मथुरा : जिले के गांव ढभाला में करीब 10 माह से बंद पड़े एक पूर्व माध्यमिक जूनियर हाईस्कूल की शिक्षा विभाग को कोई सुध नहीं है। इस स्कूल का प्रयोग गांव के ही प्रधान द्वारा गोदाम के रूप में किया जा रहा है। जानकारी मिलने पर, तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अन्तर्गत आने वाले इस गांव में बंद पड़े इस स्कूल को देखने जब यह संवाददाता गया तो पता चला कि उक्त स्कूल की प्रधानाचार्या सुनिता शर्मा स्कूल पर ताला लगाकर घर बैठी हैं। इसके चलते करीब 60 विद्यार्थी शिक्षा पाने से वंचित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा अभियान को अंगूठा दिखाते इस स्कूल में ताला लगे दो कमरों में गांव के प्रधान नानक गुर्जर ने सड़क निर्माण सामग्री डलवा रखी थी। बाकी के दो कमरों को मजदूरों ने घेर रखा है। स्कूल के प्रांगण में मजदूर चूल्हा बनाकर रोटियां बनाते हैं और लकड़ी के ढेर लगा रखे हैं। ग्राम प्रधान से विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान व स्कूल में निर्माण साम्रगी रखे जाने की बाबत जानकारी मांगी गई तो जवाब मिला कि स्कूल तो कई माह से बंद हैं इसलिए इसको सड़क निर्माण सामग्री रखने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। प्रधान ने यह भी बताया कि उसने आज तक स्कूल की प्रधानाचार्या को नहीं देखा। गांव में, ग्राम प्रधान की प्रधानाचार्या के ‘ठेकेदार’ पति से सांठगांठ कर स्कूल में सड़क निर्माण सामग्री रखे जाने की चर्चाएं हैं। इस बारे में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए कई बार प्रयास करने के बावजूद शिक्षा अधिकारी बीरपाल यादव ने फोन नहीं उठाया।
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