अपने 99 वें जन्मोत्सव पर अनावरण के लिए तैयार कपड़े से ढकी सेवा केंद्र परिसर में दीनदयालजी की प्रतिमा।
दस अक्टूबर को जन्मदिन पर होगा अनावरण
तीन माह में बनकर तैयार हुई एकात्म मानवावाद के प्रणेता की प्रतिमा
फरह। अंत्योदय की धरा पर अपने जन्म शताब्दी साल में एक बार फिर एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय अवतरित होंगे! क्वार माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को महामानव खुद के 99 वें जन्मोत्सव पर आदमकद प्रतिमा के जरिये अनुयाइयों के सामने प्रकट होंगे। मेला जन्मोत्सव के दौरान आयोजित भव्य आयोजन में विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेशजी करीब दो टन वजनी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। सेवा केंद्र परिसर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के सामने करीब तीन माह की तपती दोपहरी और कड़ी मेहनत से निखारकर धरातल से करीब बीस फीट उंची दीनदयालजी की प्रतिमा अब विक्रम कलेंडर के अनुसार, आश्विन क्वार माह के कृष्णपक्ष की त्रयोदषी, यानि दस अक्टूबर को अनुयाइयों के सामने अवतरित होगी। करीब बीस कुंतल वजन वाली दीनदयालजी की इस प्रतिमा को पंजाब बरनाला के जैमल सिंह बाड़ा निवासी सरदार जनरैल सिंह ने दो सहयोगियों की मदद से तैयार किया है। प्रतिमा की कीमत बताने से इन्कार करते हुए जरनैल सिंह बताते हैं, दीनदयालजी की इस मूर्ति को करीब तीन माह की मेहनत और हुनर के बाद तैयार किया है, जिसमें प्लास्टर आॅफ पेरिस, सीमेंट, सफेद सीमेंट, स्टील, लोहा का प्रयोग किया है। धरातल से करीब बीस फीट ऊंची प्रतिमा की लम्बाई करीब बारह फीट है, जबकि आधार करीब आठ फीट ऊंचा है। पूछने पर बताते हैं, उन्होंने सउदी अरब, दुबई के अलावा आगरा गुरु का ताल स्थित गुरुद्वारे में अपनी कलाकारी का हुनर दिखाया है। आगरा के गुरुद्वारे में उन्होंने सतीराम, मनीरात की धोड़े पर सवार प्रतिमाएं तैयार की हैं।
एक सवाल पर उन्होंने बताया, अंत्योदय के उपासक पं. दीनदयाल उपाध्याय की इस प्रतिमा का दो सौ साल तक कुछ नहीं बिगड़ेगा, इसे भूकंप और जलजला भी नहीं डिगा सकेगा।
प्ंा. दीनदयाल उपाध्याय स्मारक समिति के निदेशक पदमजी ने बताया, दीनदयालजी की इस प्रतिमा का दस अक्टूबर को अनावरण होगा। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेशजी और संघ के प्रचारक, कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
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