नई दिल्ली । पिछले कुछ सालों से राजनीतिक वनवास झेल रहे अमर सिंह की हाल ही में राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी (एसपी) में वापसी हुई है। हालांकि, उनकी वापसी के साथ ही मुलायम के कुनबे में फूट से लेकर आजम खान की नाराजगी जैसे विवाद भी शुरू हो गए। अमर सिंह ने टीवी चैनल एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में खुद को मध्यस्थ कहते हुए बताया कि वह इन सब परेशानियों से अपने कौशल के जरिए निपट लेंगे। वहीं, मायावती को जहां उन्होंने अखिलेश की बुआ बताया, वहीं अमिताभ बच्चन को दोस्त कहा। सत्ता के गलियारों में उनकी भूमिका मध्यस्थ से किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, आप सीधे शब्दों में मुझे बिचौलिया या फिर दलाल भी कह सकते हैं। मैंने कभी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने की इच्छा नहीं जताई। मैं स्पष्ट तौर पर कहता हूं कि मैं सत्ता दिलाने की भूमिका को लेकर हमेशा तत्पर रहा और यह मेरा कौशल है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वह संबंधों और सत्ता को सबसे अधिक महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा, आरएसएस से संबंध की वजह से मोदी जी को सत्ता मिली। इसलिए मैं संबंध को सर्वोपरि मानता हूं और संबंधों के जरिए सत्ता तक पहुंचा जा सकता है। बदलाव के लिए सत्ता जरूरी है इसलिए मैं सबंध के बाद सत्ता को ही महत्व देता हूं। उन्होंने कहा कि सत्ता की लड़ाई में कृष्ण से बड़ा मध्यस्थ कौन होगा? हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कृष्ण के पैर की धूल भी नहीं हैं। बॉलिवुड ऐक्टर अमिताभ बच्चन से संबंधों में आई दूरी पर अमर सिंह ने कहा कि वह मेरे मित्र हैं और खुद उन्होंने भी इसकी सार्वजनिक घोषणा की है कि मैं उनके परिवार का सदस्य हूं। वहीं, उन्होंने मायावती पर पूछे सवाल के जवाब में कहा, मैं उनके बारे में क्या कहूं? मेरे बेटे अखिलेश यादव ने कहा है कि वह उनकी बुआ हैं। अब बेटे की बुआ के बारे में कुछ नहीं कह सकता।
साभार-khaskhabar.com
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