मथुरा। मथुरा में गुरूवार को एक इंजीनियरिंग काॅलेज के छात्र द्वारा खुदकुशी कर लेने के मामले में बीते दिन चेयरमैन, विभागाध्यक्ष व दो प्रवक्ताओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज होने के बाद काॅलेज के लगभग एक हजार छात्रों ने कैण्डेल मार्च निकालकर काॅलेज प्रबंधन के विरुद्ध गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
गौरतलब है कि गुरुवार को थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बीएसए इंजीनियरिंग काॅलेज के बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र उत्पल यादव (20) ने टेªन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। काॅलेज के छात्र इस घटना से उबर भी न पाए थे कि उसी रात हाॅस्टल में रह रहे महाराज गंज के एक अन्य छात्र धीरज कुमार ने भी चैथी मंजिल से कूदकर जान देने का प्रयास किया। इन दोनों घटनाओं ने काॅलेज के छात्रों पर गहरा प्रभाव डाला है। वे स्वयं भी इस मामले में नामजद किए गए चेयरमैन व अध्यापकों से काफी खफा नजर आ रहे थे। काॅलेज के निकट से शहर के प्रमुख बाजारों से होकर विकास बाजार स्थित गांधी प्रतिमा तक निकाले गए पांच किमी लंबे मौन जुलूस में छात्र हाथों में ‘हमें न्याय चाहिए’, ‘छात्रों का उत्पीड़न बंद करो’, ‘वी वाॅन्ट जस्टिस’, ‘यू कैन किल माई बाॅडी, नाॅट माई वाॅयस’, ‘सेव आॅवर फ्यूचर’ जैसे नारे लिखे बैनर तथा तख्तियां लिए हुए थे। जुलूस की समाप्ति पर सभी छात्र छात्राओं ने मृत छात्र उत्पल यादव के चित्र के समक्ष एकत्र होकर दो मिनट का मौन रखकर उसे श्रद्धांजलि की तथा ईश्वर से कामना की कि वह उत्पल के परिजनों को न्याय दिलाएं। इस अवसर पर उत्पल के दुखी पिता सुरेश यादव उर्फ धीरेंद्र सिंह यादव ने पत्रकारों से कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर अपने एक मात्र बच्चे को खोकर आज जिस स्थिति में वह हैं इस स्थिति में किसी और अभिभावक को न आना पडे़, वे इसीलिए इन छात्रों के साथ न्याय की मांग बुलंद करने के लिए खडे़ हुए हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से शासन एवं प्रशासन से ऐसे काॅलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है।






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