मथुरा

मथुरा। कोसीकलां क्षेत्र के लालाराम मार्ग स्थित मुश्लिम वस्ती में एक भेंस मर जाने को लेकर दो पक्षों में हुए आपसी विवाद को लेकर दोनो पक्षों में लाठी डन्डो के बाद जमकर पथराव हुआ था जिसमें  पुलिस ने घायल एक पक्ष को युवकों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया था और घायल पक्ष की नामजद रिर्पोट पर कार्यवाही करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया पकडे गये लोगों ने अपने नाम असलम, फारूख पुत्रगण सलीम एंव सलीम पुत्र बाबू बताये है।  

Read More

बॉलीवुड के ‘बादशाह’ शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान ने व्यवसायी और डिजाइनर के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनका कहना है कि चीजों के बारे में उत्सुकता से उन्हें प्रेरणा मिलती है और इसकी मदद से अपने डिजाइन के माध्यम से वह अपनी दृष्टि बयां करती हैं। गौरी ने बताया, ‘‘मैं डिजाइनिंग को लेकर बेहद समर्पित हूं। मुझे खाली कमरे में घूमना और अलग-अलग जगहों पर यात्रा करना पसंद है, जिससे मैं डिजाइन को लेकर प्रेरित होती हूं।’’ वह यहां मर्सिडीज बेंज लक्स ड्राइव के कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए आई थीं। गौरी खान ने खुद को इंटीरियर डिजाइनर के साथ-साथ एक फैशन डिजाइनर के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने कार्यक्रम में अपना संग्रह ‘गौरी खान डिजाइन’ का प्रदर्शन किया।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

मुंबई । देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में सोमवार को हल्की गिरावट का रुख है। भारतीय बाजारों में यह गिरावट एशियाई बाजार की कमजोर चाल का असर बताया जा रहा है। बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स 48 अंक गिरकर 27,734 और निफ्टी 9 अंक गिरकर 8,563 पर कारोबार कर रहा है। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 45.01 अंकों की मजबूती के साथ 27,827.26 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 11.2 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 8,583.75 पर खुला।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । आज 29 अगस्त को पूरे देश में खेल दिवस मनाया जा रहा है। यह आयोजन ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद को समर्पित है, जिनका जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में हुआ था। ध्यानचंद को विश्व हॉकी के क्षेत्र में सबसे बेहतरीन खिलाडियों में शुमार किया जाता है। ध्यानचंद अपनी स्टिक से गेंद पर गजब का नियंत्रण करते थे। वे विपक्षी टीम के डिफेंस में सेंध लगाकर दे दनादन गोल की बरसात करने में माहिर थे।    वे 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक, 1932 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे। खेल दिवस के मौके पर खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन और द्रोणाचार्य सहित अन्य पुरस्कारों से नवाजते हैं। अब हम आपको बताते हैं ध्यानचंद के जीवन से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें। ध्यानचंद शुरू से हॉकी के मास्टर नहीं थे, बल्कि वे कड़ी मेहनत से इस खेल के धुरंधर बने। पढ़ाई के बाद ध्यानचंद 16 वर्ष की आयु में वर्ष 1922 में दिल्ली में प्रथम ब्राह्मण रेजीमेंट में सेना में एक साधारण सिपाही के तौर से भर्ती हो गए। ध्यानचंद को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित करने का श्रेय रेजीमेंट के एक सूबेदार मेजर तिवारी को जाता है।    वर्ष 1937 में जब वे भारतीय हॉकी दल के कप्तान थे तो उन्हें सूबेदार बना दिया गया। जब दूसरा विश्व युद्ध शुरू हुआ तो 1943 में ध्यानचंद लेफ्टिनेंट नियुक्त हुए और भारत के आजाद होने पर 1948 में उन्हें कप्तान बना दिया गया। हॉकी के कारण ही सेना में ध्यानचंद का प्रमोशन होता गया। वर्ष 1938 में उन्हें वायसराय का कमीशन मिला और वे सूबेदार बन गए। बाद में उन्हें मेजर बना दिया गया। भारतीय हॉकी टीम ने पहली बार वर्ष 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक में हिस्सा लिया था। ध्यानचंद ने फाइनल में हॉलैंड के खिलाफ दो गोल दागे। वर्ष 1932 में लॉस एंजेल्स ओलंपिक में भी ध्याचंद का जादू चला। तब एक अमेरिकी समाचार पत्र ने लिखा था कि भारतीय हॉकी टीम तो पूर्व से आया तूफान थी। उसने अपने वेग से अमेरिकी टीम के 11 खिलाड़ियों को कुचल दिया।    वर्ष 1936 के बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद को कप्तानी मिली। वर्ष 1948 में 43 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया। भारत सरकार ने ध्यानचंद को 1956 में पदम भूषण से अलंकृत किया। ध्यानचंद ने अपने पूरे करिअर में 1000 से ज्यादा गोल किए। ध्यानचंद ने 3 दिसंबर 1979 को दुनिया को अलविदा कह दिया।         साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । बुलंदशहर में नेशनल हाइवे पर एक महीने पहले हुए मां-बेटी से गैंगरेप का केस सुनवाई के लिए सोमवार के सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले सपा नेता और यूपी में अखिलेश सरकार में मंत्री आजन खान के बयान पर तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने आजम को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह कहना कि बलात्कार के पीछे राजनीतिक साजिश है, यह अभिव्यक्ति की आजादी या संविधान के सिद्धांतों का पतन है। आजम खान ने बुलंदशहर में हुई गैंगरेप की घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया था। उन्होंने कहा था, हम लोगों को इसकी जांच करने की जरूरत है कि कहीं सरकार को बदनाम करने के लिए यह विपक्ष की साजिश तो नहीं है। वोट के लिए लोग किसी भी स्तर पर जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आजम खान जैसे राजनीतिक नेताओं के इस तरह के बयान से घटना की जांच और पूरे सिस्टम से लोगों को विश्वास उठता है।  इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और आजम खान को नोटिस जारी कर 3 हफ्ते में जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फली एस नरीमन को कोर्ट का सलाहकार नियुक्त किया है और नोटिस जारी कर 4 सवालों के जवाब उत्तर प्रदेश सरकार से पूछे हैं।1. क्या कोई संवैधानिक पद पर बैठा शख्स इस तरह का बयान दे सकता है जिससे उसका कोई सरोकार नहीं है और जिससे पीडि़ता का व्यवस्था पर भरोसा कम हो और उसके मन में जांच को लेकर शंका पैदा हो। 2. क्या ‘राज्य’, जो जनता का संरक्षक होता है इस तरह के बयान देने की इजाजत दे सकता है जिससे कि निष्पक्ष जांच को लेकर संशय पैदा हो? 3. क्या इस तरह का बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंदर आता है? 4. क्या इस तरह का बयान जो अपने बचाव में न हो, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है? गैंगरेप के शिकार नाबालिग ने सर्वोच्च अदालत से अपील की थी कि केस की जांच और सुनवाई को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए। पीडि़ता ने यह भी मांग की थी कि जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए। पीडि़ता ने अपना दाखिला दिल्ली के स्कूल में कराने और सुरक्षा दिए जाने की भी अपील की है। इसके अलावा उसने अपने परिवार का पनर्वास कराए जाने की भी बात कोर्ट के सामने रखी है। पीडि़ता ने अदालत से आजम खान और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग रखी थी। बता दें कि आजम खान के बयान के कारण ना केवल उन्हें विपक्ष की आलोचना का शिकार होना पड़ा, बल्कि अखिलेश सरकार को भी काफी किरकिरी हुई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनके बयान का समर्थन नहीं किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर में 30 जुलाई को कोतवाली थाना क्षेत्र के पास हाइवे संख्या 91 पर बदमाशों ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक परिवार की कार को रुकवाया और पुरुष सदस्यों के सामने महिला और उनकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया। इस मामले में शामिल सात आरोपियों में से छह को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पीडि़त परिवार ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भी कर ली है।          साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । रियो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधू और महिला कुश्ती में पहली बार ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली साक्षी मलिक, जिम्नास्ट दीपा कर्माकर और शूटर जीतू राय को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार ने नवाजा गया है।   राजीव गांधी खेल रत्न-- रियो ओलंपिक में दमदार प्रदर्शन करने वाली देश की तीन महिला खिलाडिय़ों को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा शूटर जीतू राय और रियो ओलंपिक में पहली बार हिस्सा लेने वाली भारतीय जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को भी खेल रत्न पुरस्कार दिया गया। पीवी सिंधू रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल लेने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। तो भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भी रियो ओलंपिक में पहली बार ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। इसके अलावा दीपा कर्माकर रियो में कोई मेडल तो नहीं जीत सकीं। लेकिन अपने प्रोडूनोवा वॉल्ट के जरिए वो फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनीं। दीपा मजह कुछ ही अंको से ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूंक गई थी।  अर्जुन अवॉर्ड-- क्रिकेटर अजिंक्या रहाणे, रियो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली लॉन्ग डिस्टेंस रनर ललिता बाबर, पुरुष हॉकी खिलाड़ी वीआर रघुनाथ और महिला हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल के अलावा मुक्केबाज शिवा थापा को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।              साभार-khaskhabar.com  

Read More



Mediabharti