मथुरा

मथुरा। जनपद की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मन्जिल सैनी नें कानून व्यवस्था में सुधार करने के उद्देश्य से एक थाना प्रभारी को कार्य में लापरवाही बरतनें तथा आदेशों की अवेहलना करने के आरोप में लाइन हाजिर किया है वहीं दो दरोगाओं को नई तैनाती दी गई हैं।  पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी ने हुए बताया कि एसएसपी मंन्जिल सैनी ने थाना नौहझील प्रभारी संसार सिंह को कार्य में लापरवाही बरतनें तथा आदेशों को गंभीरता से नहीं लेने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया हैं। वहीं जनपद की स्वाॅट टीम प्रभारी जितेन्द्र दीक्षित को छोता का कोतवाली प्रभारी बनाया है वहीं थाना नौहझील में कुलदीप सिंह को थानाध्यक्ष नौहझील बनाया हैं।  

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गांव फैंचरी में ग्रामीणों को साथ लेकर यमुना भक्त मथुरा। यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 15 मार्च के आन्दोलन को वृहद बनाने के लिये यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा गांव-गांव जाकर लोगो को 15 मार्च की पदयात्रा में भाग लेने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। मंगलवार को अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री व राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ जी द्वारा गांव फैंचरी के ब्रजवासियों को यमुना आन्दोलन में चलने के लिये प्रेरित किया गया। 15 मार्च को होने वाली यमुना मुक्तिरण पदयात्रा को लेकर ग्रामवासियों द्वारा गांव में जनजागरूकता रैली निकाली गयी। जिसमें गांव सैकड़ो ग्रामवासियों ने भाग लिया तत्पश्यात् ग्राम वासियों की सभा की गयी। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि हमारा ब्रजवासी कहलाना तभी सार्थक होगा जब हम ब्रज संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करें और आज ब्रज की पहचान माॅ यमुना प्रदूषण से कराह रही है। उसको ब्रज से सैकड़ो किलोमीटर दूर बांध दिया गया है अब हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम यमुना मैया की रक्षा के लिये संघर्ष करें। अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने कहा कि ब्रजवासियों यमुना के लिये स्थिति करो या मरो की आ गई है अब की बार हम ब्रजवासी दिल्ली से यमुना मैया को मुक्त करा कर ही लौटेगे। गांव के दिगम्बर सिंह मास्टर, कचन सिंह, रामजीत सिंह आदि प्रतिष्ठित जनों के गांव वासियों की ओर से कहा कि हम अपनी यमुना मैया को मुक्त कराने के लिये भारी संख्या में पदयात्रा में भाग लेगें। इस अवसर पर मुकेश सिकरवार, मूलचन्द पुजारी, जगान्नाथ सिंह, किसन सेठ, रामबाबू, चुन्ना सिंह, भागीरथ, गजेन्द्र सिंह, जीतेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

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हमले में घायल सपा नेता की अस्पताल में सुरक्षा में करते सुरक्षाकर्मी मथुरा। मथुरा जिला कारागार में गैंगवार के तुरंत बाद नेशनल हाईवे पर राजेश टोंटा की हत्या का मामला अभी पूरी तरह ठंडा भी नहीं पड़ा था कि आज जिले के छाता क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता को सरेआम गोलियां मारने की घटना से हड़कंप मच गया है। हालांकि इस हमले में सपा नेता की जान बच गयी है और वे गम्भीर अवस्था में चिकित्सा के लिये अस्पताल में भर्ती कराये गये हैं जहां उनकी हालत चिंताजनक बतायी जा रही है।  मिली जानकारी के अनुसार जनपद के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कस्बा छाता में आज सपा के विधान सभा अध्यक्ष महावीर सिंह पर तीन हमलावरों ने गोलियां बरसाईं। गोलीबारी में महाबीर बुरी तरह जख्मी हुए हैं। बताया जा रहा है कि हमला उस वक्त हुआ जब महावीर अपनी गाड़ी से तहसील जा रहे थे। तभी गजेन्द्र सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी छाता ने अपने साथियों के साथ तहसील मुख्यालय के सामने ही महावीर सिंह में गोंली मार दी। जिससें महावीर धडाम से जमीन पर गिर पड़ें। गोली की आवाज सुन आस पास के लोग घटना स्थल की ओर दौड़े तो हमलावर मौके से भाग गये। बीच रास्ते पर तीन लोगों ने उन पर हमला बोला और छह राउंड फायरिंग की। जब तक कोई कुछ समझ पाता हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सपा नेता को कोसी में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। 

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जिस गोपाल यादव में पर्याप्त माइण्ड ही नहीं वहीं बना दिया मास्टर माइण्ड पुलिस लाइन सभागार में गैंगवार के खुलासे की कहानी बताते आईजी, डीआईजी जोन आगरा एवं एसएसपी व अन्य मथुरा। मथुरा जिला कारागार में गोलियां चलने से एक की मौत तथा दो के घायल हो जाने और फिर एक घायल राजेश टोंटा को इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में आगरा ले जाते वक्त चंद घंटों बाद ही नेशनल हाईवे पर भून डालने जैसी संगीन वारदातों का महज दो दिन के अंदर खुलासा करके उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सूबे में चाहे किसी की सत्ता हो, चाहे कितने ही निजाम बदल जाएं किंतु वह न कभी बदली है और न बदलेगी। कानून का राज कायम करने की बात कहकर सत्ता में आई समाजवादी पार्टी बेशक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को ताश के पत्तों की तरह फेंटकर कानून व्यवस्था दुरुस्त करने का भ्रम पाल लेती हो किंतु सच्चाई यह है कि इससे सिर्फ अधिकारियों की सूरतें ही बदलती हैं, सीरत न बदली है और न बदलने की कोई उम्मीद नजर आती है। आईजी जोन आगरा सुनील गुप्ता की मौजूदगी में विगत शाम मथुरा की एसएसपी मंजिल सैनी ने पूरे प्रदेश को हिला देने वाली इन वारदातों का खुलासा करके पुलिस को भले ही दबाव मुक्त कर लिया हो लेकिन गैंगवार की नई पटकथा लिखे जाने का रास्ता साफ कर दिया। दरअसल, अपने ऊपर उठ रहे तमाम सवालों के जवाब देने और जेल के अंदर व बाहर एक ही दिन में हुईं इतनी बड़ी वारदातों का पूरी तरह खुलासा करने की बजाय पुलिस ने जिस सॉफ्ट टारगेट गोपाल यादव को मास्टर माइंड बताकर सारा मामला रफा दफा करने की कोशिश की है, उसमें तो इतनी बड़ी प्लानिंग करने लायक माइंड ही नहीं है। चूंकि गोपाल यादव हाथरस में राजेश टोंटा के घर पर की गई ब्रजेश मावी की हत्या का चश्मदीद है तथा ब्रजेश मावी का दोस्त रहा है और मावी का शव बरामद करने की कवायद में मथुरा पुलिस उसे महीनों अपने साथ लेकर घूमती रही है इसलिए वह पुलिस के लिए न केवल आसानी से उपलब्ध था बल्कि सॉफ्ट टारगेट भी था लिहाजा उसे मास्टर माइंड बनाकर पेश कर दिया गया जबकि राजेश टोंटा जैसे कुख्यात व शातिर अपराधी को इस तरह ठिकाने लगाने की प्लानिंग वाकई बहुत तेज दिमाग व दुस्साहसी अपराधी ही कर सकता है। पुलिस की कहानी पर यदि कुछ देर के लिए भरोसा कर भी लिया जाए तो उसके अनुसार गोपाल यादव ने बंदी रक्षक कैलाश गुप्ता के हाथों दीपक वर्मा के पास जेल में एक असलहा तथा एक लाख दस हजार रुपए भिजवाये जिसमें से उसने अपने लिए तय 20 हजार रुपए काटकर 90 हजार रुपए व असलहा दीपक को दे दिए। 17 तारीख को दोपहर बाद जेल में चली गोलियों से एक पक्ष के राजेश टोंटा व उसका साथी राजकुमार शर्मा घायल हो गये और दूसरे पक्ष का अक्षय सोलंकी मारा गया। यहां गौर करने वाली बात यह है कि यदि मास्टर माइंड गोपाल यादव ने बंदी रक्षक कैलाश गुप्ता के हाथों जेल में दीपक वर्मा के पास मात्र एक हथियार ही पहुंचाया था तो फिर क्या सारे बदमाश बारी बारी से एक ही हथियार का इस्तेमाल करते रहे। वो भी तब जब कि दीपक वर्मा, दीपक राणा व अक्षय सोलंकी को ब्रजेश मावी पक्ष से बताया जा रहा है और राजेश टोंटा के साथ राजकुमार शर्मा आदि को बताया गया है। पुलिस के अनुसार राजेश टोंटा ने ही अक्षय सोलंकी पर गोली चलाई थी, तो पुलिस ने अब तक यह क्यों नहीं बताया कि राजेश टोंटा के पास असलहा कहां से आया और उसके पास असलहा पहुंचाने वाले कौन लोग थे। जेल के अंदर से भी जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार गोलियां चलाने में दोनों ओर से तीन असलाहों का इस्तेमाल हुआ लेकिन पुलिस ने दो असलहा ही बरामद दिखाये हैं। पुलिस ने तो दो असलहा बरामद करने के बावजूद अपनी कहानी में यह बताया है कि दीपक वर्मा का असलाहा गिर जाने के बाद टोंटा ने उसी असलाहा से अक्षय को गोली मारी। पुलिस की इस कहानी पर भरोसा किया जाए तो टोंटा को क्लीनचिट मिल जाती है जबकि पूर्व में पुलिस ने कहा था कि टोंटा ने ही फायरिंग शुरू की थी और उसी ने अक्षय को मारकर खुद को घायल किया। अब जेल से बाहर की पुलिसिया कहानी पर ध्यान दें तो उसके अनुसार जेल के अंदर हुई फायरिंग में टोंटा के बच निकलने की जानकारी होने के बाद गोपाल व अजय चैधरी ने मावी के वफादार साथियों को सूचित करके उसे फिर ठिकाने लगाने की तैयारी की और मौका मिलते ही नेशनल हाईवे पर रात करीब 11 बजे तब छलनी कर दिया जब उसे पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए आगरा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से देशी तमंचों के खोखे बरामद दिखाये हैं और मास्टर माइंड गोपाल के कब्जे से भी एक तमंचा बरामद किया है। यहां पुलिस से कोई यह पूछने वाला नहीं है कि राजेश टोंटा को जेल के अंदर ठिकाने लगाने के लिए नाइन एमएम के प्रतिबंधित बोर वाला असलहा भेजने वाला गोपाल और उसके साथी नेशनल हाईवे पर उसे मारने के लिए क्या देशी तमंचों का इस्तेमाल करने की मूर्खता करेंगे ?  गौरतलब है कि जेल के अंदर पुलिस ने जो दो असलहा बरामद किये हैं, वह दोनों नाइन एमएम के हैं। मजे की बात यह भी है कि पुलिस ने वारदात का खुलासा तो कर दिया लेकिन अब तक इस बात का खुलासा नहीं कर पाई कि मौके पर मिला एके 47 का खोखा किसकी गोली का था। पहले पुलिस कह रही थी कि बदमाशों ने एके 47 का भी इस्तेमाल किया लेकिन जब मास्टर माइंड गोपाल ने कहा कि उनमें से किसी के पास ऐसा कोई हथियार नहीं था तो पुलिस कहने लगी कि अभिरक्षा में चल रहे एसओ के हमराह पर एके 47 थी और उसी ने फायर किया था। इस बारे में गोपाल की मानें तो पुलिस की ओर से उनके ऊपर कोई गोली चलाई ही नहीं गई। यहां नया सवाल एक और खड़ा हो जाता है कि क्या किसी एसओ का हमराह सिपाही एके 47 जैसा हथियार रखने के लिए अधिकृत होता है और क्या इस सिपाही को यह हथियार दिया गया था ? सच तो यह है कि ब्रजेश मावी की राजेश टोंटा के हाथरस स्थित घर पर की गई हत्या के बाद उसका शव बरामद करने के लिए मथुरा पुलिस गोपाल को महीनों अपने साथ लेकर घूमती रही थी और इसलिए गोपाल यादव को पूरा पुलिस महकमा पहचानता था। वह ब्रजेश मावी का बचपन का दोस्त है, इस बात से भी पुलिस परिचित हो चुकी थी। पुलिस उसे कभी भी बुला लेती थी और फिर छोड़ भी देती थी इसलिए गोपाल यादव उसके लिए सहज उपलब्ध था। वह उसके लिए इस मामले में भी सॉफ्ट टारगेट साबित हो सकता है, यह समझते पुलिस को देर नहीं लगी। हालांकि उससे पहले पुलिस ने ब्रजेश मावी के अधिवक्ता रहे दो लोगों को कोतवाली बुलाकर कहानी का ताना बाना बुनने की कोशिश की किंतु उसमें बार एसोसिएशन मथुरा द्वारा हंगामा काटे जाने के बाद पुलिस को दोनों अधिवक्ता छोड़ने पड़े और उसके बाद पुलिस ने गोपाल यादव को लेकर काम करना शुरू कर दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस तरह पुलिस ने फिलहाल अपने ऊपर पड़ रहे भारी दबाव से खुद को मुक्त कर राहत की सांस ली होगी लेकिन इससे उसने फिर किसी बड़ी वारदात का रास्ता भी साफ कर दिया क्योंकि इससे असली मास्टर माइंड को बिना किसी प्रयास के बड़ा मौका मिलना स्वाभाविक है। ब्रजेश मावी के बाद राजेश टोंटा मारा गया, अक्षय सोलंकी भी काम आ गया परंतु अभी राजकुमार शर्मा, दीपक वर्मा, दीपक राणा तथा लारेंस जैसे दोनों पक्ष के तमाम कुख्यात अपराधी बाकी हैं और वह वर्चस्व की इस लड़ाई में अपनी अपनी भूमिका साबित करने से पीछे नहीं हटने वाले। तय है कि जिस गैंगवार का आगाज हाथरस में राजेश टोंटा के घर से शुरू होकर मथुरा जिला कारागार के अंदर और फिर नेशनल हाईवे पर राजेश टोंटा की हत्या से 17 जनवरी 2015 को हुआ है, उसका अंजाम शेष है। वह कब और किस रूप में सामने आयेगा, यह बताना चाहे मुश्किल हो पर इतना आसानी से कहा जा सकता है कि होगा बहुत खौफनाक। शायद 17 तारीख से भी अधिक खौफनाक। तो इंतजार कीजिए तथा देखिए कि पुलिस और क्या-क्या गुल खिलाती है। एक करोड़ की रकम लुटने पर दो लाख बरामद दिखाकर अपनी पीठ खुद थपथपा लेने तथा ईनाम इकराम भी हासिल कर लेने का उसका शगल कोई नया नहीं है और न नई है उसकी कांटे से कांटा निकालने की थ्योरी। कानून व्यवस्था जाए भाड़ में, वह अपना शगल इसी प्रकार पूरा करती रहेगी और इसी थ्योरी पर काम करके वाह वाही भी लूटेगी। उसके लिए गोपाल यादव जैसे सॉफ्ट टारगेट्स की न कभी कहीं कोई कमी रही है और न रहेगी क्योंकि माइंडलैस को मास्टर माइंड साबित करना उसे बखूबी आता है।  

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14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गये दोनो आरोपी, पुलिस अभी दोनो से करेगी पुछताछ मथुरा। जनपद में फिल्मी स्टाईल में हुई जिला कारागार में गैगवार और उसके बाद हाईवें पर पुलिस अभिरक्षा कुख्यात अपराधी राजेश टोंटा की गोली मार कर हत्या करने के मामलें में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये मावी गिरोह के गोपाल यादव व जेल में तैनात सिपाही कैलाश गुप्ता को आज भारी पुलिस के सुरक्षा में जनपद न्यायालय में पेश किया गया। न्यायिक मजिस्टेंªट ने दोनो को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया हैं।  प्राप्त घटनाक्रम के अनुसार विगत रात्रि आईजी सुनील गुप्ता, डीआईजी आगरा लक्ष्मी सिंह, व एसएसपी मन्जिल सैनी ने पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजेश टौटा हत्याकांड में शामिल गोपाल यादव निवासी वंगाली घाट व जेल में तैनात सिपाही कैलाश गुप्ता को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करते हुंए अवगत कराया कि गोपाल यादव ने ही योजनाबद्ध तरीके से जेल में तैनात सिपाही कैलाश गुप्ता से सम्पर्क कर उसके द्वारा जेल में निरूद्व दीपक वर्मा के पास 1 लाख 10 हजार रूपयें की नगदी तथा एक पिस्टल, एक रिवाल्वर, तथा 18 कारतूस पहुंचायें गये थे। जिसमें 20 हजार रूपयें कैलाश ने अपने हिस्सें के रख लिये और 90 हजार रूपयें वच असलाह कैलाश ने दीपक वर्मा तक पहुंचाये थे। उसके बाद जेल में गैगवार हुई जिसमें अक्षय सोलंकी की र्मौत हो गई तथा राजेश टोंटा व उसका साला राजकुमार शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसमें राजेश टोंटा को ईलाज के लिए आगरा ले जाते समय योजनाबद्ध तरीके से रास्तें में गोलिया वर्षा कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने सिपाही कैलाश गुप्ता से रिश्वत में लिये गये 20 हजार रूपयें की नगदी बरामद की वहीं गोपाल ने एक तंमचा भी बरामद किया हैं। फिलहाल पुलिस ने राजेश टोंटा हत्याकांड का जिस नाटकीय ढंग से खुलासा किया हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस द्वारा गढ़ी गई इस कहानी में काफी झोल है और अगर इस घटना की सत्यता से जाॅच की जाये तो इसमें पुलिस के कई आला अधिकारी भी नप सकते हैं।  

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गोवर्धन। थाना हाईवे क्षेत्र के गाॅव खामनी से कस्बा गोवर्धन के श्री बावूलाल महाविद्यालय की बी0काॅम0 द्वितीय बर्ष की छात्रा अचानक लापता हो गई। जिसकी गुमशुदगी छात्रा के परिजनों ने थाना हाईवे दर्ज कराई है।  कस्वा के श्री बावूलाल महाविधालय के बी0काॅम0 द्वितीय वर्ष की छात्रा विगत रोज सोमवार को सुबह अपने घर खामनी थाना हाईवे से प्रतिदिन की भाॅति को पढने के लिये गोवर्धन कस्बा स्थित श्री बावूलाल महाविधालय आयी थी। जहाॅ छुटटी होने के बाद देर रात तक छात्रा काॅलेज से घर नही पहुॅची तो परिजनों ने छात्रा की छानबीन शुरू कर दी। लेकिन छात्रा का कोई पता नही चल सका। जिसकी लिखित तहरीर देकर परिजनों ने थाना हाईवे में गुमशुदी दर्ज कराई है।  

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मथुरा। बाजना इंटर कालेज में मंगलवार से किसान नेता द्वारा अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा को लेकर कालेज के प्रबन्ध समिति के पदाधिकारी सपा नेताओ के साथ सोमवार को जिलाधिकारी से मिले। उन्होने धरने को रोकने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियो का हस्ताक्षर युक्त एक मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। बाजना इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति के प्रबन्धक राम स्वरूप चैधरी ने स्थानीय निवासियो के भारी संख्या में हस्ताक्षर युक्त एक पत्र किसान नेता रामबाबू कटैलिया द्वारा कालेज में 20 जनवरी मंगलवार से की गयी अनिश्चितकालीन धरने के ऐलान को लेकर धरने को रोकने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा। श्री चैधरी ने पत्र में कहा कि कटैलिया ने कालेज की प्रबन्ध समिति से धरने की अनुमति नही ली गयी है। अलावा इसके कालेज में परीक्षायें भी निकट आ रही है। उन्होने श्री कटैलिया द्वारा पूर्व में नौहझील, बाजना व टप्पल में किये गये धरनो में हुई व्यापक लूटपाट के कारण जिलाधिकारी से धरना रोकने की भी अपील की। श्री चैधरी ने कटैलिया पर कालेज की जमीन के मिले 7 करोड के मुआवजे की राशि पर नजर होने का भी आरोप लगाया। प्रबंधक श्री चैधरी के साथ सपा के जिलाध्यक्ष गुरूदेव शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष ठा0 किशोर सिंह चैधरी, धर्म सिंह, धर्मपाल सिंह, प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, नाहर सिंह, धीरेन्द्र प्रधान, सूरजभान चैधरी, करूआ प्रधान, विशन सिंह, सुखवीर सिंह, वीरी सिंह, प्रेमपाल समेत सैकड़ो की तादात में ग्रामीण उपस्थित थे।  

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मथुरा। थाना कोसी पुलिस ने सट्टे की खाईबाडी के आरोप में एक आरोपी को पकड़ा। उप निरीक्षक राजेश कुमार ने ब्राह्मणपुरी तिराहे पर बरगद के पेड के नीचे से विजय कुमार पुत्र मदनलाल निवासी नाडू वास कस्बा कोसी को पर्चा सट्टा व 420 रूपये समेत पकड़ा।

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मथुरा। जनपद पुलिस ने अलग अलग स्थानो से नशीले पाउडर के साथ दो लोगो को पकड़ा। कोतवाली वृन्दावन के अंतर्गत रतन छत्री मोड से रविवार की रात करीब नौ बजे उप निरीक्षक विनोद कुमार ने हरीश गुप्ता पुत्र काली चरन गुप्ता निवासी एच 35 मजदूर नगर, अजमेर मार्ग थाना सदर जयपुर राजस्थान को 250 ग्राम नशीले पाउडर के साथ पकड़ा। इधर, थाना कोसीकलां के अंतर्गत आगरा दिल्ली राजमार्ग स्थित कोसीकलां चैराहे से अनाज मंडी की ओर से उप निरीक्षक राजेश कुमार ने दिगम्बर पुत्र अमरचन्द्र निवासी गांव खरौठ गेट कस्बा कोसी को 250 गा्रम नशीले पाउडर के साथ पकड़ा।  

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मथुरा। अज्ञात बदमाश शिकायतकर्ता से बैग छीनकर भाग गये। बैग में कागजात, मोबाइल व बैंक की चाबी थी। थाना मांट के अंतर्गत राधारानी मोड से अज्ञात वदमाश सुनील कुमार पुत्र मुनीश्वर निवासी कैलाश नगर वृन्दावन से उसका बैग छीन ले गये। बैग में कागजात, मोबाइल के अलावा बैंक की चाबी भी थी। शिकायतकर्ता मांट के गांव दरवै स्थित भारतीय स्टेंट बैंक की शाखा में तैनात है। पीडि़त ने घटना की रिपोर्ट थाना मांट में दर्ज करा दी है।

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