'खंभ फाड़ प्रकटे नरहरि जयजय श्रीनरहरि...'

भारत संस्कृति प्रधान देश है। भारतीय संस्कृति मे व्रत और त्यौहारों का विशेष महत्व है। व्रत और त्यौहार नई प्रेरणा एवं स्फूर्ति का संवहन करते है। इससे मानवीय मूल्यों की गतिशीलता बनी रहती है और साथ ही संस्कृति का पोषण तथा संरक्षण भी होता रहता है।


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