समीक्षा भारती न्यूज सर्विस

समीक्षा भारती न्यूज सर्विस, मीडियाभारती वेब सॉल्यूशंस का सिंडिकेशन विभाग है, जो भारत का प्रमुख ऑनलाइन मीडिया हाउस है और साल 2002 से मीडियाभारती.नेट और कई अन्य अग्रणी समाचार पोर्टल प्रकाशित कर रहा है।

भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ के पहले प्रमुख और भारत के मास्टरस्पाई के नाम से मशहूर आरएन काव यानी रामेश्वर नाथ काव के दिमाग और कुशल रणनीति की वजह से ही भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान और कामयाबी मिली। दरअसल, काव ही वह पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने रॉ को एक प्रोफेशनल खुफिया एजेंसी में तब्दील किया। उन्होंने न सिर्फ भारत के राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया, बल्कि भारत की इस एजेंसी को भविष्य के लिए एक सुरक्षित दिशा और दशा भी प्रदान की। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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पद्मभूषण सुंदरलाल बहुगुणा, एक ऐसे प्रकृतिप्रेमी और पर्यावरण संरक्षक, जिन्होंने सिर्फ कहा नहीं बल्कि करके भी दिखाया। सत्तर के दशक में रैणी गांव में ‘चिपको आंदोलन’ के प्रणेता रहे बहुगुणा ने गौरा देवी और अन्य महिलाओं के साथ पेड़-पौधों को बचाने के लिए अनूठा आंदोलन चलाया था। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी सब्सक्राइब करें महज 1 रुपये में अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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कहावत है 'बच्चे मन के सच्चे', यही वजह है कि वे अपनी भावनाओं को बहुत लम्बे समय तक दबाकर नहीं रख पाते हैं। वे जैसा अनुभव करते हैं, वही बोल भी देते हैं। यह भी सत्य है कि बच्चों के मुस्कुराते हुए चेहरे बेहद प्यारे लगते हैं। मगर गंभीर बात यह है कि कोरोना महामारी का सबसे अधिक प्रभाव इन्हीं बच्चों को झेलना पड़ा है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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मानव मन के भावों को, शब्दों में पिरोकर, उसे अभिनय से जीवंत करने वाले रंगकर्मी हबीब तनवीर ने कई नाटकों का लेखन और निर्देशन किया। रंगमंच पर उनके निर्देशित नाटक, न केवल दर्शकों का मनोरंजन करते, बल्कि विशेष सामाजिक संदेश भी देते। उनकी रचनाओं ने मनुष्य जीवन की विभिन्न अनुभूतियों को बड़ी ही सुंदर रीति से दृश्य दिए। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में अगले पूरे 24 घंटों के लिए... 

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असम को प्रौद्योगिकी, शिक्षा और अधोसंरचना की दृष्टि से उन्नत बनाने का श्रेय गोपीनाथ बोरदोलोई को जाता है। उन्हें आधुनिक असम का निर्माता कहते हैं। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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स्वलीनता यानी ऑटिज्म क्या है? इसके लक्षण क्या होते हैं? और, इसकी जल्द पहचान क्यों जरूरी है? यह जानना हमारे लिए बेहद जरूरी है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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