पूरे शरीर तक ताज़ी हवा पहुंचाने वाली पीपीई किट का हुआ निर्माण


कोविड-19 से जारी जंग को लेकर मैसूर की एक विनिर्माण इकाई ने सकारात्मक पहल की है। इस कंपनी ने एक ऐसे पीपीई किट का निर्माण करने में सफलता हासिल की है जो साफ़ हवा को पूरे शरीर तक पहुंचाने में सक्षम है। इसकी वजह से अब किट पहनने वाले लोगों को पसीने की समस्या नहीं आएगी और वे अपने शरीर को ताजा रख सकेंगे।

कंपनी के निदेशक जगन गुप्ता ने दावा किया है कि इस खोज की वजह से अब डॉक्टर्स और कोविड वारियर्स पहले के मुकाबले साधारण पीपीई किट की वजह से आने वाली किसी भी समस्या के बिना ज्यादा समय तक काम करने में सक्षम हो सकेंगे।

“ग्लोएयर” नामक इस पीपीई किट की वजह से अब डॉक्टर्स के द्वारा कोरोना के प्रसार को रोकने की क्षमता में अभूतपूर्व विकास होगा। गुप्ता बताते हैं, “हम लगातार उन डॉक्टर्स के संपर्क में थे जो कोविड के मरीजों का इलाज कर रहे थे। सभी ने हमें पीपीई किट संबंधी उन समस्याओं के बारे में बताया जिसके अनुसार लम्बे समय तक ताज़ी हवा की कमी के वजह से उन्हें थकान और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। जिसको समझते हुए हमने ऐसे पीपीई किट के निर्माण का काम जारी रखा जिसमें ताज़ी और स्वच्छ हवा का पूरे शरीर में आसानी से प्रसारण हो सके।”

कंपनी के प्रवक्ता बताते हैं, “चूँकि हमारे इस किट में 99.99 प्रतिशत तक वायरस के संक्रमण को रोकने की क्षमता है इस वजह से यह किट ज्यादातर हवा से पैदा होने वाले संक्रमण को ख़त्म करता है, नतीजन इसका इस्तेमाल 100 घंटों तक किया जा सकता है। “ग्लोएयर” किट एयर ब्लोअर, एयर फ़िल्टर, मोटर, पावर बैंक, चार्जर, कमर का बेल्ट और उपयोगकर्ता पुस्तिका से लैस है। इसके आरामदायक और कम वजन की खूबी की वजह से इसे पहनने या उतारने में किसी भी बाहरी मदद की जरुरत नहीं पड़ती है। हमने जानबूझकर ग्लोएयर का दाम कम रखा है ताकि इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा सके।”

इस किट के कार्यप्रणाली के बारे में पूछने पर गुप्ता बताते हैं, “ ग्लोएयर पीपीई किट में एक नली है जो कि किट के एयर सप्लाई मॉडल के एयर आउटलेट से जुड़ा है। किट में हवा के प्रवाह को शुरू करने के लिए एयर सप्लाय मॉडल से जुड़ी यूएसबी को पावर बैंक से जोड़ना होता है जो किट में मौजूद ब्लोअर पम्प के मोटर को चालु कर देगा जिसकी वजह से पीपीई किट में नली के जरिये पूरे शरीर को हवा मिलने लगेगी। हवा के प्रवाह को ‘फ्लो कण्ट्रोल नॉब’ से घटाया और बढ़ाया भी जा सकते है। साधारण परिस्थितियों में किट में मौजूद पावर बैंक आठ घंटे तक किट में हवा का प्रवाह बनाये रखने में सक्षम है।

एक और समस्या जिससे उपयोगकर्ताओं को रूबरू होना पड़ रहा था, वह यह कि सांस लेने की वजह से आँखों के चश्मे पर भाप बन जाती थी जिससे उन्हें देखने में समस्या आती थी। ‘ग्लोएयर’ किट में यह हिस्सा अन्य के मुकाबले ज्यादा बड़े रूप में बनाया गया है जिसमें लगातार हवा के प्रसारण की वजह से किसी भी तरह के भाप की समस्या नहीं होती।

गुप्ता बताते हैं कि उनकी कंपनी ‘ग्लोएयर’ को बाजार में बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराने की योजना बना रही है ताकि सरकार के द्वारा कोरोना को रोकने की कोशिशों को बल मिल सके और साथ ही उन कोरोना वारियर्स को एक काफी ही आरामदायक पीपीई की मिल सके जो बिना आराम किए पिछले एक साल से इस जंग को जीतने में लगे हुए हैं।



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