प्राकृतिक चमक और खुरदरी बनावट के लिए जानी जाने वाली खादी की किस्में कई तरीकों से इन दिनों ज्यादा जीवंत हो उठी हैं और यह सब हुआ है खादी के ग्राहकों की संख्या में बढ़ोत्तरी, बढ़ती बिक्री और बेहतर तकनीक की मांग, बुनकरों को उचित भुगतान और काम का परिवेश और धागों की वाजिब कीमत के कारण। (Read in English: Khadi Sales Spike, Fiber Not Cheap Anymore…)






Related Items
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर खादी परिधानों की हुई बंपर बिक्री
अंडों की बिक्री बढ़ने का मतलब है मनोरंजन की पूरी गारंटी...!
भारत में सशक्त हो रहे हैं खादी के पारम्परिक उद्योग