गोवर्धन : चुनावों तक मीठे-मीठे वादे करने वाले जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद ऐसी उठा-पटक में उलझ जाते हैं कि उन्हें जनता के हितों का कोई भी ख्याल नहीं रहता।
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