अंधेरे आसमान में भारत के एक नए योद्धा का आगमन हो गया है। युद्धक विमान की तरह इसकी दहाड़ नहीं है और न ही इसमें मिसाइल की चमक है। यह केवल सुनता है, अपना लक्ष्य मापता है और सटीकता से उसे नष्ट कर देता है। यह अदृश्य अभेद्य कवच, आकाशतीर, केवल रक्षा पत्रिकाओं में सीमित अवधारणा नहीं है। यह अब भारत की वायु रक्षा का बेहद सुदृढ़ आधार है। यह वह अदृश्य दीवार है जिसने 9-10 मई की रात दुश्मन के मिसाइलों और ड्रोन की बौछार को रोक दिया जब पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य और नागरिक क्षेत्रों पर अपना सबसे घातक हमला किया था।
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