मथुरा। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी विशाल चैहान ने खराब हैंडपंपों की साप्ताहिक समीक्षा कराने के साथ ही नहर, माइनरों के माध्यम से तालाब व पोखरों को भरवाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि डा0 राममनोहर लोहिया समग्र गाम वर्ष 2012-13 में चयनित ग्रामों में आंतरिक गलियों एवं नालियों के निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 17 ग्रामों में से 7 ग्रामों को संतृप्त किया गया है। अवशेष 10 ग्रामों को माह मई 2014 तक संतृप्त करने हेतु अध्शिासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देशित किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के अंतर्गत लक्ष्य के अुनसार सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को माह मई 2014 तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम वर्ष 2013-14 में चयनित ग्रामों में विद्युतीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 23 ग्रामों में से 9 ग्रामों को संतृप्त किया गया है। अवशेष ग्रामों को माह मई तक संतृप्त किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। आंतरिक गलियों एवं नालियों के निर्माण कार्यक्रम में 23 ग्रामों में से मात्रा 1 ग्राम को संतृप्त किया गया है। अवशेष 22 ग्रामों में से उपलब्ध धनराशि के अनुसार सभी समग्र ग्रामों को माह मई तक पूर्ण कराने हेतु अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिये गये। स्वच्छ पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत 23 ग्रामों में से 22 ग्रामों को संतृप्त किया जा चुका है। अवशेष एक ग्राम में नये तथा रिबोर हैंडपंप कराकर माह मई 2014 तक संतृप्त कराने के निर्देश दिये गये। अधिशासी अभियंता, नहर को निर्देशित किया गया कि वह एक सप्ताह के अंदर नहरों, माइनरों के माध्यम से गांवों में तालाब, पोखरों में पानी भरवायें ताकि पशु पक्षियों को पीने को पानी उपलब्ध हो सके। वन, लोक निर्माण विभाग, नहर आदि सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि इंटर सैक्टोरल कन्वर्जेंस में मनरेगा के अंतर्गत कार्य योजना तैयार कराकर के सप्ताह के अंदर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण मथुरा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। स्वच्छ शौचालय कार्यक्रम के अंतर्गत 23 ग्रामों में से 11 ग्रामों को संतृप्त किया जा चुका है। अवशेष ग्रामों में स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराकर ग्रामों को संतृप्त कराना सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यक्रम के अंतर्गत नये कार्यों के संबन्ध में प्रमुख सचिव उप्र शासन को पत्र भिजवाया जाये। टीटीएसपी तथा अस्थायी स्थाई रूप से खराब हैंडपंपों की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी स्तर पर की जाये। इस हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना की जाये। टीटीएसपी, खराब हैंडपंपों का खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट दें। ब्लाक स्तर पर तैनात अवर अभियंता जल निगम खंड विकास अधिकारी से संपर्क करें तथा टीटीएसपी खराब हैंडपंपों का साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाये। विकास खंड स्तर पर खराब हैंडपंपों का अंकन रजिस्टर में किया जायेगा तथा जिलास्तर पर भी रजिस्टर निंर्धारित किया जायेगा।
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