सफारी सवार यात्रियों से बदमाश समझ की फायरिंग,
सफारी सवारों ने भी की लाइसेन्स असलाह से की जवावी कार्यवाही,
पुलिस मामलें को सुलझाने में जुटी
मथुरा,। थाना बलदेव पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यमुना एक्सप्रेंस पर बदमाश होने की आशंका के चलते सादाबर्दी मे होते हुए भीं टाटा सफारी सवार युवकों पर फायरिंग शुरू कर दी। सफारी सवार युवकों ने भी पुलिस पार्टी को बदमाश समझा कर जवावी फायरिंग की। जिससें हाईवें पर दिनदहाड़ें गैंगवार जैसा माहौल पैदा हो गया। यमुना एक्सप्रेंस-वे पर दिनदहाड़े फायरिंग होते देख आने जाने वाहन चालक अपनी गाडि़यों को वापस लौटा कर जान बचाकर भागने लगें। इसी बीच थाना बलदेव पुलिस ने घेराबंदी कर सफारी गाड़ी को रोक लिया और पकडे गये युवकों को थाने ले आई लेकिन जब पुलिस की असलियत सामने आई तो वह सफारी सवार लोगों से मिन्नत करने में जुट गई और आगे किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करने के लिए दवाव डालनें में जुट गई। लेकिन सफारी सवार युवकों का कहना था कि पुलिस कर्मी प्राइवेट वाहन में सादावर्दी में थे और उन्होंने बिना सोचे समझें उनपर फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने पुलिस को बदमाश समझ कर उन्होंने भी अपनी लाइसेंसी असलाह से फायरिंग करना शुरू कर दिया। लेकिन जब उन्होंने गाडी को नजदीक आने पर देखा तो उन्होंने कुछ पुलिस वालों को पहचान लिया तो उन्होंने गाड़ी रोक ली और उनके ऊपर फायरिंग का कारण पूछा तो पुलिस ने उन्हें बताया कि उन्हें मुखविर से सूचना मिली थी कि यमुना एक्सप्रेंस-वे से कुछ बदमाश सफारी में सवार होकर निकलनें वाले ही और इसी गलत फहमी के चलते उन्होंने उनकें ऊपर फायरिंग कर दी। पुलिसकर्मी सफारी सवारों के साथ थाने आ गये। उन्होंने अपने साथ घटित घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। तो पुलिस कर्मियों के हाथपैर फूल गये। सफारी सवारों का कहना था कि पुलिस की गलत फहमी की वजह से उनकी जान भी जा सकती थी और पुलिस उन्हें मुठभेड़ दिखाकर उनकी हत्या भी कर सकती थी। पुलिस कर्मियों को मानवलों का दौर शुरू होने लगा। लेकिन समाचार लिखें जाने तक सपफारी सवार रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ें हुए थे। अब देखना यह है कि पुलिस सफारी सवारों को मनाने में सफल हो पाती है या पिफर अपने विरूद्ध लिखने के लिए मजबूर होगी।






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