मथुरा

सिटी मजिस्टेªट को सौंपा ज्ञापन  मथुरा। बुलंदशहर के राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर मां-बेटी के साथ हुये बलात्कार की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने जमकर कलक्टेट पर प्रदर्शन कर सिटी मजिस्टेªट को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने भी प्रदर्शन सभा को संबोधित किया।   भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहन-बेटियों की इज्जत आबरू खतरे में है। बुलंदशहर में हुई घटना के बाद स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने स्कूल जाना बन्द कर दिया है। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने जो घृणित बयान दिया है उसकी जितनी निन्दा की जाये कम है। उत्तर प्रदेश में पिछले चार वर्षो में तीन हजार से अधिक बलात्कार की घटनाऐं हुई है और प्रदेश सरकार इन घटनाओं को रोक पाने में अक्षम ही नहीं नकारा ही साबित हुई है। भाजपा के जिला प्रभारी रघुराज सिंह ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।  सभ्य समाज को यह घटना शर्मसार करने वाली है। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष चैधरी तेजवीर सिंह ने घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाने और उसकी सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो रही है। थाने और चैकियां बेची जा रही है। प्रदेश सरकार का नियत्रंण पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों पर न होने के कारण वे अपनी मनमानी कर रहे है। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र अग्रवाल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते इस घटना की कढ़ंे शब्दों में भत्र्सना की।  धरना स्थल पर पूर्व मंत्री रविकान्त गर्ग, देवेन्द्र शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष ठाकुर ओमप्रकाश सिंह, डीपी गोयल, पूर्व विधायक अजय पोईया, प्रणतपाल सिंह, श्याम अहेरिया, एसके शर्मा, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, योगेश आवा, रमेश चैधरी, सचिन चतुर्वेदी, धर्मेन्द्र अग्रवाल, विजय शर्मा, मनीष चतुर्वेदी, मधु शर्मा, अभिनव आजाद सहित भारतीय जनता पार्टी के नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। धरना-प्रदर्शन एसएसपी निवास के सामने आयोजित किया गया था। अंत में सिटी मजिस्टेªट को भाजपाईयों ने ज्ञापन सौंपा। 

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शिक्षा प्रेरकों को मिले राज्य कर्मचारियों का दर्जा मथुरा। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों से सम्बद्ध ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केन्द्रों पर कार्यरत प्ररकों ने आज अपनी मांगों को लेकर आदर्श लोक शिक्षा प्रेकर वैलफेयर एसोसिएशन के बैनरतले मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन आज जिलाधिकारी को सौंपा जिसमें शिक्षा प्रेरकों के मानदेय में वृ(ि करने, मानदेय भुगतान आॅनलाइन करने, शिक्षा प्ररकों को परिषदीय विद्यालयों से सीधा जोड़ने, प्रेरकों का नवीनीकरण तत्काल समाप्त करने, प्रेरकों का नियमितीकरण करने, बीएड डिग्री धारकों को शिक्षक भर्ती में दस प्रतिशत पद प्रेरकों से भरे जाने, अवशेष मानदेय एकमुश्त उनके खाते में भुगतान करने, प्रेरकों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा देने सहित कुल ग्यारह मांगें की गयी हैं। शिक्षा प्रेरकांे ने कहा कि प्र्रत्येक ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केन्द्रों पर दो शिक्षा प्रेरक नियुक्त किये गये थे वे 15 से 35 वर्ष तक के निरक्षरोें को साक्षर कर रहे हैं। शिक्षा प्रेरक अपना पूरा समय 10 से 5 बजे तक लोक शिक्षा केन्द्रों पर नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। शिक्षा प्रेरकों को 20 माह से मानदेय नहीं मिला हैं। शिक्षा प्रेरक आर्थिक बदहाली का शिकार है तथा मानसिक रूप से टूट चुके है। इस अवसर पर इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंह, प्रीति वर्मा, बीके धनगर, गनपति सिंह, लक्ष्मण, दिनेश शर्मा, मंजू कुमारी, सुनीता, सतेन्द्रपाल सिंह, लख्मीचन्द्र, सुमनलता, राजकुमारी, सुनीता कुमारी, मंजू पालीवाल, गायत्री, मालती, नरेन्द्र शर्मा, मनोज कुमार, सरोज, मुनेश कुमारी, शिवचरन, कुलदीप गौतम आदि मौजूद थे।

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बॉलीवुड अभिनेत्री प्राची देसाई का कहना है कि जब उनकी फिल्में नहीं चलती हैं तो उन्हें बेहद दुख होता है। प्राची ने कहा, ‘‘मेरी फिल्मों का नहीं चलना दिल टूटने जैसा होता है। हम हमेशा कहते हैं कि हमने फिल्म के लिए बहुत मेहनत की है। मेरा विश्वास करें, किसी भी फिल्म को करने में हमारी मेहनत, समय और आशा कई चीजें जुड़ी होती हैं। हमारा फिल्मों से भावनात्मक रूप से लगाव हो जाता है।’’ प्राची इसके पहले खेल पर आधारित फिल्म ‘अजहर’ में नजर आई थीं। इसमें उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन की पत्नी का किरदार निभाया है। उनकी अगली फिल्म संगीत पर आधारित ‘रॉक ऑन 2’ आने वाली है, जिसमें फरहान अख्तर, अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली और श्रद्धा कपूर भी हैं।          साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को मजबूती का रुख देखने को मिल रहा है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.30 बजे 126.92 अंकों की मजबूती के साथ 27,986.52 पर जबकि निफ्टी भी लगभग इसी समय 33.45 की बढ़त के साथ 8,625.60 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 60.35 अंकों की मजबूती के साथ 27,919.95 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.3 अंकों की बढ़त के साथ 8,605.45 पर खुला।             साभार-khaskhabar.com  

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पेइचिंग । भारत के हर मसले पर टांग अड़ाने वाला चीन अब दुनिया को बता रहा है कि क्यों भारत ओलम्पिक में फिसड्डी है। चीनी मीडिया ने बताया कि क्यों भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या के बावजूद पदकों से महरूम है। चीनी मीडिया ने कई कारण गिनाए हैं जिनके चलते ओलम्पिक में भारत का प्रदर्शन सही नहीं रहता। बता दें कि गुरुवार तक चीन रियो ओलिंपिक में 11 गोल्ड के साथ कुल 30 मेडल जीतकर अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। चीनी मीडिया ने तर्कों के साथ अपनी बात रखी है।   लिस्ट में आता है आखिर में एक वेबसाइट पर प्रकाशित एक आर्टिकल के मुताबिक पिछले तीन ओलिंपिक (2004 एथेंस, 2008 पेइचिंग, 2012 लंदन) देखें तो भारत ने अपनी जनसंख्या के लिहाज से जितने मेडल जीते हैं, वह उस हिसाब से लिस्ट में आखिरी नंबर पर आता है। अमीर और गरीब के बीच बड़े अंतर की वजह से गरीबों की जीने और खेल के लिए ऊर्जा बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस आर्टिकल के मुताबिक, सरकार खेलकूद की बुनियादी सुविधाओं पर बहुत कम खर्च करती है। बड़े खेल और प्रतिस्पर्धात्मक खेल, दोनों ही भारत में पिछड़ रहा है।   स्पोर्ट्स कल्चर की है कमी  एक अन्य वेबसाइट के मुताबिक भारत में स्पोर्ट्स कल्चर की कमी ओलिंपिक में असफलता का सबसे बड़ा कारण है। भारतीय संस्कृति ने स्थानीय खेलों के विकास में बाधा डाली है। अधिकांश परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजिनियर बनाना चाहते हैं। खेल प्रतिभाओं को परिवार और यहां तक कि पड़ोसियों का भी विरोध झेलना पड़ता है। इसके अलावा आबादी का एक बड़ा हिस्सा निचली जाति का है और ऐसे लोगों को शिक्षा का मौका बमुश्किल ही मिल पाता है। इन्हें पर्याप्त पोषण भी नहीं मिलता है।   ग्रामीण भारत को नहीं ओलम्पिक की जानकारी एक सरकारी वेबसाइट ने लिखा है कि भारत में ग्रामीण इलाकों में ओलिंपिक के बारे में जानकारी न होना असफलता का एक बड़ा कारण है। शोधकर्ताओं ने कर्नाटक और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में जांच की। उन्होंने ग्रामीणों से पिछले एक दशक में सुनी सबसे अच्छी नौकरी के बारे में पूछा। राजस्थान में 300 से ज्यादा ग्रामीणों के जवाबों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, आर्किटेक्चर इंजीनियर, डॉक्टर और वकील का जिक्र था। कर्नाटक की अर्थव्यवस्था बेहतर होने के बावजूद वहां के जवाबों में राजस्थान से कोई खास अंतर नहीं था।   क्रिकेट भी बड़ा कारण  आगे लिखा गया है कि ओलिंपिक तो छोडि़ए, किसी ने खेलों का जिक्र तक नहीं किया। और इसका अगला कारण बताया है क्रिकेट। क्रिकेट भारत का राष्ट्रीय खेल है। भारतीय इसे धर्म की तरह ही चाहते हैं। भारत में क्रिकेट पसंद नहीं करने वाले को नास्तिक माना जा सकता है। ऐसे में कई युवा दूसरे खेलों की ट्रेनिंग लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। हालांकि चीनी मीडिया ने यह तो नहीं बताया कि ओलिंपिक में चीन की सफलता का क्या राज है।                 साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विपश्यना से लौटते ही फिर से सक्रिय हो गए है। आम आदमी पार्टी ने पंजाब, गोवा और गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए कमर कस ली है। केजरीवाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तीन राज्यों में चुनाव की तैयारियों की जिम्मेदारी दी है। केजरीवाल ने जहां पंजाब का कार्यभार अपने पास रखा है, वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गोवा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, गुजरात में तैयारियों का जिम्मा आशुतोष और कपिल मिश्रा को सौंपा गया है। केजरीवाल ने पार्टी नेताओं को अपने-अपने प्रदेश में 1 सितंबर से तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा उन्हें जिन प्रदेशों का जिम्मा सौंपा गया है, वहां महीने में 10-15 दिन गुजारने का भी निर्देश दिया गया है। पंजाब में जोरशोर से चुनाव की तैयारियों में जुटी आप बाकी दो राज्यों पर भी फोकस कर रही है। गुजरात के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को अपने लिए काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं। ऊना में दलित युवकों की पिटाई के बाद केजरीवाल ने गुजरात का दौरा किया था।                 साभार-khaskhabar.com  

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