भारत में प्रौद्योगिकी का भविष्य एक सरल लेकिन प्रभावशाली विचार ‘एआई का लोकतंत्रीकरण’ द्वारा संचालित है। भारत का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कुछ कंपनियों, संस्थानों या देशों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके बजाय, इसे इस तरह विकसित और उपयोग किया जाना चाहिए कि हर नागरिक को लाभ मिले, सार्वजनिक कल्याण और सामूहिक भलाई का समर्थन हो। मानवता के लिए एआई का यह विज़न प्रौद्योगिकीगत प्रगति में लोगों को केंद्र में रखता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि नवाचार समाज की सेवा करे, न कि इसके विपरीत...
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