मथुरा

नई दिल्ली । बाहुबली विधायक मुख्‍तार अंसारी के कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय से उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। डैमेज कंट्रोल के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने 25 जून को पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक लखनऊ में बुला ली है। इसमें विलय के सवाल पर अंतिम फैसला हो सकता है। इसके अलावा 27 जून को अखिलेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच विलय को लेकर नाराज बताये जा रहे मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिये। इसके बाद पार्टी के यूपी प्रभारी और वरिष्‍ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव मुख्‍यमंत्री से मिलने के लिए उनके आवास गए। बताया जाता है कि मुख्‍यमंत्रीअखिलेश यादव ने उन्‍हें इस विलय पर अपने एतराज और पार्टी की छवि खराब होने की चिंता से अवगत कराया। एक घंटे की मुलाकात के बाद शिवपाल सिंह यादव मीडिया से बिना बात किये वहां से निकल गए।   दूसरी ओर माध्‍यमिक शिक्षा मंत्री के पद से मंगलवार को बर्खास्‍त किये गए बलराम यादव ने मीडिया से कहा कि मुझे इससे कोई तकलीफ नहीं है और ना ही मैं इससे आहत हूं। मैं सपा की स्‍थापना से ही साथ हूं। सपा मेरी जिंदगी है और नेता जी (मुलायम सिंह यादव) मेरे पिता के समान हैं। उन्‍होंने कहा कि मुझे पाटी ने जो भी काम दिया है, उसे मैंने सही तरीके से करने की कोशिश की है।   सूत्रों की मानें तो मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता के विलय को लेकर अखिलेश और चाचा शिवपाल यादव के बीच भारी मतभेद हैं। लेकिन सीएम कैंप की तरफ से कुछ खुलकर नहीं कहा जा रहा है। दूसरी तरफ ताकतवर मंत्री बलराम यादव अपनी कैबिनेट से बर्खास्तगी से काफी दुखी नजर आए। वह बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए रो पड़े। उन्होंने रोते हुए कहा, मेरी जिंदगी है समाजवादी पार्टी। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) मेरे आदर्श ही नहीं, बल्कि पिता हैं।    माना जा रहा है कि बलराम यादव की मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय कराने में अहम भूमिका थी। इसी वजह से उन्हें अखिलेश की नाराजगी झेलनी पड़ी है। मीडिया से बातचीत के दौरान बलराम यादव ने भावुक होकर कहा, समाजवादी पार्टी, नेताजी और मेरे रिश्ते अपपरिवर्तनीय हैं। मैंने कल नेताजी से बात भी की, हमारे रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आएगा।   वहीं सूत्रों की मानें तो समाजवादी पार्टी और कौमी एकता विलय के एक ही दिन बाद आज अलग हो सकते हैं। कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव इसके मद्देनजर बातचीत करने अखिलेश यादव के आवास पर भी पहुंचे।    कौमी एकता दल राज्य के पूर्वांचल में खासा दबदबा रखने वाली पार्टी है। माफिया सरगना मुख्तार अंसारी मऊ से विधायक हैं। वह हत्या समेत कई आरोपों में पिछले कई साल से जेल में हैं। कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय के बाद विपक्षी दलों को घेराबंदी करने का नया मौका मिल गया है। यही वजह है कि जल्द ही दोनों के अलग होने का ऐलान हो सकता है।   वहीं अखिलेश के करीबी सूत्रों के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव की छुट्टी कौमी एकता दल के सपा में विलय को लेकर नहीं हुई। सीएम उनके कामकाज से खुश नहीं थे। इस संबंध में फैसला दो हफ्ते पहले ले लिया गया था।    उधर, शिवपाल यादव ने कहा कि कौमी एकता दल मुख्तार अंसारी की पार्टी नहीं है। मुख्तार  सपा में नहीं आए हैं। बलराम यादव को पार्टी में दरकिनार नहीं किया गया है। हमारी पार्टी में सब कुछ बढिय़ा चल रहा है। पार्टी में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। नेताजी का फैसला हर किसी को स्वीकार्य है।     साभार-khaskhabar.com

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सैन्य परिवार में जन्मी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने पहले मॉडलिंग और उसके बाद अभिनय में कदम रखा। फिल्म जगत में उन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई, जिसका उन्हें उन्हें गर्व है। अनुष्का का मानना है कि उन्होंने बॉलीवुड में अपनी छवि खुद बनाई है और इस पर उन्हें गर्व है।    शाहरुख खान और आमिर खान जैसे कलाकारों के साथ काम करने वाली अभिनेत्री अनुष्का ने कहा कि ‘एक कलाकार के तौर पर मेरा मानना है कि मुझे यह जीवन मिला है और इसे बेहतर से बेहतर बनाना है। इस सफलता के लिए मैं आभारी हूं। मैंने अपने दम पर पहचान बनाई है और इस पर मुझे गर्व है।’’        अनुष्का ने कहा कि वह अपने काम का सम्मान करती हैं और इसलिए यह उनके लिए एक तोहफे के समान है। अभिनेत्री को आगामी फिल्म ‘सुल्तान’ में सलमान खान के साथ देखा जाएगा।       बॉलीवुड में किसी प्रकार के बदलाव के बारे में पूछे जाने पर अनुष्का ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि विश्व में कुछ चीजें बदल रही हैं। और पढ़े...    10 साल पहले आपको फिल्मों के सेट पर उतनी लड़कियां देखने को नहीं मिलती थीं, जितनी अब हैं। अब किसी भी विभाग में देख लीजिए, महिलाएं अच्छा काम कर रही हैं।’’      साभार-khaskhabar.com

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द्वितीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के विश्व स्तरीय आयोजनों का हिस्सा बनते हुए मथुरा रिफाइनरी ने योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभि‍न्न कार्यक्रम आयोजित किए . प्रात: रिफाइनरी नगर स्थ‍ित नगर चौपाल में योग शि‍विर का आयोजन किया गया । इस शि‍विर के लिए विशेष तौर पर बिहार स्कूल ऑफ योग के योगाचार्य स्वामी शि‍व चित्तम को आंमत्रित किया गया । मथुरा रिफाइनरी के महाप्रबंधक (प्रभारी) श्री एस.एम. वैद्या ने स्वामी जी का स्वागत किया । तत्पश्चात् स्वामी शि‍व चित्तम ने नगर चौपाल में उपस्थ‍ित रिफाइनरी नगर वासियों को योगासन सिखाए व उनके महत्व और फायदों पर भी चर्चा की सूर्य नमस्कार प्राणायाम आदि आसन उपस्थ‍ित नगर वासियों ने सीखे व दोहराए ।  स्वामी शि‍व चित्तम ने योग केन्द्र में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव आदि को नियंत्रित रखने वाले आसनों के बारे में बताया तदोपरांत केन्द्रीय विद्यालय में स्कूली छात्रों को योग द्वारा स्वस्थ रहने के गुर सिखाए . इसके पश्चात् एम्प्लाइज क्लब में ‘योग के फायदों’ पर बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया ।   

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नई दिल्ली । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष में एक और इतिहास रच दिया। इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह नौ बजकर 26 मिनट पर पीएसएलवी-सी 34 के जरिए एक साथ 20 उपग्रह अंतरिक्ष में लॉंच कर एक और बड़ी छलांग लगा दी। इन उपग्रहों में 17 विदेश सैटेलाइट हैं जबकि अकेले अमेरिका के 13 सैटेलाइट हैं। अन्य देशों में कनाडा, जर्मनी, इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं। भारत के तीन सैटेलाइट हैं, जिनमें कोर्टोसैट-दो शृंखला का पृथ्वी संबंधी सूचनाएं एकत्र करने वाला भारत का नया उपग्रह शामिल है। अपनी 36वीं उड़ान में पीएसएलवी सी-34 कार्टोसैट-2 शृंखला के 727.5 किलो के सैटेलाइट के साथ 19 दूसरे सैटेलाइटों को अंतरिक्ष में लांच किया। इसरो ने 20 सैटेलाइटों को एक साथ लॉन्च कर अपने ही पहले के 10 सैटेलाइटों के लॉन्चिंग के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पीएसएलवी सी-34 की लॉन्चिंग सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से की गई। सीएसएलवी सी-34 के 20 सैटेलाइटों में से 17 कमर्शियल हैं, यानि ये दूसरे देशों के हैं जिन्हें भेजने के लिए इसरो ने उन देशों से फीस ली है। इसके अलावा दो सैटेलाइट देश को दो शिक्षा संस्थानों के हैं। इस लॉन्चिंग में एक सैटेलाइट कॉर्टोसैट 2 सीरिज का इसरो का अपना है। प्रक्षेपण प्राधिकरण बोर्ड (एलएबी) के इस अभियान को मंजूरी देने के बाद सोमवार सुबह नौ बजकर 26 मिनट पर प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। -    कोर्टोसैट-2 शृंंखला का उपग्रह पूर्ववर्ती कोर्टोसैट-2, 2ए और 2बी के समान है। -    कोर्टोसैट-2 शृंंखला के उपग्रह को छोडक़र 19 अन्य उपग्रहों का कुल वजन 560 किलोग्राम है। -    कोर्टोसेट-2 उपग्रह और 19 अन्य उपग्रहों को 505 किलोमीटर की ऊंचाई पर सन सिनक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। -   सभी 20 उपग्रहों का वजन करीब 1,288 किलोग्राम है। सैटेलाइट के जरिए जमीन पर निगरानी पीएसएलवी सी-34 मिशन की लॉन्चिंग का मुख्य उद्देश्य कॉर्टोसैट 2 सीरिज के 727.5 किलोग्राम वजन का एक सैटेलाइट लॉन्च करना है। कॉर्टोसैट इसरो के अपने सैटेलाइट हैं और इन सेटेलाइटों का मुख्य मकसद धरती की हाई रिजॉल्यूशन इमेजरी तैयार करना है। कॉर्टोसैट में खास तरह के कैमरे लगे हैं जो भारत में जमीन पर होने वाले किसी भी वानस्पतिक या भूगर्भीय परिवर्तन को बारीकी से पहचान सकेगा। इस सैटेलाट के जरिए भारत यह सही सही जान पाएगा कि यहां पर किस तरह के और कितने जंगल हैं। नदियों के कटाव और पहाड़ों के उत्खनन के बारे में सटीक जानकारी भी इस सैटेलाइट के जरिए मिल पाएगी। पीएसएलवी सी-34 मिशन में बाहरी देशों के जो सैटेलाइट भेजे गए हैं, वे इस प्रकार हैं- -    इंडोनेशिया LAPAN A-3 -    जर्मनी का BIROS -    कनाडा का M3MSAT -    यूएसए का स्काईसैट GEN 2-1 -    कनाडा का GHGSAT 3 -    यूएसए के 12 DOVE सैटेलाइट इस सैटेलाइटों में स्काईसैट GEN 2-1 गूगल का सैटेलाइट है, जिसको इमेजरी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा इस लॉन्चिंग में चेन्नई की एक निजी यूनिवर्सिटी का सत्यभामा सैटेलाइट और पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का स्वयं सैटेलाइट है। स्वयं में सैटेलाइट को हैम रेडियो के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, वहीं सत्यभामा सैटेलाइट का इस्तेमाल वायुमंडल में होने वाले प्रदूषण के अध्ययन के लिए किया जाएगा।     साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जवाहरबाग में दो जून को हुई हिंसा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने से इनकार करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर निशाना साधा है।  मथुरा के जवाहरबाग में अवैध कब्जा हटाने के दौरान पुलिस और अतिक्रमणकारियों के बीच हिंसक झड़प में एक पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद से ही कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार घिरी हुई है। विपक्ष घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को जौनपुर जाकर दिवंगत थाना प्रभारी संतोष यादव के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पीडि़त परिवार को 50 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने पीडि़त परिवार को आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘राज्य सरकार ने मथुरा हिंसा की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया है। ऐसे में अब इसकी जांच सीबीआई से कराने का कोई तुक नहीं है।’’ इधर, अखिलेश के इस बयान के बाद भाजपा ने उन पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के इस बयान से साबित होता है कि वह सीबीआई जांच से डरे हुए हैं। इससे साफ होता है कि जवाहरबाग हिंसा में संलिप्त लोगों को पार्टी के बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। यह अवैध कब्जा अदालत के आदेश के बाद हटाया गया था।’’ उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर गंभीर आरोप लग रहे हैं और इसी वजह से मुख्यमंत्री इस मामले की जांच सीबीआई से नहीं करा रहे हैं।      साभार-khaskhabar.com  

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हरारे । भारत और जिम्बाब्वे की क्रिकेट टीमों के बीच जारी तीन मैचों की टी-20 सीरीज का अंतिम मुकाबला बुधवार को हरारे स्पोट्र्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा। दोनों टीमें यह मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेंगी । जिम्बाब्वे ने हरारे में ही खेला गया पहला मैच 2 रनों से अपने नाम किया था जबकि भारत ने सोमवार को जोरदार वापसी करते हुए दूसरा मुकाबला 10 विकेट से जीता था। बुधवार को महेन्द्र सिंह धौनी के नेतृत्व वाली भारत की युवा टीम टी-20 श्रृंखला भी अपने नाम कर दौरे का अच्छा अंत करना चाहेगी। दूसरे मैच में युवा तेज गेंदबाज बरिंदर सरन के अलावा भारत की सलामी जोड़ी लोकेश राहुल और मनदीप सिंह ने टीम को आसनी से जीत दिलाई थी। सरन ने इस मैच में चार विकेट अपने नाम किए थे। यह पर्दापण मैच में किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। जसप्रीत बुमराह ने भी सरन का अच्छा साथ दिया था और तीन विकेट झटके थे, जिसके कारण जिम्बाब्वे की टीम पूरे 20 ओवर में नौ विकेट पर 99 रन ही बना सकी थी। इसके बाद राहुल और मनदीप ने बिना कोई विकेट गंवाए भारत को 10 विकेट से जीत दिलाई थी। मनदीप ने इस मैच में अपना पहला अर्धशतक बनाया था। धौनी के पुराने इतिहास को देखते हुए उम्मीद है कि वह मैच जीताने वाली टीम में कोई बदलाव नहीं करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ मेजबान भी इस श्रृंखला का सकारात्मक अंत चाहेंगे। पहला मैच जीतने के साथ ही उनके लिए यह यादगार श्रृंखला बन गई है और वह चाहेंगे की आखिरी मैच में एक बार और भारत को चौंकाते हुए वह जीत हासिल करें। पहले मैच में 26 गेंदों में 54 रनों की पारी खेल टीम को मजबूत लक्ष्य प्रदान करने वाले पूर्व कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा के अलावा टीम के खिलाड़ी हर क्षेत्र में कमजोर ही दिखे हैं। बुधवार को टीम के कप्तान ग्रीम क्रेमर चाहेंगे की चामु चिबाबा, हेमिल्टन मासाकाड्जा, सिकंदर रजा, चिगुम्बुरा और मैलक्म वालेर सभी बल्ले से अहम योगदान दें।    टीमें (संभावित) :  भारत : महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, यजुवेंद्र चहल, ऋषि धवन, फैज फजल, केदार जाधव, धवल कुलकर्णी, मंदीप सिंह, करुण नायर, मनीष पांडे, अक्षर पटेल, लोकेश राहुल, अंबाती रायडू, बरिंदर सरन, जयदेव उनादकत और जयंत यादव।   जिम्बाब्वे : ग्रीम क्रेमर (कप्तान), सिकंदर रजा बट, ब्रियान चारी, टेंडाई चाटारा, चामुनओरवा चिबाबा, एल्टन चिगम्बुरा, नेविले माडजिवा, टिमयसेन मारुमा, हेम्लिटन मासाकाड्जा, वेलिंगटन मासाकाड्जा, पीटर जोसेफ मूर, तपिवा मुफुद्जा, तिनोतेंडा मुतोम्बोद्जी, रिचमोंड मुतुम्बामी, तौरइ मुजराबानी, वुसिमुजी सिबांडा, डोनाल्ड टिरिपानो और मैक्लम वालेर।     साभार-khaskhabar.com  

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सियोल । वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत पतली सौर बैटरी बनाने में कामयाबी हासिल की है, जो इतनी लचीली है कि किसी पेंसिल पर लपेटा जा सकता है। इसका इस्तेमाल वेयरवेल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे फिटनेस ट्रैकर और स्मार्ट ग्लाजेस आदि में किया जा सकेगा।    दक्षिण कोरिया के गुवांगझू इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी के इंजीनियर जोंघो ली का कहना है, हमारे द्वारा विकसित किया गया फोटोवॉल्टिक सेल महज एक माइक्रोमीटर पतला है, जो इंसान के बाल से भी पतला है। सामान्य फोटोवॉल्टिक सेल इससे हजार गुना मोटाई वाला होता है, जबकि अब तक का सबसे पतला सेल भी इससे चार-पांच गुना मोटा है।    शोधकर्ताओं ने इस बेहद पतले सेल का निर्माण सेमीकंडक्टर गैलीयम अर्सेनाइड से किया। यह सूर्य की रोशनी में किसी सामान्य फोटोवॉल्टिक सेल जितनी ही ऊर्जा पैदा करता है।  शोधकर्ताओं ने इसे 1.4 मिमी पतले परत पर लपेट कर इसकी जांच की। शोधकर्ताओं ने इस सेल का संख्यात्मक विश्लेषण भी किया और उन्होंने पाया कि पतले सेल के मुडकर टूटने की संभावना कम होती है। अप्लाइड फिजिक्स जर्नल में प्रकाशित इस शोध में ली ने लिखा है,    पतले सेल मुडने के दौरान अधिक मजबूत होते हैं और ये सेल अन्य सेल के मुकाबले अधिक तनाव झेल सकते हैं। ली आगे कहते हैं कि इन अत्यधिक पतले सेल को चश्मे के फ्रेम या किसी कपड़े से भी जोडा जा सकता है और इसका प्रयोग अगली पीढी के वेयरेवल इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में किया जा सकेगा।        साभार-khaskhabar.com  

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कभी बॉलीवुड के ‘चॉकलेट ब्वॉय’ कहलाने वाले शाहिद कपूर ने सिनेजगत में एक लंबा रास्ता तय किया है। उनका मानना है कि ‘कमीने’ में दमदार अदाकारी के बाद मानो वह अपनी राह से भटक गए थे। शाहिद ने अपनी हालिया रिलीज ‘उड़ता पंजाब’ की सक्सेस पार्टी में कहा, ‘‘मैं ‘कमीने’ फिल्म के बाद राह भटक गया था, इसलिए ‘हैदर’ के बाद मैं फिर वही गलती नहीं दोहराना चाहता था। मैं ‘हैदर’ के लिए मिले सम्मान एवं सराहना के बूते बेहतर भूमिकाएं चाहता था। मुझे खुशी है कि मुझे ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा और मुझे ‘उड़ता पंजाब’ मिल गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कमीने’ करने के बाद मुझे अहसास हुआ कि युवा कुछ अलग देखना चाहते हैं। हालांकि हम नए प्रयोग करने से घबराते हैं।’’ 17 जून को रिलीज हुई अभिषेक चौबे निर्देशित ‘उड़ता पंजाब’ ने अपने पहले सप्ताहांत में 33.80 करोड़ रुपये की कमाई की।      साभार-khaskhabar.com  

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मथुरा। थाना व कस्बा मांट क्षेत्र अंतर्गत एक कोल्ड स्टोर की दीवार का निर्माण होते समय दीवार गिर जाने से आज तीन लोगों की मौत हो गयी। दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर है। मरने वाले तीनों मजदूर थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  मिली जानकारी के अनुसार थाना मांट के नगला भीम स्थित एक कोल्ड स्टोर का निर्माण चल रहा था, जहां पर मजदूर दीवार बना रहे थे। इसी दौरान अचानक बरसात के चलते दीवार के गिरने से जहांगीर, शमशाद और बसंती नामक तीन मजदूर उसके नीचे दब गये, जिनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। मजदूरों की मौत के बाद वहां ग्रामीणों का हुजूम लग गया। देखते ही देखते पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची मांट पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा घायल अन्य तीन मजदूरों को उपचार हेतु जिला अस्पताल में भर्ती कराया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस जांच में जुटी थी। 

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मथुरा। थाना व कस्बा गोवर्धन के निकटवर्ती गांव नीमगांव में खेत की नाली के विवाद को लेकर आज सोमवार दो पक्षों में जमकर लाठी, डण्डा और गोलियां चलीं जिसमें लगभग नौ लोग दोनों पक्ष से घायल हुये हैं। इनमें एक बारह वर्षीय लड़की भी शामिल है। गंभीर रूप से घायल 62 वर्षीय डूंगर सिंह पुत्र सुल्तान सिंह को आगरा रैफर किया गया है।  मिली जानकारी के अनुसार डूंगर सिंह और उपेन्द्र पुत्र रमेश के दो पक्षों में लंबे समय से ख्ेात की नाली का विवाद चल रहा था। आज इस विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया। नीमगांव में दोनों पक्षों में जमकर गोलियां, लाठी, फरसे चले जिसमें नौ लोग घायल हुये हैं। इनमें डूंगर सिंह की दशा गंभीर है। अन्य घायलों में पुष्पा पत्नी रामसिंह को गोली लगी है जबकि चैहल सिंह पुत्र शिवचरन के छर्रे लगे हैं। विष्णु पुत्र रामसिंह, बंशी पुत्र श्यामो, श्यामो पत्नी पीताम्बर, राजेन्द्र पुत्र बच्चू, रमेश पुत्र सुरजी के फरसा, लाठी और छर्रे लगे हैं। जबकि बारह वर्षीय ब्रजेन्द्र की लड़की को भी छर्रे लगे हैं। दोपहर बारह बजे यह घटना हुयी जिससे पूरे नीमगांव में लोग दहल गये। गोलियां चलने और फरसे, बल्लम से लोग रक्तरंजित हो गये। घायलों को चिकित्सा हेतु रैफर किया गया है। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पंहुची है। बाद में कार्यवाही करते हुये पुलिस ने रमेश पुत्र सुरजी, राजवीर पुत्र सुरजी और कन्हैया, कालू, किशनो पुत्रगण रमेश को गिरफ्तार कर लिया है।

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