मथुरा

बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा केवल फिल्में करने में ही व्यस्त नहीं हैं, बल्कि वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। हाल ही में वह ‘अ बंग्लो ऑन दि हिल’ नामक अभियान के जरिए मानव तस्करी पीडि़तों को आश्रय मुहैया कराने में मदद दे रही हैं। इस अभियान के बारे में ऋचा ने बताया, ‘‘यह मूल रूप से मानव तस्करी के चुंगल से बचाई गई लड़कियों को आश्रय देता है। मैं उन लड़कियों से मिली हूं, जो दुष्कर्म और तस्करी का शिकार रही हैं और इसीलिए, उनकी मदद के लिए इसमें शामिल हुई हूं।’’  ऋचा ने कहा, ‘‘मैंने इस अभियान के लिए शोध भी किया है।’’ इस अभियान का लक्ष्य मानव तस्करी से बचाई गई लड़कियों के लिए आश्रय उपलब्ध कराने के लिए धन इकट्ठा करना है।  ऋचा ने बताया कि वह इस अभियान के लिए एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के लोगों से मिली और इसके बाद उन्होंने एक वीडियो शूट किया। यह मूल रूप से एक वृत्तचित्र है और इसे उन्होंने बेहतर रूप से निर्मित किया है।  इस अभियान की आवाज बनकर ऋचा ने मुंबई में इन पीडि़तों के लिए आश्रय की खोज के लिए धन जुटाने में काफी मदद की, जिसमें इस प्रकार की 15 लड़कियों को नृत्य, संगीत सहित अन्य गतिविधियों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।  साभार-khaskhabar.com  

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कड़ी चैकसी में हुई अलविदा जुमे की नमाज सजदे में झुके हजारों सर मथुरा। देश की तरक्की अमन-चैन की दुआओं के साथ आज चैक बाजार स्थित जामा मज्जिद पर अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर मुस्लिम भाईयों ने भारी संख्या में जामा मज्जिद पहुंचकर अलविदा जुमे की इबादत पढ़ी। दोपहर से ही चैक बाजार मज्जिद पर नमाजियों का आना शुरू हो गया था। नगर पालिका और पुलिस प्रशासन ने नमाज के लिए व्यवस्थाऐं चैकसी रखी थी। काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि नमाज अदा करने वालों को कोई परेशानी न हो। दूर-दूर से मुस्लिम समाज के लोग नमाज में पहुंचे थे।  वहीं हिन्दू समाज के लोग राजनैतिक दलों के नेता भी मुबारक बात देने के लिए वहां मौजूद देखे गये। चैकबाजार और उससे आसपास जुडे़ बाजारों में काफी चहल-पहल और नमाजियों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिली। मज्जिद पर मौजूद मुफ्ती ने नमाज अदा करायी। बड़े ही खुशनुमा माहौल में अलबिदा जुमा की नमाज सम्पन्न हुई पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इस मौके पर मौजूद रहे। शुक्रवार को मथुरा दरवाजा स्थित शाही जामा मस्जिद पर रमजान माह के अखिरी जुमा में मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के साथ अलविदा जुमा की नमाज अता कर देश की तरक्की एवं अमन चैन की दुआ मांगी। अलविदा जुमा के दृष्टिगत सुबह से ही पालिका कर्मचारियों के द्वारा मुस्लिम बस्तियों में साफ सफाई की चाक चैबन्द व्यवस्था की गयी। तो वहीं पुलिस प्रशासन भी नमाज में नमाजियों को कोई विवधान न हो इसके लिये खासा शतर्क रहा। वहीं नगर में शाही जामा मस्जिद के अलावा गौरा नगर कालोनी स्थित मदीना मस्जिद में भी हजारों की तादात में मुस्लिम भाईयों ने अलविदा जुमा की नमाज अता की। गौरतलब है कि ईद से पूर्व होने वाले जुमा को अलविदा जुमा कहा जाता है। मुस्लिम समाज में अलविदा जुमा का बड़ा महत्व माना गया है। शुक्रवार को सुबह से ही मुस्लिम युवकांे में अलविदा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया, नन्हें मुन्ने बच्चे भी नवीन वस्त्र धारण कर अपने परिजनों के साथ मस्जिद की तरफ मुतवज्जा होकर नमाज अता की गयी। सपा के मनोनीत एवं शाही जामा मस्जिद के पूर्व सैकेट्री सैयद मुस्तफा आलम ने बेहतर सफाई व चाक चैबन्द व्यवस्था के लिये नगर पालिका एवं पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष आजाद कुरैशी, भूल्लु कुरैशी, उस्मान कुरैशी, हाजी लियाकत, मुख्त्यार अहमद, सलीम अहमद, एजाज अहमद, मुरादी ठेकेदार, बसीम अहमद, अमर हुसैन, छोटू, उस्मान उस्मानी, नूरा मुल्लाजी, अफजल शाह, युसूफ कुरैशी, जुनेद आलम, जावेद आलम आदि लोग मौजूद रहे।

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मथुरा। आकंठ भ्रठा चार में डूबे जिला पूर्ति कार्यालय को ढर्रे पर लाना लगता है किसी के बस की बात नहीं, हाल में लाटरी पदाति से आवंटित हुयी आठ राशन की दुकानों में भी विभाग ने अपनी लाटरी निकाली गयी। सूत्रो से मिली जानकारी अपर जिला अधिकारी प्रशसन की देख रेख में गत 25 जून को शहर की 8 राशन की दुकानों के लिए लाटरी पद्दति अपनायी गयी जिसमे विभागीयी अधिकारियो  का खेल सुन कर ए डी एम भी दंग रह गए बताया गया की इन आठ दुकानों में से एक दुकान शास्त्री नगर ऐसे व्यक्ति की हुयी है जो हत्या  जानलेवा हमले जैसे आरोपो में वांछित है।शासन के निर्देशानुसार किसी भी वांछित अपराधि के नाम राशन की दुकान आवंटित नहीं की जा सकती ऐसा ही दूसरा मामला भैस भघोरा के रहने वाले सन्देश पुत्र बाबू लाल का है जिसे भी दुकान लाटरी पदृति से आवंटित हुयी है इसके पिता बाबू लाल के नाम से ब्रज नगर और भाई प्रमोद कुमार के नाम से मोतीकुंज में राशन की दुकाने पूर्व से आवंटित है शासनादेश के अनुसार एक परिवार के एक से अधिक सदस्य को राशन की दुकान आवंटित नहीं की जा सकती है।

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माथुरा। कोसीकलां स्थित राष्ट्रीय राज्य मार्ग स्थित लाइफ लाइन हॉस्पीटल की लिफ्ट के चेंनल गेट में दब कर एक महिला रोगी के तीमारदार पुत्र की मौत हो गयी। घटना की सूचना पर पहुंच पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए मथुरा भेजा है। अस्पताल के संचालक डॉक्टर के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार लाइफ लाइन हॉस्पीटल की तीसरी मंजिल की लिफ्ट में प्रवेश करते ही सतीश 21 वर्ष पुत्र सवलियां निवासी रामगढ़ होडल जिला पलवल के ऊपर तेज धमाके के साथ चैथी मंजिल से लिफ्ट का चेंनल गेट आ गिरा जिसके नीचे दब कर सतीश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रसाशन में हड़कंप मच गयी,बा मुश्किल लिफ्ट के गड्डे में दबे सतीश को निकाल कर उसका इलाज शुरू किया गया लेकिन शरीर में कई फैक्चर होने के कारण कई घंटे के प्रयास के बाद भी डॉक्टर उसे बचा नहीं पाये बताया गया है की मृतक अपनी माँ जलवती के आपरेशन के सिलसले में पिछले दो तीन दिन से अस्पताल में भर्ती अपनी माँ की तीमारदारी में लगा था। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रसाशन की लापरवाही को लेकर गुस्सा है। अस्पताल के संचालक डॉक्टर अनुराग अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गयी है।

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भारतीय-जर्मन अभिनेत्री एवलिन शर्मा मशहूर अभिनेता अमित साध संग बॉलीवुड फिल्म ‘काय पो छे!’ की रिलीज को लेकर उत्साहित हैं। एवलिन ने बताया, ‘‘मैंने अमित साध संग फिल्म की है। यह बॉलीवुड फिल्म है। यह रिलेशनशिप ड्रामा है। मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं क्योंकि मैं अलग किरदार निभा रहा हूं। मैं लगभग एक साल से इसकी शूटिंग कर रही हूं और आखिरकार इसका अंत हो रहा है। मैं इसकी रिलीज को लेकर बहुत उत्साहित हूं।’’  एलविन के दिमाग में हमेशा से था कि यह अभिनय नहीं है। अभिनेत्री ने कहा, ‘‘जब मैं 16 साल की थी तो मैंने मिस जर्मनी पीजेंट बनने के लिए कोशिश की थी, लेकिन मेरी राह छोटी थी। मुझे मिस जर्मनी का ताज नहीं मिला लेकिन अब मैं बॉलीवुड की दसवीं फिल्म कर रही हूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दलित चिंतक चंद्रभान प्रसाद ने "दलित फूड्स" के नाम से खाद्य उत्पादों की एक सिरीज शुरू की है जिसके तहत आम का आचार, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर जैसे उत्पाद ऑन लाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।    चंद्रभान के मुताबिक फिलहाल उनके उत्पाद ई-कॉमर्स के लिए उपलब्ध हैं, इसके लिए उन्होंने दलित फूड्स डॉट कॉम और दलितशॉप डॉटकॉम नाम से दो वेबसाइट शुरू की हैं। चंद्रभान प्रसाद ने कहा,अमरीकी यूनिवर्सिटी के एक शोध अध्ययन के दौरान मुझे 2008 में दलितों की बस्ती में रहने का मौका मिला जहां 90 साल और उससे भी ज्यादा उम्र के दलित मिले। ये अचरज भरा था क्योंकि दलितों की औसत उम्र आम भारतीयों से कम होती है फिर मैंने उन लोगों से बातचीत की। उनके खान-पान के बारे में जानने की कोशिश की।   दलितों के खान-पान के बारे में चंद्रभान प्रसाद बताते हैं, दरअसल दलितों का समाज गांव से बाहर होता था। उनके पास साधन नहीं थे, ऎसे में उन लोगों के 90-100 साल तक जीवित होने पर अचरज ही था लेकिन वे लोग बताते थे कि बाजरे की रोटी खाते थे, ज्वार खाते थे। जब गेहूं की रोटी पहली बार उन लोगों ने खाई तो उनका पेट खराब हो गया। ऎसे लोगों से बातचीत के करीब आठ साल बाद चंद्रभान प्रसाद ने पांच लाख रूपये के निवेश के साथ दलित फूड्स नामक ब्राण्ड की शुरूआत की है।    दलित नाम के ठप्पे के साथ इन उत्पादों को भारतीय बाजार में बेचना कितना कारगर होगा, के सवाल पर चंद्रभान प्रसाद कहते हैं,जो आजकल हेल्दी डायट है, वो एक-दो पीढी पहले तक दलितों का मुख्य भोजन हुआ करता था। आज डायबिटीज और ह्वदय रोग के मरीज,जो जौ और बाजरा खा रहे हैं, वही दलितों का मुख्य भोजन था। लेकिन क्या इसको सामाजिक मान्यता मिल पाएगी, इस बारे में चंद्रभान कहते हैं,हमारा उद्देश्य शहर के उन लोगों तक पहुंचना है, जो दलितों का उत्थान चाहते हैंइन उत्पादों को भारतीय बाजार में बेचना उनके हुनर और काम को बढाना चाहते हैं।    भारतीय उद्योग परिसंघ का साथ मिला...   चंद्रभान प्रसाद की इस कोशिश को भारतीय उद्योग परिसंघ (कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज) का साथ मिला है। चंद्रभान प्रसाद के दलित फूड्स साइट पर वही उत्पाद मिलेंगे जो उनके यूनिट में तैयार हो रहे हैं वहीं दलित शॉप में कोई भी दूसरा दलित अपना उत्पाद बेच सकता है यानी एक तरह से दलितों को ई-कॉमर्स की दुनिया में एक तरह का मंच मिलेगा। चंद्रभान प्रसाद बताते हैं, हमने खास हल्दी का इस्तेमाल किया है जो महाराष्ट्र के सूखे से प्रभावित इलाके वर्धा के दलित किसान के खेत में पैदा हुई है, धनिया बुंदेलखंड से मंगाया है,लाल मिर्च हम राजस्थान के मथानिया से मंगा रहे हैं।    बाबा रामदेव गोबर का आइसक्रीम भी बेचें तो...    इस सवाल पर कि इस तरह के उत्पाद तो योगगुरू बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर भी बना रहे हैं, चंद्रभान प्रसाद ने कहा,इन लोगों का बडा कारोबार है, बाबा रामदेव की छवि ऎसी है कि वे गोबर का आइसक्रीम भी बेचेंगे तो वो बिक जाएगा। चंद्रभान प्रसाद कहते हैं, हमने जो आचार बनाया है उसमें एसिड का कोई इस्तेमाल नहीं किया है। हमने उन लोगों का ध्यान रखा है जो केवल मोटी रोटी और आचार के साथ खाना खाते हैं।     साभार-khaskhabar.com  

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