अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत के प्रति हालिया रवैया, जिसमें टैरिफ बढ़ाने, दबाव बनाने और सौदों की भाषा में रिश्तों को परिभाषित करने की कोशिश शामिल है, एक नए साम्राज्यवादी दौर की आहट है। ट्रंप का विश्व व्यापार संगठन से विमुख होना और वैश्विक व्यापार के नियमों को धता बताते हुए ‘अमेरिका फर्स्ट’ के नाम पर आर्थिक धौंस का प्रयोग, बताता है कि अमेरिका अब मित्र नहीं, मालिक बनना चाहता है।
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