मथुरा

मथुरा। विद्यालयों मंे शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का समावेष करना आज की आवश्यकता है, जिसके माध्यम से जहां बालकों में संस्कार जागृत हों वहीं समय परिवर्तन के साथ हो रहे जीवन मूल्यों की कमी को बच्चे समझ सकें, पहचान सकें। उक्त विचार कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, मथुरा के वार्षिकोत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. रामअवतार शर्मा ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज बिगड़ते माहौल में अच्छी शिक्षा-अच्छे संस्कारों की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालय के कार्यक्रमों की प्रषंसा करते हुए शुभकामनायें दीं। वृन्दावन हैरिटेज के अध्यक्ष महन्त मदन बिहारी दास महाराज ने कहा कि विद्यालयों से जो शिक्षा प्रदान की जाये वह ऐसी हो कि उससे शिक्षित बालक भारत को गौरवान्वित करने वाले निकलें।  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्कूल गेम्स फैडरेषन आॅफ इण्डिया के जनरल सैक्रेटरी डा. राजेश मिश्रा ने कहा कि बच्चों की समस्त प्रस्तुतियों ने मेरा मन मोह लिया, सारी प्रस्तुतियां एवं इनके साथ कार्य करने वाले अध्यापक निष्चित ही बधाई के पात्र हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मथुरा-वृन्दावन के विधायक एवं उप्र विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर मथुरा ने कहा कि गत वर्षों में भी मैंने विद्यालय का अवलोकन किया है तथा मैंने जो कार्य- व्यवस्थायें यहाॅं देखी ओर आज जो विकास की गति देखी, वाकई में प्रशंसनीय है। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्रपट के समक्ष अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात्  श्रीनाथ दास जी अग्रवाल, सुरेष चन्द्र अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, श्रीमती हेमलता अग्रवाल श्रीमती वीनू अग्रवाल, एवं श्रीमती रंजनी अग्रवाल द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्मृति चिह्न प्रदान किये गये।  इस अवसर पर सम्मानित अतिथियों में सी.ए. कुलदीप अरोड़ा, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रदीप गोस्वामी, मोहन स्वरूप भाटिया, संजीव सक्सैना, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया, सतीश अग्रवाल ‘बृजवासी’, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पूर्व बच्चों द्वारा गणेश वन्दना प्रस्तुत की गयी। तत्पश्चात् प्रारम्भ हुई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सर्वप्रथम बच्चों द्वारा अतिथियों के लिये स्वागत गान प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात् प्रारम्भ हुई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में टिनी बजरंगी, हैल्थ इज वैल्थ, ए खुदा, उमंग, विलायती बाबू, बेटी की पुकार, भक्ति उपदेश, ममता, वैस्टर्न डान्स, कृष्णा संकीर्तन, राधा की अर्जी, सुहाना सफर, कलर्स आॅफ इण्डिया, पैट्रियोटिक डान्स, पंजाबी धमाका, नवरस, मधुराष्टक आदि विभिन्न नृत्यमय प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम के शुभारम्भ में माँ सरस्वती के चित्रपट पर प्रदीप माथुर एवं डाॅ. राजेश मिश्रा द्वारा माल्यार्पण किया गया। अतिथियों को श्री सुरेशचन्द्र अग्रवाल, सुनील अग्रवाल ने माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती वीनू अग्रवाल, प्रबन्धक अनिल कुमार अग्रवाल, सुनील अग्रवाल एवं सुरेश चन्द्र अग्रवाल ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शाॅल प्रदान किये।   कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण आदि सभी का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन आनन्द अग्रवाल, आकांशा, अग्रवाल एवं रिचा अरोड़ा ने संयुक्त रूप से किया।   

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मथुरा। सर्दी के मौसम को देखते हुये जनपदभर में अलाव जलवाने की व्यवस्था शुरू कर दी गयी है। सर्दी का असर शुरू हो गया है।  नगर पंचायत राया ने इसको लेकर राया क्षेत्र में अलाव जलवाये हैं। कस्वा व आस पास के क्षेत्र में अलाव जलवाये गए है जिससे सर्दी के मौसम से बचाव के लिए लोगों को सहायता मिल रही है। सफाई नायक मुनेश चैहान ने बताया कस्वे में प्रसासन व नगर पंचायत द्वारा सार्वजनिक स्थानों नीमगांव चैराहा, माँट रोड चैराहा, कटरा बाजार, सादाबाद रोड, बलदेव रोड, रेलवे स्टेशन, जैसे कई प्रमुख स्थानों पर गरीब व असहाय लोगों के लिए अलाव व नगर के प्रमुख चैराहों व नेहरू पार्क पर रेन बसेरे की व्यवस्था की गई है। इसको लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष कृष्ण कांत अग्रवाल ने औचक निरीक्षण भी किया और व्यवस्थाओं को परखा।  

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हम आखें दान कर सकते हैं पर दृष्टि नहीं: गड़करी -जीएलए विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा का चतुर्थ दीक्षांत समारोह अत्यन्त गरिमा एवं उल्लास के साथ मंगलवार को सम्पन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की कुल 15 गोल्ड और 14 सिल्वर मेडलिस्ट के साथ 1580 उपाधियां प्रदान की गईं।  समारोह का शुभारम्भ मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी, नितिन जयराम गड़करी एवं विशिष्ट अतिथि नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति तथा भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के अध्यक्ष प्रो. रनबीर सिंह  कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल एवं कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चैहान ने माँ सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत गणेशीलाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।  इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत शैक्षिक शोभायात्रा के आगमन से हुई, जिसमें मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, कुलपति, उपकुलपति एवं कुलसचिव के साथ विश्वविद्यालय के कोर्ट, एग्जीक्यूटिव काउंसिल एवं एकेडमिक काउंसिल के सदस्य की अगवानी मुख्य सभागार में हुई। तत्पश्चात् कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह के प्रारम्भ की उद्घोषणा की।  समारोह में मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी, नितिन जयराम गड़करी ने दीक्षांत संबोधन की शुरुआत सभी उपाधि प्राप्त करने वाले नवस्नातकों का उत्साहवर्धन, सभी शिक्षकों एवं छात्रों को बधाई देते हुए की। श्रीगड़करी ने कहा कि छात्र और शिक्षक सहित जीएलए विश्वविद्यालय का समस्त स्टाॅफ सौभाग्यशाली है, क्योंकि उन्हें ब्रजभूमि में रहकर अध्ययन और अध्यापन का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश और समाज के निर्माण में उसके शिक्षा संस्थानों का सबसे अहम योगदान होता है। दीक्षांत समारोह में उपस्थित हम सभी लोगों को ये सोचना होगा कि गांव, गरीब और किसान को हम विकास के राजमार्ग पर कैसे लायें। विज्ञान और नये प्रयोगों से यह संभव है। लाखों करोड़ों रूपये का कच्चा तेल हम आयात करते हैं। हम बायोडीजल का उपयोग क्यों नहीं कर सकते? किसानों के तैयार किए हुए एथनाल से हमारे वाहन क्यों नहीं चल सकते ? यह संभव है।  उन्होंने कहा कि इससे हमारा किसान समृद्ध होगा। किसान समृद्ध होगा तो गाँव समृद्ध होगा। इसके साथ ही हम प्रदूषण को भी कम करने में कामयाब होंगे। हमें जाॅब आॅरियन्टेड एवं नाॅलेज आॅरियन्टेड दोनों ही तरह के पाठ्यक्रमों का चयन करना होगा। एक तरफ रिसर्च की बात करें तो नाॅलेज आॅरियन्टेड पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। वहीं नये नौजवानों के लिए रोजगार संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने होंगे। इसी के साथ हमें तकनीकि के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना होगा, जिससे कि हम नए-नए रोजगार स्थापित कर सकें। उन्होंने बताया कि हम आखें दान कर सकते हैं पर दृष्टि नहीं। इसका सीधा तात्पर्य है कि हम ज्ञान तो अर्जित कर सकते हैं पर ज्ञान को सही दिशा में उपयोग में लाने के लिए सही सोच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी डिग्री से हम शिक्षित बन सकते हैं सुसंस्कृत नहीं। अतः देश की पुरानी सभ्यता आदर्शों व पारिवारिक मूल्यों को अपने जीवन में लाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।  उन्होंने इस दौरान उनके द्वारा संचालित कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की और बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया और देश में इतने फ्लाइओवर और राजमार्ग बनवाये कि उनका नाम लिम्का बुक आॅफ रिकाॅर्ड में सबसे ज्यादा कंकरीट का उपयोग करने के लिए लिखा गया है। उन्होंने बताया कि रिन्यूएबल एनर्जी, बायोफ्यूल, सोलर पंप एवं सोलर फैसिंग तथा बायोमास स्टोव्स आदि पर कार्य करें तो हमें निश्चित ही कम पैसे में अधिक ऊर्जा एवं कम प्रदूषण वाली सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने अंत में कहा कि यमुनाजी में जो गंदा जल मिल रहा है उसे यदि शुद्ध करके उपयोग में लाया जाय तो पानी की बचत हो सकती है और उस पानी का मथुरा रिफाइनरी अथवा अन्य कंपनियों में उपयोग में लाया जा सकता है।   कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के अध्यक्ष एवं नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति प्रो. रनबीर सिंह एवं टाइफैक के पूर्व कायकारी निदेशक पदम डाॅ. वाई.एस. राजन को जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान की गई। समारोह के समापन अवसर पर कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल एवं कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चैहान ने मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी, नितिन जयराम गड़करी को, कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चैहान ने कुलाधिपति एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में नेषनल लाॅ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति तथा भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के अध्यक्ष प्रो. रनबीर सिंह को प्रतिकुलपति प्रो. आनन्द मोहन अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। तत्पश्चात् कुलाधिपति द्वारा दीक्षांत समारोह के सम्पन्न होने की उद्घोषणा की गयी एवं शैक्षिक शोभायात्रा के प्रस्थान से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सैक्रेटरी सोसायटी एवं कोषाध्यक्ष नीरज अग्रवाल, कार्यपरिषद के सदस्य प्रो. जय प्रकाश,  गोविन्द प्रसाद अग्रवाल, महेश चन्द्र अग्रवाल, राजेश गर्ग, नरेन्द्र अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, फैजुल हसन, अरूण द्विवेदी एवं विभिन्न निदेशकगणों, प्रख्यात शिक्षाविदो, संकाय संदस्यो, छात्रों व उनकें परिजनो आदि ने पधारकर आयोजन को सफल बनाया।

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मथुरा। भागवत कथा समिति ने गऊघाट स्थित गोपीनाथ मंदिर में कल प्रातः ग्रंथ का पूजन किया और दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का शुभारंभ संत राजा बाबा से कराया। इस अवसर पर वक्ताओं ने गीता को राष्ट्रीय धर्मग्रंथ घोषित करने की मांग उठाई। ठाकुर गोपीनाथ मंदिर में हुये आयोजन में पंडित अमित भारद्वाज ने इसका संचालन किया। इस मौके पर आचार्य पदमनाथ वशिष्ठ, कृपाशंकर तिवारी, नवल पाराशर, बलराम आचार्य, आनंदबल्लभ शास्त्री, देवेन्द्र द्विवेदी, हरिओम ब्यास, राजेन्द्र भारद्वाज, चन्द्रकांत शर्मा, नवीन पुरोहित आदि उपस्थित थे। वहीं श्रीजी मंदिर गताश्रम पर गीता जयंती मनाई गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेश चतुर्वेदी थे। उन्होंने दीपदान कर गीता का पाठ प्रारंभ कराया। इस अवसर पर भोला बाबा ने कहा कि गीता का विष्णु भगवान ने गीता को अपना 25वां अवतार बताया है। अन्य विद्वानों ने भी विचार व्यक्त किये जिनमें अरविन्द शास्त्री, बनवारी बाबा, श्रीकांत, शरद सौदागर, गोपाल शास्त्री, अवधेश पाठक, श्याम पहलवान आदि मौजूद थे।

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 बाबा जयगुरूदेव आश्रम में गुरू महाराज के चित्र के समक्ष श्रद्धा अर्पित करते पंकज बाबा बाबा जयगुरूदेव के पांच दिवसीय भण्डारे में सत्संगियों के बीच लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव मथुरा।  वार्षिक भण्डारा पर्व पर बाबा जयगुरुदेव महाराज के भक्त व उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण व सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर एवं समाधि स्थल पर मत्था टेका और प्रसाद चढ़ाया। तत्पश्चात् मन्दिर के पीछे सत्संग मैदान में बने मंच से अपने सम्बोधन में कहा कि मैं स्वामी जी महाराज के दर्शनार्थ और आशीर्वाद लेने कई बार जयगुरुदेव आश्रम आया। मैं आपका गुरुभाई हूँ, आप हमारे गुरुभाई हैं। दादा गुरु स्वामी ‘घूरे लाल जी महाराज’ के 67वें वार्षिक भण्डारा के अवसर पर आना मेरा सौभाग्य है। स्वामी जी (बाबा जयगुरुदेव जी महाराज) ने हमारी सरकार बनने से पहले कहा था आपकी सरकार बनेगी। आप गरीबों का बहुत ख्याल रखना। काश्तकारों का कर्जा माफ करना, सिंचाई निःशुल्क कर देना। ऐसे कई जनहित कार्यों को करने के लिये कहा था, जिसे हम कर रहे हैं। स्वामी जी कहते थे ‘मास-मंदिरा से दूर रहकर शाकाहारी रहना चाहिए।’ इस अवसर पर उन्होंने मेले में आये हुये उपस्थित लाखों सत्संगियों को आश्वस्त किया हम मन्दिर व संस्था की रक्षा के लिये हिमालय की तरह खड़े हैं। हम लोगों को स्वामी जी के मिशन को पूरा करने में निरन्तर तत्पर रहना चाहिये। हम भी उसके लिये प्रयास करते रहेंगे।  जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे दादा गुरु महाराज के वार्षिक भण्डारा के दिन संस्थाध्यक्ष पंकज जी महाराज ने बाबा जी के अमृत वचनों का स्मरण कराते हुये कहा कि सन्तों-महापुरुषों के सत्संग में किसी जाति, धर्म, कौम या व्यक्ति विशेष की निन्दा, चुगली नहीं होती। यह महापुरुषो की मेहनत व उनकी दया का परिणाम है कि हम लोग आज इस बृज की पवित्र धरती पर दादा गुरु के भण्डारे पर आये हुये हैं। बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने हम लोगों को बताया कि यह परदेश है। हमारा सच्चा पिता, मालिक सत्पुरुष महाप्रभु हैं, जो सतलोक में रहते हैं। वे खुद यहाँ नहीं आते, बल्कि अपने बोध को सन्त रूप में मृत्यु लोक में जीवों को जगाने और ले जाने के लिये भेजते हैं।  महाराज जी ने कहा कि परिवर्तन आन्दोलन, तोड़-फोड़ और कानून बनाने से नहीं होता है। परिवर्तन विचारों से होता है। विचार, खान-पान पर निर्भर होता है। जैसा खान-पान होगा, उसी तरह का विचार आता है। यदि सभी मजहब और जाति के लोग बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के शाकाहार-सदाचार अपनाने व मद्यपान छोड़ने की अपील पर अमल करें, तो देश व दुनियां में अमन चैन आ जायेगा।  उन्होंने आगे कहा कि होली का कार्यक्रम बाबा जयगुरुदेव जी महाराज की पावन जन्म भूमि खितौरा तह. भरथना जि. इटावा उ.प्र. में आगामी 23, 24 व 25 मार्च 2016 को आयोजित किया जायेगा। अबकी बार ऐसा शुभ मुहूर्त है कि 23 मार्च को मुक्ति दिवस पड़ रहा है। इस कार्यक्रम में आप सभी लोग आमन्त्रित हैं। इस मौके को चूकना मत।  

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 कृष्ण जन्मभूमि प्रांगण में स्थित ठा. केशवदेव मंदिर पर गीता जयंती का आयोजन किया गया जिसमें वेदपाठी ब्राह्मण द्वारा सामूहिक पाठ करते हुए  मथुरा। ठा. केशवदेव मंदिर जन्मस्थान पर गीता जयंती का आयोजन किया गया। वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक पाठ और गीता महायज्ञ संपन्न कराया गया। इस मौके पर बोलते फूलडोलदास महाराज ने कहा कि गीता में अर्जुन को माध्यम बनाकर समूचे संसार को मार्ग दिखाया। हमें इससे सीखने को मिलता है। नवल नंद गिरि महाराज ने हा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, परमात्मा का भूमण्डल पर अवतार होता है। श्रीकृष्ण का अवतार भी ऐसे अत्याचारों के समूल नाश को हुआ था। आदित्यानंद महाराज ने कहा कि आज यमुना, गीता और गौमाता तीनों संकट में हैं। भगवान को पुनः अवतार लेने की आवश्यकता है। वर्तमान में न जाने कितने कालिया नागों ने यमुना में भयंकर प्रदूषण कर दिया है।  धर्मयात्रा महासंघ के कृष्ण कुमार अग्रवाल ने कहा कि विलुप्त तीर्थों की खोज कर उनका उन स्थानों की राज्य सरकारों के द्वारा सौन्दयीकरण कराना हमारा उद्देश्य है जिसके लिये पूरे देश भर में अभियान चल रहा है। तीर्थ पुरोहित महासंघ के संयोजक सुनील शर्मा ने कहा कि ब्रज में तीर्थ पुरोेहितों ने सफलतापूर्वक सदस्यता अभियान चलाया है। यह पूरे देश में चलेगा। राष्ट्रीय महामंत्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ छीना छपटी और उल्टी-सीधी घटनाऐं हो रही थीं। परिचयपत्रों से यह घटनायें रूकेंगी। अन्य विचार व्यक्त करने वालों में मनीषा गुप्ता चेयरमैन मथुरा, कालीचरण अग्रवाल, रविकान्त गर्ग, सोहनलाल शर्मा ‘कातिब’, केशवदेव महाराज, राजकुमार अग्रवाल, एसके शर्मा, महेश चतुर्वेदी, रामकिशन अग्रवाल ‘बसेरा’ सुरेशचन्द अग्रवाल ‘सुपारी वाले’, ब्रजेन्द्र नागर थे। महायज्ञ देवदत्त पंडित द्वारा कराया गया जिसमें नन्दकिशोर गौसाई, जयप्रकाश शर्मा, अजय चतुर्वेदी, अजूमनादास मित्तल, हरिओम शर्मा, मदनमोहन अग्रवाल, अक्षय भारद्वाज, लालजी भाई शास्त्री, अमित भारद्वाज, दीपक चतुर्वेदी दीपू, रामदास चतुर्वेदी, बादाम छाप पण्डा आदि उपस्थित थे।  

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