मथुरा

नई दिल्ली । सरकार ने देश में 3,500 पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिये यूरोप की तीसरी सबसे बडी तेल कंपनी बीपी पीएलसी को औपचारिक रूप से लाइसेंस दिया है। यह 10वीं कंपनी है जो देश में आकर्षक ईंधन के खुदरा कारोबार में कदम रखेगी। बीपी ने टिवटर पर लिखा है कि कंपनी को पेट्रोल और डीजल (हाई स्पीड डीजल) के विपणन के लिये 14 अक्टूबर को औपचारिक लाइसेंस मिल गया।    ब्रिटेन की कंपनी के साथ हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लि को खुदरा पेट्रोल और डीजल के लिये लाइसेंस दिया गया है। इससे पहले कंपनी को भारत में एयरलाइंस को विमान ईंधन (एटीएफ) के खुदरा विपणन के लिये सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी।    देश में फिलहाल 56,190 पेट्रोल पंप है जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की बहुलांश हिस्सेदारी है। निजी क्षेत्र की एस्सार ऑयल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 3,500 पेट्रोल पंप हैं। रायल डच शेल 82 पेट्रोल स्टेशनों का परिचालन कर रही है। नुमालीगढ़ रिफाइनरीज तथा मैंगलोर रिफाइनरीज एंड पेट्रोकेमिकल्स के छह पेट्रोल पंप हैं।    दूसरी तरफ इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के पास 25,363 पेट्रोल पंप, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन (एचपीसीएल) के पास 13,802 स्टेशन तथा भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन बीपीसीएल) के पास 13,439 बिक्री केंद्र हैं। कोलकाता स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स को 100 पेट्रोल पंप स्थापित करने का लाइसेंस मिला है। ये पेट्रोलपंप मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में लगाये जाएंगे।            साभार-khaskhabar.com  

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धर्मशाला । भारत ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की सीरीज के पहले वनडे में 101 गेंदों पहले छह विकेट से जोरदार जीत दर्ज की। यह भारत का 900वां वनडे था। जीत के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने गेंदबाजों की शानदार प्रदर्शन के लिए जमकर तारीफ की और कहा कि पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलने से उन्हें हैरानी हुई। टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने वाले धोनी ने कहा कि तेज गेंदबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।    हमें अनुमान नहीं था कि पिच तेज गेंदबाजों को मदद करेगी। वनडे में डेब्यू करने वाले हार्दिक पांड्या ने अच्छी लेंथ से गेंदबाजी करके परिस्थितियों का फायदा उठाया। उमेश यादव लगातार तेज गेंदबाजी कर सकते हैं। वे अब काफी फिट गेंदबाज बन गए हैं। हार्दिक भ्रम में डालते हैं। आपको लगेगा कि वे 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करेंगे, लेकिन वे लगातार 135 किमी प्रति घंटे को पार करते हैं। अमित मिश्रा और अक्षर पटेल ने भी अच्छी गेंदबाजी की। न्यूजीलैंड को शुरू में झटके लगने से मैच हमारे पक्ष में हो गया था। अगर हमने शुरू में विकेट नहीं लिए होते तो इस विकेट पर 280 से 300 रन बनते। इस श्रृंखला में टॉस भी अहम साबित होगा। अपनी बल्लेबाजी के बारे में धोनी ने कहा कि क्रीज पर समय बिताना महत्वपूर्ण है। मैं जल्दबाजी में नहीं हूं। जितनी अधिक गेंदें खेलूंगा उतना ही मेरे लिए अच्छा है। उल्लेखनीय है कि धोनी पिछले कुछ समय से अपने बल्ले के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। इस मैच में उन्होंने एक चौके व एक छक्के की मदद से 24 गेंदों पर 21 रन बनाए, लेकिन वे रन आउट हो गए।   विलियमसन ने यह बताया हार का कारण  न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने स्वीकार किया कि उनकी टीम हर क्षेत्र में भारत से कमतर साबित हुई। विलियमसन ने कहा कि हमें शुरुआती 10 ओवरों का खामियाजा भुगतना पड़ा। भारतीय तेज गेंदबाजों ने इन शुरुआती ओवरों में बेहतरीन गेंदें डालीं। हमारी बल्लेबाजी निराशाजनक रही और कुछ ऐसे विकेट गिरे जिन्हें नहीं गिरना चाहिए था। विलियमसन ने कहा कि हमने शुरुआत में ही काफी विकेट खो दिए। हमने आखिरी में थोड़ी भरपाई जरूर की। हालांकि भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। वे रनों का पीछा करने के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने आज उसे साबित किया। हम हर क्षेत्र में उनसे पीछे रहे और हमें इसमें सुधार करना होगा। भारत ने इससे पहले तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला में भी न्यूजीलैंड को 3-0 से पटखनी दी थी।   हार के बाद ऐसा बोले टॉम लैथम भारत दौरे में अब तक एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाने वाले न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज टॉम लैथम ने कहा कि उनकी टीम को यदि बाकी बचे चार वनडे में अच्छा प्रदर्शन करना है तो उसे कुछ गलतियों में जल्द से जल्द सुधार करना होगा। लैथम ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा कि हम अब तक मनमाफिक परिणाम हासिल नहीं कर पाए हैं लेकिन अभी चार मैच बचे हैं। उम्मीद है कि हम कुछ चीजें बदलने में सफल रहेंगे।   उम्मीद है कि हम अपनी कुछ गलतियों में सुधार करेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 79 रन बनाकर नाबाद रहे लैथम ने कहा कि नियमित अंतराल में विकेट गंवाना न्यूजीलैंड पर भारी पड़ा। पिछले दो सप्ताह में हमने परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा लिया। दुर्भाग्य से हम बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। हम किसी तरह से 190 रन तक पहुंच गए लेकिन हम सही क्षेत्र में गेंद नहीं कर पाए और शुरू में विकेट लेने में नाकाम रहे।            साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली/लखनऊ । कांग्रेस को उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले ही जोर का झटका लग सकता है। यूपी में कांग्रेस का बडा चेहरा रीता बहुगुणा जोशी पार्टी छोड बीजेपी में शामिल हो सकती है। खबरों के अनुसार रीता बहुगुणा जोशी और उनका बेटा मयंक जोशी बीजेपी के संपर्क में है। बताया जा रहा है कि रीता अपने भाई और कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता विजय बहुगुणा के जरिए बीजेपी के संपर्क में हैं। दरअसल रीता बहुगुणा जोशी को लग रहा है कि वो यूपी में कांग्रेस की राजनीति में हाशिए पर चली गई हैं। पार्टी ने सीएम उम्मीदवार के तौर पर शीला दीक्षित को पहले ही उतार दिया है, इसके अलावा राज बब्बर के पास यूपी कांग्रेस की कमान है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद खाट सभाएं, संदेश यात्रा और किसान यात्राएं करके पार्टी के प्रचार में जुटे हैं। ऐसे में रीता बहुगुणा जोशी कहीं नहीं दिख रही हैं। हालांकि रीता बहुगुणा जोशी के पहले भी पार्टी छोडऩे की कई बार खबरें सोशल मीडिया में आ चुकी हैं। लेकिन, हर बार रीता बहुगुणा जोशी ने इनका खंडन किया था। उनके समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलें भी लगाई गई थीं। लेकिन, इसके बाद इन खबरों पर विराम लग गया था। हालांकि, यूपी में राजनीति गरमाई हुई है और तोडफ़ोड़ भी काफी चल रही है। कांग्रेस ने हर तरह से यूपी में पूरा जोर लगाया हुआ है। अब देखना यह है कि रीता बहुगुणा क्या पार्टी छोड़ेंगी। गौरतलब है कि रीता के भाई विजय बहुगुणा भी कांग्रेस से बगावत करने के बाद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। अब बड़ा सवाल ये है कि क्या वो अपनी बहन को भी बीजेपी में लाने में कामयाब होंगे।           साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । गोवा में रविवार को 8वां ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न हो गया। इस मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबले के लिए व्यापक रणनीति पर जोर दिया, मगर चीन ने वह नहीं होने दिया जिसके अरमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संजोए हुए थे। चीन के कारण मोदी की रणनीति पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाई। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समिट के दौरान पाकिस्तान को जमकर कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की और परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उसे आतंकवाद की ‘जन्मभूमि’ करार दिया। यह माना जा रहा था कि चीन की मौजूदगी के चलते सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा ठंडे बस्ते में चला जाएगा, मगर ब्रिक्स के अन्य सदस्यों के मजबूत साथ की वजह से ऐसा तो नहीं हो पाया, मगर भारत को जैसी उम्मीद थी वैसा नहीं हो पाया। भारत को उम्मदी थी कि भारत में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आंतकी संगठनों का जिक्र किया जाएगा। समिट सेक्रटरी (इकनॉमिक रिलेशंस) और इंडिया ब्रिक्स टीम की अगुवाई कर रहे अमर सिन्हा ने बताया कि गोवा घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों के बीच इन आतंकी संगठनों के जिक्र को लेकर आम सहमति नहीं बन सकी। सिन्हा ने कहा, ‘पाकिस्तान में जड़ जमाए इन आंतकी संगठनों का निशाना भारत है, इसलिए ब्रिक्स के दूसरे देशों के लिए चिंता की बात नहीं है, लेकिन हम इससे प्रभावित होते हैं। यह भारत के लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय आंतकी समूहों जैसे इस्लामिक स्टेट और जबात-अल-नुसरा का घोषणापत्र में जिक्र किया गया।’ गोवा घोषणा पत्र में सीमा पार आतंकवाद जुमले का जिक्र नहीं गया, लेकिन ब्रिक्स के 4 अन्य सदस्यों- रूस, चीन, ब्राजील और साउथ अफ्रीका ने कड़े शब्दों में उरी आतंकी हमले की निंदा की। इन देशों ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। ब्रिक्स सम्मेलन के अंत में जारी घोषणा पत्र में कहा गया, ‘हम हाल में भारत समेत कुछ ब्रिक्स देशों में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हम हर तरह के आंतकवाद का पुरजोर विरोध करते हैं और सैद्धांतिक, धार्मिक, राजनीतिक, नस्लीय और किसी भी अन्य वजहों से की गई किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। हमने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबले के लिए द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है।’ मामले से वाकिफ सूत्रों ने ईटी अखबार को बताया कि गोवा में पहुंचे ब्रिक्स नेताओं ने भारत में हुए आतंकी हमलों समेत तमाम ऐसी गतिविधियों की भारी निंदा की। माना जा रहा है कि ब्रिक्स नेताओं ने तमाम देशों से अपनी जमीन पर आतंकवादी गतिविधियां रोकने का आह्वान किया है। इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर परोक्ष रूप से निशाना साधे जाने के तौर पर देखा जा रहा है। गोवा घोषणा पत्र में आतंकवाद शब्द का 38 बार जिक्र हुआ। अखबार के मुताबिक, ब्रिक्स नेताओं ने कॉम्प्रिहेन्सिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (सीसीआईटी) को तेजी से अपनाने की बात कही, जिसके लिए भारत ने 1996 में संयुक्त राष्ट्र में पहल की थी। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की आमसभा में दिए भाषण में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सीसीआईटी को जल्द अपनाने के लिए समर्थन मांगा था। अमर सिन्हा ने माना कि गोवा घोषणा पत्र में सीमा पार आतंकवाद जुमले और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी गुटों को शामिल करने पर सहमति नहीं बन सकी, क्योंकि साउथ अफ्रीका और ब्राजील इस तरह की आतंकवादी गतिविधियों को नहीं झेल रहे हैं। उनका कहना था कि हालांकि भारत घोषणा पत्र में आतंक के बढ़ते खतरे के कॉन्सेप्ट को शामिल करवाने में सफल रहा। उन्होंने कहा, ‘मैसेज साफ है और हर शब्द को रेखांकित करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों के खतरे को लेकर ग्लोबल स्तर पर देशों को एहसास है। कुछ जुमलों को शामिल नहीं किया जाना आतंकवाद को कम कर आंकने का मामला नहीं है। हमने कॉन्सेप्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश की और हम सफल रहे।’ दरअसल, पाकिस्तान के साथ रिश्तों के कारण चीन भी सीमा पार आतंकवाद जैसे जुमले को लेकर सहज नहीं है।’            साभार-khaskhabar.com  

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मारे धर्मों और शास्त्रों में भी धन प्राप्ति के लिए उपाय उपस्थित हैं? हर व्यक्ति की एक चन्द्र राशि होती है और हर चन्द्र राशि का एक ‘स्वामी-ग्रह’ होता है और हर ग्रह का एक इष्टदेव निश्चित है। अगर हम अपने इष्टदेव को प्रसन्न कर लेते हैं तो हमारी व्यापारिक एवं वित्तीय समस्याओं का अंत हो सकता है। जानते हैं अपनी राशि के इष्टदेव को और उनको प्रसन्न करने वाले मंत्र को, ताकि हमारे जीवन में धन संबंधित समस्याओं का अंत हो सके-    मेष- मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है। जीवन में आ रहीं, सभी तरह की समस्याओं के लिए अगर भगवान हनुमान जी की आराधना की जाए तो यह काफी मददगार साबित हो सकती है। मन्त्र- ॐ हनुमते नमः का जाप नित्य रोज करने से, आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में लाभ प्राप्त होता है। वृष- वृष राशि का स्वामी ग्रह शुक्र माना जाता है। वृष जातकों को धन संबंधित सभी तरह की समस्याओं के अंत के लिए माँ दुर्गा की पूजा करना लाभदायक साबित हो सकता है।  मंत्र- ॐ दुर्गादेव्यै नम: के जाप से वित्तीय समस्याओं का अंत होता है।    मिथुन- मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है और मिथुन राशि के जातकों को भगवान गणेश जी की पूजा करने से प्रसिद्धी प्राप्त हो सकती है। मंत्र- ॐ गं गणपते नमः के जाप से नौकरी और व्यवसाय में आ रही परेशानियों का अंत होता है।    कर्क- चंद्रमा ग्रह, कर्क राशि का स्वामी होता है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा पर भगवान शिव का राज है। इसलिए अगर कर्क राशि के जातकों को धन संबंधित लाभ प्राप्त करना है तो भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। मंत्र- ॐ नमः शिवाय मन्त्र का नित्य रोज जाप फलदायक साबित होता है। सिंह- सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है। सिंह राशि के जातकों को भगवान सूर्य की पूजा करने से और नित्य प्रति अर्ग चढ़ाने से ऊर्जा प्राप्त होती है।  मंत्र- ॐ सुर्याय नमः का जाप करने से लाभ प्राप्त होता है।    कन्या- कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह माना जाता है। इस राशि के जातकों को भगवान गणेश जी की पूजा से शीघ्र ही धन सम्बंधित समस्याओं में लाभ प्राप्त होता है।  मंत्र- ॐ गं गणपते नमः मन्त्र का जाप प्रतिदिन सुबह-शाम करने से लाभ प्राप्त होता है।    तुला- तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। तुला राशि वालों को देवी लक्ष्मी जी की पूजा लाभदायक मानी जाती है। अब देवी लक्ष्मी जी तो वैसे भी धन की देवी हैं अतः अगर तुला राशि के जातक देवी लक्ष्मी जी को प्रसन्न कर लें तो धन संबंधित समस्याओं का अंत हो जाता है।  मंत्र- ॐ महा लक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप करने से लक्ष्मी की वृद्धि होती है।  वृश्चिक- वृश्चिक राशि का ग्रह मंगल है। वृश्चिक राशि वालों के लिए हनुमान जी की पूजा शुभ बताई जाती है। मंत्र- ॐ हं हनुमते नमः मन्त्र के जाप से शारीरिक पीड़ा और धन संबंधित पीड़ा का अंत होता है।    धनु- धनु राशि ब्रहस्पति ग्रह से संबंध रखती है। धनु राशि वालों के लिए भगवान विष्णु की पूजा शुभ होती है।  मंत्र- ॐ श्री विष्णवे नमः मंत्र के नित्य जाप से व्यवसाय में लाभ प्राप्त होता है।    मकर- मकर राशि का स्वामी शनि है इसलिए शनि या हनुमान जी की पूजा, इन जातकों के लिए शुभ रहती है।  मंत्र- ॐ शम् शनिश्चराये नम: मन्त्र का जाप करने से बाधा दूर होती है और सुख-शान्ति मिलती है। कुंभ- कुंभ का स्वामी शनि है। शनि के गुरु भगवान शंकर माने जाते हैं, इसलिए इस राशि वालों को शनि के साथ-साथ भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए।  मंत्र- ॐ महामृत्युंजय नमः मन्त्र का जाप नित्य प्रति सुबह शाम 108 बार करने से सभी प्रकार के दुःख दूर होते हैं।  मीन- मीन राशि का स्वामी ब्रहस्पति बताया गया है। इस राशि के जातकों को भगवान नारायण का ध्यान और मन्त्र जप करने से धन संबंधित समस्याओं में लाभ प्राप्त होता है।  मंत्र- ॐ नारायणा नमः एवं ॐ गुरुवे नमः मन्त्र का जाप शुभ फल प्रदान करता है।             साभार-khaskhabar.com  

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मथुरा । गोवर्धन चैराहे पर आज शाम तेजगति से आती एक बस ने वहां से गुजर रही एक महिला को रौंद दिया। हादसा इतना भयंकर था कि महिला पहिये के नीचे आकर पूरी तरह कुचल गयी। हादसे की खबर लगते ही गोवर्धन चैराहे पर लोगों की भीड़ इकटठी हो गयी। बताया गया कि भगवान देई ;50 वर्षद्ध पत्नी मदन निवासी मरौरी मीरपुर दाऊजी गोवर्धन चैराहे पर सड़क पार कर रही थी तभी प्राईवेट बस संख्या यूपी 85 एक्स 9597 ने महिला को बुरी तरह कुचल दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने गोवर्धन चैराहे पर जाम लगा दिया। 

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