उत्तर प्रदेश में चाचा भतीजे की लडाई में फायदा BJP का- सर्वे

उत्तर प्रदेश में चाचा भतीजे की लडाई में फायदा BJP का- सर्वेनई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में पिछले महीने से जारी समाजवादी पार्टी के अंदरूनी झगडे थमने का नाम नहीं ले रहे है। एबीपी न्यूज-सिसरो के सर्वे में एसपी के झगडे का सीधा फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। एबीपी न्यूज और सिसरो के त्वरित सर्वे में सीएम के पद के लिए अखिलेश यादव सबसे ज्यादा 31 फीसदी लोगों की पसंद बने वहीं मायावती 27 फीयदी लोगों की पसंद बनी तो बीजेपी के योगी आदित्यनाथ को 24 फीसदी लोगों ने अपना वोट दिया। सर्वे के अनुसार पारिवारिक विवाद के बावजूद अखिलेश का सितारा बुलंदियों पर है। 

26-28 अक्टूबर के बीच कराए गए इस सर्वे में पांच विधानसभा सीटों पर कुल 1500 लोगों से कई सवाल पूछे गए। जब लोगों से पूछा गया कि एसपी के अंदरूनी झगड़े का फायदा किसे होगा? तब 39 फीसदी लोगों ने कहा कि इससे बीजेपी को फायदा होगा। वहीं 29 फीसदी लोगों ने इसका फायदा बीएसपी को मिलने की बात कही। कांग्रेस के लिए यूपी में हालात खराब दिख रहे हैं और इस सवाल के जवाब में केवल 6 फीसदी लोगों ने कहा कि इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। इस सर्वे के बाद बीजेपी और बीएसपी को यूपी में संजीवनी मिलती दिख रही है।

गौरतलब है कि पिछले महीने सीएम अखिलेश और शिवपाल के बीच हुए झगड़े में पार्टी की काफी किरकिरी हुई थी। झगड़े के कारण पूर्व महासचिव रामगोपाल यादव को एसपी से निकाल दिया गया वहीं अखिलेश के करीबी माने जाने वाले मंत्री पवन पांडेय को भी पार्टी से निकाल दिया गया। अखिलेश और शिवपाल के झगड़े के कारण एसपी दो धड़ों में विभाजित हो गई थी। 

झगड़े से किसे किसे मिलेगा!

चाचा भतीजे की लड़ाई ने समाजवादी पार्टी और मुलायम के परिवार को ऐसे मुकाम तक पहुंचा दिया था जहां से टूट साफ साफ दिख रही थी लेकिन किस्मत अच्छी थी कि 25वां स्थापना मनाने जा रही समाजवादी पार्टी टूटने से बच गई। जून से चल रहे समाजवादी घमासान में बीजेपी औऱ बीएसपी को संजीवनी दिखने लगी। अखिलेश यादव के काम बोलता है नारे की तोड़ बीजेपी-बीएसपी को समाजवादी पार्टी के झगड़े से मिल गई। समाजवादी पार्टी के झगड़े का फायदा लेने की रेस बीजेपी औऱ बीएसपी के बीच चल रही है।

एबीपी न्यूज और सिसरो ने यूपी के मतदाताओं से पूछा कि झगड़े का फायदा किसे मिलेगा? सर्वे के नतीजे फिलहाल बीजेपी के पक्ष में दिख रहे हैं। बीएसपी पिछड़ती दिख रही है। बीजेपी को 39 औऱ बीएसपी को 29 फीसदी फायदा मिल सकता है। सबके झगड़े में कांग्रेस को भी फायदा मिलेगा लेकिन सिर्फ 6 फीसदी।

अगला सीएम किसे होना चाहिए-

इस रेस में बीजेपी बीएसपी से आगे है लेकिन बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है सीएम की पसंद का आंकड़ा जिसमें मायावती बीजेपी के आदित्यनाथ से आगे हैं। चुनाव में समाजवादी पार्टी एकजुट होकर लड़ी तो बीजेपी और बीएसपी का खेल बिगड़ भी सकता है क्योंकि चुनाव अभी भी तीन-चार महीने दूर है। एबीपी न्यूज-सिसरो के सर्वे में यूपी के वोटर अखिलेश यादव के साथ खड़े दिखते हैं। उनका सितारा बुलंद दिखता है।

अखिलेश यादव 31 फीसदी लोगों की पसंद हैं। मायावती 27 फीसदी लोगों की पसंद बनी तो बीजेपी के आदित्यनाथ 24 फीसदी लोगों की पसंद बने। यूपी में अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के सीएम उम्मीदवार होने हैं। बीएसपी से मायावती को सीएम उम्मीदवार होना ही है। बीजेपी में किसी सीएम उम्मीदवार का नाम तय नहीं है लेकिन आदित्यनाथ 24 फीसदी लोगों की पसंद बने। 

झगड़े से किसकी छवि खराब हुई-

समाजवादी परिवार के घमासान से छवि किसकी खराब हुई? अखिलेश यादव की या मुलायम सिंह यादव की। यूपी के 43 फीसदी वोटरों का मानना है कि दोनों का नुकसान हआ। हालांकि अलग अलग आंकड़ों में 30 फीसदी वोटर मानते हैं कि मुलायम की छवि खराब हुई जबकि सिर्फ 16 फीसदी मानते हैं कि अखिलेश यादव की छवि को धक्का लगा।

अखिलेश को अलग पार्टी बनानी चाहिए-

यूपी के वोटर जब अखिलेश को सीएम देखना चाहते हैं तो वो ये भी चाहते हैं कि अखिलेश को अलग पार्टी नहीं बनानी चाहिए। 55 फीसदी वोटर यही राय रखते हैं। सिर्फ 19 फीसदी लोगों की राय है कि अखिलेश को अलग पार्टी बना लेनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी में झगड़े की जड़ में कौन-

चाचा भतीजे की लड़ाई से समाजवादी पार्टी का झगड़ा शुरू हुआ था। चाचा भतीजे के बीच में नेताजी मुलायम सिंह यादव थे। दोनों के बीच यूपी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बनने को लेकर झगड़ा था। अखिलेश की दलील थी कि जब काम उन्होंने किये तो उम्मीदवार चुनने का अधिकार भी उन्हें ही मिले लेकिन मुलायम ने शिवपाल को ये अधिकार दिया। अखिलेश ने बदला लेने के लिए शिवपाल से अहम विभाग लेकर पर कतरे तो मुलायम ने पर जोड़ दिए लेकिन अखिलेश ने हार नहीं मानी। शिवपाल को सरकार से ही बर्खास्त कर दिया। मुलायम अब तक शिवपाल को सम्मान लौटा नहीं पाए हैं। यूपी के वोटर भी मानते हैं कि गलती शिवपाल ने की। झगड़े की जड़ भी वही हैं। 43 फीसदी लोगों की ऐसी राय है।

इस सर्वे के बाद जहां बीजेपी और बीएसपी को संजीवनी मिलती दिख रही है वहीं अखिलेश एसपी में विजेता के तौर पर उभरते दिखाई दे रहे हैं।  

   

साभार-khaskhabar.com

 


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