विलय नीति के विरोध में बैंक कर्मी सड़कों पर

मथुरा। केंद्र सरकार द्वारा बैंकों के किए जा रहे विलय के विरोध में शुक्रवार को देशभर के लगभग 10 लाख बैंककर्मी हडताल पर रहे। इस हडताल का मथुरा में भी व्यापक असर देखने को मिला, हडताली बैंक कर्मियों ने आज बैंकों के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और कार्य से विरत रहे। इस हडताल से करोडों रूपए का लेन-देन अटक गया, चेक क्लीयरेंस के लिए लटक गए। 

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा बैंकों के विलय के लिए दिए गए प्रस्ताव को लेकर बैंक कर्मियों में खासा आक्रोश है। आज इसके खिलाफ देशभर में हडताल प्रस्तावित थी। आगरा-मथुरा रोड स्थित सिंडीकेट बैंक के बाहर प्रदर्शन करते हुए बैंक कर्मियोें ने कहा कि सरकार की मौजूदा नीतियों से जनता की गाढी कमाई डूब जाएगी। बैंक कर्मी विलय नीति का विरोध करते हैं। बैंकों में एनपीए दिन व दिन बढते जा रहे हैं। इसकी वसूली के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। इसका ताजा उदाहरण विजय माल्या है। बैंकों को कार्य करने के लिए पूंजी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बैंकों को 1ः45 लाख करोड रूपए की आवश्यकता है। अंत में उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर प्रहार किए। कहा कि पीएम मोदी ने चुनाव के समय बडे-बडे वायदे किए, मगर वह हवा-हवाई साबित हुए हैं। 

बैंक कर्मियों की हडताल से सबसे ज्यादा दिक्कत ग्राहकों को उठानी पडी, ज्यादातर लोगों को हडताल की जानकारी नहीं थी जिस वजह से उन्हें बैंक से बैरंग लौटना पडा। आज की हडताल से करोडों का लेन-देन ठप्प हो गया।


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