कृषि / व्यापार / बचत

वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया जाना भारत में अप्रत्यक्ष कर सुधारों के क्षेत्र में एक अत्‍यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़ी संख्‍या में केन्‍द्रीय एवं राज्‍य करों को मिलाकर उन्‍हें एकल कर यानी जीएसटी का रूप देने से करों की बहुतायत अथवा दोहरे कराधान की समस्‍या का समाधान बड़े पैमाने पर हो जाएगा और इसके साथ ही ‘एक समान राष्‍ट्रीय बाजार’ का मार्ग प्रशस्‍त होने की संभावना है। 

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बेंगलुरू : एयरो इंडिया 2017 के सफल समापन को चिह्नित करने तथा एयर शो के दौरान पिछले कुछ दिनों के सा‍र्थक संबंधों की यादगारी के एक प्रतीक के रूप में एयरोबैटिक डिस्‍प्ले टीमें एकजुट हुईं। स्‍कैन्डिनेविया टीम के ग्रुममैन जी-164 एवं याकोवलेव टीम के याक-50 के सामने पोज करते हुए सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम (एसकेएटी), याकोवलेव एवं स्‍कैन्डिनेविया की टीमों के स्‍टंट पायलटों ने अपने तीन ‘स्‍काईकैट्स’ के साथ मनोहारी दृश्‍य प्रस्‍तुत किया। (Read in English)

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नई दिल्ली : केन्द्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट 2017-18 पेश किया। बजट की मुख्य बातें इस तरह हैं... (Read in English)

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नई दिल्ली : केन्द्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट 2017-18 पेश किया। यह पहला मौका है जब आम बजट में ही रेल बजट भी शामिल है। इस बार बजट को योजनागत एवं गैर-योजनागत श्रेणियां में वर्गीकृत भी नहीं किया गया है। ख़ास बात यह भी है कि इस बार बजट को अपने निर्धारित समय से करीब एक माह पूर्व फरवरी माह की शुरुआत में ही पेश किया गया है। बजट 2017-18 के लिए कुल व्यय 21.47 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इस व्यय से कई गुना सकारात्मक प्रभाव और उच्च वृद्धि की उम्मीद है। (Read in English)

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नई दिल्ली : संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 में कहा गया है कि सुदृढ़ वृहत आर्थिक स्थिरता की पृष्‍ठभूमि में वर्ष के दौरान दो प्रमुख घरेलू नीतिगत घटनाएं हुई हैं। इनमें से एक है... संविधान संशोधन पारित होने से ऐतिहासिक वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने का मार्ग प्रशस्‍त होना और दूसरी है दो बड़े नोटों का विमुद्रीकरण। समीक्षा में उम्मीद जताई गई है कि जीएसटी से एक साझा भारतीय बाज़ार का निर्माण होगा और कर अनुपालन एवं प्रशासन तथा निवेश और आर्थिक वृद्धि में सुधार होगा तथा यह भारत के सहकारी संघवाद के प्रबंधन में एक नया ठोस प्रयोग है।

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केन्द्र सरकार ने वर्ष 2016-17 के बजट में व्यय के मद में 20 लाख करोड़ रुपये के करीब खर्च करने का प्रावधान किया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कुल व्यय 22 लाख करोड़ रुपये और 23 लाख करोड़ रुपये के बीच रखा है। यह मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 14 प्रतिशत है। (Read in English)

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