मथुरा

शहर कोतवाली पुलिस द्वारा कल रात्रि डैम्पियर नगर क्षेत्र से पकड़े गये तीनों बदमाश मथुरा। शहर कोतवाली पुलिस ने लूट के इरादे से घूम रहे तीन अपराधियों को तमंचा, कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। ये सभी फरीदाबाद के रहने वाले हैं और डैम्पिर नगर क्षेत्र में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद एक सफेद रंग की एसेंट कार संख्या डीएल 3 सी बीपी 1135 में बैठे तीन लोगों को रात पौने बारह बजे डैम्पियर में घेरकर पकड़ने का प्रयास किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। साहस का परिचय देते पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे तीन तमंचे 315 बोर तथा कारतूस बरामद हुये हैं। पुलिस का कहना है कि ये डैम्पियर में किसी संगीन घटना को अंजाम देने की फिराक में थे उससे पहले ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गये बदमाशों में अरूण शर्मा पुत्र ओमप्रकाश निवासी अहीरपाड़ा पुराना फरीदाबाद, कृष्ण सैनी पुत्र होराम सैनी निवासी मौहल्ला गढी पुराना फरीदाबाद और सूरज शर्मा पुत्र नानक निवासी बल्लभगढ फरीदाबाद हैं। शहर कोतवाल चन्द्रभान सिंह राठौर के निर्देशन में चैकी प्रभारी भरतपुर गेट एमएस चाहर तथा कांस्टेबिल वीरेन्द्र सिंह, जवाहरलाल, रियाज खान व सचिन कुमार की भूमिका सराहनीय थी।

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मथुरा। थाना मांट क्षेत्र अंतर्गत संपत्ति के विवाद में दो भाईयों के बीच हुये झगड़े में बड़े भाई ने छोटे भाई को गोली मार दी जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार अहमपाल (28 वर्ष) पुत्र बाबू निवासी बृजधाम कालोनी मांट का अपने बड़े भाई से सम्पत्ति को लेकर एक लंबे समय से विवाद चल रहा था। आज सुबह करीब आठ बजे दोनों भाईयों के बीच सम्पत्ति को लेकर फिर से झगड़ा हो गया। इसमें बड़े भाई सूरज भान ने अपने छोटे भाई अहमपाल में गोली मार दी जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। हत्या के बाद सूरजभान गांव से फरार हो गया है। घटना की सूचना पर मांट पुलिस भी पहंुच गयी तथा शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवा दिया। पुलिस मामले की जांच जुटी है।   

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मथुरा। अतिक्रमण हटाओ अभियान एक दिन के बाद नहीं चला लेकिन शहर के भीतरी बाजार और आर्यसमाज रोड क्षेत्र में कुछ दुकानदार अब स्वतः ही संज्ञान लेकर अपने-अपने अतिक्रमण हटाने में लग गये हैं। अतिक्रमण करने वाले बोर्ड और अन्य स्थानों को सुरक्षित किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो। होलीगेट अंदर कई दुकानदारों ने अपने बोर्ड स्वतः ही पीछे कर लिये है तो कुछ लोगों ने अपने चबूतरे भी हटवा दिये हैं। ये सभी अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा पूरे अंदर के बाजार में चिन्हांकन किया गया है इसको लेकर कई दुकानदार स्वतः ही अतिक्रमण हटाने लग गये हैं। होलीगेट से आर्यसमाज रोड वाले मार्ग पर भी आज कई दुकानदारों को अपने बोर्ड हटाते देखा गया। नालियों के ऊपर अतिक्रमण को हटाया जा रहा है जिससे आवागमन में किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े। अगर ऐसा ही दुकानदार करने लगें तो अपने आप अतिक्रमण नहीं होगा। व्यापारियों की यह अच्छी पहल मानी जा रही है।

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 भारतीय किसान यूनियन की सेठ बीएन पोद्दार ग्राउण्ड पर हुयी महापंचायत में देश के गरीब और किसानों को लेकर प्रस्ताव पारित किये गये। मथुरा। भारतीय किसान यूनियन के सम्मेलन में आज वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान और श्रमिकों की दशा बिगड़ रही है। कर्ज के कारण आत्महत्या करने को किसान विवश हो रहे हैं। भाकियू की विशाल महापंचायत में देश के ग्रामीणों की दुर्दशा पर प्रस्ताव पारित किये गये। यमुना मुक्तिकरण आंदोलन में प्रधानमंत्री से लेकर संबंधित विभागों ने आश्वासन तो खूब दिये लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। केन्द्र सरकार ने ओलावृष्टि से नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु कोई बजट नहीं दिया जिससे किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका। किसानों के 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत सहमति के बिना दो फसली भूमि का अधिग्रहण न किया जाये। गन्ना किसानों का करोड़ांे का बकाया सूद सहित भुगतान किया जाये। कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाये। सरकार की गलत नीतियों के कारण कर्जदार हुये किसान की क्रय शक्ति दिनों दिन घट रही है। किसानों के सभी कर्जे माफ हों जिससे वे आत्महत्या को मजबूर न हांे और नये सिरे से अपना जीवन शुरू कर सकें। प्रधानमंत्री द्वारा साठ वर्ष पूरा कर चुके सभी श्रेणी के किसानों को पंाच हजार रूपये प्रतिमाह की दर से पेंशन का शासनादेश तुरंत जारी हो। नहर और रजवाहों में टेल तक पानी पंहुचाया जाये। फसल बीमा किसानों का दोहन है, इसे एैच्छिक किया जाये। देश में दोहरी शिक्षा नीति समाप्त की जाये। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, सलाहकार राधाकांत शास्त्री, उपाध्यक्ष रतन सिंह, प्रदेश प्रभारी राजेन्द्र शास्त्री, राष्ट्रीय महासचिव सुनील सिंह, मुख्य महासचिव हरीश ठेनुआ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, अनिल मलिक, रामगोपाल सिंह, रेशमपाल सिंह, रीतराम सिंह, रमेश सिकरवार, ओमप्रताप सिंह, जगदीश रावत सहित भारी संख्या में किसान यूनियन के सदस्य मौजूद थे।

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मथुरा। गत दिवस राजीव इंटरनेशनल स्कूल में जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ किंडरगार्टन के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा महारास प्रस्तुत करके किया गया। इसके पश्चात् नेहरू सदन द्वारा आयोजित विशेष प्रार्थना-सभा में कृष्ण की लीलाओं को सभी के सम्मुख प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का नाटिका द्वारा मंचन किया।  कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कालिया नाग नृत्य था। कार्यक्रम के अंत में आरूषि गंभीर, कुमार शिवम, आदित्य, सौरभ एवं कुशाग्र ने कृष्ण भजन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आरके एजुकेशन हब के अध्यक्ष डाॅ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्मस्थान होने के कारण यहाँ उन्होंने अनेक लीलाओं द्वारा मानव को बुद्धि, विवेक तथा कौशल का ज्ञान दिया है तथा मानव जाति के दिलों पर राज किया है। स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज अग्रवाल ने कहा कि मथुरा श्रीकृष्ण की कर्मभूमि रही है। उन्होंने सदैव कर्म पर ही बल दिया है। हमारे जीवन में सदैव कर्म की प्रधानता होनी चाहिए जिससे हमारे व्यक्तित्व का विकास होता है। स्कूल प्राचार्या नंदिता ढींगरा ने पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृष्ण मात्र ईश्वर ही नहीं, वरन एक अवतारी पुरूष भी हैं। अतः उनकी प्रत्येक लीला से हमें एक संदेश प्राप्त होता है। हमें उन्हीं के समान दूरदर्शी, विवकेशील तथा जनप्रिय बनने का प्रयास करना चाहिए। 

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मथुरा। शिक्षा संवर्ग विभाजन को लेकर राजकीय इंटर कालेज फरह के शिक्षक शिक्षिकाओं ने डीआईओएस आॅफिस के सामने धरना दिया और एडीआईओएस को ज्ञापन सौंपकर शासनादेश रदद करने की मांग उठाई। शासन ने शिक्षा विभाग को तीन संवर्ग शिक्षण, प्रशिक्षण और प्रशासन में विभाजित कर बीते 28 जुलाई को शासनादेश भी जारी कर दिया। तीन केडर का मामला राजकीय शिक्षकों को हजम नहीं हो सका। उन्होने मुख्यमंत्री को भी इससे अवगत कराकर विरोध जताया। लेकिन इसके बाद भी परिणाम ढाक के तीन पात रहे। हार थक कर शिक्षिकाओं ने विरोध का रास्ता अख्तियार किया। डीआईओएस आॅफिस पर एक दिवसीय धरना दिया गया। इसमें 50 से ज्यादा अयापक और अयापिकाएं मौजूद थे। अयापकों का कहना था कि वे किसी कीमत पर शासन के संवर्ग प्रकरण को सहन नहीं कर सकते हैं। सरकार ने चुपके से केडर बना डाले हैं। इससे निम्न अधिकारियों की अराजकता और अनर्गल दबाव बढेगा। राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि एबीएसए का ग्रेड पे व्याख्याता से कम है लेकिन राजकीय इंटर कालेजों के निरीक्षण का अधिकार उसको दिया गया है। इससे अकुशलता बढेगी। अपने विरोध को लेकर अयापिकाओं और अयापकों ने एडीआईओएस को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर सुषुमा अग्रवाल प्रान्तीय संगठन मंत्री, डा. राखी गुप्ता जिला उपायक्ष, शिव चरन रावत प्रांतीय संगठन मंत्री, मण्डलीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, नम्रता मण्डलीय वरिष्ठ महिला उपायक्ष आदि मौजूद थे।

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