मथुरा

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी में पिछले कई दिनों से चली आ रही पारिवारिक कलह थोडे विराम के बाद फिर सडक पर आती दिख रही है। ऐसे में अब नया मामला टिकट बंटवारे को लेकर है। अब सवाल यह है कि आखिर टिकट बंटवारे के लिए किसकी भूमिका अहम होगी। इसी मामले पर पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव आज फैसला लेने वाले है। मुलायम सिंह यादव चाहते है कि अखिलेश यादव और शिवपाल यादव मिलकर टिकट का फैसला करेंगे और उस पर आखिरी मुहर मुलायम सिंह लगाएंगे। शनिवार सुबह शिवपाल यादव अखिलेश के घर पहुंचे। इस दौरान चाचा और भतीजे के बीच करीब 10 मिटन तक मीटिंग हुई। एक ओर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि वो नेताजी की सारी बातें मानने को तैयार है, लेकिन टिकट बांटने का अधिकार उनको मिलना चाहिए। दूसरी ओर, अखिलेश और शिवपाल के समर्थक सडकों पर उतर आए है। दोनों ही नेताओं के समर्थक पार्टी कार्यालय के पास जुट गए है। वे अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। कुछ ही देर में मीटिंग शुरू होने वाली है, अब देखना होगा कि चाचा-भतीजे की ये जंग कब थमती है। वैसे देखा जाए तो टिकट बंटवारे का अधिकार यूपी प्रदेश अध्यक्ष के पास है और इस समय प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव है। शिवपाल सुलह के फॉर्मूले के बाद चाचा शिवपाल, भतीजे अखिलेश को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की बात कह रहे हैं। टिकट बंटवारे का अधिकार जिसके पास होगा, चुनाव में वो अपने समर्थकों को ज्यादा से ज्यादा टिकट देगा। जो बाद में सरकार बनाने की स्थिति में अपने नेता का साथ देंगे। इसीलिए अखिलेश के समर्थक शिवपाल के अध्यक्ष बनाये जाने पर सवाल खड़े कर रहे हैं। गौरतलब है कि पार्टी अध्यक्ष ने 13 सितंबर को अखिलेश को हटाकर शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद अखिलेश ने शिवपाल से 7 मंत्रालय छीन लिए थे। बाद में नाराज शिवपाल ने मंत्री और अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया था।             साभार-khaskhabar.com  

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सूरत । आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 66वां जन्मदिन है। अपने जन्मदिन के दिन आज सुबह मोदी अपनी मां से मिलने गुजरात पहुंचे। मां के पास पहुंचकर पीएम मोदी ने उनके पैर छूकर उनका आर्शीवाद लिया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी तीसरी बार अपनी मां से मिलने पहुंचे हैं। पीएम मोदी अपना जन्मदिन गुजरात में ही मनाएंगे। नरेन्द्र मोदी के इस जन्मदिन पर कुछ खास होने वाला है। हो सकता है पीएम मोदी के इस जन्मदिन पर तीन विश्व रिकॉर्ड बन जाएं। पीएम मोदी अपना जन्मदिन गुजरात के नवसारी में मनाएंगे। नवसारी में मोदी के जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रम में तीन गिनेस वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। दरअसल इस कार्यक्रम में गुजरात सरकार की ओर से 11,223 दिव्यांगों को 17,000 सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। साथ ही आयोजकों का उद्देश्य व्हीलचेयर पर सबसे ज्यादा लोगों के साथ कोई लोगो या तस्वीर बनाने का होगा। यह विश्व रिकॉर्ड बन सकता है। इससे पहले यह विश्व रिकॉर्ड अमेरिका के नाम है जहां 2010 में 346 व्हीलचेयर के साथ रिकॉर्ड बना था। अब यह रिकॉर्ड भारत के नाम हो सकता है क्योकीं मोदी के जन्मदिन पर 1000 लोग व्हीलचेयर पर होंगे। साथ ही श्रवण शक्ति खो चुके 1000 लोगों को कान की मशीनें बांटी जाएंगी। यह भी एक विश्व रिकॉर्ड बन सकता है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम है।एक अन्य रिकॉर्ड बनाने के लिए मोदी के जन्मदिन पर 1500 ऑयल लैंप एक ही जगह पर एक साथ बनाए जाएंगे। इन रिकॉर्डो की निगरानी के लिए गिनेस के अधिकारी भी नवसारी में मौजूद रहेंगे। 17 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में 11 हजार से अधिक दिव्यांगों को करीब 10.7 करोड रुपये के नि:शुल्क सहायक उपकरण तथा प्रमाण पत्र आदि दिए जाएंगे।               साभार-khaskhabar.com  

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श्राद्ध पक्ष का हिन्दू धर्म में बडा महत्व है। प्राचीन सनातन धर्म के अनुसार हमारे पूर्वज देवतुल्य हैं और इस धरा पर हमने जीवन प्राप्त किया है और जिस प्रकार उन्होंने हमारा लालन-पालन कर हमें कृतार्थ किया है उससे हम उनके ऋणी हैं। समर्पण और कृतज्ञता की इसी भावना से श्राद्ध पक्ष प्रेरित है, जो जातक को पित्तर ऋण से मुक्ति मार्ग दिखाता है।  हर साल भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन माह की अमावस्या तक के यह सोलह दिन श्राद्धकर्म के होते हैं। किन्तु गया श्राद्ध सत्रह दिन का होता है जो भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर अश्विन मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तक चलता है। आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक ऊपर की रश्मि तथा रश्मि के साथ पितृप्राण पृथ्वी पर व्याप्त रहता है। श्राद्ध की मूलभूत परिभाषा यह है कि प्रेत और पित्तर के निमित्त, उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धा पूर्वक जो अर्पित किया जाए वह श्राद्ध है। मृत्यु के बाद दशगात्र और षोडशी-सपिण्डन तक मृत व्यक्ति की प्रेत संज्ञा रहती है। सपिण्डन के बाद वह पितरों में सम्मिलित हो जाता है। पितृपक्ष भर में जो तर्पण किया जाता है उससे वह पितृप्राण स्वयं आप्यापित होता है। पुत्र या उसके नाम से उसका परिवार जो यव तथा चावल का पिण्ड देता है, उसमें से रेत का अंश लेकर वह चंद्रलोक में अम्भप्राण का ऋण चुका देता है। ठीक आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से वह चक्र ऊपर की ओर होने लगता है। 15 दिन अपना-अपना भाग लेकर शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से उसी रश्मि के साथ रवाना हो जाता है। इसलिए इसको पितृपक्ष कहते हैं और इसी पक्ष में श्राद्ध करने से वह पित्तरों को प्राप्त होता है। शास्त्रों का निर्देश है कि माता-पिता आदि के निमित्त उनके नाम और गोत्र का उच्चारण कर मंत्रों द्वारा जो अन्न आदि अर्पित किया जाता है, वह उनको प्राप्त हो जाता है। यदि अपने कर्मों के अनुसार उनको देव योनि प्राप्त होती है तो वह अमृत रूप में उनको प्राप्त होता है। उन्हें गन्धर्व लोक प्राप्त होने पर भोग्य रूप में, पशु योनि में तृण रूप में, सर्प योनि में वायु रूप में, यक्ष रूप में पेय रूप में, दानव योनि में मांस के रूप में, प्रेत योनि में रुधिर के रूप में और मनुष्य योनि में अन्न आदि के रूप में उपलब्ध होता है। जब पित्तर यह सुनते हैं कि श्राद्ध काल उपस्थित हो गया है, तो वे एक-दूसरे का स्मरण करते हुए मनोनय रूप से श्राद्ध स्थल पर उपस्थित हो जाते हैं और ब्राह्मणों के साथ वायु रूप में भोजन करते हैं। यह भी कहा गया है कि जब सूर्य कन्या राशि में आते हैं तब पित्तर अपने पुत्र-पौत्रों के यहां आते हैं। विशेषत: आश्विन-अमावस्या के दिन वे दरवाजे पर आकर बैठ जाते हैं। यदि उस दिन उनका श्राद्ध नहीं किया जाता तब वे श्राप देकर लौट जाते हैं। अत: उस दिन पत्र-पुष्प-फल और जल-तर्पण से यथाशक्ति उनको तृप्त करना चाहिए। आश्विन कृष्ण अमावस्या को सर्व पितृविजर्सनी अमावस्या कहते हैं। जो व्यक्ति पितृपक्ष के पंद्रह दिनों तक श्राद्ध तर्पण आदि नहीं कहते हैं वे अमावस्या को ही अपने पितृ के निमित्त श्राद्धादि संपन्न करते हैं। जिन पितृ की तिथि याद नहीं हो, उनके निमित्त श्राद्ध तर्पण, दान आदि इसी अमावस्या को किया जाता है। अमावस्या के दिन सभी पितृ का विसर्जन होता है। अमावस्या के दिन पितृ अपने पुत्रादि के द्वार पर पिण्डदान एवं श्राद्धादि की आशा में जाते हैं। यदि वहां उन्हें पिण्डदान या तिलाज्जलि आदि नहीं मिलती है तो वे शाप देकर चले जाते हैं। अत: श्राद्ध का परित्याग नहीं करना चाहिए।          साभार-khaskhabar.com  

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बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म तुम बिन-2 को लेकर काफी सुर्खियों में है। इस फिल्म से दो साल बाद बडे पर्दे पर वापसी कर रही नेहा शर्मा सशक्त भूमिकाएं निभाना चाहती हैं, ताकि वह खुद को अभिनेत्री के तौर पर साबित कर सकें। फिल्म के ट्रेलर लांच के मौके पर उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसलिए इतना वक्त लिया, क्योंकि मैं यह सुनिश्चित कर लेना चाहती थी कि मैं जो भूमिका कर रही हूं, वह सशक्त है। मैं खुद को भावपूर्ण भूमिका में देखना चाहती थी, जहां मेरे लिए कुछ करने की संभावना होती। मैं अन्य लड़कियों की तरह नाचने और इधर-उधर मंडराने वाली भूमिकाएं नहीं करना चाहती थी। इस फिल्म में मुझे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। मैं तहेदिल से उन सबकी आभारी हूं, जिन्होंने मुझे किरदार के लिए सही विकल्प समझा।’’ यह फिल्म ‘तुम बिन’ की सीक्वल है। 28 वर्षीय नेहा इससे पहले साल 2014 में रिलीज वासु भगनानी की फिल्म ‘यंगिस्तान’ में दिखी थीं। अभिनेत्री का कहना है कि जब भी वह कोई फिल्म करती हैं, उन्हें दबाव महसूस होता है। नेहा का कहना है कि इस फिल्म की कहानी दिल को छू लेने वाली है। नेहा थोड़ी घबराहट महसूस करने के साथ ही उत्साहित भी हैं। ‘रा.वन’, और ‘गुलाब गैंग’ जैसी फिल्मों से मशहूर अनुभव सिन्हा इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। फिल्म में नवोदित कलाकार आदित्य सील और आशिम गुलाटी भी हैं। ‘तुम बिन-2’ 18 नवंबर को रिलीज होनेवाली है।                 साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को मजबूती का रुख देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.38 बजे 311.14 अंकों की मजबूती के साथ 28,724.03 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 87.30 अंकों की बढ़त के साथ 8,829.85 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 107.41 अंकों की बढ़त के साथ 28,520.30 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 38.30 अंकों की बढ़त के साथ 8,780.85 पर खुला।                      साभार-khaskhabar.com  

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कोलकाता । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एवं दिग्गज बल्लेबाज सौरभ गांगुली ने गुरुवार को मौजूदा भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली की जमकर सराहना की और कहा कि कोहली क्रिकेट जगत में उनके पसंदीदा कप्तानों में से एक हैं। एक इस्पात कंपनी के साथ अपने अनुबंध के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित एक समारोह में गांगुली ने कहा, ‘‘इस समय विराट मेरे पसंदीदा कप्तान हैं।’’ गांगुली ने कहा, ‘‘वह शानदार खिलाड़ी हैं। अब तक अपने छोटे से करियर में उन्होंने देश के लिए करिश्माई काम किए हैं। वह जब भी मैदान पर उतरते हैं तो मुझे वह एक ऐसे खिलाड़ी नजर आते हैं जो अपनी तन्मयता, जुझारू प्रवृत्ति और जीत की भूख से भारतीय क्रिकेट के स्तर को ऊंचा उठाने उतरते हैं।’’ कप्तानी में आक्रामकता की नई परिभाषा रचने वाले गांगुली ने आगे कहा, ‘‘जब वह बल्लेबाजी करने उतरते हैं या भारत की कमान संभालते हैं तो इसे आप उनके चेहरे पर स्पष्ट तौर पर देख सकते हैं। वह हमेशा सर्वश्रेष्ठ करना चाहते हैं। इस समय देश को उनकी बेहद जरूरत है और मेरे खयाल से वह भारतीय क्रिकेट में नया नगीना हैं।’’ कोहली ने कप्तानी संभालने के बाद से सात टेस्ट मैच जीते हैं, जिसमें हाल ही में वेस्टइंडीज पर भारतीय टीम की भारी जीत शामिल है। वेस्टइंडीज दौरे के दौरान ही कोहली विदेशी धरती पर टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाले भारत के पहले कप्तान भी बने। भारत को अब घरेलू धरती पर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट और पांच अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला खेलनी है। श्रृंखला का पहला टेस्ट अगले गुरुवार (22 सितंबर) को कानपुर में शुरू होगा। गांगुली ने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड इस समय इंग्लैंड के बाद दुनिया की संभवत: दूसरी सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम है। वहीं भारत घरेलू मैदान पर लगभग अपराजेय है। सभी इसे जानते हैं, यहां तक कि न्यूजीलैंड भी। कानपुर के बाद दूसरा टेस्ट यहां ईडन गार्डन में होगा और यहां इस समय माहौल टेस्ट के बिल्कुल अनुकूल है।’’ गांगुली ने बताया कि 30 सितंबर से होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए ईडन की पिच तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘ईडन की पिच तब तक तैयार हो जाएगी। पिछले दो दिनों से अच्छी धूप खिली रही है। पिच तैयार करने के लिए अभी भी काफी समय है। पिछली बार विश्व कप के दौरान हमने बरमुडा घास का इस्तेमाल किया था, क्योंकि यह तेजी से बढ़ती है।’’  गौरतलब है कि भारतीय टेस्ट टीम में शामिल विकेटकीपर रिद्धिमाना साहा 2007 में गांगुली के आखिरी मैच के बाद ईडन में खेलने वाले पहले बंगाली खिलाड़ी होंगे। गांगुली ने इस पर कहा कि वह चाहते हैं कि बंगाल के दोनों खिलाड़ी साहा और मोहम्मद समी भारत के लिए कम से कम 100 टेस्ट खेलें। उन्होंने दोनों खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं भी दीं।                              साभार-khaskhabar.com  

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