विधायक के निजी प्रयासों से मथुरा हुयी थी जेनर्म में शामिल मथुरा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोहन सिंह सिसोदिया व शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आबिद हुसैन ने एक संयुक्त बयान में मथुरा के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्हें केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं का तनिक भी ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक प्रदीप माथुर ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों से मथुरा को जेनर्म शहर की सूचि में शामिल कराया था। उन्होंने सोनिया गांधी से हस्तक्षेप से मथुरा को जेनर्म शहरों की सूची में डलवा कर 1800 करोड़ की परियोजना बनवाई थी तथा यूपीए सरकार ने उसे स्वीकृत किया था। आबिद हुसैन ने कहा कि सपा सरकारों ने 280 करोड़ रूपये के अतिरिक्त 1800 रूपये करोड़ की अवशेष धनराशि की डीपीआर समय पर बना कर यूपीए सरकार के पास नहीं भेजी जिससे यह योजना स्वीकृत नहीं हो पाई। बिहारी कान्त तिवारी ने कहा कि विधायक ने जेनर्म में हो रहें गलत कार्य के बारे में बहुत बार संबंधित मंत्री व सचिवों से शिकायतें की तथा विधान सभा में इन मुद्दों को उठाया। सोहन सिंह सिसोदिया ने कहा कि मथुरा के भाजपा नेताओं को विधायक माथुर व सांसद हेमा मालिनी के बीच हुई वार्ता को लेकर क्यों तकलीफ है। बैठक में उप्र कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रणवीर पांडव, सचिव महेश रावत, मलिक अरोड़ा, बिहारी कान्त तिवारी, अब्दुल जब्बार, विनोद शर्मा, एमएम शर्मा, युवा अध्यक्ष यतीन्द्र मुक्कदम, महिला अध्यक्ष कमलेश चैधरी व नीलम कुलश्रेष्ठ व मुकेश धनगर ने कहा कि मथुरा भाजपा अपने गिरेबान में झांक कर देखे कि जब उनके चार-चार मंत्री मथुरा में रहें तब उन्होंने क्या किया तथा दोनो नगर पालिका हैं तो वो क्या कर रहें है। दोनों शहर गंदगी के अंबारों से परे पड़े है।
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