कर दिया। गांव में मौजूद लोगों ने परिजनों का साथ देते हुये मृतक को शहीद का दर्जा दिलाये जाने की मांग की। मृतक की पत्नी ने कहा कि कल मुझे फोन आया था कि मेरे पति की गोली लगने से मौत हो गयी है। प्रशासन के अधिकारी उसे शहीद नहीं बता रहे हैं जबकि शव को लेकर आये सेना के लोग कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं। जब तक मेरे पति को शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा तब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जायेगा। मृतक की पत्नी ने कहा कि हमें सरकारी क्वार्टर, बच्चों के लिये अच्छे स्कूल में पढाई और गैस एजेंसी का लाइसैंस और शहीद का दर्जा मिलना चाहिये। वहीं शव को साथ लेकर आये सेना के लोग इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। 

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मथुरा । गोवर्धन के कस्बा के बड़ा बाजार स्थित महल हंसियारानी स्थित एक घर में अज्ञात चोर घुस गये। रात में जगार होने पर जब लोग जागे तो चोर वहां से फरार हो गये। इस दौरान घर मेें घुसे अज्ञात चोर युवक की पेंट की जेब में रखे रूपये निकाल ले गये। जानकारी के अनुसार कन्हैया लाल सैनी पुत्र हरी सैनी निवासी महल हंसियारानी कल रात्रि अपनी दुकान बंद कर घर पहंुचा रात्रि में उसने अपनी पैंट घर में टांग दी। करीब दो बजे जब उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि दरवाजा खुला हुआ है और छत पर रखी जाली हटी हुई है। उसने जब ऊपर चढ़कर देखा तो उसका पैंट छत पर पड़ा हुआ था और पैंट में रखे चार हजार रूपये गायब थे। 

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मथुरा । राया कस्बे के हनुमानगढ़ी में गणेश पूजन व ध्वजा रोहन के साथ राम लीला मंचन शुरू हो गया। कमेटी अध्यक्ष कन्हैया लाल ने बताया पिछले कई सालो से यहाँ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम नाटकलीला का मंचन होता आया है जिसमे दूर दराज से भारी संख्या में नगर व ग्रामीण क्षेत्रो से जनता पहुच कर रामलीला मंचन का आनंद लेते है। इस अवसर पर बु(सेन बक्सी, नीरज रावत, रवि वर्मा, राजू शर्मा, रूपेश शर्मा, मयूर शर्मा, अजीत चैधरी, मोहित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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मथुरा । 62वीं जनपदीय माध्यमिक विद्यालय युवा क्रीड़ा समारोह 2016-17 जनपद मथुरा का आयोजन 17,18 व 19 अक्टूबर को हजारीमल सोमाणी नगर पालिका इण्टर काॅलेज वृन्दावन के खेल मैदान में किया जायेगा। उक्त जानकारी शनिवार को विद्यापीठ इण्टर काॅलेज मंे बैठक कर आयोजकों द्वारा दी गयी। उन्होनंे बताया कि खेल प्रतियोगिता का उद्दघाटन 17 अक्टूबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जायेगा। वहीं स्वागताध्यक्ष की जिम्मेदारी पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम निभायेगें। इस आयोजन में विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगितायें आयोजित की जा रही हैं। प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 10 व 11 से 12 तक के छात्र-छात्राऐं हिस्सा लेगें। इस अवसर पर कौशल किशोर गौतम प्रबंधक विद्यापीठ, जोगेन्द्र सिंह, रवेन्द्र सिंह, जिला क्रीड़ा सचिव डाॅ. देवप्रकाश, क्रीड़ा संयोजक डाॅ. राकेश माहेश्वरी, मंजू लता पाण्डेय, मानवीर सिंह, मोरध्वज अग्रवाल, अरूण सिंह, रजंना सिंह, शैलेन्द्र प्रकाश सक्सैना आदि उपस्थित थे। 

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मथुरा । भारत सरकार के राजभाषा विभाग के आदेश के अनुपालन में मथुरा रिफाइनरी में 14 सितम्बर से 28 सितम्बर तक हिन्दी पखवाड़ा आयोजित किया गया। हिंदी पखवाड़ा-14 सितम्बर को आयोजित राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमें कार्यकारी प्रमुखों, विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों को राजभाषा नियम, अधिनियम व प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई । हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए हिंदी निबंध,आशुभाषण,प्रश्नोत्तरी,अंत्याक्षरी, नारा,टॉउनशिप की महिलाओं एवं स्कूल विद्यार्थियों के लिए सुलेख, सी.आई.एस.एफ.व अध्यापकों के लिए निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिनमें कुल 643 प्रतिभागियों ने भाग लिया। एन. पबनराज, उप महाप्रबंधक (प्रशासन, सी.सी.व सी.एस.आर) ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यालयीन कामकाज में सरल हिंदी के प्रयोग पर बल दिया। राजीब कलिता , महाप्रबंधक (मानव संसाधन ), मथुरा रिफाइनरी ने अध्यक्षीय भाषण में राजभाषा की संवैधानिक व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी के सहयोग से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, मथुरा को क्षेत्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर भी राष्ट्रपति से 14 सितम्बर को मथुरा रिफाइनरी के प्रमुख एस.एम.  वैद्या, महाप्रबंधक (प्रभारी)  को राजभाषा शील्ड़ (प्रथम पुरस्कार)  व डॉ वी. डी. गौतम  को प्रशंसा पत्र मिला है। हिंदी आज एक ग्लोबल भाषा है । हिंदी ने मानस को मानव से जोड़ा है। विविधता में एकता का पाठ पढ़ाया है । भारत के एक बड़े भू-भाग में बोली और समझी जाने वाली भाषा हिंदी में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती है। ये ऐसी जीवंत भाषा है जिसमें अंतर्निहित रचनात्मक शक्ति है, व्यवहारधर्मिता है और गतिमयता है। संसदीय राजभाषा समिति एवं अन्य राजभाषा निरीक्षणों के दौरान मथुरा रिफाइनरी की हिंदी प्रगति को संतोषजनक पाया गया है। तथापि कार्यालयीन काम-काज में हिंदी के प्रयोग की और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। कम्प्यूटर पर यूनीकोड़ फॉन्ट के माध्यम से हिंदी ई-मेल भी भेजें और पत्राचार बढ़ाएं। उन्होंने अपने सारगर्भित भाषणों में राजभाषा की प्रगति पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए इसे और लक्ष्योन्मुखी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया । डॉ. वी.डी.गौतम, वरिष्ठ प्रबंधक (हिंदी व प्रशासन)  ने वर्ष 2015-16 के दौरान हिंदी के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का लेखा- जोखा प्रस्तुत किया एवं सभी से हिंदी पत्रिका के लिए लेख भेजने के लिए अनुरोध किया। अंत में राजीब कलिता कुमार एवं  अरविंद कुमार  ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए । इस अवसर पर अंताक्षरी प्रतियोगिता के निर्णायक मथुरा के प्रसिद्ध कवि  डॉ. सोहनलाल  शीतल डॉ. महेन्द्र सिंह व संतोष कुमार सिंह की  नई कविताओं को सुनने का अववसर भी मिला ।

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सुहागिनें हर साल अपने पति की लंबी उम्र की कामना में करवाचौथ का व्रत रखती हैं, लेकिन इस बार करवाचौथ अपने आप में कुछ खास है। करवाचौथ पर पूरे सौ साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस बार करवाचौथ का एक व्रत करने से 100 व्रतों का वरदान मिल सकता है। अब आपको बताते हैं कि कौन से योग इस करवाचौथ को दिव्य और चमत्कारी बना रहे है। करवा चौथ का त्यौहार इस बार बुधवार को मनाया जा रहा है। दरअसल बुधवार को शुभ कार्तिक मास का रोहिणी नक्षत्र है। इस दिन चन्द्रमा अपने रोहिणी नक्षत्र में रहता है। इस दिन बुध अपनी कन्या राशि में रहेंगे। इसी दिन गणेश चतुर्थी और कृष्ण जी की रोहिणी नक्षत्र भी है। इसके अलावा बुधवार को गणेश जी और कृष्ण जी दोनों का दिन है। ये अद्भुत संयोग ही करवाचौथ के व्रत को और भी शुभ फलदायी बना रहा है। इस दिन पति की लंबी उम्र के साथ संतान सुख भी मिल सकता है। कहा जाता है कि जब पांडव वन-वन भटक रहे थे तो भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को इस दिव्य व्रत के बारे बताया था। इसी व्रत के प्रताप से द्रौपदी ने अपने सुहाग की लंबी उम्र का वरदान पाया था। अब जानते है कि इस दिन किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है और इस व्रत से कौन-कौन से वरदान पाए जा सकते हैं। करवाचौथ के दिन श्री गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। चंद्रमा पूजन से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख का वरदान मिलता है। विधि-विधान से ये पर्व मनाने से महिलाओं का सौंदर्य भी बढ़ता है। करवाचौथ की रात सौभाग्य प्राप्ति के प्रयोग का फल निश्चित ही मिलता है। इस दिव्य व्रत से जुड़े नियम और सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ।आइए जानते हैं कि इस अद्भुत संयोग वाले करवाचौथ के व्रत में क्या करें और क्या ना करें।व्रत रखने वाली स्त्री को काले और सफेद कपड़े कतई नहीं पहनने चाहिए। करवाचौथ के दिन लाल और पीले कपड़े पहनना विशेष फलदायी होता है। करवाचौथ का व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है।ये व्रत निर्जल या केवल जल ग्रहण करके ही रखना चाहिए। इस दिन पूर्ण श्रृंगार और अच्छा भोजन करना चाहिए। और तो और पत्नी के अस्वस्थ होने की स्थिति में पति भी ये व्रत रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि करवाचौथ के व्रत और पूजन की उत्तम विधि के बारे जिसे करने से आपको इस व्रत का 100 गुना फल मिलेगा। सूर्योदय से पहले स्नान कर के व्रत रखने का संकल्पत लें। फिर मिठाई,फल,सेंवई और पूड़ी वगैरह ग्रहण करके व्रत शुरू करें। फिर संपूर्ण शिव परिवार और श्रीकृष्ण की स्थापना करें। गणेश जी को पीले फूलों की माला, लड्डू और केले चढ़ाएं। भगवान शिव और पार्वती को बेलपत्र और श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें। श्री कृष्ण को माखन-मिश्री और पेड़े का भोग लगाएं। उनके सामने मोगरा या चन्दन की अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं। मिटटी के कर्वे पर रोली से स्वस्तिक बनाएं । कर्वे में दूध, जल और गुलाबजल मिलाकर रखें और रात को छलनी के प्रयोग से चंद्र दर्शन करें और चन्द्रमा को अर्घ्य दें। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार जरूर करें, इससे सौंदर्य बढ़ता है। इस दिन करवा चौथ की कथा कहनी या फिर सुननी चाहिए। कथा सुनने के बाद अपने घर के सभी बड़ों का चरण स्पर्श करना चाहिए। पति को प्रसाद देकर भोजन कराएं और बाद में खुद भी भोजन करें।             साभार-khaskhabar.com  

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बॉलीवुड की अभिनेत्री श्रद्धा कपूर अभिनेत्री होने के साथ-साथ कई गानों को अपनी आवाज भी दी। अपनी मधुर आवाज से लाखों लोगों का दिल भी जीत लिया है। जल्द ही श्रद्धा की आवाज फिल्म रॉक आॅन 2 में भी सुनने को मिलेगी। बेटी के इस हुनर पर श्रद्धा की मां शिवांगी कोल्हापुरी को गर्व है। शिवांगी को खुद भी सुर और ताल की काफी समझ है। रॉक ऑन 2 के कई गानों में श्रद्धा की आवाज सुनकर शिवांगी काफी खुश हैं और उन्हें गर्व है कि श्रद्धा की आवाज में गजब का जादू है। इस पर श्रद्धा ने अपनी मां की तरीफ करते हुए कहा मेरी मां एक बेहतरीन सिंगर हैं।  वो मुझे कई मौकों पर अच्छा गाना गानें के लिए मशवरा देती रहती हैं। इस बार उन्होंने रॉक ऑन 2 के गाने उड़जा रे के लिए मुझसे कहा तुम्हारी आवाज में ये गाना सुनने के बाद मुझे गर्व महसूस हो रहा है। फिल्म रॉक आॅन 2 में श्रद्धा के साथ अर्जुन रामपाल और फरहान अख्तर भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।                     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सब्जी,दाल-दलहन और दूध तथा अंडों के सस्ता होने से खुदरा मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर 4.31 प्रतिशत पर आ गयी। यह इसका 13 महीने का न्यूनतम स्तर है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में 5.05 प्रतिशत थी। पिछले साल सितंबर में 4.41 प्रतिशत थी।    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकडों के मुताबिक खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट वार्षिक खाद्य मुद्रास्फीति में तेज गिरावट के कारण आई है। ग्रामीण भारत की सालाना खुदरा मुद्रास्फीति 4,96 फीसदी रही, जबकि शहरी भारत की 3.64 फीसदी। ग्रामीण क्षेत्रों में सालाना खाद्य मुद्रास्फीति 4.43 फीसदी रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 2.88 फीसदी रही।    इससे पहले, अगस्त 2015 में यह 3.74 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर थी। रिजर्व बैंक प्रमुख नीतिगत दर पर फैसला करते समय खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। उसे खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ की सीमा के साथ 4.0 प्रतिशत के ईद-गिर्द रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। सरकार द्वारा जारी आंकडे के अनुसार सितंबर में सब्जियों के दाम एक साल पहले की तुलना में 7.21 प्रतिशत घटे। अगस्त में सब्जियों के वर्ग में महंगाई दर 1.02 प्रतिशत थी।    सब्जियों की तरह दाल-दलहनों, अंडा और दूध एवं उसके उत्पाद खुदरा भाव भी सितंबर में नरम हुए। मांस तथा मछली की मुद्रास्फीति भी सितंबर में 5.83 प्रतिशत रही जो इससे पिछले महीने के मुकाबले मामूली रूप से कम है। हालांकि फलों की कीमतों में पिछले महीने तेजी आयी। कुल मिलाकर उपभोक्ता खादय कीमत सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति पिछले महीने 3.88 प्रतिशत पर आ गयी जो अगस्त में 5.91 प्रतिशत थी। हालांकि ईंधन और बिजली खंड में सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति सितंबर महीने में बढ़कर 3.07 प्रतिशत रही जो अगस्त में 2.49 प्रतिशत थी।    सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी आंक़डे के अनुसार शहरी क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति आलोच्य महीने में 3.64 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व महीने में 4।22 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर सितंबर महीने में 4.96 प्रतिशत थी जो अगस्त में 5.87 प्रतिशत थी।                    साभार-khaskhabar.com  

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धर्मशाला । भारत आज अपना 900वां वनडे खेल रहा है। पांच मैच की सीरीज के पहले वनडे में टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतने के बाद न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी देने का फैसला किया। अंतिम समाचार मिलने तक न्यूजीलैंड ने 6.1 ओवर में 33/3 रन बना लिए थे। टॉम लैथम (17) क्रीज पर हैं। मार्टिन गुप्टिल (12), कप्तान केन विलियमसन (3) व रॉस टेलर (0) पैवेलियन लौट गए। उमेश यादव ने दो व हार्दिक पांड्या ने एक विकेट लिया।   टेस्ट सीरीज में विराट कोहली की अगुवाई में 3-0 से सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम वनडे सीरीज में भी अपनी बढिय़ा फॉर्म जारी रखना चाहेगी। सर्वाधिक वनडे खेलने के मामले में भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया (888) दूसरे स्थान पर आता है। इस मैच के साथ हार्दिक पांड्या वनडे करियर की शुरुआत कर रहे हैं। मैच शुरू होने से पहले भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने हार्दिक को डेब्यू कैप पहनाई।    हार्दिक ने इसी वर्ष भारत के लिए टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया था। कीवी टीम में कोरी एंडरसन की वापसी हुई है। भारत की धरती पर ही उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। भारत की मेजबानी में हुए आईसीसी टी20 विश्व कप के बाद से ही वे टीम से बाहर चल रहे थे। भारतीय टीम में कई वरिष्ठ खिलाडिय़ों को आराम दिया गया है, जिनमें तेज गेंदबजा भुवनेश्वर कुमार और स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन शामिल हैं। श्रृंखला के लिए टीम में चुने गए सुरेश रैना बीमारी के चलते इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। दूसरी ओर, कीवी टीम ने भी अपने मुख्य तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट और मैट हेनरी को आराम दिया है, हालांकि टिम साउदी की वापसी भी हुई है। अंतिम एकादश भारत : रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, मनीष पांडे, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव।   न्यूजीलैंड : मार्टिन गुप्टिल, टॉम लैथम, केन विलियमसन, रॉस टेलर, कोरी एंडरसन, जेम्स नीशाम, ल्यूक रोंची, मिशेल सेंटनेर, टिम साउथी, ईश सोढ़ी, डग ब्रेसवैल।                      साभार-khaskhabar.com  

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