कृषि / व्यापार / बचत

भारत अगले दो वित्तीय वर्षों तक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा और इसके साथ ही वह वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर हावी होने के लिए तैयार है...

Read More

भारत में कॉफी पेय की यात्रा सदियों पहले शुरू हुई थी, जब महान संत बाबा बुदन 1600 ई. में कर्नाटक की पहाड़ियों पर सात मोचा बीज लेकर आए थे। बाबा बुदन गिरि के अपने आश्रम परिसर में इन बीजों को लगाने के उनके एक सरल कार्य ने अनजाने में ही भारत को दुनिया के प्रमुख कॉफ़ी उत्पादकों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया है...

Read More

केंद्रीय बजट 2025-26 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, यानी एमएसएमई, सेक्टर को मजबूत करने के उद्देश्य के लिए उपायों की एक पूरी श्रृंखला पेश की है। व्यापार का विस्तार करने और दक्षता में सुधार करने में मदद करने के लिए, एमएसएमई वर्गीकरण के लिए निवेश और टर्नओवर सीमा बढ़ा दी गई है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों, स्टार्टअप और निर्यात-केंद्रित एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी कवर में बढ़ोतरी के साथ क्रेडिट पहुंच बेहतर होना तय है। एक नई योजना वंचित पृष्ठभूमि से पहली बार के उद्यमियों को वित्तीय मदद प्रदान करेगी, जबकि क्षेत्र-विशेष के लिए पहल से जूते, चमड़े और खिलौनों के निर्माण जैसे क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ेगी...

Read More

शहरी विकास की चमक ने कृषि क्षेत्र में निरंतर जारी सुधारों से हमारा ध्यान भटका दिया है। पिछले एक दशक में किसानों के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं और पहलों का असर अब दिखने लगा है। टेक्नोलॉजी, सौर ऊर्जा, मौसमी भविष्यवाणियां, लोन और फसल बीमा योजनाओं का लाभ मिलने लगा है। सबसे ज्यादा फायदा डीबीटी, यानी निजी खातों में सीधा ट्रांसफर, से हो रहा है।

Read More

केंद्रीय बजट 2025-26 के अंतर्गत, भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा परिवर्तन रणनीति के चलते, परमाणु ऊर्जा की दिशा में एक बड़े विकास की रूपरेखा को रेखांकित किया गया है...

Read More

आयकर में 12 लाख रुपये तक की आय पर छूट का ऐसा प्रचार हो रहा है, जैसे समाजवाद का सपना अब बस साकार हो ही गया है। भारत की कुल आबादी में कितने प्रतिशत लोग सालाना 12 लाख रुपये कमाते हैं? बड़े शहरों के बाहर, कितने पत्रकार हैं जो एक लाख रुपये महीने की तनख्वाह उठाते हैं?

Read More



Mediabharti