रोजाना के लाड़-प्यार और दुलार के अलावा समय-समय पर बच्चों से कुछ रुपये-पैसों की कठोर बातें भी करनी चाहिए। अब सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों से इस विषय में बात कैसे शुरू की जाए।
यहां हम आपको बता रहे हैं ऐसे पांच तरीके जिनकी मदद से आप अपना यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
1. जितना जल्दी हो सके बच्चों से धन संबंधी विमर्श प्रारंभ कर दिया जाना चाहिए। वित्तीय मामलों को बेहद सहज बनाकर पेश करने का प्रयास करना चाहिए ताकि यह उन्हें बहुत मजेदार लगे।
2. बच्चों के सभी सवालों का जवाब बहुत ही ईमानदारी के साथ दें। अपनी वित्तीय स्थिति की दशा उनके सामने साफगोई से रखें। अपने कर्ज और निवेश के बारे में बच्चों को खुलकर बताएं।
3. बच्चों की जरूरतों को जानकर उनकी चाहतों और इच्छाओं के बारे में उनसे सवाल करें और इस बहाने उन्हें बचत का महत्व समझाएं।
4. बच्चों को बचत के लिए उत्साहित करें। उन्हें उनकी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए पैसे दें और पैसों का प्रबंधन समझाएं।
5. बच्चे जब धन संबंधी बुनियादी बातें समझने लगें तो उन्हें उनकी निवेश संबंधी योजना बनाने में मदद दें।






Related Items
सामरिक महत्व, सतत विकास का अद्भुत उदाहरण है ग्रेट निकोबार परियोजना
प्यार का परचम या पैकेज की परेड! पहले बस में बारात, अब कारों की कतार…
क्या रही होगी 'किस किसको प्यार करूं2' के पीछे की मजबूरी...!