मथुरा

 धारावाहिक और फिल्म एक्टर विजय ज़ी.बदलानी आजकल काफी व्यस्त है। इस समय उनके तीन धारावाहिक विभिन्न टी वी चैनलों पर प्रसारित हो रहे हैं। ज़ी टी वी पर 'जोधा अकबर' जिसमें वे तानसेन की भूमिका निभा रहे हैं, दूसरा सीरियल 'बाल गोपाल करे धमाल' है जोकि ' बिग मैजिक' चैनल पर प्रसारित हो रहा है। जिसमें कंस की भूमिका निभा रहे हैं। और तीसरा धारावाहिक' यम हैं हम ', जोकि ' सोनी सब टी वी' पर प्रसारित हो रहा है। जिसमें वे नारद की भूमिका निभा रहे हैं। यानि विजय बदलानी इस समय नारद, कंस और तानसेन तीनों रोल एक साथ कर रहे है और तीनों कॉस्ट्यूम ड्रामा है। जिससे ऐसा लगता है कि विजय बदलानी आजकल कॉस्ट्यूम ड्रामा धारावाहिको में टाइपकास्ट हो गए है। इस पर एक्टर विजय ज़ी.बदलानी कहते हैं," ऐसा कुछ नहीं है धारावाहिक 'बाल गोपाल करे धमाल' और ' यम हैं हम' दोनों में मैं आम इंसान की तरह में भी कईबार धारावाहिक में आता हूँ। तथा लोग मेरे तीनों कैरेक्टर को पसंद कर रहे है। मैं आपने आपको खुशनसीब मानता हूँ कि मुझे एक साथ अलग-अलग तरह का रोल मिला है। मुझे काम करने में काफी मज़ा आ रहा है। अब टाइपकास्ट जैसी नौबत नहीं आती है। हां निगेटिव और पॉजिटिव रोल का फर्क जरूर एक्टर की एक्टिंग लाइफ में फर्क ला सकता है।"  

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑल इंडिया रेडियो पर 'मन की बात' कार्यक्रम की नौवीं श्रृंखला में राष्ट्र को संबोधित किया। इससे पहले, उन्होंने कार्यक्रम के लिए राय और विचारों को साझा करने के लिए नागरिकों को MyGov.in के ओपन फोरम पर आमंत्रित किया था। कार्यक्रम का मूल पाठ प्रस्तुत है... मेरे प्यारे देशवासियो, आप सबको नमस्कार!  पिछली मन की बात में, मैंने आप लोगों से एक प्रार्थना की थी कि छुट्टियों में अगर आप कहीं जाते हैं और वहां का कोई अगर यादगार चित्र है तो Incredible India hashtag पर आप post कीजिए। जब मैंने कहा था, तो मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा ज़बरदस्त परिणाम मिलेगा। लाखों लोगों ने फोटो पोस्ट किए, ट्विटर पे, फ़ेसबुक पे, इन्स्टाग्राम में। मैं कह सकता हूँ कि, एक से बढ़कर एक दृश्य देखने को मिले, भारत कितनी विविधताओं से भरा हुआ है। स्थापत्य हो, कला हो, प्रकृति हो, झरने हों, पहाड़ हों, नदी हो, समुद्र हो। शायद भारत सरकार ने कभी सोचा नहीं होगा कि tourism की दृष्टि से, लोग इतना बड़ा काम कर सकते हैं, जो आप लोगों ने किया है। और कुछ तो मुझे भी इतना भा गए कि मैंने भी उसको re-tweet कर दिया। और मैं समझता हूँ, शायद जिन लोगों ने आंध्रप्रदेश के बेलम की caves का फ़ोटो post नहीं किया होता, तो देश के कई लोगों को शायद पता नहीं होता कि ऐसी कोई चीज़ हमारे देश में है। मध्यप्रदेश में ओरछा की फ़ोटो हो, हम राजस्थान को तो हमेशा पानी के संकट वाला प्रदेश मानते हैं, लेकिन वहां से जब कोई मैनाल के waterfall का फ़ोटो भेजता है, तो बड़ा ही आश्चर्य होता है। यानी सचमुच में एक अद्भुत काम हुआ है। इसको हम आगे बढ़ाएंगे, जारी रखेंगे। दुनिया देखेगी, हमारे देशवासी देखेंगे, हमारी नई पीढ़ी देखेगी।  मेरे प्यारे देशवासियो, आपने मुझे प्रधानमंत्री तो बना दिया है लेकिन मेरे भीतर का इंसान कभी-कभार, बाक़ी सब पद-प्रतिष्ठाओं से हट करके अपने आप में खो जाता है। 21 जून, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस। मैं कह सकता हूँ कि मेरे मन को उसी प्रकार से आंदोलित कर गया, जिस समय UN में मैंने ये विषय रखा था। तब ऐसा ही लग रहा था जैसे चलो भाई एक बात हो जाए। लेकिन 21 जून का जो दृश्य देखा, जहाँ-जहाँ सूरज गया, जहाँ-जहाँ सूरज की किरणें गईं, दुनिया का कोई भूभाग ऐसा नहीं था, जहां योग के द्वारा सूर्य का स्वागत न हुआ हो। हम दावे से कह सकते हैं कि योग अभ्यासुओं की दुनिया में सूरज कभी ढलता नहीं है।  योग को दुनिया ने जिस प्रकार से, पलक-पावड़े बिछा करके सम्मानित किया, सारे विश्व ने जिस प्रकार से अपने कंधे पर उठाया, कौन हिन्दुस्तानी होगा जिसको गर्व नहीं होगा। मैं भी आनंदविभोर हो गया। मन पुलकित हो गया। और जब फ़्रांस के लोग, जिनके लिए सीन नदी और Eiffel Tower बहुत ही गौरवपूर्ण प्रतीक है, उन्होंने योग करने के लिए उस स्थान को पसंद किया, बराबरी का स्थान दे दिया। न्यूयॉर्क में लोगों ने Times Square पर योग किए। ऑस्ट्रेलिया, सिडनी की बात हो तो Opera House का चित्र हमारे सामने आता है। ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों ने Opera House के बराबर में योग को रख कर के वहीं पर योग किया। चाहे नॉर्थ अमेरिका हो, सिलिकन वैली हो, Milan का Duomo Cathedral हो, ये अपने आप में गर्व करने की बात है। और जब 21 जून को मैंने UN के Secretary-General श्रीमान बान की मून को UN Headquarters पर योग करते देखा, कितना आनंद आया मुझे। उसी प्रकार से UN Peace-Keeping Force ने भी योग का बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। भारत में भी सियाचिन पर, सफ़ेद बर्फ़ की चादर पर हमारे जवान योग कर रहे थे, तो समुंदर में नौसेना के द्वारा, चारों तरफ़, जहां भी हमारे नौसेना के जहाज़ थे, योग के कार्यक्रम हुए। दिल्ली ने तो गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना स्थान दर्ज करवा दिया। राजपथ योगपथ बन गया। मैं देश और दुनिया का ह्रदय से आभारी हूँ, और मैं कह सकता हूँ ये कोई कार्यक्रम की ख़ातिर कार्यक्रम नहीं था। ऐसा लग रहा था कि विश्व के हर कोने से एक नई जिज्ञासा, एक नया आनंद, एक नई उमंग, एक नया जुड़ाव।  कुछ दिन पहले मैंने जब ट्विटर पे, वियतनाम से एक परिवार ने छोटे बच्चे का योग करता हुआ फ़ोटो ट्वीट किया था, इतना प्यारा था वो फ़ोटो, दुनियाभर में वो इतना प्रचलित हुआ। हर कोई, स्त्री-पुरुष बूढ़े-बच्चे, गाँव-शहर हो, developed countries हो या developing countries हो, हर कोई जुड़ गया। योग सच्चे अर्थ में दुनिया को जोड़ने का एक कारण बन गया। मैं नहीं जानता हूँ, Intellectual class, Elite world इस घटना का कैसा analysis करेगा। लेकिन एक बात मैं महसूस कर रहा हूँ, और हर भारतवासी गर्व अनुभव कर सकता है कि विश्व भारत को जानने के लिए बहुत उत्सुक है। भारत के प्रति एक जिज्ञासा बढ़ी है। यहाँ की values, यहाँ की परम्पराएं, यहाँ की विरासत, दुनिया जानना चाहती है। हम सबका दायित्व है कि बिना लागलपेट के हमारी ये जो विरासत है, विश्व को हमें बांटना चाहिए, विश्व को परिचित कराना चाहिए। लेकिन ये परिचय हम तब करा पाएंगे जब हमें हमारी विरासत पर गर्व हो।  कभी-कभार हम इतने परिचित होते हैं कि अपनी चीज़ें, इसमें क्या नया है, ऐसा लगता है... जैसे हमारी family values, हमें पता नहीं है दुनिया के लिए भारत की family values बहुत बड़ी बात है। क्यों न हम विश्व को हमारी परिवार-प्रथा, family values इससे परिचित करवाएं। विश्व को अचम्भा होगा। मैं ज़रूर कहता हूँ, अचम्भा होगा। ऐसी बहुत कुछ चीज़ें हैं जो हमारे पूर्वजों ने हमें दी हैं और जो श्रेष्ठ हैं, उसपर जगत का अधिकार है। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की सफलता आनंद और संतोष के साथ एक नई ज़िम्मेवारी ले के आई है। ये हमारा दायित्व बनता है कि विश्व को उत्तम योग शिक्षक हम दें। ये हमारा दायित्व बनता है कि योग की सभी परम्पराओं को एक platform पर से जगत से देख पाएं।  मैं देश के नौजवानों को विशेष करके IT Professionals को आग्रह करता हूँ, आप सब नौजवान मिल-जुल करके Online Yoga activity की कुछ योजना बनाइए योग से संबंधित संस्थाओं का परिचय हो, योग गुरुओं की जानकारी हो, योग के संबंध में जानकारी हो। योग सीखना हो तो कहाँ सीख सकते हैं, योग टीचर चाहिए  कहाँ से मिलेगा, एक database तैयार करना चाहिए और मैं मानता हूँ, आप कर सकते हैं। चलो, कहीं से तो कोई शुरू करें, ये भी एक नई शक्ति बन जाएगा। मैं पिछले कुछ दिनों की घटनाओं को और नज़रिये से भी देखता हूँ। काम करती सरकार, दौड़ती सरकार... एक बार लक्ष्य तय हो तो कैसे परिणाम ला सकती है, ये पिछले दिनों हमने देखा है। और जब चारों तरफ निराशा थी, ये हम न भूलें, एक साल पहले चारों तरफ़ से एक ही स्वर सुनाई देता था, कुछ नहीं होता, कुछ नहीं होता, कुछ नहीं होता।  आप कल्पना कर सकते हैं सरकार में आयुष एक डिपार्टमेंट है, कभी किसी का उस तरफ ध्यान नहीं जाता। 2-5 साल में एकाध बार कहीं छोटी-मोटी ख़बर अख़बार में आ जाए तो आ जाए इतना... एक कोने में, छोटा सा डिपार्टमेंट, लेकिन योग दिवस को उसने लीड किया। और, दुनिया में छोटे से डिपार्टमेंट ने इतना बड़ा काम आयोजित करके दिखाया। अगर लक्ष्य सामने हो तो छोटी-सी-छोटी इकाई भी कितना उत्तम काम करती है, इसका नमूना है।  पिछले दिनों दुनिया ने देखा कि हमारे लोगों ने यमन में से आफ़तग्रस्त लोगों को कैसे बचाया। घंटों के अंदर भारत के लोग नेपाल पहुँच करके मदद के लिए कैसे दौड़ पड़े, काम करने वाली सरकार जब बैंक में जनधन अकाउंट खोलने थे, सारे बैंक के लोग मैदान में उतर आए और कुछ ही समय में करोड़ों-करोड़ों देशवासियों को बैंक के साथ जोड़ दिया।  गत 15 अगस्त को मैंने लाल किले पर से स्कूलों में शौचालय के लिए अपील की थी। और मैंने कहा था अगले 15 अगस्त तक हमने इस काम को पूरा करना है। जो काम 60 साल में नहीं हो पाया वो एक साल में करने का आह्वान करना बड़ा साहस तो था, क़रीब साढ़े चार लाख टॉयलेट बनाने थे, लेकिन आज मैं संतोष के साथ कह सकता हूँ अभी तो 15 अगस्त आने की देरी है, लेकिन पूरा तो नहीं हुआ, लेकिन क़रीब-क़रीब स्कूलों में टॉयलेट बनाने के काम को लोगों ने पूरा किया।  मतलब सरकार, लोग, सरकारी मुलाज़िम, सब कोई देश के लिए काम करना चाहते हैं। नि:स्वार्थ भाव से सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय, अगर हम संकल्प ले करके चलते हैं, तो सरकार भी दौड़ती है, सरकार के लोग भी दौड़ते हैं और जनता-जनार्दन पलक-पावड़े बिछा करके उनका स्वागत भी करती है।  ये मैंने अनुभव किया है और यही तो है जो देश को आगे बढ़ाने की सच्ची ताक़त है। पिछले महीने हमने तीन जन सुरक्षा की योजनाओं को लॉन्च लिया था, मैंने कलकत्ता से किया था। इतने कम समय में बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिला है। भारत में जन सुरक्षा की दृष्टि से बहुत कम काम हुआ है लेकिन इन तीन योजनाओं के कारण एक बहुत बड़ा जम्प हम लगा रहें हैं। इतने कम समय में 10 करोड़ से भी ज्यादा लोग इन जन सुरक्षाओं की योजनाओं में कहीं न कहीं जुड़ गए हैं लेकिन हमें इसको और आगे बढ़ाना हैं। मेरे मन में एक विचार आता है। ये विचार मैं आपके सामने रखता हूँ। अगस्त महीने में रक्षाबंधन त्योहार आता है। क्या हम सभी देशवासी रक्षाबंधन के त्योहार के पहले एक ज़बरदस्त जन आन्दोलन खड़ा करें और हमारे देश की माताओं-बहनों को ये जो जन सुरक्षा योजना हैं उसका लाभ दें। हमारे घर में खाना पकाने वाली कोई बहन हो या बर्तन साफ़ करने वाली बहन हो या हमारे खेत में मज़दूरी करने वाली कोई बहन हो या हमारे परिवार में अपनी बहनें हों। क्या रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार को ध्यान में रखते हुए हम 12 रुपये वाली या 330 रुपये वाली जन सुरक्षा योजनाएं जीवनभर के लिए अपनी बहनों को गिफ्ट दे सकते हैं। रक्षाबंधन की भाई की तरफ़ से बहन को एक बहुत बड़ी गिफ्ट हो सकती हैं। क्यों न हम रक्षाबंधन के पर्व को एक लक्ष्य मान कर के 2 करोड़, 5 करोड़, 7 करोड़, 10 करोड़... देखे तो सही, कितनी बहनों तक हम ये लाभ पहुँचा सकते है। आइए मेरे साथ मिल करके इस संकल्प को पूरा करने के लिए हम सब प्रयास करें।  मैं जब मन की बात करता हूँ तो कई सारे लोग मुझे सुझाव भी भेजते हैं। इस बार मानसून के लिए मुझे कुछ कहना चाहिए ऐसा सुझाव बहुत लोगों ने भेजे है। नागपुर के योगेश दांडेकर, मैसूर के हर्षवर्धन जी, प्रवीण नाडकर्णी जी, दिव्यांशु गुप्ता जी... उन्होंने कहा कि मानसून के लिए ज़रूर आप मन की बात में कुछ बातें बताइए। अच्छे सुझाव उन्होंने भेजे हैं। और, वैसे भी ये मौसम मन को बड़ा प्रसन्न करने वाला मौसम होता है। और पहली बारिश तो हर कोई को, किसी भी उम्र में क्यों न हो, वर्षा का मज़ा लेने का मन करता है। आप भी हो सकता है बारिश में गर्म पकोड़ों का, भजीये का, कॉर्न का, साथ-साथ चाय का मज़ा लेते होंगे। लेकिन, साथ-साथ जिस प्रकार से सूरज की किरणें जीवन देती हैं, वैसे ही वर्षा हमारे जीवन को ताक़त देती है। बूँद-बूँद पानी का बहुत मूल्य होता है। हमें एक नागरिक के नाते, समाज के नाते, बूँद-बूँद पानी बचाने का स्वभाव बनाना ही पड़ेगा। गाँव का पानी गाँव में रहे, शहर का पानी शहर में रहे, ये हमारा संकल्प होना चाहिए, पानी रोकने के लिए प्रयास करना चाहिए। और वर्षा का पानी रुकता है और अगर ज़मीन में वापिस जाता है और ज़मीन में रीचार्ज होता है, तो सालभर की समस्याओं का समाधान हो जाता है। Rain water harvesting ये कोई नई चीज़ नहीं है, सदियों से चली आ रही है। Check dams हो, watershed development हो, छोटे तालाब हों, खेत-तालाब हों, हमें बूँद-बूँद पानी को बचाना चाहिए। मैं हमेशा लोगों को कहता हूँ कि अगर महात्मा गाँधी का जन्म स्थान... गुजरात में पोरबंदर अगर आप जाते हैं और महात्मा गाँधी का घर अगर देखने जाएंगे तो दो सौ साल पुराने उनके घर के अन्दर भूगर्भ में टैंक है जिसमें वर्षा का पानी सीधा-सीधा वहाँ जाने की व्यवस्था थी। और आप जा के देखोगे महात्मा गाँधी का जन्म स्थान देखने जाओगे तो ज़रूर देखिए, दो सौ साल के बाद भी वो आज भी वैसा ही कार्यरत है। और पानी साल भर ज़रा भी ख़राब नहीं होता है। समुद्र के तट पर है पोरबंदर, लेकिन मीठा पानी वर्षा के पानी को संग्रह करके घर में रखा जाता था, उस समय भी इतनी केयर की जाती थी। हम भी तो कर सकते हैं। और ये जन आन्दोलन बनना चाहिए, गाँव-गाँव ये व्यवस्था होनी चाहिए।  उसी प्रकार से हरियाली हमारे आँखों को कितनी भाती है, हरा-भरा जीवन हमें कितना अच्छा लगता है, पेड़-पौधे, बाग़-बग़ीचे जीवन को हरा-भरा बना देते हैं। हम सब इस वर्षा के मौसम में वृक्षारोपण, पेड़ लगाने का अभियान सामाजिक संगठनों के द्वारा, युवकों के द्वारा बहुत बड़ी मात्रा में होना चाहिए। और, मैं तो एक सुझाव देता हूँ और मेरा प्रत्यक्ष अनुभव है, बड़ा सफल अनुभव है। ये मेरी बिल्कुल ग्रामीण technology है। आप जब पौधा लगाते हो तो पौधे के बग़ल में एक पुराना मिट्टी का घड़ा भी लगा दीजिए और उसमे पानी भर दीजिए। महीने में एक दो बार पानी भरोगे तो भी चलेगा। वो पौधा बहुत तेज़ी से आगे बढ़ेगा, विकास होगा। आप प्रयोग करके देखिए और पुराना मिट्टी का घड़ा तो मिल ही जाएगा। मैं तो किसानों को भी कहता रहता हूँ आप अपने खेत के किनारे पर बाड़ लगाने के बजाय पेड़ लगाइए। वो आपकी सम्पति बन जाएंगे।  ये बात सही है कि बारिश पसंद भी बहुत होती है, मज़ा भी आता है। लेकिन साथ-साथ कभी-कभी बारिश के सीज़न में ही सबसे ज़्यादा बीमारी आती है, डॉक्टरों को फ़ुरसत तक नहीं मिलती, इतने पेशंट आते हैं। और, हम जानते हैं कि बारिश के दिनों में पानी से बीमारियाँ बहुत फैलती हैं। वातावरण में नमी बढ़ जाने के कारण बेक्टेरिया पनपने लगते हैं और इसके लिए साफ़-सफ़ाई बहुत महत्वपूर्ण बन जाती है, स्वच्छता बड़ी महत्वपूर्ण बन जाती है। शुद्ध पानी पीने का आग्रह आवश्यक रहता है। ज़्यादातर लोग तो ऐसे समय में उबाल करके ही पानी पीते हैं और उसका लाभ भी होता है। ये बात सही है कि हम जितनी केयर करेंगे बीमारी हमसे दूर रहेगी। पानी तो चाहिए, वर्षा भी चाहिए लेकिन बीमारी से बचना भी चाहिए।  देशवासियो, अभी-अभी हम लोगों ने तीन नई योजनाओं को लॉन्च किया, ख़ास करके शहरी जनों के लिए। हमारे देश में क़रीब 500 छोटे-मोटे शहर हैं। waste to wealth... कूड़े-कचरे में से भी सम्पति बन सकती है, fertilizer बन सकता है, ईंटें बन सकती हैं, बिजली बन सकती है। गंदे पानी को भी शुद्ध करके खेतों में दोबारा उपयोग किया जा सकता है उस अभियान को हमने आगे बढ़ाना है।  अमृत (AMRUT) योजना के तहत हम अपने शहरों को जीवन जीने योग्य बनाने के लिए बड़ा अभियान उठाया है। उसी प्रकार से दुनिया की बराबरी कर सके ऐसा देश भी तो होना चाहिए। देश में, दुनिया की बराबरी कर सके ऐसी स्मार्ट सिटी होनी चाहिए और दूसरी तरफ़ देश के ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति को भी रहने के लिए अपना घर होना चाहिए। और, घर भी वो, जिसमें बिजली हो, पानी हो, शौचालय हो, नज़दीक में पढ़ने के लिए स्कूल का प्रबंध हो। 2022 में जब भारत आज़ादी के 75 साल मनाएगा हम देशवासियों को घर देना चाहते हैं। इन तीन बातों को ले करके एक बड़ी योजना को आरम्भ किया है। मुझे विश्वास है कि शहरी जीवन में बदलाव लाने में ये सारी योजनाएं काम आएंगी।  मैं स्वयं तो सोशल मीडिया के द्वारा आप सब से जुड़ा रहता हूँ, बहुत से नए-नए विचार आप लोगों से मुझे मिलते रहते हैं, सरकार के संबंध में अच्छी-बुरी जानकारियां भी मिलती रहती हैं। लेकिन कभी-कभार दूर सुदूर गाँव में बैठा हुआ एक व्यक्ति भी, उसकी एकाध बात भी हमारे दिल को छू जाती है। आप जानते हैं सरकार की तरफ़ से एक “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम चल रहा है। लेकिन जब सरकार का कार्यक्रम कोई व्यक्ति, समाज, गाँव अपना बना ले, तो उसकी ताक़त कितनी बढ़ जाती है। पिछले दिनों, हरियाणा के बीबीपुर गाँव के एक सरपंच श्रीमान सुनील जगलान जी, उन्हें एक बहुत बड़ा मज़ेदार initiative लिया। उन्होंने ‘selfie with daughter’ इसकी स्पर्धा की अपने गाँव में, और एक माहौल ऐसा बन गया कि हर पिता को अपनी बेटी के साथ सेल्फ़ी निकाल करके सोशल मीडिया में रखने का मन कर गया। ये कल्पना मुझे अच्छी लगी उसके पीछे कुछ कारण भी है। हरियाणा में, बालकों की तुलना में बालिकाओं की संख्या बहुत कम है। देश के क़रीब 100 ज़िले ऐसे हैं जिनमें भी ये हालत चिंताजनक है। हरियाणा में सबसे ज़्यादा। लेकिन उसी हरियाणा का एक छोटे से गाँव का सरपंच बेटी बचाओ अभियान को इस प्रकार का मोड़ दे, तब मन को बहुत आनंद होता है, और एक नई आशा जागती है। इसलिए मैं अपनी प्रसन्नता तो व्यक्त करता हूँ। लेकिन, इस घटना से मुझे प्रेरणा भी मिली है और इसलिए मैं भी आपसे आग्रह करता हूँ कि आप भी अपनी बेटी के साथ, ‘selfie with daughter’, अपनी बेटी के साथ selfie निकाल कर के #‘selfiewithdaughter ज़रूर पोस्ट कीजिए। उसके साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ इस विचार को ताक़त देने वाला कोई tagline लिख करके दोगे, उत्तम पंक्ति लिखकर के दोगे, वो किसी भी भाषा में हो सकती है। अंग्रेज़ी हो, हिंदी हो, आपकी मातृभाषा हो, कोई भी भाषा हो। मैं उसमें से जो बहुत ही प्रेरक टैगलाइन होगी वो सेल्फ़ी आपकी बेटी की और आपकी मैं रीट्वीट करूँगा। हम सब एक प्रकार से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ इस बात को जन आन्दोलन में परिवर्तित कर सकते हैं। जो काम हरियाणा के गाँव बीबीपुर से भाई सुनील ने प्रारंभ किया और हम सब मिलकर के आगे बढ़ाएं और मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि #‘selfiewithdaughter आप जरूर post कीजिए। आप देखिए, बेटियों की गरिमा, बेटियों का गौरव, बेटी बचाओ अभियान कितना आनंद देगा। और ये जो कलंक है हमारे ऊपर, वो कलंक मिट जाएगा।  तो मेरी इस बारिश में आप सबको बहुत शुभकामनाएं, बारिश का मज़ा लीजिए। हमारे देश को हरियाला बनाइए। अंतराष्ट्रीय योग दिवस को एक दिन के लिए नहीं, आप योग की practice चालू रखना। आप देखिए, आपको इसका फ़ायदा नज़र आएगा। और मैं अपने अनुभव से कहता हूँ, इस बात को आगे बढ़ाइए। अपने जीवन का हिस्सा बना दीजिए, इसको ज़रूर कीजिए। और वो बात... Incredible India, आप कहीं पर यात्रा करें, फ़ोटो ज़रूर भेजते रहिए। देश और दुनिया को पता चलेगा कि हमारे देश के पास कितनी विविधता है। एक मुझे लगा कि उसमें handicraft के संबंध में बहुत कम आया है। आप अपने इलाक़े के handicraft को भी तो Incredible India में post कर सकते हो। ऐसी बहुत सी चीज़ें आपके नगर में बनती होंगी, ग़रीब लोग भी बनाते होंगे। Skill जिनके पास है वो भी बनाते होंगे, उसको भी भेज सकते हैं। हमें दुनिया में पहुँचना है, चारों तरफ़ भारत की विशेषताओं को पहुँचाना है। और एक सरल माध्यम हमारे पास है, हम ज़रूर पहुँचाएंगे।  मेरे प्यारे देशवासियो, आज बस इतना ही, अगली मन की बात के लिए अगली बार मिलूँगा। कभी कभार कुछ लोगों को लगता है कि मन की बात मैं सरकार की बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित करूँ... जी नहीं, वो तो मैं दिन-रात काम करते ही रहता हूँ। आपसे तो हलकी-फुलकी, खट्टी-मीठी बातें करता रहूँ, बस मुझे इसी में आनंद आता है। बहुत-बहुत धन्यवाद। 

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पत्रिका का लोकार्पण करते काष्र्णि सन्त शरणानन्द जी मथुरा। राष्ट्रीय जागरुक युवा संगठन भारत के तत्वाधान में भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली उदासीन काष्णर््िा आश्रम रमणरेती महावन ने नवदृष्टि युवा आवाज का लोकार्पण बृजभूमि के महान् सन्त स्वामी काष्णर््िा गुरु शरणानन्द जी महाराज के कर कमलों से किया गया। नवदृष्टि युवा आवाज के प्रधान सम्पादक पं. मृदुल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष की गणना के अनुसार यह बड़ी ही प्रसन्नता की बात है कि सम्पूर्ण विश्व में भारत में युवा शक्ति सर्वाधिक है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने युवाओं को सक्रिय करने हेतु नवदृष्टि युवा आवाज नाम की मासिक पत्रिका का प्रकाशन करने का बीढ़ा उठाया है जिसका सपना आज स्वामी जी के करकमलों से लोकार्पित होकर पूर्ण हुआ। स्वामी जी ने शुभकामना देते हुए कहा कि सुसंगठित, कत्र्तव्यनिष्ठ, चरित्रवान एवं मर्यादित युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की उन्नति में प्रमुख होती है। नवदृष्टि युवा आवाज नामक मासिक पत्रिका के माध्यम से यह गुरुवर कार्य प्रभु कृपा से सम्पन्न हो ऐसी श्री रमण बिहारी जी के चरणों में प्रार्थना है। इस अवसर पर उ0प्र0 संगीत नाट्य अकादमी के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार मोहन स्वरूप भाटिया, ब्राजगरिमा के सम्पादक विनोद कुमार चूड़ामणि, साहित्यिक संस्था कलांजली के महासचिव डा0 कृष्णावतार विवेक निधि राष्ट्रीय जागरुक युवा संगठन की राष्ट्रीय महा सचिव एवं पत्रिका की प्रबन्ध सम्पादक भावना शर्मा, नोएडा की जिलाध्यक्ष श्रीमती पूजा शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव हिमांशू नगाइच, जिलाध्यक्ष बरेली सौरभ शर्मा नवदृष्टि युवा आवाज के उप सम्पादक आशुतोष सिंह एवं शैलीमिश्र राष्ट्रीय सचिव उपासना जी, सहयोग समिति के कोषाध्यक्ष डाक्टर मनीष पाराशर की उपस्थिति सराहनीय रही। अन्त में पत्रिका के प्रधान सम्पादक पं0 मृदुल शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।  

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मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने ई डिस्ट्रिक योजना के अन्तर्गत चयनित विभागीय कार्यालयों तथा तहसीलों एवं विभागों से सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण हेतु तिथि तथा स्थान निर्धारित कर दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत मै0 ट्राइमेक्स आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड सर्विसेस लि0 द्वारा प्रशिक्षण दिया जाना है। सिस्टम इन्ट्रीग्रेटर संस्था द्वारा उक्त कार्य दिनांक 1 जुलाई 2015 से जनपद में प्रारम्भ कर दिया जायेगा।  दिनांक 1 जुलाई को कलेक्टेªट सभागार में पूर्वान्ह 11ः00 बजे से अपरान्ह 2ः00 बजे तक जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्टेªट, समस्त उप जिलाधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला प्रोवेशन अधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, सेवा योजना अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एंव पंचायत, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, मुख्य राजस्व लेखाकार, समस्त वासिल वाकी नवीस तथा समस्त रजिस्ट्रार कानूनगो को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी प्रकार 1 जुलाई को 3 बजे से 6 बजे तक समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत, समस्त पूर्ति निरीक्षक, समस्त उप निबन्धक, को प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यालय जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकिसा अधिकारी, समाज कल्याण, जिला पंचायत, जिला प्रोवेशन, विकलांग कल्याण, सेवा योजन, जिला पूर्ति अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद या पंचायत के कार्यालयों के आंशुलिपिक व इस योजना के लिये नामित प्रत्येक कार्यालय के दो कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 2 जुलाई को तहसील मथुरा सभागार में 10 बजे से 5 बजे तक तहसील व उससे सम्बन्धित विकास खण्ड के कर्मचारी यथा राजस्व निरीक्षक, सहायक वासिल वाकी नवीस, अमीन, पेशकार, ग्राम विकास अधिकारी तथा ग्राम विकास पंचायत अधिकारी को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 3 जुलाई को तहसील सभागार में 10 बजे से 5 बजे तक सदर तहसील के लेखपालों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 4 जुलाई को तहसील छाता सभागार में प्रातः 10 बजे से 5 बजे तक तहसील एवं उससे सम्बन्धित विकास खण्ड के कर्मचारी यथा राजस्व निरीक्षक, सहायक वासिल वाकी नवीस, अमीन पेशकार, ग्राम्य विकास अधिकारी तथा ग्राम्य विकास पंचायत अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 6 जुलाई को 10 बजे से 5 बजे तक तहसील सभागार में सम्बन्धित सभी लेखपालों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 8 जुलाई को तहसील माॅट सभागार में 10 से 5 बजे तक तहसील तथा उससे सम्बन्धित विकास खण्ड के कर्मचारी यथा राजस्व निरीक्षक, सहायक वासिल वाकी नवीस, अमीन पेशकार, ग्राम्य विकास अधिकारी तथा ग्राम्य विकास पंचायत अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 9 जुलाई को तहसील माॅट के सभागार में सम्बन्धित सभी लेखपालों को 10 बजे से 5 बजे तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। 10 जुलाई को तहसील महावन के सभागार में 10 बजे से 5 बजे तक विकास खण्ड के कर्मचारी यथा राजस्व निरीक्षक, सहायक वासिल वाकी नवीस, अमीन पेशकार, ग्राम्य विकास अधिकारी तथा ग्राम्य विकास पंचायत अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस कार्यक्रमक के तहसील स्तर पर सफल क्रियान्वयन हेतु सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को अनुश्रवण अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों एंव कर्मचारियों को उक्त प्रशिक्षण नियत दिनांक व समय तथा स्थान पर पहुॅचने के निर्देश दिये है। अनुपस्थित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।

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मथुरा। कमांडिंग आफीसर 10 यू0पी0 बी0एन0सी0सी0 मथुरा ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि अन्र्तराष्ट्रीय ड्रग डे 26 जून 2015 को बटालियन के प्रांगण में सुबह 8ः00 बजे से मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल बी0के0 यादव तथा सूबेदार मेजर जनरल सिंह द्वारा कैडेटों को तम्बाकू तथा नसीले पदार्थों के सेवन से होने वाली हाॅनियां के बारे में बताया तथा कैडेटों को तम्बाकू और अन्य नसीले पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलायी। इसके उपरान्त इस बटालियन से एन0सी0सी0 केडेटों द्वारा समाज को जागरूक करने हेतु एक नशा मुक्ति रैली निकाली गयी जो कि कचहरी, सी0एम0ओ0 कार्यालय, राजीव भवन होते हुए बटालियन पर समाप्त हुई।

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बाइक फिसलनें से युवक की मौत, जिप्सी ने साइकिल रौंदी युवक का करूणान्त मथुरा। जनपद के थाना राया क्षेत्र में दो अलग अलग घटनाओं में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थलों का निरीक्षण कर शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के राया हाथरस मार्ग पर अनियंत्रित होकर वाइक अचानक फिसल गई जिससें बाइक सवार राया निवासी 24 वर्षीय युवक विजय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। युवक को सड़क पर पड़ा देखा तो घटना स्थल पर भीड़ एकत्रित हो गई। इसी बीच घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र के ग्राम मघेरा के पास जिप्सी कार ने एक साईकिल में टक्कर मार दी जिससें 20 वर्षीय साईकिल सवार नवीन निवासी अलीगढ़ लहुलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। साइकिल सवार को सडक पर पड़ा देख आसपास के लोग घटना स्थल पर एकत्रित हो गये। जिन्होंने युवक को सड़क से उठाकर किनारे किया और घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में पड़ें नवीन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने लगें लेकिन नवीन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। वहीं मृतक के परिजनों को घटना से अवगत करा दिया हैं।  

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मथुरा। थाना राया क्षेत्र के ग्राम विचपुरी के पास मैजिक चालक ने भैंस स्वामी को नशीला पदार्थ खिलाकर उसें सडक किनारे उतार कर उसकी भैंस को लेकर भाग गया। होश होने पर भैंस स्वामी ने घटना की रिपोर्ट मैजिक के अज्ञात चालक के विरूद्व दर्ज कराई हैं।  मिली जानकारी के अनुसार सुरेश चन्द्र पुत्र लालसिंह निवासी ग्राम जयसिंह पुरा थाना गोबिन्द नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि विगत दिवस वह विचपुरी पैठ से भैंस को खरीद कर मैजिक में रखकर मथुरा ला रहा था कि रास्तें में मैजिक चालाक ने उसें रास्तें में खाने वस्तु में कुछ मिलकर खिला दिया जिससें वह बेहोश हो गया और मैजिक चालक उसें रास्ते में उतार कर भैंस को लेकर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी हैं।

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मथुरा। थाना राया के ग्राम दकपुर निवासी महिला ने अपने पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती रामवती पत्नी ओम प्रकाश निवासी दकपुर थाना राया ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसके पति ओम प्रकाश पुत्र बाबूलाल निवासी उपरोक्त ने अपने चार अन्य परिजनों के साथ मिलकर दूसरी शादी कर ली तथा उसके द्वारा विरोध करने पर उसकें साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी, और घर से निकाल दिया।

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मथुरा। जनपद के महिला थाने में विवाहिता ने अपने दहेज लोभी पति व ससुरालीजनों के विरूद्व दहेज में 25 लाख रूपयें की माॅग पुरी नहीं करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते हुए घर से निकाल देने की रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी हैं।  मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती सोनू कौन्तेय पत्नी राकेश कुमार कालेज पुत्री हरवीर सिंह निवासी हाल शान्ति नगर दामोदर पुरा थाना सदर बाजार मथुरा ने अपने पति राकेश कुमार पुत्र लेखराज सिंह निवासी न0 943/ 40 श्याम नगर कालौनी थाना मथुरा गेट भरतपुर राजस्थान के विरूद्व रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उन्होंने अपने आधा दर्जन परिजनों के साथ मिलकर दहेज के रूप में 25 लाख रूपयें की मांग पुरी नहीं करने पर उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया तथा जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट कर घर से निकाल दिया तथा पेट में पल रहें बच्चें का उसकी बिना मर्जी के गर्भपात करा दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी हैं।

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मथुरा। भूतपूर्व सैनिक संघ ने वन रैंक वन पैंशन को लेकर केन्द्र सरकार की घोषणा के बाद भी इसे लागू नहीं किये जाने को लेकर देश के महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी मथुरा को एक ज्ञापन सौंपा। भूतपूवर्प सैनिक संघ के अध्यक्ष कर्नल आरएस फौजदार, महासचिव खेमचन्द्र शर्मा देवी चरण शर्मा, के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचें तथा उप जिलाधिकारी हेम सिंह को महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें राष्ट्रपति महोदय को अवगत कराया है कि केन्द्र सरकार द्वारा भूतपूर्व सैनिकों को लेकर वन रैंक वन पैंशन की माॅग पर ढूलमूल रवैया अपनाया जा रहा हैं। जिसके चलते भूतपूर्व सैनिक भूख हड़ताल करने पर विवश हैं। ज्ञापन में कहा है कि आम सेवा में सेवानिवृत की आयु 6़0 वर्ष है जबकि 33 वर्ष सेवा के बाद भी सेना का एक जेसीओं लगभग 52 से 55 वर्ष में सेवानिवृत हो जाता है तथा एक सिपाही 35 से 38 वर्ष की आयु में 17 वर्ष की सेवा के बाद ही कार्यमुक्त होता है उसे सेवा की 25 प्रतिशत पेंशन पर ही गुजरा करना होता हैं। इसके चलते अनेकों वीरांगनाओं को 35 सौं रूपयें मासिक पर बच्चों का लालन पालन करना पड़ रहा हैं। ज्ञापन में महामहिम राष्ट्रपति महोदय से वन रैंक वन पैंशन की शीघ्र तिथ घोषणा कर तथा केन्द्र सरकार को इसे लागू करने के निर्देश देने की माॅग की हैं।

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