पेइचिंग । भारत के हर मसले पर टांग अड़ाने वाला चीन अब दुनिया को बता रहा है कि क्यों भारत ओलम्पिक में फिसड्डी है। चीनी मीडिया ने बताया कि क्यों भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या के बावजूद पदकों से महरूम है। चीनी मीडिया ने कई कारण गिनाए हैं जिनके चलते ओलम्पिक में भारत का प्रदर्शन सही नहीं रहता। बता दें कि गुरुवार तक चीन रियो ओलिंपिक में 11 गोल्ड के साथ कुल 30 मेडल जीतकर अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। चीनी मीडिया ने तर्कों के साथ अपनी बात रखी है। लिस्ट में आता है आखिर में एक वेबसाइट पर प्रकाशित एक आर्टिकल के मुताबिक पिछले तीन ओलिंपिक (2004 एथेंस, 2008 पेइचिंग, 2012 लंदन) देखें तो भारत ने अपनी जनसंख्या के लिहाज से जितने मेडल जीते हैं, वह उस हिसाब से लिस्ट में आखिरी नंबर पर आता है। अमीर और गरीब के बीच बड़े अंतर की वजह से गरीबों की जीने और खेल के लिए ऊर्जा बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस आर्टिकल के मुताबिक, सरकार खेलकूद की बुनियादी सुविधाओं पर बहुत कम खर्च करती है। बड़े खेल और प्रतिस्पर्धात्मक खेल, दोनों ही भारत में पिछड़ रहा है। स्पोर्ट्स कल्चर की है कमी एक अन्य वेबसाइट के मुताबिक भारत में स्पोर्ट्स कल्चर की कमी ओलिंपिक में असफलता का सबसे बड़ा कारण है। भारतीय संस्कृति ने स्थानीय खेलों के विकास में बाधा डाली है। अधिकांश परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजिनियर बनाना चाहते हैं। खेल प्रतिभाओं को परिवार और यहां तक कि पड़ोसियों का भी विरोध झेलना पड़ता है। इसके अलावा आबादी का एक बड़ा हिस्सा निचली जाति का है और ऐसे लोगों को शिक्षा का मौका बमुश्किल ही मिल पाता है। इन्हें पर्याप्त पोषण भी नहीं मिलता है। ग्रामीण भारत को नहीं ओलम्पिक की जानकारी एक सरकारी वेबसाइट ने लिखा है कि भारत में ग्रामीण इलाकों में ओलिंपिक के बारे में जानकारी न होना असफलता का एक बड़ा कारण है। शोधकर्ताओं ने कर्नाटक और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में जांच की। उन्होंने ग्रामीणों से पिछले एक दशक में सुनी सबसे अच्छी नौकरी के बारे में पूछा। राजस्थान में 300 से ज्यादा ग्रामीणों के जवाबों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, आर्किटेक्चर इंजीनियर, डॉक्टर और वकील का जिक्र था। कर्नाटक की अर्थव्यवस्था बेहतर होने के बावजूद वहां के जवाबों में राजस्थान से कोई खास अंतर नहीं था। क्रिकेट भी बड़ा कारण आगे लिखा गया है कि ओलिंपिक तो छोडि़ए, किसी ने खेलों का जिक्र तक नहीं किया। और इसका अगला कारण बताया है क्रिकेट। क्रिकेट भारत का राष्ट्रीय खेल है। भारतीय इसे धर्म की तरह ही चाहते हैं। भारत में क्रिकेट पसंद नहीं करने वाले को नास्तिक माना जा सकता है। ऐसे में कई युवा दूसरे खेलों की ट्रेनिंग लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। हालांकि चीनी मीडिया ने यह तो नहीं बताया कि ओलिंपिक में चीन की सफलता का क्या राज है। साभार-khaskhabar.com
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