जनता परिवार का बिखरा हुआ कुनबा फिर से एक बार ‘एकसाथ’ हो गया है। जनता परिवार के छह दल देश में ‘सांप्रदायिक’ ताकतों को रोकने के लिए एकसाथ आने का दावा किया है। यह बिखरा हुआ कुनबा किसी दल के लिए ‘मुसीबत’ बनता है या फिर दलों को यह मिलन खुद ‘दलदल’ बन जाता है यह बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों में साफ होगा।






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