मथुरा : आखिर नए और छोटे अखबार खोलने की जरूरत क्यों पड़ रही है। इसका सीधा कारण है कि सारे बड़े अखबारों पर व्यवसायीकरण हावी हो गया है और बड़े-बड़े उद्योग घराने के हाथों में हैं, इतना ही नहीं आज पत्रकार जो समाज में अन्याय हो रहा है उसे भी निर्भीकता से नहीं लिख सकता है।

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