प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्पतालों में सांस और दिल के मरीजों की संख्या लगभग 20 फीसदी का इजाफा हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण की वजह से हर साल 30 हजार लोगों की जान जा रही है। यहां हम बता रहे हैं कि लंबे समय तक प्रदूषित इलाकों में रहने से शरीर के अंगों पर क्या-क्या असर पड़ता है।






Related Items
आगरा, हवा और पानी के प्रदूषण से जूझता एक शहर...
सर्द प्रदूषण के आगोश में आया समूचा उत्तर भारत
आखिर मोदी ने सुनी यमुना की पुकार, प्रदूषण-मुक्ति व पुनरुद्धार की बढ़ी उम्मीद