मथुरा

मथुरा । फरह कस्बे के गांव पिपरोठ निवासी बहोरन के 18 वर्षीय पुत्र को तीन नामजद लोग बहलाकर ले गये। इस सम्बन्घ में प्रशान्त पुत्र भूरी, रवि पुत्र सौदान उसके भाई जितेन्द्र सभी निवासी पिपरोठ व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गयी है। यह लड़का गत 20 अगस्त से गायब था। 

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फरह । कस्बे के गांव कढ़ेरपुर निवासी सलीम की 13 वर्षीय पुत्र मुस्कान को मोनू पुत्र बाबूलाल, रामवीर पुत्र खेमचन्द, बाबूलाल व एक अन्य जो इसी क्षेत्र के रहने वाले है। बहला-फुसलाकर भगा ले गये। 

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गोवर्धन । राधागोल्फ काॅलोनी आन्यौर निवासी मधु पुत्री राजेन्द्र ने रिपोर्ट लिखाई है कि अतिरिक्त दहेज में एक लाख रूपये की मांग पूरी न करने पर उसके ससुरालीजन उसे प्रताड़ित कर रहे है जान से मारने की धमकी दे रहे है। इस सम्बन्ध में उसने अपने पति रवि ससुर मलखान और सास शकुन्तला निवासीगण इकरान थाना चिकसाना भरतपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है। 

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नई दिल्ली । पूर्व मुख्य चयनकर्ता व बल्लेबाज संदीप पाटिल ने हाल ही खुलासा किया था कि चयन समिति सचिन तेंदुलकर को टीम से बाहर कर सकती थी, लेकिन इससे पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। साथ ही पाटिल ने यह भी बताया कि वे पिछले साल ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में आयोजित वनडे विश्व कप से पहले महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाने पर विचार कर रहे थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) प्रमुख अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को पाटिल की खिंचाई करते हुए कहा कि अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सचिन और धोनी को लेकर कुछ गोपनीय तथ्यों का रहस्योद्घाटन करना अनैतिक था। बीसीसीआई में उपयुक्त व्यक्ति पाटिल से जल्द ही इस मसले पर बात करेंगे जिसके कारण बड़ा विवाद पैदा हो गया था। ठाकुर ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि पाटिल को पूर्व अध्यक्ष होने के नाते ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं। जब वे अध्यक्ष थे वे इन सवालों का अलग तरह से जवाब देते थे। लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने दूसरी तरह के जवाब दिए। उन्होंने ऐसा करके पूरी तरह से अनैतिक काम किया। किसी को भी चयन मसलों को लेकर अनैतिक और अवांछनीय टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पाटिल पर अध्यक्ष बनने के लिए भरोसा किया गया, क्योंकि उन्होंने पर्याप्त क्रिकेट खेला है। उनके साथ चार अन्य चयनकर्ता थे, उन्होंने कुछ नहीं कहा। उन्हें भी इससे बचना चाहिए था। गोपनीयता के इस तरह के उल्लंघन से भविष्य में किसी भी नियोक्ता के लिए पाटिल पर भरोसा करना मुश्किल होगा। ठाकुर ने कहा कि कोई भी संस्था यदि पाटिल की सेवाएं लेना चाहती है वो इस पर दस बार सोचेगी कि संस्था छोडऩे के बाद वे क्या कहेंगे। पाटिल का चार साल का कार्यकाल न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम के चयन के साथ ही खत्म हो गया था। पाटिल ने वर्ष 1980 से 1986 के बीच 29 टेस्ट में 1588 और 45 वनडे में 1005 रन बनाए थे।            साभार-khaskhabar.com  

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दिव्या भारती बॉलीवुड की दुनिया का उभरता हुआ सितारा थी। लेकिन जब तक यह सितारा फ़िल्मी दुनिया में अपनी रोशनी बिखेर पाता उससे पहले ही वह इस दुनिया को अलविदा कह गयी। शायद ही कोई होगा जो उन्हें असल जिंदगी और पर्दे पर देखकर दीवाना ना हुआ हो। उनकी खूबसूरती और चेहरे का भोलापन लोगों को उनकी ओर खींच लेता था। उनकी छोटी सी जिंदगी जितनी खूबसूरत थी उतनी ही रोमांच और रहस्य से भरी हुई थी। दिव्या ने फ़िल्मी दुनिया में कदम तेलुगु फिल्म बॉबीली राजा से कदम रखा था। दिव्या ने बेहद कम समय में बॉलीवुड में अपनी बेहतरीन अदायगी से लोगो को अपना फैन बना लिया था। सिर्फ 19 साल की उम्र में दिव्या की अकस्मात मौत हो गयी, जो आज तक एक रहस्य बनी हुई। इसी क्रम में हम यहां दिव्या भारती की मौत के सम्बन्ध में कुछ तथ्यों को आपके सामने रखने जा रहे हैं, जो आप शायद ही जानते हों....... दिव्या की मौत 5 अप्रैल को हुई। बता दें इसी दिन दिव्या ने मुम्बई के वर्सोवा इलाके में एक फ्लैट खरीदा था। जिसे लेकर वह बेहद उत्साहित थी। उन्होंने फ्लैट लेने की जानकरी पहले अपने भाई को दी। दिव्या को अपने नए फ्लैट की इतनी ख़ुशी थी कि उन्होंने अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग को अगले दिन के लिए कैंसल कर दिया था। बताया जाता है मौत से पहले दिव्या के खास दोस्त नीता लुल्ला और उनके पति उन्हें फ़्लैट की मुबारकबाद देने पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिव्या की मौत के दिन उनके घर में नीता उनके पति और दिव्या के मैड अमृता मौजूद थी। श्याम लुल्ला करीब 10 बजे दिव्या के फ़्लैट पर पहुंचे थे। तीनो लिविंग रूम में बैठकर टीवी देख रहे थे। उसी दौरान दिव्या किचन से कुछ लेने के लिए चली गयी। बता दें, दिव्या के लिविंग रूम से जुडी कोई बालकनी नहीं थी बल्कि एक बड़ी सी खिड़की जिसपर कोई भी ग्रिल मौजूद नहीं था। उनके फ़्लैट के ठीक नीच कार पार्किंग एरिया था।रिपोर्ट्स के मुताबिक दिव्या किचन से वापस आकर उस खिड़की पर बैठ गयी। खिड़की की दीवार पतली होने के कारण वह अपना सन्तुलन खो बैठी और नीचे गिर पड़ी। दिव्या की चीखने की आवाज सुनकर जब तक नीता और उनके पति वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा दिव्या नीचे खून से लथपथ पड़ी हुई है। उन्हें फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया। हांलांकि उनकी नब्ज काफी धीमी हो चुकी थी, उन्होंने अंतिम सांस कूपर हॉस्पिटल में ली। दिव्या की नौकरानी को दिव्या की मौत से काफी सदमा लगा था। बता दें वह दिव्या की देखरेख उनके जन्म से कर रहीं थी। उन्हें दिव्या की मौत सदमा लगा कि उनकी मौत भी दिव्या की मृत्यु के एक महीने बाद हो गयी। कहा जाता है कि दिव्या की मौत के पीछे अंडरवर्ल्ड माफिया का हाथ है। हालांकि अभी तक यह बात साफ़ नहीं हुई हैं। इतना ही नहीं दिव्या के मौत के पीछे उनके पति साजिद पर भी कई बार उंगलियां उठ चुकी हैं। हालांकि दिव्या की मौत सच क्या है ये आज तक किसी को भी नई पता।                    साभार-khaskhabar.com  

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दिल्ली । पीएम नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय के उत्थान और उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोडऩे के लिए बड़ी पहल की है। सरकार ने मुस्लिमों की समस्याएं सुनने के लिए प्रगतिशील पंचायत के नाम से देशभर में पंचायत करने का फैसला किया है। सरकार की मानें तो मुस्लिमों की समस्या का समाधान तुरंत ढूंढने की कोशिश भी की जाएगी। प्रगतिशील पंचायत की शुरुआत हरियाणा के मेवात जिले की जा रही है। गुरुवार को मेवात में प्रगतिशील पंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और अन्य मंत्री शामिल होंगे।जिसके बाद पंचायत के रूप में इस कार्यक्रम के जरिए मुस्लिम समुदाय के लोगों को मिलने-जुलने का काम पूरे देश में किया जाएगा। दरअसल केंद्र सरकार की मानें तो पिछली सरकार ने मुस्लिमों के उत्थान के कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जिससे उनकी समस्याएं दूर हों। मोदी सरकार का कहना है कि वो मुस्लिम समुदाय की तमाम समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार है। ऐसे में प्रगतिशील पंचायत के जरिये देशभर में मुस्लिमों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उसका हल किया जाएगा।                     साभार-khaskhabar.com  

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