मथुरा

 मथुरा। राधाकुण्ड कस्बे में अहोई अष्टमी मेला को लेकर एसडीएम गोवर्धन विश्व भूषण मिश्रा ने मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों के साथ राधाकुण्ड पुलिस चैकी पर बैठक की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर संदिग्ध स्थलों पर सुरक्षा कर्मी तैनाती की बात कही। चेयरमेन दाऊजी ठेकेदार ने मेला की व्यवस्थाओं के बारे में थानाध्यक्ष अरविंद सिंह एवं राधाकुंड चैकी प्रभारी ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। मेला की व्यवस्थाओं को खूबसूरत अंजाम देने के लिए एसडीएम गोवर्धन विश्व भूषण मिश्रा ने राधाकुंड चैकी पर स्थानीय लोगों से सुज्ञाव लेकर निर्देश भी दिये। राधाकुण्ड में 40 दिन तक नियमित चलने वाली नियम सेवा और अहोई अष्टमी पर श्रद्वालु भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए एसडीएम, एसओ गोवर्धन, राधाकुण्ड नगर पंचायत एंव पुलिस चैकी प्रभारी ने ग्रामीणों के साथ बैठक पर इस जाम की समस्या से निजात पाने के लिए सब्जी मंडी को हटाने का फैसला लिया है। राधारानी कुण्ड पर लगने वाली सब्जी मंडी को यहां से हटा कर राधाकुण्ड के सैंनी मोहल्ला में जी मंडी अभी एक महीना के लिए सैंनी मोहल्ला में रखी गई है। इस मैके पर निर्भय गोस्वामी, राधाकुण्ड चेयरमैन प्रतिनिधि दाऊजी ठेकेदार, सपा नगर अध्यक्ष गौरव गोस्वामी, वंशी वाला, डा. जीतन, आदि मौजूद थे। ज्ञात रहे कि कार्तिक मास में हजारों भक्त राधाकुंड में निवास कर कार्तिक नियम सेवा के अंतर्गत भजन संर्कीतन करने आते हैं। विभिन्न धार्मिक आयोजनों के बीच लगने वाला यह मेला मन्नतों के मेला के नाम से मशहूर है। स्नान के उपरांत एक पसंदीदा फल छोड़ने का विधान भी बताया जाता है।  

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मथुरा। वृन्दावन नगर के रमणरेती क्षेत्र स्थित दुसायत मौहल्ला में लगे एक एटीएम को बीतीरात्रि चोरों ने ताला तोड़कर उसमें रखे कैश को चुराने का प्रयास किया। चोरों ने एटीएम मशीन में तोड़फोड़ भी की लेकिन वह कैश ले जाने में असफल रहे। मिली जानकारी के अनुसार दुसायत मौहल्ला स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रमणरेती शाखा में लगे एटीएम पर बीतीरात चोरों ने धावा बोल दिया और एटीएम के ताले तोड़ दिये और एटीएम में तोड़फोड़ की कोशिश कर कैश निकालने का प्रयास किया लेकिन चोर इसमें सफल नहीं हो सके। आज सुबह बैंक के एटीएम और बैंक शाखा कार्यालय पर लगे ताले टूटा देखकर घटना की जानकारी हुयी। इस संबंध में शाखा प्रबंधक गुलशन कुमार ने कोतवाली में अज्ञात चोरों के खिलाफ

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आप मेलबर्न (ऑस्ट्रलिया) आएं और नेड केली की रोचक कहानी सुने बिना चले जाएं, यह संभव नहीं...। अंग्रेजी हुकूमत को ललकारने वाले 25 साल के आयरिश नौजवान नेड केली को सन 1880 में अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी पर लटका दिया था। मेलबर्न की ओल्ड जेल (आज म्यूजियम) की काल कोठरी और उस स्थान को देखकर हैरत होती है जहां नेड को आनन-फानन में फांसी दी गई। ऑस्ट्रेलिया के मंझे हुए कलाकारों द्वारा एक घंटे के नाटक का मंचन देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो जाएगा। यह नाटक नेड की जिन्दगी पर फांसी स्थल पर होता है। मजेदार बात यह है कि नेड की जिन्दगी में जिसने भी जाने की कोशिश की, वह बहता ही चला गया। इतिहासकार, शिक्षाविद, समाज सुधारक, उपन्यासकार, फिल्म निर्माता, कवि, लेखक, पत्रकार, लोकगायक ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया की सामान्य जनता ने भी नेड के गीत गए हैं। ऑस्ट्रेलिया की पुलिस रहस्य-रोमांच से भरपूर नेड की जिन्दगी के कुछ अनसुलझे पहलुओं को आज भी सुलझाने की कोशिश करती रहती है। जून 1855 में जन्मे नेड के पिता रेड केली आयरलैंड से एक कैदी के रूप में ऑस्ट्रेलिया लाए गए थे। सजा काटने के बाद केली परिवार यहीं बस गया। 12 भाई-बहिनों में नेड सबसे बड़ा था। 12 वर्ष की उम्र में नेड ने देखा कि विक्टोरिया पुलिस ने उसके परिवार को कभी भी चैन की सांस नहीं लेने दी। अबोध बच्चों के साथ उसकी मां को तो जब-कभी जेल में डाल देना पुलिस की आदत बन गई। 14 वर्ष की उम्र में नेड बागी हो गया। चार हमउम्र दोस्तों के साथ मिलकर वह अंग्रेजी हुकूमत को मजा चखाने के लिए बगावत की राह पर चलने लगा। हथियार थाम और घोड़ों पर सवार चार नौजवानों का केली गैंग जब जंगलों से अत्याचारी सत्ता के खिलाफ हुंकार भरता था तो पुलिसवालों की रूह कांप जाती थी। केली गैंग को पैसों की जब भी आवशयकता होती वे बैंक लूटते, किसी राहगीर को नहीं। सन 1878 तक केली के नाम से सरकार थर-थर कांपने लगी। 100 पाउंड का इनाम रखा गया केली के सिर पर। एक बार चार पुलिसवालों ने केली को घेर लिया। इनमें तीन पुलिसवाले गैंग की गोलियों से मारे गए। एक भाग निकला। इस घटना के बाद केली की गिरफ्तारी पर इनाम 200 पाउंड कर दिया गया। बाद में यह इनाम 8000 पाउंड तक पहुच गया। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में किसी अपराधी को पकड़ने के लिए इतना बड़ा इनाम पहले कभी घोषित नहीं किया गया था।  केली गैंग के चारों सदस्य लोहे का कवच पहनते थे। इसपर गोली असर नहीं करती थी। इस कवच में खेत जोतने वाले हल का लोहा प्रयोग में लाया जाता था। सिर से लेकर पैरों तक का 40 किलो वजन का कवच किस तकनीक से बनाया गया...? केली के दिमाग में कवच की परिकल्पना कैसे आई...? और, इसे कैसे अंजाम दिया गया? आदि... सवाल 130 साल बाद भी केली पर शोध करने वालों को परेशान किए हुए हैं। गांव वाले केली से भरपूर सहानभूति रखते थे। केली ने 57 पेज (करीब 8000 शब्द) का एक पत्र लिखा और इसे अखबार में प्रकाशित करने के लिए एक व्यक्ति को दिया। इसकी एक प्रति विक्टोरिया संसद को भेजी गई। इस पत्र को तब दबा दिया गया था लेकिन साल 1930 में यानी केली को मृत्युदंड दिए जाने के 50 साल बाद यह पत्र उजागर हुआ। इस पत्र में केली ने अपने बागी बनने की पूरी कथा तथा अपने परिवार पर किए गए पुलिसिया जुल्मों के बारे में लिखने के साथ-साथ शोषित और गरीबों पर ब्रिटिश हुकूमत द्वारा किए जाने वाले अन्याय की तस्वीर पेश की है। यह एक संयोग ही है कि केली के इस पत्र और भारत के शहीद भगत सिंह द्वारा अदालत में दिए गए बयानों में समानता मिलती है। केली ने पुलिस के हाथों कभी न पकड़े जाने की व्यवस्था अपने कवच के माध्यम से कर रखी थी लेकिन विधि को यह मंजूर न था। 26 जून 1880 को मेलबर्न से 180 किमी दूर ग्लेंरोवन नाम का गांव है। केली ने इस गांव के 70 लोगों को अचानक बंधक बनाया। उसकी योजना थी कि इस खबर को सुन मेलबर्न से पुलिस फोर्स ट्रेन से आएगी। वह रास्ते में पटरी उखाड़कर ट्रेन को पलटने की व्यवस्था कर देगा। बंधकों में एक स्कूल मास्टर भी था। किसी तरह वह भाग निकला और पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने उस होटल को घेर लिया जिसमें केली बंधकों के साथ था। दोनों ओर से गोलीबारी हुई। केली अपने कवच पर गोलियों के वार झेलता रहा लेकिन एक गोली उसके पैर में लगी और वह गिर पड़ा और पकड़ा गया। बाकी तीन साथी मारे गए। मुकदमा चला और आनन-फानन में 11 नवंबर 1880 को केली को ओल्ड जेल में फांसी पर लटका दिया गया। केली को फांसी न देने की अपील 30 हजार गांववालों ने की। फांसी की सजा सुनाने वाले जज रेडमंड बेरी ने जब केली से अंतिम इच्छा पूछी तो केली ने बड़ी सहजता से कहा कि वह जहां जा रहा है वहां आपसे (जज) जल्द ही मुलाक़ात होगी। यह भी एक अजब संयोग ही था कि जज बेरी 12 दिन बाद अपने चैंबर में चल बसे।  केली की कहानी का एक आश्चर्यजनक पहलू यह है कि जज बेरी ने ओल्ड जेल के पास एक लाइब्रेरी की स्थापना की थी। आज यह लाइब्रेरी दुनिया की जानी-मानी लाइब्रेरी है। इस स्टेट लाइब्रेरी में आज केली की स्मृति रक्षा बहुत सम्मान के साथ की जा रही है। एक गेलरी केली को समर्पित है। इसमें केली का रक्षा कवच और केली को अमरत्व प्रदान करने वाला उसका पत्र अनेक चित्रों के साथ बड़े सम्मान के साथ प्रदर्शित है। केली की बहादुरी ब्रिटिश सत्ता को जबरदस्त चुनौती थी। केली किस मिटटी का बना था, इस रहस्य को जानने के लिए पुलिसवालों ने फांसी के फंदे से केली के मृत शरीर को उतारा और उसका सिर कलम कर चिकित्सकों से जांच कराई कि केली के मस्तिष्क में कोई विशिष्ट चीज तो नहीं थी। बाद में पुलिस अफसर केली की खोपड़ी का इस्तेमाल अपनी मेज पर एक पेपरवेट के रूप में भी करते रहे। अपनी निजी लड़ाई जब जनता की लड़ाई बन जाए तो लड़ने वाला योद्धा जननायक बन जाता है। यही हुआ केली के साथ। जिस स्थान पर केली को फांसी दी गई उस स्थान पर उसके जीवन पर आधारित नाटक खेले जाते हैं। जिस काल कोठरी में वह बंद रहा वह स्थान आज संग्रहालय है। जिस मिटटी में उसने पुलिस के साथ लुकाछिपी की वहां लोकगायक उसकी बहादुरी के गीत गा रहे हैं। सम्पूर्ण ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों में केली के संघर्ष के पीछे छिपे जनहित के मर्म को तलाशने की कोशिश की जा रही है। केली के जाने के सवा सौ साल बाद भी गोष्ठियों और सेमीनार के जरिये उसके विचारों पर अन्वेषण किया जा रहा है। नेड केली पर करीब छह फ़िल्में भी बनी हैं।

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 कर्मचारी की मौत के बाद राया थाने के बार घेराब करते ग्रामीण अप्रिशिक्षित मैकेनिक को बिना शटडाउन किये चढा दिया हाईटैंशनलाइन पर शव रखकर थाने का ग्रामीणों ने किया घेराव मथुरा। थाना राया क्षेत्र में एक अप्रशिक्षित विद्युत मैकेनिक को एचटी लाइन पर बिना शटडाउन लिये विद्युत विभाग के लाइन इंस्पैक्टर ने चढा दिया। तेज करंट से खंभे पर चढे युवक की मौत हो गयी। उसको मरा देख विद्युत कर्मचरियों के हाथ-पैर फूल गये और वे प्राईवेट मिस्त्री को छोड़कर भाग गये। इस घटना की खबर जैसे ही क्षेत्र के लोगों को लगी तो उनमे आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने राया थाने का घेराव किया लेकिन विद्युत विभाग के कर्मचारी फिर भी नहीं पंहुचे तो नाराज लोगों ने शव को रखकर रोड पर जाम लगा दिया जिससे राया थाने के पुलिसकर्मियों के हाथपैर फूल गये। इस दौरान थाने के एक दरोगा ने ग्रामीणों से बदसलूकी की। दरोगा की दबंगई को देख ग्रामीण और भड़क गये और दरोगा की जमकर क्लास लगायी। खूब खरी खोटी सुनाईं। हुआ यह कि आज सुबह आठ बजे भैंसारा आयराखेड़ा निवासी सुनील पुत्र सुरेशचन्द्र जो प्राईवेट बिजली का मिस्त्री है। उसे लाइन इंस्पैक्टर विद्युत अपने साथ ले गया और आयरा खेड़ा के पास एक हाईटैंशन लाइन पर उसे चढा दिया। बिना शटडाउन लिये चढाये युवक की तेज करंट से दर्दनाक मौत हो गयी। इसे देख विद्युत विभाग के कर्मचारी भाग खड़े हुये। बड़ी मुश्किल से उसके शव को ग्रामीणों ने उठाया और विभाग की लहतलाई को देखते शव को लेकर जाकर राया थाने पर जाम लगा दिया। विद्युत विभाग का कोई भी व्यक्ति वहां नहीं पंहुचा जिससे ग्रामीण और भड़क गये। थाने के एक दरोगा के ऐसे मौके पर दबंग और अभद्र व्यवहार पर ग्रामीणों की गुस्सा और बढ गयी और दरोगा को जमकर हड़काया गया। घटना के बाद भारी पुलिस फोर्स मौके पर पंहुच गया। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने पर लोगों ने अपना गुस्सा शांत किया।

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मथुरा। थाना मगोर्रा के गांव भूचन में एक नामजद सहित चार लोगों ने पन्द्रह वर्षीय लड़की को पहले तो बहला फुसलाकर भगा ले गये और बाद में कमरे में बंद कर जान से मारने की धमकी देकर उससे बलात्कार किया। बताया गया कि नगला भूचन निवासी चन्द्रपाल की 15 वर्षीय लड़की को मुकेश जाट पुत्र लक्ष्मण जाट निवासी सावोरा कुम्हेर भरतपुर आदि तीन-चार लोग भगा ले गये और फिर उससे दुष्कर्म किया।

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 शिलान्यास के अवसर पर बोलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी मूर्ति विसर्जन से कैसे हो रही है यमुना मैलीः लक्ष्मीकांत मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आज वृंदावन नगर स्थित चेतन्य बिहार फेस 2 में बरखा आश्रम का शिलान्यास किया। उनके साथ दिल्ली के शनिदेव मंदिर के महंत दाती महाराज एवम राधे-राधे महाराज भी साथ थे। राधे-राधे महाराज द्वारा देश में कई स्थानों पर निराश्रित, विधवा महिलाओं के लिये आश्रम बनवाये गये हैं जिनमें यह लोग रहकर अपना भरण पोषण कर सकें। इस अवसर पर बोलते हुये भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मैंने काफी समय पहले बनारस में गंगा में मांस के लोथड़े और रक्त बहते हुये देखा था जिसके मैंने चित्र भी लिये। आज कानून मूर्ति विसर्जन करने पर प्रतिबंध लगा रहा है, क्योंकि उससे यमुना और गंगा की स्थिति प्रदूषित होती है। मांस के लोथड़े और खून बहने पर कोई भी व्यक्ति विरोध नहीं करता। वे गाय, बेटी और गंगा को बचाने के लिये लोगों को संकल्प दिलाया और कहा कि हम सभी संकल्प लें कि हम अपनी बेटियों और गाय की रक्षा तथा गंगा के शुद्धिकरण रक्षा के लिये कार्य करेंगे। इस मौके पर वृन्दावन पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम सहित भारतीय जनता पार्टी के लोग मौजूद थे।

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