मकर संक्रान्ति प्रकृति का प्रभातकाल है। सूर्य के मकर राशि मे प्रवेश करने से इस पर्व का प्राकट्य होता है। इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। उत्तरायण की अवधि को प्रकृति का दिन तथा दक्षिणायन को प्रकृति की रात्री कहा जाता है।
मकर संक्रान्ति प्रकृति का प्रभातकाल है। सूर्य के मकर राशि मे प्रवेश करने से इस पर्व का प्राकट्य होता है। इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। उत्तरायण की अवधि को प्रकृति का दिन तथा दक्षिणायन को प्रकृति की रात्री कहा जाता है।
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