मथुरा

मथुरा। सीओ छाता अतुल कुमार श्रीवास्तव के अम्बेडकर नगर ट्रांसफर और सीओ प्रीति प्रियदर्शनी के गुड़गांव चले जाने के बाद एसएसपी ने सीओ मांट पीयूष कुमार को सीओ छाता, सीओ केजेएस, एसआईएम जनक सिंह को सीओ मांट, राजेन्द्र कुमार गौतम को सीओ रिफाइनरी के अतिरिक्त कार्यालय एवं समस्त शाखाएं भवन, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी को नगर के अलावा यमुना प्रदूषण सैल, वीआईपी सेल, एलआईयू शाखा, यातायात, अपराध और राजेश कुमारसोनकर को क्षेत्राधिकारी केजेएस, एसआईएम के अलावा पुलिस लाइन, नियंत्रण कक्ष, सीसीटीएनएस बनाया है।

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मथुरा। गौशाला के लोग गायों की मौत के बाद उन्हें यमुना किनारे पटक जाते हैं। वहां गायांे की दुर्दशा होती है। आज जब इसकी जानकारी भारतीय किसान यूनियन के ओमप्रकाश पचैरी, भगवानदास चैधरी, कमल सिंह, किशन घाट वाले, मंगल सिंह को लगी तो वे तत्काल यमुना किनारे पंहुच गये और यमुना में पड़ी तीन-चार गायों को निकालकर उन्हें मिटटी में गाढ़ा। पूरी अंतिम संस्कार की क्रिया की।  किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि गौशाला संचालकों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। गायों के जीवित रहने तक तो वे उनका सुख भोगते हैं लेकिन मृत्यु के उपरांत गायों को लावारिस फेंक देते हैं। यह अच्छी बात नहीं है। इन लोगों में गौशाला संचालकों के प्रति काफी रोष था।

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वृन्दावन में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चारों आश्रय सदनों को देखने पंहुचीं अब वृद्ध महिलाओं की भी शासन को भेजी जायेगी रिपोर्टः सुषमा मथुरा। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू वृन्दावन आयीं और उन्होंने यहां रहने वाली निराश्रित महिलाओं के काम और उनको मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी की। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिलाओं को लेकर प्रतिवर्ष शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है लेकिन इस बार वे उन वृद्ध महिलाओं की भी रिपोर्ट शासन को भेजेंगी जिनका वर्तमान में कोई नहीं है। उन्होंने निराश्रित महिलाओं से पूछा कि उन्हें सुविधायें मिल रही हैं अथवा नहीं? प्रशिक्षण का कार्य कैसा चल रहा है? क्या आप घर जाना चाहती हैं? आदि सवाल महिला आयोग की सदस्य ने निराश्रित महिलाओं से पूछे और उनकी स्थिति का आंकलन किया और सुविधायें भी देखीं। महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि वे इस बार वृद्ध महिलाओं की पूरी जानकारी ले रही हैं और इसे शासन तक भेजा जायेगा। क्या-क्या सुधार हो सकते हैं इस पर भी चर्चा की जायेगी। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य के साथ जिला प्रोबेशन अधिकारी ओपी यादव, बाल कल्याण समिति की सदस्य, मजिस्ट्रेट प्रतिभा शर्मा मौजूद थीं। इस दौरान राष्ट्रीय सदस्य ने चेतन्य बिहार फेज-2 में दोनों आश्रय सदन और भूत गली और पागल बाबा मंदिर की पुरानी बिल्डिंग में स्थित दोनों आश्रय सदनों को भी देखा।  

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मथुरा। हिन्दी सप्ताह के अन्तर्गत ज्ञानदीप शिक्षा भारती में आयोजित कविता पाठ प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने स्वरचित कविताएँ सुना कर काव्य सृजन की प्रेरणा प्रदान की। प्रतियोगी छात्र छात्राओं ने हाव भाव के साथ रचनाओं की प्रस्तुति करते हुए कभी वीर रस की हुँकार भरी, कभी आँसू छलकाये तो कभी ठहाके लगवाये। ज्ञानदीप के संस्थापक सचित मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि समाज में कवियों का प्रतिष्ठाजनक स्थान रहा है। देश के सर्वोच्च पद पर आसीन रहे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम लोग न जानते हों किन्तु महाकवि सूरदास या गोस्वामी तुलसीदास के नाम सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि आज के कवि सम्मेलनों में तुकबन्दी या चुटकुलेबाजी के स्थान पर साहित्यिक अध्ययन और शब्दों के ज्ञान भंडार को समृ( करने से काव्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस दौरान शैक्षिक निदेशक केजी माहेश्वरी ने प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में छात्र गजेन्द्र सिंह कक्षा 11 को प्रथम, आयुशी अग्रवाल कक्षा 10 को द्वितीय तथा दीपक कुमार कक्षा 11 को तृतीय घोषित कर सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजिका शशि टण्डन थीं।

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मथुरा। एक सत्गुरू जो अपने से ज्यादा भक्त को महत्व देते हैं। ऐसे हैं निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज, तभी तो स्वयं हर अनुभव का ज्ञाता होने के बावजुद एक भक्त के अनुभव को महत्व देने लगे। एक सत्संग में निरंकार भक्त राकेश खेड़ा एडवोकेट शामिल हुए, उन्होंने सत्गुरू बाबा हरदेव सिंह से आर्शीवाद लेने के दौरान स्वयंलिखित पुस्तक ‘अनुभव’ प्रस्तुत की जिसे देख निरंकारी बाबा ने लेखक राकेश खेड़ा की प्रशंसा करते हुए सहज में ही अपने करकमलों द्वारा विमोचन कर अपने भक्त के अनुभव को महत्व दिया, जबकि अनुभव के मालिक स्वयं सत्गुरू हैं।

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मथुरा। जेसी सप्ताह के अंतर्गत प्रथम दिन मथुरा कालिन्दी जेसीज द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत जगन्नापुरी स्थित श्रीकृष्ण प्राथमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण करा कर उसका लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष रश्मि अग्रवान ने बताया की शौचालय निर्माण का मुख्य उददेश्य छात्राओंद्वारा स्कूलों में बिना शौचालय के पढ़ाई छोड़ने को रोकने का है। सचिव डौली अग्रवाल ने छात्राओं को खुले में शोच से होने वाली बीमारियों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रेम किशोर द्वारा इस कार्य के लिए मथुरा कालिन्दी संस्था की प्रशांसा की गई। इस अवसर पर बच्चों की पीने की पानी की समस्या के निस्तारण हेतु हैडपम्प भी लगवाया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रजनी मालपानी, करिशमा बेरीवाल, संगीता, अलका, रश्मिी, मनीषा, शैली, प्रिया, रूचि, अनीता, रूपाली, मीना, मीरा, अमला आदि उपस्थित थे

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जनहुंकार रैली में हुंकार भरते प्रदेश के पूर्व कबीना मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण। साथ हैं भाजपा नेता एसके शर्मा, रविकांत गर्ग, राजेश चैधरी, चेतन मलिक व अन्य भाजपा नेता। दूसरे चित्र में कलैक्ट्रेट पर मौजूद भारी भीड़। कलक्टेªट के गेट पर भाजपा का झंडा लहराती पार्टी महिला कार्यकर्ता   कलक्टेªट परिसर में डीएम कार्यालय की ओर अपनी समर्थकों के साथ कूच करते पूर्व मंत्री लक्ष्मी नारायण चैधरी एवं मनोज फौजदार  सपा सरकार के अनन्य भक्त हैं मथुरा के डीएम  जनपद पुलिस कर रही है लूटमार  किसानों को चैक न मिले तो बजा दी जायेगी ईंट से ईंट मथुरा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला कार्यालय जुबली पार्क से एक विशाल जनहुंकार रैली निकाली जो पुराना बस स्टैण्ड, टैंक चैराहा होते हुये कलैक्ट्रेट पंहुची। इस बीच पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश में बढते अपराधों और जनपद की ध्वस्त कानून व्यवस्था, ओलावृष्टि और सूखा राहत के चैक न मिलने, अघोषित विद्युत कटौती, जनपद की शहर और देहात क्षेत्रों की खराब सड़कों, नहर, रजवाहों में सफाई न होने और जेनर्म घोटाले व यमुना शु(िकरण पर अभी तक कार्य न होने पर नाराजगी जताई। भारतीय जनता पार्टी आज इसी सब को लेकर दलबल सहित कलैक्ट्रेट पंहुची। कलैक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन में पूर्व कृषि मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण ने कहा कि ओलावृष्टि के किसानों को मुआवजे के रूप में 320 करोड़े रूपये की मांग की गयी थी जिसमें 305 करोड़ रूपये जनपद के किसानों को मिला जबकि केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार को 2800 करोड़ रूपये ओलावृष्टि किसानों की मदद के लिये भेजा। उन्होंने सवाल उठाया कि यह पैसा कहां गया? या तो इसमें जिला प्रशासन दोषी है या प्रदेश सरकार? उन्होंने बताया कि सन 2010 में सूखा पड़ा था लेकिन उसका पैसा भी आज तक किसानों को नहीं मिला।   2014 के सूखे की रिपोर्ट भी जिला प्रशासन ने नहीं भेजी जिसकी वजह से आगे इन किसानों को यह पैसा कैसे मिल पायेगा? इसके बारे में हम जिलाधिकारी से कहते हैं कि वे तुरंत इसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजें जिससे 2017 के चुनावों में भाजपा सरकार बने तो यह पैसा सूखा पीड़ित किसानों को दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ी हुयी है। पुलिस लूटमार कर रही है और झूठे मामलों में लोगों को फंसाकर अपराधी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अड़ींग में पुलिस की नादिरशाही से एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी लेकिन जब उसके अंत्येष्टि की गयी तो पुलिस ने इस कदर अपना भय ग्रामीणों को दिखाया कि वहां उसकी अंत्येष्टि में दस आदमी भी नहीं पंहुच पाये। पूर्व सांसद चै. तेजवीर सिंह ने कहा कि 18-18 घंटे की विद्युत कटौती हो रही है जिससे ब्रजवासी पूरी तरह आहत हैं। पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग ने कहा कि इस जनपद का दुर्भाग्य है कि सूखा, ओलावृष्टि के पैसों के लिये किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मथुरा के डीएम सपा सरकार के अनन्य भक्त हंै। वे सत्ताधारी पार्टी के एजेंट हैं। भाजपा नेता अजय पोईया ने कहा कि किसानों के हालात इतने बुरे हो गये हैं कि मुआवजे के लिये उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपुरी, एटा और फिरोजाबाद के पीड़ित किसानों को पूरा पैसा दे दिया गया है जबकि सर्वाधिक ओलावृष्टि से पीड़ित मथुरा जनपद के किसानों को अभी चैक नहीं दिये गये हैं। ठा. मेघश्याम सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार को पैसा दिया है लेकिन प्रशासन इस धन को किसानों तक नहीं आने दे रहा जो दुखद बात है। जल्द ही किसानों को पैसा नहीं मिला तो प्रशासन के खिलाफ ईंट से ईंट बजा दी जायेगी। भाजपा नेता एसके शर्मा ने कहा कि मथुरा के किसानों को केवल 27 प्रतिशत धनराशि मिली है जो प्रदेश सरकार की अकर्मण्यता उजागर करती है। केन्द्र जब धन दे चुका है तो प्रदेश और स्थानीय प्रशासन उसे किसानों तक क्यों नहीं पंहुचा रहा। इस अवसर पर पार्टी जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, नगर अध्यक्ष संजय शर्मा, राजेश चैधरी, चेतन मलिक, मदनमोहन श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में भाजपाई मौजूद थे।   नहीं आये ओम माथुर और हेमा मथुरा। आज भारतीय जनता पार्टी की जनहुंकार रैली में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के शामिल होने का कार्यक्रम तय हुआ था लेकिन ओम माथुर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बैठक की वजह से मथुरा रैली में नहीं आये जबकि हेमा मालिनी अपने भाई की चेन्नई में होने वाली सर्जरी के चलते नही आ सकी। लक्ष्मीनारायण चैधरी ने दिखायी ताकत आज भाजपा की जनहुंकार रैली में पूर्व मंत्री और छाता क्षेत्र के विधायक लक्ष्मीनारायण चैधरी ने अपनी ताकत का ऐहसास कराया। देहात क्षेत्र से इस रैली में काफी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की। इससे लगा कि अब भारतीय जनता पार्टी देहात क्षेत्र में भी मजबूत हो रही है और 2017 के विधानसभा चुनावों में इसके नतीजे सामने होंगे। चैधरी जैसे दिग्गज नेता के पार्टी में शामिल होने से भाजपा का देहात क्षेत्र पूरी तरह मजबूत हो गया है। आज रैली में इसका असर देखने को मिला। चैधरी के भारी संख्या में समर्थक जनहुंकार रैली में नजर आये।   सीओ से धक्कामुक्की आज भाजपा की जनहुंकार रैली में उस समय अफरा  तफरी मच गयी जब भाजपा के किसी कार्यकर्ता ने सीओ सिटी से धक्का मुक्की कर दी। पुलिसकर्मी कह रहे थे कि डण्डा मारा है लेकिन पार्टी के लोगों ने कहा कि धक्का मुक्की हुयी है। सीओ इससे नाराज नजर आये। युवक को पकड़ने की कोशिश की लेकिन पार्टी के लोगों ने उसे भगा दिया। पुलिसकर्मियों में इससे रोष देखा गया।  

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यमुनापुल का निरीक्षण करते डीएम राजेश कुमार एवं एसएसपी डा. राकेश सिंह  आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार एक माह के लिये कल से आवागमन होगा शुरू मथुरा। यमुनापार पुल से आवागमन बंद कर देने से जहां छात्रों को भारी परेशानी हो रही है वहीं स्कूली बच्चे भी रूट डायवर्जन के चलते परेशान हैं। यमुनापार क्षेत्र में रहने वाले लोग नावों के जरिये अपने गंतव्य तक पंहुच रहे हैं। आज पुल के पास ऐसी ही एक नाव जिसमें दो बाइक भी थीं और सवारियां भी, अचानक यमुना के पानी में डूबने की खबर मिली। हालांकि तत्काल ही दोनों बाइक और सवारों को निकाल लिया गया लेकिन जैसे ही इस घटना की जानकारी पुलिस-प्रशासन को हुयी तो मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी पंहुच गये और उन्होंने पुल पर बंद निर्माण और यमुना की स्थिति का निरीक्षण किया। बाद में जिलाधिकारी ने कहा कि अभी फिलहाल एक माह तक नये पुल पर वाहनों के लिये आवागमन सुचारू रहेगा उसके उपरांत ही इसे सुधारा जायेगा। यह भी बताया गया कि फिलहाल दुपहिया वाहन चालकों का निकलना शुरू कर दिया जाये। इस दौरान यमुना पुल पर पंहुचे डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने यहां से आवागमन के लिये वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने पर भी विचार किया। यमुना पुल पर निर्माण के चलते दोनों तरफ से आवागमन बाधित हो गया है। लोगों को लंबे रास्ते से जोकर यमुनापार पंहुचना पड़ रहा है। एक्सप्रेस वे से दिल्ली जाने वाले मथुरा के लोगों को तो यह बड़ा संकट पैदा हो गया है। उन्हें वृन्दावन या महावन होकर पंहुचना पड़ रहा है जबकि यमुनापार क्षेत्र के लोग तो इस समस्या से बेहद परेशान हैं। डीएम ने पुल से गुजर रहे स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों से भी पूछताछ की। बच्चों की परेशानी को देखते हुये बाद में जिलाधिकारी ने निर्णय लिया कि कल से दुपहिया वाहनों का आवागमन यहां से एक माह के लिये शुरू कर दिया जायेगा। इस दौरान यमुना में स्टीमर और बड़ी नावें चलाये जाने के वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया गया।

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मथुरा। जनपद में पिछले तीन माह से ओलावृष्टि किसानों को लेकर जो राजनीति हो रही है उसमें सभी शक्ति परीक्षण में लगे हुये हैं। समाजवाीद पार्टी भी इससे अछूती नहीं रही है।  हालांकि पार्टी द्वारा प्रशासन के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं किया गया लेकिन किसानों को चैक न बंटने पर सपा ने भी कई जगह किसानों के स्वर में स्वर मिलाये। भारतीय जनता पार्टी, कांगे्रस और रालोद, बसपा सभी ने ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को लेकर जमकर नेतागिरी की है लेकिन किसानों को इससे कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ किसानों के चैक जरूर समय पर सही स्थिति में मिले लेकिन अधिकांश किसान आज भी ओलावृष्टि चैकों को लेकर भटकते फिर रहे हैं। आये दिन किसानांे के ज्ञापन और जिला प्रशासन को शिकायती पत्र मिल रहे हैं। किसानों के ओलावृष्टि से पीड़ित होने की राजनीति को प्रमुख दलों ने खूब भुनाया। प्रशासन और सरकारों के खिलाफ खूब आक्रोश व्यक्त किया और धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक बात पहुंचायी।  अब किसान पूछने लगे हैं कि आखिर इन चैकांे को लेकर नेता प्रशासन से प्रयास तो नहीं करते केवल अपनी-अपनी पार्टियों के जरिये आंदोलन और अपनी नेतागिरी चमकाने में लगे हैं। जबकि किसान इन नेताओं की हकीकत से पूरी तरह वाकिफ है।  

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मथुरा। गिटटी, मिटटी, बालू, पत्थर पर अविवहन शुल्क की मार झेल रहे ट्रक चालकों पर अब फिर पुनः वन विभाग का डंडा शुरू हो गया है। बीच में कई माह तक इस शुल्क से छुटकारा पाये रेत  सप्लायर अब पुनः इस टीम की चपेट में आने लगे हैं। इसी खौफ से राजस्थान से मथुरा आने वाले बालू के ट्रक अब आंख बचाकर मथुरा सीमा में आ रहे हैं। बालू, रेत, बजरफुट, गिटटी, चिलका का व्यापार करने वाली फर्मों द्वारा पूर्व में माननीय न्यायालय के आदेशों के चलते रिट याचिका पर इस अविवहन शुल्क से मुक्ति पा रखी थी, फिर भी रात के अंधेरे में वन विभाग के कर्मचारी अवैध तरीके से ये शुल्क वसूलते रहे। शिकवा-शिकायतों के बीच यह गोरखधंधा बंद हुआ फिर टीपी कटाने लोग जरूरी कागजों के लिये वन विभाग कार्यालय भी आने लगे हैं। अब पुनः कई दिन से घूम रही वन विभाग की इस्काट टीम द्वारा सड़क मार्गों पर ऐसी गाड़ियों को रोककर फाइलें ली जा रही हैं जिससे ट्रांसपोर्ट के धंधे में लगे लोगों के पैर उखड़ रहे हैं। कहीं सेलटैकस कर्मी तो कहीं एआरटीओ तो कहीं वन विभाग की गाड़ियों में सवार सरकारी नुमाइंदे वाहन चालकों के लिये मुसीबत बने हुये हैं। लखनऊ से आयी वन विभाग की टीम द्वारा जनपद में कई प्रमुख मार्गों पर जहां से गिटटी, पत्थर, बजरफुट, बालू, चिलका, लकड़ी आदि सामग्री की खेप निकलती हैं वहां गाड़ियों को रोककर अविवहन शुल्क वसूला जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारी मौके से जल्दबाजी कर गाड़ी चालकों से फाइलें छुड़ा ले जाते हैं। जल्दबाजी में न तो गाड़ी मालिक न तो यह समझ पाते हैं कि यह सेलैटक्स कर्मी हैं या एआरटीओ के लोग। जब सुबह दिन निकलने के बाद लोग एक-दूसरे से फाइलों की जानकारी लेते देखे जा सकते हैं कि किस विभाग के कर्मी रात में फाइलांे को ले गये हैं।

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