इतिहास निर्माण की प्रक्रिया में दोष नीतियों का नहीं होता है, बल्कि नियंताओं का होता है। नियंताओं द्वारा नीतियों के कार्यान्वयन में हुई त्रुटियां सभ्यताओं को बहुत भारी पड़ती है।
इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं मथुरा से समाचारएक्सप्रेस.कॉम के संपादक पवन गौतम और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।






Related Items
हजारों साल पुरानी सभ्यता की धरोहर है भारत की एकता
महज ‘अभिनेता’ नहीं, धर्मेंद्र एक ‘जश्न’ थे...!
पश्चिमी मीडिया की दोहरी नीति से आतंक हो रहा है मजबूत