यमुना नदी, कुण्ड-सरोवर एवं गाय तथा किसानों की समस्यायों को लेकर आज दिनांक 4 सितम्बर को गोविन्द मठ, वृन्दावन में आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास तथा भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी.पी. सिंह यादव की अध्यक्षता में विशाल किसान महापंचायत हुई। जिसमें उ.प्र. के विभिन्न जिलों से आये हजारों की संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि सरकार को 68 वर्ष में देश की जनता के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था करनी चाहिए थी जो न कर सकी। प्रत्युक्त प्राकृतिक प्रदत्त नदियों में सरकार जहर मिला रही है जिसका सेवन करोड़ों मनुष्यों के साथ अरबों जीव करते हैं। यमुना हमारी आध्यात्मिक केन्द्र होने के साथ ही जीवनदायनी है। ये लड़ाई धर्म से ऊपर है, सरकार को हथिनी कुण्ड से यमुना मुक्त करनी होगी। सभी नालों को बन्द करना होगा। इस मांग को पूरा कराये बिना हम पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली में 60 फुट नीचे मेट्रो ट्रेन चल सकती है तो यमुना जी के लिए गन्दे पानी का नाला अलग से क्यों नहीं बन सकता है? इसकी रणनीति बनाने के लिए शीघ्र ही यमुना भक्त व किसानों की बैठक बुलाई जायेगी। हम सबको मिलकर यमुना, कुण्ड-सरोवर एवं गाय आदि का संरक्षण करना चाहिए। भा.कि.यू राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी.पी. सिंह यादव ने कहा कि भारत जब स्वतन्त्र हुआ था तो पर्यावरण समुचित रूप से व्यस्थित था, कहीं भी किसी तालाब अथवा पोखर का पानी पी लेते थे, जोकि सर्वथा स्वच्छ जल था। आज स्वतन्त्रता के 68 वर्ष के पश्चात् हम गंगा-यमुना का पानी पीना तो दूर छू भी नहीं सकते। आचमन करने में संकोच से हाथ पीछे हट जाता है। इससे ज्ञात होता है कि सरकार इस देश की जनता के लिए पानी के प्रश्न पर कितनी जागरूक है, मात्र सरकार ही नहीं विपक्ष में बैठे नेताओं की भी यही स्थिति है। इस अवसर प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. अशोक अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
यमुना रक्षक दल व भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री महोदय से निम्न मांग हंै -
1. यमुना का जल प्रवाह हथिनी कुण्ड से संगम तक पर्याप्त मात्रा में हो
2. यमुना किनारे के समस्त नगरों में निर्मित नालों के प्रदूषित पानी को पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जाये। इसके लिए यमुना के समानान्तर एक गन्दे पानी का नाला बनाया जाये जिसके द्वारा निर्धारित स्थल पर उस पानी को शोधित करने के उपरान्त उसे कृषि कार्य के लिए बम्बा आदि के माध्यम से खेतों में पहुँचाया जाये, इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह शोधित जल यमुना में एक बूँद भी न गिराया जाये।
3. यमुना जी की पवित्र धारा यमुनोत्री का जल संगम तक प्रवाहित किया जाये एवं शहरों के गन्दे नालों को रोकने केलिए सामानान्तर नाला बनाकर पानी को ट्रीटमेंट करके किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाये।
4. भारत में किसान आयोग का गठन किया जाये। उसमें भा.कि.यू. (राष्ट्रवादी) के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये।
5. भारत के किसानों को फसल पर लागत मूल्य के आधार पर 50 फीसदी लाभांश जोड़कर फसलों के भाव तय किये जायें।
6. किसानों को कृषि के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाये।
7. भारत के किसानों के बकाया गन्ने का मूल्य जो मिलों द्वारा नहीं दिया गया ब्याज सहित भुगतान कराया जाये।
8. भारत में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि होने के कारण फसलों की बर्बादी हुई थी उसका मुआबजा अभी तक सभी किसानों को नहीं मिला, अबिलम्ब सभी किसानों को मुआबजा राशि उनके खाते में भेजी जाये।
9. सन् 2014 का सूखा राहत का पैसा अभी तक सभी किसानों को नहीं मिला, किसानों के खाते में सूखा राहत की धनराशि भेजी जाये।
10. भारत में उर्वरक खादों का वितरण फसलों के जरूरत के अनुसार कराया जाये और काला बाजारी पर रोक लगाया जाये।
11. किसानों की फसल का बीमा कम्पनियों द्वारा कराया जाये।
12. भारत के किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा में प्रवेश हेतु प्राथमिकता दी जाये।
13. उत्तर प्रदेश के जनपद एटा में तत्कालीन रेल राज्य मंत्री माननीय श्री रोहन लाल चतुर्वेदी में सन् 1962 में एटा-टूंडला पेसेन्जर दी थी जो अब तक उसी हालात में है। अतः इसका विस्तार एटा-टूंडला तक मात्र 28 कि.मी. तक किया जाये एवं एटा से आगरा व दिल्ली के लिए ट्रेनंे प्रतिदिन चलायी जाये।
14. भारत में विद्युत निगम द्वारा नई बनने वाली 132 के.वी. 220 के.वी. 440 के.वी. एवं 800 के.वी. के बने हुए टावर जो किसानों के खेतों में लगाये जा रहे हैं उसका मुआबजा सर्किल रेट से चैगुना दिया जाये।
15. भारत के किसानों की 60 वर्ष उम्र पूरी होने के बाद उन्हें 5000/- रू. प्रतिमाह जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में दिया जाये। विकलांग एवं वृद्धा पेंशन पात्रों को दिलाया जाये।
इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय सलाहकार सोहनलाल आचार्य, चेतना बोध मिशन प्रभारी स्वामी रामानन्द, भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र द्विवेदी, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र सिंह, भाकियू प्रदेश महासचिव जन्ट सिंह यादव, ओमप्रकाश यादव, यमुना रक्षक दल के जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह, ब्लाॅक अध्यक्ष राधाबल्लभ शर्मा, नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति, मूलचन्द्र सिसौदिया, वीरेन्द्र सिंह सुदामा, मुनेन्द्र कुमार यादव, मनोज सोलंकी, सोनू द्विवेदी, मुनीश्वर दयाल, बलवीर सिंह यादव, श्याम सिसौदिया, हेमा चैहान, प्रेम चैधरी आदि उपस्थित थे।
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