मथुरा

सेंट लूसिया । भारतीय क्रिकेट टीम ने डैरेन सैमी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के साथ जारी तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन शुक्रवार का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में तीन विकेट पर 157 रन बनाकर 285 रनों की अहम बढ़त हासिल कर ली है। भारत ने अपनी पहली पारी में रविचंद्रन अश्विन (118) और रिद्धिमान साहा (104) की बेहतरीन शतकीय पारियों की मदद से 353 रन बनाए और फिर चौथे दिन भुवनेश्वर कुमार (33-5) की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत वेस्टइंडीज की पहली पारी 225 रनों पर समेट दी। तीसरे दिन का खेल बारिश के कारण नहीं हो सका था। दूसरे दिन की समाप्ति तक वेस्टइंडीज ने एक विकेट पर 107 रन बनाए थे। उसने 47 ओवरों का सामना किया था। चौथे दिन मेजबान टीम और 56 ओवरो का सामना कर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से क्रेग ब्राथवेट ने सबसे अधिक 64 रन बनाए, जो दूसरे दिन स्टम्प्स तक 53 पर नाबाद थे। इसके अलावा मार्लन सैमुएल्स ने 48 रनों की पारी खेली। भारत की ओर से भुवी के अलावा अश्विन ने दो सफलता पाई जबकि इशांत शर्मा और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिए। भारत ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 39 ओवरों का सामना करते हुए तीन विकेट पर 157 रन बना लिए हैं। उपकप्तान अजिंक्य रहाणे 51 और रोहित शर्मा 41 रनों पर नाबाद लौटे। भारत ने दूसरी पारी में लोकेश राहुल (28), शिखर धवन (26) और कप्तान विराट कोहली (4) के विकेट गंवाए हैं। भारत को दो झटके मिग्वेल कुमिंस ने दिए हैं जबकि एक झटका राल्टन चेस ने दिया है।            साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली/लखनऊ । दो ‘बेटियों’ के खून से लिखे खत से यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पसीज गए हैं। उन्होंने खत लिखने वाली दोनों बहनों से मुलाकात की और उनको मदद स्वरूप 10 लाख रुपये देने और उनके मामा को नौकरी देने का वादा किया है। बुलंदशहर में रहने वाली 15 साल की लतिका ने 14 जून को अपनी आंखों से जो देखा, उसे वह कभी भूल नहीं पाएगी। एक ऐसी घटना जिसने लतिका और उसकी छोटी बहिन तान्या के दिलो-दिमाग पर गहरा आघात किया है। इस तारीख को उनकी मां को उनके पिता और दादी ने जिंदा जला दिया था और ये दोनों बालिकाएं सबकुछ देखते हुए भी कुछ नहीं कर पाई थीं। घटना के बाद इन्साफ के लिए लतिका ने सभी छोटे बड़े पुलिस अधिकारीयों के दरवाजे खटखटाये, लेकिन कहीं से इन्साफ नहीं मिला। आखिर में लतिका ने सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने खून से लिखकर पत्र भेज दिया। इसके बाद प्रशासनिक हलके में खलबली मची। मुख्यमंत्री ने भी इस खत को गंभीरता से लिया है और दोनों बहनों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनने को बुला भेजा। पुलिस को भी अब इन बच्चियों की पीड़ा की तपन महसूस हुई है।   जो देखा वह भयावह था दो महीने पहले यूपी के बुलंदशहर में रहने वाली 15 साल की लतिका बंसल ने एक ऐसा मंजर देखा जो उसके दिलो-दिमाग में अमित स्याही से लिख गया है। बीती 14 जून को लतिका और उसकी 11 साल की मासूम बहन तान्या के सामने ही उनकी मां अनु बंसल को जिंदा जलाकर मार दिया गया। दोनों बहनों का कहना है कि उनकी मां की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने बेटे के बजाय दो लड़कियों को जन्म दिया था।   मदद के लिए 100 नंबर पर कॉल भी किया था रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त लतिका की मां को जलाया जा रहा था, उस वक्त उसने मदद के लिए 100 नंबर पर कॉल भी किया था, लेकिन उसके कॉल पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने एंबुलेंस को भी कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद लतिका ने अपने मामा को कॉल किया, तब जाकर उसकी मां को अस्पताल ले जाया गया। लतिका कहती है, ‘मैं उस मंजर को कभी नहीं भूल सकती। मेरी मां को मेरी आंखों के सामने जलाया जा रहा था। जिस वक्त मेरी मां ने मुझे जन्म दिया, उस वक्त भी उन्हें टॉर्चर किया गया था, क्योंकि उन्हें लडक़ा नहीं हुआ था। इसके बाद जब 11 साल पहले मेरी बहन तान्या का जन्म हुआ, तब हम तीनों को घर से बाहर फेंक दिया गया।’   लतिका ने बताया, ‘उसके बाद से हम किराए पर रह रहे थे। बीती 14 जून की रात मेरी दादी दूसरे रिश्तेदारों के साथ हमारे घर आईं। उन्होंने कहा कि वह मेरे पिता की शादी उससे करने जा रही हैं जो बेटे को जन्म दे सके। इसी बात पर विवाद हो गया। उन लोगों ने मेरी मां को जिंदा जला दिया। मेरी छोटी बहन रोती जा रही थी, लेकिन मैंने हिम्मत जुटाकर 100 नंबर पर कॉल किया।’ करीब 95 फीसदी तक चल चुकी लतिका की मां अनु बंसल आखिरकार जिंदगी की जंग हार गईं। इस बीच पुलिस ने अपनी जांच में दावा किया कि यह मामला आत्महत्या का था।   सभी रैंक के पुलिस अधिकारियों के पास न्याय मांगा  लतिका के मुताबिक, वह अपने मामा के साथ सभी रैंक के पुलिस अधिकारियों के पास न्याय मांगने जा चुकी हैं, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। लतिका के मामा तरुण जिंदल के अनुसार, जब उसने (लतिका) कॉल किया तो मैं वहां पहुंचा। मैं देखकर हैरान रह गया। उन्होंने मेरी बहन को जला दिया था। हम उसे हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन वह 95 फीसदी तक जल चुकी थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। अगर पुलिस ने उस वक्त कॉल उठा लिया होता और समय से पहुंच जाती तो शायद मेरी बहन बच जाती। मेरी बहन की हत्या उसके देवर राजेश बंसल और सास स्नेहलता ने की है। वह अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। मुझे यकीन है कि उन लोगों ने पुलिस को घूस दी है।’   खून से लिखी चि_ी सोशल मीडिया पर वायरल  पुलिस अपनी सफाई में कह रही है कि कार्रवाई हो चुकी है। मासूम बहनों की खून से लिखी चि_ी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुलंदशहर पुलिस ने ट्विटर पर जवाब में लिखा है कि इस मामले में कार्रवाई हो चुकी है। बुलंदशहर के एएसपी राममोहन सिंह ने कहा कि पीडि़ता के पति मनोज बसंल को शिकायत के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।              साभार-khaskhabar.com  

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जम्मू । पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके के गिलगितम बालिस्तान में स्थानीय लोगों ने पाक सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां लोगों ने पाक कि खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे 500 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें बाबा जान भी शामिल हैं। गौरतलब है कि बाबा जान वहां के जाने माने ऐक्टिविस्ट हैं। ज्ञातव्य है कि हाल ही में एशियन ह्यूमन राइट्स ने एक रिपोर्ट में कहा था कि बालिस्तान में पुलिस थाने खुलने से वहां अशांति का माहौल हो गया है। पुलिस वहां के लोगों पर जुल्म ढा रही है और जबरन वसूली भी कर रही है। वहीं कल पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि पीओके भी भारत का ही हिस्सा है। पीएम मोदी के बयान के बाद पीओके में लोगों ने पाक सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्र्शन करते हुए करीब 500 युवाओं ने राजनीतिक अधिकारों की मांग और पाक सेना को गिलगित से बाहर करने की मांग की। इस पर प्रदर्शन कर रहे 500 युवाओं को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शनकारी युवा गिलगित के अस्तोर, दियामिर और हुनजा इलाकों में प्रदर्शन कर रहे थे। साथ ही वहां के स्थानीय लोग चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर को लेकर काफी समय से विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का है कि इससे केवल चीन और पाकिस्तान के पंजाबी व्यापारियों को फायदा होगा।               साभार-khaskhabar.com  

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मथुरा । शहर की कृष्णानगर पुलिस चैकी क्षेत्र के सौंख रोड स्थित एक गली में स्कूल से पढ़कर लौट रहे एक चार वर्षीय बच्चे का स्कूटी सवार बदमाश अपहरण कर ले गये। घटना से क्षेत्र में सनसनी है। कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटना की जांच पड़ताल में जुटे हुए है। समाचार लिखे जाने तक अपहरणकर्ताओं की जानकारी ली जा रही थी।  प्राप्त जानकारी के अनुसार आज शनिवार दोपहर प्ले ग्रुप में पढ़ने वाला चार वर्षीय अंश पुत्र अभिषेक स्कूल से पढ़कर लौट रहा था तभी स्कूटी पर सवार दो बदमाशों ने उसे उठा लिया और भाग गये। बदमाशों में एक लाल रंग की टीशर्ट पहने हुये था। यह बात क्षेत्रीय लोगों ने बताई। पुलिस के अनुसार अभिषेक सात हजार रूपये मासिक की प्राइवेट नौकरी करता है उसके घर की स्थिति भी ठीक नहीं है। ऐसे में इस बालक का अपहरण सन्देंह पैदा करता है। सम्भावनाऐं व्यक्त की जा रही है कि किसी और के चक्कर में अपहरण कर्ताओं ने यह कदम उठाया है अभी जांच पड़ताल चल रही है। सब कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। शहर कोतवाली पुलिस घटना के आरोपियों के पीछे लगी है। लोगों में चर्चा है कि रंजिश के दुसरे कारणों से भी घटना हो सकती है।   

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मथुरा । थाना फरह क्षेत्र में लगातार लावारिश शव मिल रहे हैं। पिछले दिवस बंद सूटकेस में महिला का शव मिला तो आज शनिवार फिर चुरमुरा नाले में हाइवे के पास पत्थर में अटका एक 30 वर्षीय अर्धनग्न महिला का शव मिला है। शव की पहचान नहीं हो पायी है। पुलिस ने शव पंचनामा कर पोस्टमाटम को भेज दिया है। फरह पुलिस का कहना है कि महिला की हत्या कर शव पानी में फैंका गया है। जो तेज बहाव में यहां तक आ पहंुचा और एक पत्थर में फंस जाने के कारण यहां अटक गया। ग्रमीणों की सूचना पर इसे पहचानने का प्रयास भी करवाया गया लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हो पायी है। वहीं पुलिस इसे घटना को गंभीर मानते हुए जांच में जुट गयी है वहीं बीते दिवस मिले शव के विषय में सुरागवसी चल रही है। 

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डाॅग स्कवायड और सेना के जवान ले रहे हैं वाहनों की तलाशी मथुरा । स्वतंत्रता दिवस को लेकर मथुरा छावनी के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गयी है। आसपास से गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनकी चैकिंग की जा रही है। अगामी गणतंत्र दिवस व खुफिया एजेंसियों द्वारा आतंकी हमले के हाई अर्लट के चलते मथुरा छावनी की सुरक्षा व्यवस्था बढाने के साथ पूरे क्षेत्र में सघन गश्त की जा रही है। पूरे छावनी और सभी प्रवेश द्वारों पर गहन चैकिंग की जा रही है। शहर में रात के समय भी सैन्य कर्मी पुलिस के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर मोबाइल चेक पोस्ट लगा रहे है। सेना द्वारा सशस्त्र गश्त बढा दिया गया है तथा स्कूल, बाजार आदि जगहों पर प्रशिक्षण अभ्यास किया जा रहा है। किसी भी घटना से निपटने के लिए सेना हाईटेक उपकरणों व साजो समान का प्रयोग कर रही है। छावनी में भारी हथियार बन्द वाहनों की उपस्थिति व सभी प्रवेश मार्गो पर डाग स्वाड की तैनाती की है। छावनी के सभी प्रवेश द्वारों तथा चारों तरफ अन्य स्थानों पर उच्च तीव्रता की लाइट की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर, एसबीके सिंह, स्टेशन कमांडर ने व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। 

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