मथुरा

मथुरा। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी विशाल चैहान ने खराब हैंडपंपों की साप्ताहिक समीक्षा कराने के साथ ही नहर, माइनरों के माध्यम से तालाब व पोखरों को भरवाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि डा0 राममनोहर लोहिया समग्र गाम वर्ष 2012-13 में चयनित ग्रामों में आंतरिक गलियों एवं नालियों के निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 17 ग्रामों में से 7 ग्रामों को संतृप्त किया गया है। अवशेष 10 ग्रामों को माह मई 2014 तक संतृप्त करने हेतु अध्शिासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देशित किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के अंतर्गत लक्ष्य के अुनसार सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को माह मई 2014 तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम वर्ष 2013-14 में चयनित ग्रामों में विद्युतीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 23 ग्रामों में से 9 ग्रामों को संतृप्त किया गया है। अवशेष ग्रामों को माह मई तक संतृप्त किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। आंतरिक गलियों एवं नालियों के निर्माण कार्यक्रम में 23 ग्रामों में से मात्रा 1 ग्राम को संतृप्त किया गया है। अवशेष 22 ग्रामों में से उपलब्ध धनराशि के अनुसार सभी समग्र ग्रामों को माह मई तक पूर्ण कराने हेतु अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिये गये। स्वच्छ पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत 23 ग्रामों में से 22 ग्रामों को संतृप्त किया जा चुका है। अवशेष एक ग्राम में नये तथा रिबोर हैंडपंप कराकर माह मई 2014 तक संतृप्त कराने के निर्देश दिये गये। अधिशासी अभियंता, नहर को निर्देशित किया गया कि वह एक सप्ताह के अंदर नहरों, माइनरों के माध्यम से गांवों में तालाब, पोखरों में पानी भरवायें ताकि पशु पक्षियों को पीने को पानी उपलब्ध हो सके। वन, लोक निर्माण विभाग, नहर आदि सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि इंटर सैक्टोरल कन्वर्जेंस में मनरेगा के अंतर्गत कार्य योजना तैयार कराकर के सप्ताह के अंदर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण मथुरा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। स्वच्छ शौचालय कार्यक्रम के अंतर्गत 23 ग्रामों में से 11 ग्रामों को संतृप्त किया जा चुका है। अवशेष ग्रामों में स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराकर ग्रामों को संतृप्त कराना सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यक्रम के अंतर्गत नये कार्यों के संबन्ध में प्रमुख सचिव उप्र शासन को पत्र भिजवाया जाये। टीटीएसपी तथा अस्थायी स्थाई रूप से खराब हैंडपंपों की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी स्तर पर की जाये। इस हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना की जाये। टीटीएसपी, खराब हैंडपंपों का खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट दें। ब्लाक स्तर पर तैनात अवर अभियंता जल निगम खंड विकास अधिकारी से संपर्क करें तथा टीटीएसपी खराब हैंडपंपों का साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाये। विकास खंड स्तर पर खराब हैंडपंपों का अंकन रजिस्टर में किया जायेगा तथा जिलास्तर पर भी रजिस्टर निंर्धारित किया जायेगा।

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मथुरा। यमुना रक्षक दल के प्रमुख संत जयकृष्णदास ने कहा है कि कुछ लोग यमुना शुद्धिकरण को लेकर राजनीति कर रहे है। तथा लोगों को बरगला रहे हैं। उन्होंने कहा यमुना शुद्धिकरण का कार्य जारी है। संत शरणानंद महाराज भी इस कार्य में भारी सहयोग दे रहे है। जिससे मिट्टी मंे दबे घाट बाहर निकल रहे है। साथ ही सिल्ट भी हटायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य बराबर जारी रहेगा।

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मथुरा। रिफाइनरी क्षेत्र की कांशीराम आवासीय कालोनी में स्ट्रीट लाइन न जलने से अंधकार बना रहता है जिसका लाभ अपराधी उठा रहे है। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है।

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राया। विगत 6 जून 13 को हाथरस रोड कोयल पर सादाबाद के एक दर्जन किसानों को बाॅधकर खरबूजे से भरी ट्रैक्टर ट्रौली को लूटने की घटना का खुलासा एक वर्ष बाद मगौर्रा थाना क्षेत्र में बाबरिया गिरोह पकडने पर हुआ। जिसमेें  स्वराज 735  मय ट्रैाली ट्रैक्टर बरामदी के लिए राया पुलिस कई जगह दबिश दे चुकी है। और ट्रैक्टर के नजदीकी पहुॅच चुकी है। राया थाना प्रभारी राजा सिंह ने बताया कि 6 जून 2013 को सादाबाद क्षेत्र के राजू व एक दर्जन किसान ट्रैक्टर द्वारा खरबूजे लेकर मथुरा के लिए आ रहे थे। कोयल गाॅव से पहले रात्रि 12 बजे एक दर्जन बदमाशों ने सभी किसानों को बंधक बनाकर ट्रैक्टर ट्रौली लूट कर ले जाने में सफल रहे। जिसमें मगौर्रा पुलिस ने  तीन बदमाश पकडे गये है। जिसमें खरबूजा किसान को बंधक बनाकर लूट की घटना का इकबाल किया है। वहीं चिंतावास अलीगढ के विवेक सारस्वत 35 वर्ष के गोली मारकर हत्या 10 अगस्त 2013 को गाॅव के नजदीक ससुराल से लौटते वक्त जीतू पुत्र अर्जुन निवासी ऐदलघडी सुरीर को मोबाइल के आधार पर पकडा गया है। जिसने घटना का इकबाल किया है।

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मुंबई रू देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को बढ़त दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 130ण्63 अंक की बढ़त के साथ 22ए575ण्75 अंक पर और निफ्टी 35ण्70 अंक की बढ़त के साथ 6ए735ण्05 अंक पर खुला।   वहींए एचडीएफसी बैकए ओएनजीसीए आईटीसीए लॉसन व टुब्रोए हिंदुस्तान लिवरए हिंडाल्को और टाटा स्टील के शेयर में उल्लेखनीय बढ़त तथा वहींए टीसीएसए हिरो होंडाए बजाज आटो और इंफोसिस के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। टैग. सेंसेक्सए निफ्टीए शेयर बाजारए ैमदेमगए छपजिलए ैजवबा डंताम

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फीचर.समाज अशोक इन्दू   हम ऐसे बहुत.से लोगों को जानते हैं जो यह शिकायत करते हैं कि हमने विपरीत परिस्थितियों में लोगों की मदद की हैए लेकिन हम खुद लोगों का शिकार हो गए। कारण भले ही जो रहे होंए पर हमें इस पर विचार करना चाहिए कि क्या वाकई में ऐसा हुआ है या फिर हम ऐसी सोच रखते हैं।   एक बात में विश्वास रखिए कि अगर किसी को उसका लक्ष्य हासिल करने में आप उसकी मदद करेंगे तो वह भी आपको इस तरह की मदद जरूर करेगा।   किसी की दान के तौर पर मदद करना और किसी की उसके लक्ष्य हासिल करने में मदद करनाए दोनों ही अलग बाते हैं। चीन में एक कहावत हैए ष्अगर आप किसी को एक मछली देते हैं तो आप उसके एक वक्त के भोजन का इंतजाम करते हैंए लेकिन अगर आप उसे मछली पकड़ना सिखाते हैं तो वह आजीवन अपने परिवार के लिए भोजन जुटाने में सक्षम हो सकेगा।ष्   दान देने की आदत को अच्छी आदत नहीं कहा जा सकता। यदि आप किसी को कुछ देते हैं तो ऐसी चीज दें जो उसकी जिंदगी में बदलाव ला सके। किसी से कुछ लेते हैं तो उसे दूसरे तरीके से चुकाने की प्रवृत्ति भी मन में पैदा कीजिए।   आम के पेड़ को देखिए जो आपको किसी भी हालत में फल मुहैया कराता है। यहां तक कि आप उसे पत्थर मारते हैंए फिर भी वह आपको फल देता है। यह एक उच्च स्तर का दान है और आपको ऐसे दान में विश्वास करना चाहिए। इसी तरह के दान का एक उदाहरण इस किस्से में है रू   वर्षो पहले एक सेब का पेड़ था। एक छोटा बच्चा उस पेड़ से प्रेम करता और उसके इर्द.गिर्द खेलता था। हर दिन छोटा बच्चा पेड़ पर चढ़ताए सेब तोड़ताए खाता और उसकी छांव में खेलता था। पेड़ भी उसके साथ खेलता था। समय बीतता गया और वह बच्चा बड़ा हो गया। अपनी व्यस्तताओं के चलते उसने वहां आना छोड़ दिया।   एक दिन वह पेड़ के पास आया तो देखा कि पेड़ उदास है। पेड़ ने कहाए ष्आओए मेरे साथ खेलो।ष् बच्चा बोलाए ष्मैं अब बालक नहीं रहाए मुझे अब पैसा चाहिए।ष् सेब के पेड़ ने कहाए ष्देखोए मेरे पास पैसे तो नहीं हैंए पर तुम सेब तोड़कर और उसे बेचकर बाजार से पैसा ला सकते हो।ष् बच्चा खुश हो गया और उसने पेड़ से सारे फल तोड़ लिए और चला गया। फिर वापस नहीं लौटा। पेड़ बहुत उदास हो गया।   बहुत दिनों के बाद एक दिन जब वह आया तो पेड़ ने खुश होकर कहाए ष्आओए मेरे साथ खेलो।ष् लड़का बोलाए ष्अब मेरे पास खेलने के लिए वक्त नहीं है। मुझे अपने परिवार के साथ काम करना पड़ता है। हमें एक घर की जरूरत है। क्या तुम मेरी मदद कर सकते होघ्ष् पेड़ ने जवाब दिया कि उसके पास घर तो नहीं हैए पर वह उसकी शाखाएं काटकर घर बना सकता है। वह लड़का उस पेड़ से शाखाएं काटकर खुशीपूर्वक घर बनाने ले गया। पेड़ उसे देख कर खुश हो गया लेकिन वह लड़का वापस नहीं लौटा।   पेड़ फिर अकेला पड़ गया और उदास रहने लगा। गर्मी के समय एक दिन उस लड़के को वहां आया देख पेड़ प्रसन्नता से झूम उठा और उसे खेलने के लिए कहा। लड़के ने कहाए ष्मैं अब बड़ा हो चुका हूं और फिलहाल उदास हूं। मुझे शांति चाहिएए मैं नदी में भ्रमण करना चाहता हूं। मुझे एक नाव की जरूरत है।ष् पेड़ बोलाए ष्मेरा तना काटकर तुम नाव बना सकते हो और काफी दूर तक भ्रमण कर सकते हो।ष्   लड़के ने तना काटा और नाव बनाकर चल दिया नदी में घूमने। काफी दिनों तक वह लौटकर वापस नहीं आया। संभवतरू वह कई सालों बाद वापस आया। उसे देखकर पेड़ बोलाए ष्माफ करना मुझेए मैं अब तुम्हें कुछ देने के लायक नहीं बचा। तुम्हारे लिए अब मेरे पास सेब भी नहीं हैंण्ण्ष् इस पर लड़के ने जवाब दिया कि ष्मेरे भी दांत नहीं रहे।ष्   पेड़ ने उदासी से कहाए ष्तुम्हारे चढ़ने के लिए अब मेरी डालियां भी न रहीं।ष् लड़का बोलाए ष्अब मैं ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हूं। मैं अब तुम्हारी जड़ों में बैठकर आराम करना चाहता हूं।ष् पेड़ बोलाए ष्पुराने पेड़ों की शाखाएं आराम करने की सबसे अच्छी जगह होती हैं। आओए यहां बैठो और आराम करो।ष् लड़का वहां बैठ गया और पेड़ खुश हो गया। खुशी में उसके आंसू टपक पड़े।   मैं इस बात पर जोर देता रहा हूं कि किसी को उसके लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता करने पर वह किसी न किसी रूप में आपके लक्ष्य की प्राप्ति में आपका भी सहायक हो सकता है। यह तय मान कर चलिए कि अगर आपकी मदद से किसी ने कुछ हासिल किया है तो समझिए कि उसमें से कुछ हिस्सा निश्चित रूप से आपको भी हासिल हुआ है।   ;डायमंड पॉकेट बुक्स प्रा लिए नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक श्खुद बदलें अपनी किस्मतश् से साभारद्ध

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अशोक इंदु समय के साथ सफलता के मायने बदलते रहते हैं। एक ही व्यक्ति के लिए विभिन्न समय पर सफलता के अर्थ अलग-अलग होते हैं। बेहतर तरीके से जानने के लिए इसे तीन विभिन्न श्रेणियों में बांटा जा सकता है। पहली श्रेणी वह है जिसमें लोग अपने अनुसार लक्ष्य को हासिल करते हैं।   मान लें कि आपने आईआईटी में सफलता का लक्ष्य बनाया और उसे हासिल कर लिया। दूसरी श्रेणी है कि आपने एक अच्छे मकान, प्लॉट या विला का मन बनाया और उसे हासिल किया। इसमें कार वगैरह भी हो सकती है। तीसरी श्रेणी में उपरोक्त दोनों चीजें हैं, जहां आपने ये सभी चीजें हासिल कर लीं तो दूसरे भी प्रेरणा लेकर यह लक्ष्य रख सकते हैं।   ज्यादातर, सफलता की यात्रा अंतहीन होती है। आप जब अधिकतम सफलता का आनंद लेना चाहते हैं तब एक बार लक्ष्य को शीघ्रता से हासिल कर लेने पर आप फिर से दूसरा लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं। एक बार आईअाईटी में सफल होने पर छात्र आगे की परीक्षाओं में अच्छा ग्रेड लाना चाहता है। आईआईएम से डिग्री हासिल करने के बाद छात्र जिंदगी का लुत्फ लेना चाहता है, लेकिन यह 'बाद' कभी नहीं आता और सफलता की यात्रा जारी रहती है।   सफलता एक यात्रा है, तो हम में से कितने हैं जो इस यात्रा का आनंद उठा पाते हैं? बहुत कम। ऐसा इसलिए कि हम खुद से ज्यादा दूसरों के लिए हैं। जब तक हमें उत्साह मिलता है, हम अपनी यात्रा जारी रखते हैं। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं। तो इस घुड़सवार की कहानी से आपको बहुत कुछ समझने को मिलेगा।   काफी समय पहले एक जमींदार ने एक घुड़सवार से कहा कि अगर वह उसके घोड़े पर सवार होने में कामयाब हो जाएगा तो उसे बतौर इनाम इतनी जमीन दी जाएगी, जिसे वह दिनभर में उस घोड़े पर बैठकर नाप सकेगा।   घुड़सवार ने कहा, "बस इतना ही।" और तेजी से घोड़े पर चढ़ गया और जितना तेज वह घोड़े को दौड़ा सकता था दौड़ाने लगा ताकि ज्यादा से ज्यादा जमीन नाप सके। यहां तक कि घोड़ा और वह दौड़ते-दौड़ते भूख-प्यास और थकान से निढाल हो गए लेकिन तब भी वह रुका नहीं क्योंकि उसे ज्यादा से ज्यादा जमीन चाहिए थी।   वह जिस बिंदु से चला था वहां पहुंचने से पहले ही वह थककर गिर गया और मरणासन्न हो गया। तब उसने स्वयं से कहा, "क्यों मैंने ज्यादा जमीन पाने के लालच में स्वयं पर इतना जुल्म किया? अब मैं मर रहा हूं और अब मेरी कब्र बनाने के लिए सिर्फ जमीन के छोटे से टुकड़े की जरूरत होगी।"   हमारी जीवन यात्रा की भी यही कहानी है। ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के लिए लोग हर रोज कठिन मेहनत करते हैं और स्वयं को दूसरों से ज्यादा कामयाब साबित करने के लिए अधिक से अधिक पैसा और पावर चाहते हैं। हम अपने परिवार और स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं और आस-पास की सुंदरता से और अपने शौक से प्रेम करना भूल जाते हैं। कुछ समय बाद हमें इन चीजों का एहसास होता है।   जीवन में कामयाबी के लिए पैसा और अधिकार हासिल करना ही सबकुछ नहीं है। जिंदगी केवल कामयाबी हासिल करने का नाम नहीं है, कामयाबी के नाम पर हम आनंद को पीछे छोड़ रहे हैं। वह आनंद जो हमें नई स्फूर्ति प्रदान कर हमें बेहतर जिंदगी का मजा देता है।   जिंदगी एक संतुलित कार्यकलाप है, जिसमें स्वयं व परिवार के लिए भी वक्त होना चाहिए। यह आपको तय करना है कि आप कैसे इन कार्यकलापों को संतुलित करें। प्राथमिकताओं को तय कीजिए और उसके मुताबिक फैसला लीजिए।   खुशी और प्रेम ही जिंदगी का मतलब व उद्देश्य होना चाहिए, जोकि मानव का प्रमुख लक्ष्य है। हर कामयाब कहानी का यही अंत है, इसे आपको याद रखना चाहिए। खुदगर्जी से जीवन में अंधेरा फैलता है। प्रकृति और अपनी उपलब्धियों का लुत्फ उठाइए। अपनी छोटी से छोटी सफलता का जश्न मनाइए।   जिंदगी छोटी और श्रण-भंगुर है। संतुलित जीवन जीना ही बेहतर जिंदगी के मायने हैं। आप केवल तब ही जीवन का आनंद उठा सकते हैं जब आप आनंदित महसूस करेंगे। लेकिन अधिकांशत: हम तब ही आनंद मनाते हैं जब हमें कोई अपनी उपलब्धियों के बारे में बताता है।   अपने विचारों को देखिए, वे शब्द बनते हैं। अपने शब्दों को देखिए, वे क्रियाएं बनते हैं। अपने द्वारा की जाने वाली क्रियाओं को देखिए, वे आदतें बन जाती हैं। अपनी आदतों को देखिए, वे आपकी विशेषता बन जाती हैं। अपनी विशेषता को देखिए, यही आपकी नियति बनती है।   (डायमंड बुक्स प्रालि, नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'खुद बदले अपनी किस्मत' से साभार)

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नई दिल्ली : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्लेषण प्रकोष्ठ द्वारा संकलित प्रकाशित सूचना के अनुसार कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 2 मई को मामूली रूप से बढ़कर 106.02 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह पिछले कारोबारी दिवस 30 अप्रैल को 105.84 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल थी।   रुपये के संदर्भ में 30 अप्रैल के 6386.39 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल की तुलना में 2 मई को यह कीमत मामूली रूप से घटकर 6385.58 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। ऐसा डॉलर के संदर्भ में कीमत में कमी तथा रुपये के अधिमूल्‍यन के कारण हुआ। 2 मई को रुपये 60.23 प्रति अमरीकी डॉलर मूल्‍य पर मजबूती के साथ पर बंद हुआ। 30 अप्रैल को इसका मूल्‍य 60.34 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर रहा था।  

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गोवर्धन। गिरिराज धाम गोवर्धन में रविवार को दसविसा स्थित सुप्रसिद्ध मुकुट मुखारविंद मदिंर से श्री गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना कर बैंड बाजो कक साथ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। श्रीमद् भागवत के शुभारंभ के मौके पर दसविसा स्थित मुकुट मुखारविंद मंदिर पर भागवत किंकर हरिदास सोंमदत्त दीक्षित ठाकुर जी के सानिध्य मेें मंत्रोच्चारणों के बीच पूजा अर्चना की गई। इसके बाद आयोजकों द्वारा दूध,घी शहद, गंगा जल इत्यादी से बने पंचामृत से गिर्राज गिर्राज महाराज की क अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया गया। शोभायात्रा दसविसा के मुकुट मुखारविंद मंदिर से प्रारम्भ होकर, दसविसा, सौंख अड्डा, दानघाटी मंदिर, आन्यौर परिक्रमा होती हई तीर्थ विकास ट्रस्ट पहुंची, शोभायात्रा में श्रीमद् भागवत जी को धारण कर चल रहे थे। वहीं महिला पीत वस्त्र पहने हुये सिर पर 108 मंगल कलश धारण कर चले रहे थे। सैकडों भक्त बैंड बाजों की सुर मधुर धुन के बीच हरी नाम संर्कीतन के बीच झूमते हुये चल रहे थे। शोभायात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। शोभायात्रा हजारों की संख्या में भक्त शामिल हुए। कथा के प्रथम दिन भागवत भास्कर हरि सोमदत्त दीक्षित ठाकुर जी समस्त भक्तों को श्री मद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए श्रीमद् भागवत कथा का महात्म समझाया। उन्होने ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा एक कल्प वृक्ष के समान है श्रीमद् भागवत के श्रवण से मनुष्य को सभी पापों  से मुक्ति मिल जाती है। उन्होने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया है। श्रीमद् भागवत कथा के दशम स्कन्ध के पांच अध्याओं में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया है। अगर मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण की इन लीलाओं का श्रवण कर ले तो निश्चित ही मनुष्य को उसके द्वारा किये सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और इस भव सागर से सहज ही पार हो सकता। अंत में आयोजकों द्वारा श्रीमद्भागवत जी की आरती उतारकार श्रीमद् भागवत जी को विश्राम दिया गया। इस मौके पर आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि गृहस्थ संत रमाकांत गोस्वामी का फूल माला व दुपटृटा पहनाकर जोर दार स्वागत किया गया। रात्रि में परम पूज्य विभूषित परम पूज्य स्वामी हरगोविन्द स्वामी के निर्देन में रासलीला लीला का आयोजन किया गया। रासलीला के आयोजन पर रात्रि में सैकडों की संख्या में श्री कृष्ण की लीलाओं के सागर में भाव विभोर नजर आये। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में राधाकृष्ण सेवा समिति का विशेष योगदान रहा। आयोजक परिवार कृष्ण चरण अनुरागी, सत्य प्रकाश गुप्ता, देश बन्धु गुप्ता, विपिन गुप्ता, एवं सस्त गुप्ता परिवार व राधाकृष्ण सेवा समिति के सचिव पूरन चन्द कौशिक, सियाराम शर्मा, गणेश पहलवान, गिरधारी सेठी, प्रेम कौशिक, कृष्ण मुरारी शर्मा प्रबंधक तीर्थ विकास ट्रस्ट, राजू फौजी आदि थे।

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मथुरा। नेता काॅग्रेस विधान मण्डल दल एवं विधायक मथुरा वृन्दावन प्रदीप माथुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर उन्हें सौ शैया अस्पताल वृन्दावन से यमुना पुल तक मार्ग की मरम्मत तथा यमुना किनारे गाइड बांध बनाये जाने के लिये पत्र दिया। उनके द्वारा बताया गया कि सिचाई विभाग मथुरा द्वारा इस कार्य की डीपीआर लखनऊ भेजी जा चुकी है तथा अनुमानित व्यय 8 करोड़ है। यह धनराशि पिछले वर्ष की सिचाई विभाग के आपदा प्रबंधन से स्वीकृत किये जाने का आश्वासन  दिया गया था, परन्तु सिचाई विभाग द्वारा स्वीकृति नही दी गई और मरम्मत का कार्य नही हो पाया। मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह भी लाया गया कि यह मार्ग कई जनपदों का सम्पर्क मार्ग है तथा बंद पड़ा है। श्री माथुर ने मुख्यमंत्री से सिचाई विभाग के आपदा प्रबंधन से 8 करोड़ की यह राशि स्वीकृत किये जाने के लिये अनुरोध किया ताकि इस जर्जर मार्ग की मरम्मत एवं गाइड बांध का निर्माण किया जा सके। श्री माथुर ने मथुरा अलीगढ़ मार्ग पर यमुना नदी के जर्जर पुल की मरम्मत कराये जाने के लिये भी मुख्यमंत्री को पत्र दिया। उन्होंने बताया कि यह पुल तमाम शहरों को मथुरा से जोड़ता है तथा बियरिंग खराब हो जाने के कारण थरथराता है। श्री माथुर ने यह भी बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व इस पुल की मरम्मत हेतु 3.55 करोड़ का आगणन लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाकर  शासन को भेजा गया था परन्तु धनराशि स्वीकृत नही किये जाने के कारण मरम्मत का कार्य नही हो सका। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 2 वर्षाें में कीमत बढ़ जाने के कारण प्राथमिकता के आधार पर संशोधित आगणन बनाये जाने तथा तद्नुसार वर्ष 2014-15 के बजट में धनराशि का प्रावधान किये जाने हेेतु आदेश दिये जाये ताकि इस महत्वपूर्ण परन्तु जर्जर यमुना पुल की मरम्मत हो सके।

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