मथुरा

अलविदा जुमा की नमाज में  मथुरा। अलविदा जुमा की नमाज में शुक्रवार प्रातः हजारों सिर रब के सजदे में झुक गए। मुस्लिम भाईयों ने नमाज अता कर देश में अमन चैन की दुआ मांगी। शहर के चैक बाजार स्थित शाही मस्जिद पर नमाज के दौरान बडी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज के लिए सुबह हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए। निर्धारित समय पर जुमे की नमाज अता कराई गई। मुस्लिम भाईयों ने नमाज अता कर देश में अमन-चैन बनाए रखने की दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर जुमे की बधाई दी। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से नगर मजिस्टे्रट राम अरज यादव, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी बडी संख्या में पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।

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मथुरा। नाॅर्थ  सेन्ट्रल रेलवे एम्पलोइज संघ द्वारा आज शनिवार बाद रेलवे स्टेशन पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। कर्मचारी संध के नेता वाई आर शर्मा, एस एस सारस्वत, और रामस्वरूप मीणा ने इस मौके पर कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिषें कर्मचारी हितों के साथ धोखा हैं इन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जिसके लिये रेलवे कर्मचारी आर पार के संघर्ष को तैयार हैं।

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मथुरा। शहर के एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय द्वारा पूर्व छात्रों के कागजातों का दुरूपयोग कर लाखों छात्रवृत्ति हडपने का मामला प्रकाश में आया है।  मामला शहर के गोवर्धन चैराहा एनएच-2 स्थित श्रीगिर्राज महाराज कालेज का है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस कालेज से शैक्षणिक वर्ष 2012-13 में कुछ छात्रों ने बीएड में प्रवेश लिया। कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों ने कालेज छोड दिया। मगर इस बैच के कुछ बच्चों का नाम अभी भी ऑनलाइन छात्रवृत्ति स्टेटस में चल रहा है। यहां से बीएड करने वाली लक्ष्मी कुमारी व मनोज कुमार अभी भी इस कालेज से छात्रवृत्ति ले रहे हैं। दरअसल, यह कारनामा कालेज प्रशासन की करतूत है। बताते हैं कि कालेज प्रबंधन ने इन छात्रों को पुनः बीबीए की कक्षा में दाखिल दर्शाया है उनके नाम पर छात्रवृत्ति हडपी जा रही है। इन बच्चों के नाम शैक्षणिक वर्ष 2013-14 में दर्शाये गए हैं। छात्रवृत्ति के लिए बाकायदा आवेदन किया गया, फर्जी बैंक खाता भी कैनरा बैंक में खुलवाया गया। इस बैंक एकाउंट के जरिए छात्रों के लिए आने वाली छात्रवृत्ति का गबन किया जा रहा है। यह खुलासा ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के उपाध्यक्ष जीसस चतुर्वेदी ने किया है। जीसस चतुर्वेदी के मुताबिक कालेज प्रशासन छात्रों के कागजातों का दुरूपयोग कर स्कॉलरशिप हडप रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व जिलाधिकारी निखिल चन्द्र शुक्ला से भी की है। 

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ढाका । ढाका में आतंकी हमले में मारी गईं तारिषी जैन के पिता रातभर गुलशन कैफे के बाहर खड़े रहे थे। इसी रेस्तरां में आतंकियों ने लोगों को बंधक बना रखा था और विदेशियों को चुन-चुनकर मार रहे थे। तारिषी के पिता संजीव जैन को यह पता लगा था कि भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने ढाका के हाईप्रोफाइल इलाके में स्थित रेस्तरां में अटैक कर दिया है और विदेशियों को मौत के घाट उतार रहे हैं। लेकिन सुबह छह बजे के करीब उन्होंने जब बेटी को कॉल किया तो फोन बंद था। तारिषी ने आतंकियों के हाथों मारे जाने से पहले रात को डेढ़ बजे रेस्तरां के टॉइलट में छिपकर फोन किया था। वह अपने दोस्तों फराज अयाज हुसैन और अबिंता कबीर के साथ वॉशरूम के अंदर छिपी थी और बाहर गोलियों की आवाज आ रही थीं।    ये थे तारिषी के आखिरी शब्द तारिषी ने अपने पिता संजीव जैन को फोन कर कहा था, आतंकी रेस्तरां में घुस गए हैं। मैं टॉइलट में दोस्तों के साथ छिपी हूं। मुझे लगता है कि वे हमें भी एक के बाद एक मार डालेंगे। टॉइलट के दरवाजे के पीछे छिपी तारिषी ने फोन पर कहा था, मैं बुरी तरह डरी हुई हूं। मुझे पक्का भरोसा नहीं है कि मैं जिंदा बाहर निकल पाऊंगी या नहीं। यह लोग यहां मौजूद हर व्यक्ति को मार रहे हैं।    तारिषी के पिता हुए बेचैन   संजीव जैन के लिए यह रात बेहद बेचैनी भरी थी, वह पूरी रात उन दर्जानों परिवारों के साथ कैफे के बाहर खड़े रहे थे, जिनके परिजन अंदर आतंकियों के शिकंजे में थे। किसी को नहीं पता था कि निहत्थे और निर्दोष लोगों के साथ आतंकी क्या सलूक करने वाले हैं। लेकिन कुछ वक्त बाद पता चला कि आतंकियों ने 20 लोगों को हत्या कर दी है, जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे। तारिषी इन लोगों में अकेली भारतीय थी।    दो दिन पहले ही आई थी ढाका दो दिन पहले ही तारिषी यूएस से ढाका आई थी, जहां उसके पिता करीब 20 साल से गारमेन्ट के बिजनस कर रहे थे। कनाडा से इंजिनियरिंग की पढ़ाई करने वाले तारिषी का भाई संचित भी एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचा था। तारिषी के पिता अपने दो बच्चों और पत्नी के साथ फिरोजाबाद में छुट्टियां बिताने के लिए आने की प्लानिंग कर रहे थे। तारिषी के यूएस लौटने से पहले उनका परिवार फिरोजाबाद आना चाह रहा था। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया से तारिषी इकॉनमिक्स में ग्रैजुएशन कर रही थीं।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पिछले कुछ सालों से राजनीतिक वनवास झेल रहे अमर सिंह की हाल ही में राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी (एसपी) में वापसी हुई है। हालांकि, उनकी वापसी के साथ ही मुलायम के कुनबे में फूट से लेकर आजम खान की नाराजगी जैसे विवाद भी शुरू हो गए। अमर सिंह ने टीवी चैनल एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में खुद को मध्यस्थ कहते हुए बताया कि वह इन सब परेशानियों से अपने कौशल के जरिए निपट लेंगे। वहीं, मायावती को जहां उन्होंने अखिलेश की बुआ बताया, वहीं अमिताभ बच्चन को दोस्त कहा। सत्ता के गलियारों में उनकी भूमिका मध्यस्थ से किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, आप सीधे शब्दों में मुझे बिचौलिया या फिर दलाल भी कह सकते हैं। मैंने कभी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने की इच्छा नहीं जताई। मैं स्पष्ट तौर पर कहता हूं कि मैं सत्ता दिलाने की भूमिका को लेकर हमेशा तत्पर रहा और यह मेरा कौशल है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वह संबंधों और सत्ता को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने कहा, आरएसएस से संबंध की वजह से मोदी जी को सत्ता मिली। इसलिए मैं संबंध को सर्वोपरि मानता हूं और संबंधों के जरिए सत्ता तक पहुंचा जा सकता है। बदलाव के लिए सत्ता जरूरी है इसलिए मैं सबंध के बाद सत्ता को ही महत्व देता हूं। उन्होंने कहा कि सत्ता की लड़ाई में कृष्ण से बड़ा मध्यस्थ कौन होगा? हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कृष्ण के पैर की धूल भी नहीं हैं। बॉलिवुड ऐक्टर अमिताभ बच्चन से संबंधों में आई दूरी पर अमर सिंह ने कहा कि वह मेरे मित्र हैं और खुद उन्होंने भी इसकी सार्वजनिक घोषणा की है कि मैं उनके परिवार का सदस्य हूं। वहीं, उन्होंने मायावती पर पूछे सवाल के जवाब में कहा, मैं उनके बारे में क्या कहूं? मेरे बेटे अखिलेश यादव ने कहा है कि वह उनकी बुआ हैं। अब बेटे की बुआ के बारे में कुछ नहीं कह सकता।   साभार-khaskhabar.com  

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बोर्डेक्स (फ्रांस) । यूरो कप 2016 में भारतीय समयानुसार शनिवार देर रात 4-4 बार के फीफा विश्व कप विजेता जर्मनी और इटली के बीच दिलचस्प क्वार्टर फाइनल मुकाबला देखने को मिला। मेटमट एटलांटिक स्टेडियम में 120 मिनट के कड़े संघर्ष और 18 पेनल्टी किक के बाद जर्मनी ने इटली को 6-5 से हराया। पहले निर्धारित 90 मिनट तक स्कोर 1-1 बराबर रहा। मैच में पहला गोल जर्मनी की तरफ से 65वें मिनट में मेसुत ओजिल ने किया और उसके बाद 78वें मिनट में बोटेंग के एक फाउल के चलते इटली को पेनल्टी किक मिली, जिस पर लिओनार्डो बोनुची ने गोल करके इटली को बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद 30 मिनट के एक्सट्रा खेल में कोई गोल नहीं हुआ। नतीजे के लिए पेनल्टी शूटआउट का सहारा लेना पड़ा। इसमें जर्मनी का जिम्मा गोलकीपर मैनुअल न्यूअर और इटली का दारोमदार इटली के कप्तान व गोलकीपर गियानलुगी बुफोन पर था। पहली 5-5 पेनल्टी किक में दोनों टीमें 2-2 से बराबर रहीं।  दोनों की ओर से 2-2 खिलाड़ियों ने गोल किए, जबकि 3-3 चूक गए। इसके बाद मैच सडन डेथ में चला गया। इसका मतलब था कि दोनों टीमों की ओर से एक के बाद एक पेनल्टी किक लिया जाएगा और इनमें से एक के गोल करने और दूसरे के चूकते ही मैच खत्म। सडन डेथ में भी फैंस की सांसें थमी रहीं। दोनों टीमों ने एक के बाद एक 3-3 गोल दाग दिए। सातवीं पेनल्टी किक पर इटली के खिलाड़ी चूक गए, जबकि आठवीं पेनल्टी को जर्मन फुटबॉलर ने भुना टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। अब जर्मनी का सामना फ्रांस और आईसलैंड के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।    ऐसा रहा पेनल्टी शूटआउट का रोमांच   1. इटली के लोरेंजो इनसीनिया ने किया गोल। 2. जर्मनी के टोनी क्रूस ने किया गोल 3. इटली के सिमोने साजा चूके। 4. जर्मनी के थॉमस मूलर चूके। 5. इटली के आंद्रे बरजाली ने किया गोल। 6. जर्मनी के मेसुत ओजिल चूके। 7. इटली के पेले चूके। 8. जर्मनी के जुलियन ड्रेक्सलर ने किया गोल। 9. इटली के बनुची चूके। 10. जर्मनी के बैस्टियन श्वाइंस्टाइगर चूके।   अब सडन डैथ की बारी   11. इटली के जैकिरीनी ने किया गोल। 12. जर्मनी के मैट हमल्स ने किया गोल। 13. इटली के मार्को परोलो ने किया गोल। 14. जर्मनी के किमिक ने किया गोल। 15. इटली के डी शिग्लियो ने किया गोल। 16. जर्मनी के जेरोम बोटैंग ने किया गोल। 17. ...और इटली के डारमियन चूक गए। 18. जर्मनी के हेक्टर ने गोल कर जर्मनी को दिखाई सेमीफाइनल की राह।    साभार-khaskhabar.com  

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