मथुरा

मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के प्रीति बिहार कालौनी में बीती रात्रि बन्दर के हमलें से छत से नीचें गिरकर मांट तहसील के गाॅव नावली के लेखपाल घमंडी लाल की मौत हो गई। घटना की जानकारी परिजनों को हुई तो उनके होश उड़ गये। सूचना पर क्षेत्रीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भर परिजनों के विशेष अनुरोध पर बिना पोस्टमार्टम कराये शव परिजनों को सांप दिया।  बताया जाता है लेखपाल गरमी के चलते छत्त पर खाना खा रहा था कि तभी उन पर बन्दरों ने हमला बोल दिया।

Read More

शिविरों में विद्यार्थी बनेंगे विभिन्न विधाओं में पारंगत मथुरा। जनपद की प्रमुख शिक्षण संस्था अमर नाथ विद्या आश्रम में तैराकी की प्रतियोगिताओं के साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों तथा अन्य विधओं का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर आयोजित हो रहे हैं। इस सम्बन्ध में विद्यालय के उप प्रधनाचार्य डा. अनिल वाजपेयी ने बताया ग्रीष्मावकाश में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास करने तथा उन्हें पारंगत बनाने के लिये तैराकी, राष्ट्रीय खेल हाॅकी, फुटबाॅल, क्रिकेट, संतुलन के साथ स्केटिंग व जिमनास्टिक, उत्तम स्वास्थ्य के लिये योगा, आत्मरक्षा हेतु जूड़ो-कराटे, भारतीय तथा पाश्चात्य नृत्यकला, अभिनय कला, रंगोली, चित्रकला, गायन तथा विभिन्न वाद्ययंत्रों सिखाना, अंग्रेेजी तथा फ्रैंच भाषा का ज्ञान, पाक-कला, मेहन्दी, क्राॅफ्ट वर्क में हस्तनिर्मित वस्तुओं का निर्माण, कम्प्यूटर की बेसिक्स तथा हाॅर्स राइडिंग घुड़सवारी आदि का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशासनिक अधिकारी डा. अरूण कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण शिविरों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये विद्यालय के शिक्षकों के अतिरिक्त दिल्ली, आगरा से अनुभवी प्रशिक्षकों को बुलाया गया है जो विद्यार्थियों को शिविरों में हर विद्या में पारंगत बनायेंगे। उन्होंने बताया कि सभी प्रशिक्षण शिविरों में उच्चकोटि के वाद्ययंत्र व अन्य प्रशिक्षण सामग्री की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविरों के पश्चात् विद्यार्थियों के मध्य प्रतियोगितायें आयोजित कराईं जायेंगी, जिनमें विजेताओं को पुरस्कृत किया जायेगा। प्रधानाचार्य डा. आदित्य कुमार वाजपेयी ने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा का भण्डार होता है, जिसे बाहर लाने के लिये सही मंच की आवश्यकता होती है, विद्या आश्रम परिवार बालक बालिकाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिये ऐसा ही मंच प्रदान करने की कोशिश कर रहा है ताकि इन प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास भी हो सके। 

Read More

मथुरा : एनडीए सरकार का एक साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार का हिसाब-किताब तो पेश कर दिया लेकिन स्थानीय मुद्दों पर उनकी चु्प्पी से यहां के निवासियों में निराशा ही दिख रही है। 

Read More

मथुरा : एनडीए सरकार का एक साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार का हिसाब-किताब तो पेश कर दिया लेकिन स्थानीय मुद्दों पर उनकी चु्प्पी से यहां के निवासियों में निराशा ही दिख रही है।  प्रधानमंत्री मोदी करीब पौने चार बजे मथुरा पहुंचे। सबसे पहले, वह पंडित दीन दयाल स्मारक गए, तदोपरांत, करीब साढ़े चार बजे वह रैली को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान पीएम ने सरकार की एक साल की उपलब्धियां गिनवाईं।  करीब एक लाख लोगों की क्षमता वाले मैदान में रैली का आयोजन किया गया था। रैली की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पीएसी की आठ कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स की पांच कंपनियां तैनात की गईं। रैली के प्रभारी भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह के अनुसार पण्डाल करीब ढाई लाख वर्गफुट के दायरे में बनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पीएसी की 10 कंपनियों के अलावा पांच कंपनी आरएएफ की भी लगाई गईं।  रैली के दौरान स्थानीय भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि अगले चार साल में मथुरा अलग स्वरूप में दिखेगा। हालांकि, नगला चन्द्रभान के लोगों में असंतोष ही दिखा। ग्रामीणों को उम्मीद थी मोदी उनके गांव के बारे में भी कुछ बोलेंगे।  स्थानीय मुद्दों पर मोदी की चु्प्पी से मथुरावासियों में निराशारैली के दौरान मंच के पीछे स्वच्छ भारत अभियान की जमके धज्जियां उड़ीं। जहां पीएम का भाषण हो रहा था ठीक उसी के पीछे गंदगी के ढेर लगे थे। ओलावृष्टि से तबाह किसान पीएम के मंच की ओर इस आस में देखता रहा कि कोई घोषणा हो सकती है लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।   यमुना भक्त भी इंतजार करते रहे कि मंच से मोदी यमुना नदी के लिए कुछ बोलेंगे पर उनके हाथ भी निराशा ही लगी। रैली में बाहर से आए लोगों की भरमार रही लेकिन स्थानीय निवासी नदारद ही दिखे। हालांकि व्यापारी वर्ग में उत्साह देखा गया।  सामाजिक कार्यकर्ता विजय कान्त कटारा ने कहा कि एक साल अपनी कामयाबी का बखान करते रहे मोदी न देश के लिए कुछ बोले और ना ही उन्होंने मथुरा की कोई सुध ली। रैली पर बेतहाशा खर्चा किया गया है लेकिन किसानों की दुर्दशा पर कहने के लिए किसी के पास कुछ भी नहीं है।  गांव मुडेसी के मोहन सिंह ने बताया कि नई सरकार से आशाएं थीं कि कि कुछ होगा लेकिन सिवाय कर्जे के कुछ नहीं मिला। फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। बैंक से खेती के लिए कर्जा लिया था और अब बैंकों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, देव नगर निवासी उपदेश तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार को अभी एक साल ही तो हुआ है। मोदी ने विदेशों में भारत का जो डंका बजवाया है वह इससे पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने नहीं किया। उमा शंकर एडवोकेट ने कहते हैं कि न तो देश में कुछ हुआ और न ही जनपद मथुरा में। सिर्फ कोरी बकवास के अलावा कोई भी काम धरातल पर नहीं हुआ है।  दूसरी ओर, वृन्दावन के दीपक शास्त्री ने बताया कि मोदी का एक साल का कार्यकाल बहुत ही सुगम रहा। विदेशों में जो भारत की नई पहचान बनी है वह काबिले तारीफ है। ब्रज बचाओ समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि किसानों की दुर्दशा देखते हुए किसी रैली पर इतना बड़ा खर्चा एक सामाजिक कार्यकर्ता की हैसियत से गैर वाजिब लगता है। इतने धन से यदि जरूरतमंद लोगों के बीच किसी योजना को चलाते तो बेहतर होता। ध्यान रहे, लोकसभा चुनावों से पहले, साल 2013 में 13 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मथुरा आए थे तो उन्होंने यहां की जनता को एक नही बल्कि कई वादे किए थे। परिणामस्वरूप, मथुरा की जनता ने भाजपा सांसद के रूप में हेमा मालिनी को लोकसभा पहुंचा दिया। चुनाव हुए एक वर्ष बीत गया लेकिन जनता अबतक पूरी तरह निराश है। मथुरा की जनता को उसी पुराने ढर्रे की ज़िंदगी जीनी पड़ रही है। अघोषित बिजली कटौती, टूटी-फूटी सड़कें और सड़कों पर गंदगी अभी भी मौजूद है। स्थानीय मुद्दों पर मोदी की चु्प्पी से मथुरावासियों में निराशा नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान यहां अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण की बात उठाई थी। मथुरा में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट न बन पाने के लिए उन्होंने केंद्र की यूपीए और राज्य की अखिलेश सरकार पर खूब तंज कसे थे। सरकार को एक वर्ष बीत गया लेकिन एक कड़वी सच्चाई यही है कि आज भी इस दिशा में कोई प्रगति नही हुई है। नरेंद्र मोदी ने तब कहा था कि अपार संभावनाओं के बाद भी केंद्र की यूपीए सरकार यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ नही कर रही है। इस क्षेत्र में भी अभी काफी काम होना बाकी है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्र की तरफ से अभी तक ऐसा कोई कदम नही उठाया गया जिसे देखकर लगे कि सरकार मथुरा में औद्योगिक विकास कराने के लिए गम्भीर है। फिलहाल सच्चाई यही है कि भाजपा और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान मथुरा की जनता से जो वादे किए थे उनमें से अभी एक भी पूरा नहीं हुआ है।  Photo Credit: Rahis Qureshi , Jahid Sayyad  

Read More

मथुरा : पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान उस समय एक असहज स्थिति पैदा हो गई जब स्थानीय भाजपा सांसद हेमा मालिनी के पास शब्दों का अभाव पड़ गया। पीछे से एक केंद्रीय मंत्री के बताने पर उन्होंने जनता के सामने अपनी बात रखी। लेकिन, हेमा मालिनी की मदद करते हुए मंत्री की बात कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। दरअसल, अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए चलाई जा रहीं सरकारी योजनाओं के बारे में हेमा मालिनी को ज़्यादा कुछ पता ही नहीं था। तभी मंच पर उनके साथ खड़े पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा ने बातों को संभाला और उन्हें बताया कि सरकार मथुरा और वृंदावन में पर्यटन के विकास के लिए बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। मंच पर पहुंचीं सांसद हेमा मालिनी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा- "काफी कुछ काम कर रही हूं... और काफी करने की कोशिश कर रही हूं। आप सब जानते हैं कि यहां बिजली, पानी और सड़क की बहुत समस्या है, इन सबको हल करते-करते... और भी बहुत सारी योजनाएं हैं... उन सबके बारे में हमने हमारे प्रधानमंत्री जी से कहा हुआ है।" इसके बाद उन्हें कुछ समझ नहीं आया कि क्या बोलूं, तो मंच पर खड़े पर्यटन मंत्री डॉ. शर्मा ने उन्हें मदद करते हुए कहा कि बस इतना बोलिए कि 120 करोड़ रुपये मथुरा में पर्यटन के विकास के लिए कृष्णा सर्किट के नाम पर योजना में दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, यह बात दोहराने के बाद हेमा मालिनी ने उन्हें भाषण देने के लिए बुला लिया। लेकिन, पूरी बातचीत लोगों ने माइक पर सुन ली।    

Read More

आदिवासी समाज में महिला पुरुष की साथी है। वह उसकी सहकर्मी है। उसकी समाज और परिवार में बराबर की भागीदारी है।  जी हां, बस्‍तर की आदिवासी महिलाएं हम शहरी महिलाओं की तरह अपने परिवार के पुरुष सदस्‍यों की मोहताज नहीं हैं। उन्‍हें बाजार से सब्‍जी-भाजी और सौदा मंगवाने से लेकर खेतों में हल चलाने तक के लिए अपने बेटे या पति का मुंह नहीं ताकना पड़ता है। वह हम शहरी महिलाओं से कई मायनों में बहुत ज्‍यादा समर्थ हैं। ये न सिर्फ घर के कामकाज करती हैं, बाल-बच्‍चे पालती हैं बल्कि पूरे दिन खेतों में काम करती हैं। इनका पूरा साल खेतों में कभी निंदाई-गुड़ाई करते तो कभी, बीज बोते गुजरता है। बस्‍तर की आदिवासी महिलाओं के अधिकार असीमित हैं। वह घर से बाहर तक की पूरी व्‍यवस्‍था संभालती हैं और हर कदम पर पति उसके साथ होता है। बड़ी मेहनती हैं ये महिलाएं...। इनके कामकाज का दायरा खेत-खलिहाल और हाट बाजार तक का है... और गांवों में दिन कटते देर नहीं लगती। इस तरह खेत का पूरा जिम्‍मा यही उठाती हैं। बीज लाना, उन्‍हें मूसलाधार बारिश में रोपना और कड़ी धूप में चौकीदारी करने के बाद काटना यह सब उन्‍हीं के जिम्‍मे है। यहां तक कि बाजार में इसे बेचने भी वही ले जाती हैं। ऐसी महिलाएं जो खेती नहीं करतीं, घर में बाड़ी में उगी सब्जियां और जंगली उत्‍पादों जैसे महुआ, टोरा, जलाऊ लकड़ी, लाख, आंवला, झाडू वगैरह को परिवार की आमदनी का जरिया बना लेती हैं और इस पूरी कवायद में पति उसके साथ रहता है। जब महिला खेत में जूझ रही होती है तो पति घर में बच्‍चों की देखभाल में लगा रहता है। वह उनके लिए खाना पकाता है। बारिश से बचाव के लिए छत की मरम्‍मत जैसे छोटे-मोटे काम करता है। आंगन की बाड़ी में सब्जियों, फलों, लताओं को संभालता है और घर के बुजुर्गों की देखभाल करता है। हर कदम पर पारस्‍परिक सहयोग और महिला अस्मिता के सम्‍मान की अनूठी मिसाल है बस्‍तर का आदिवासी समाज। इस समाज में महिला अपनी मर्जी की मालिक है। उसकी स्‍वायत्‍ता बल्कि अधिकारिता की बढ़िया मिसाल तो यही है कि वह न केवल अपना जीवनसाथी खुद चुन सकती है बल्कि चाहे तो पहले उसे ठोंक-बजाकर परख सकती है। इस परंपरा को ‘लमसेना’ कहा जाता है। इसके तहत शादी के योग्‍य युवक को युवती के घर में रहकर काम-काज में मदद करके अपनी योग्‍यता सिद्ध करनी पड़ती है। इस परीक्षा में फेल या पास करने का अधिकार पूरी तरह से युवती पर होता है। लमसेना बैठाने की यह परंपरा सरगुजा और मंडला के गोंड समाज में भी है। यही नहीं, इससे पहले परिवार और घरेलू कामकाज के प्रशिक्षण के‍ लिए उन्‍हें ‘घोटुल’ जाने की छूट है। विदेशी सिनेमाकारों ने हालांकि इस संस्‍था की नाइट क्‍लब से तुलना कर खासा बदनाम कर रखा है पर वास्‍तव में ऐसा है नहीं। यह आदिवासी नौजवानों के संस्‍कार गृह हैं। घर के कामकाज से निपटकर युवक-युवती रात में यहां जुटते हैं और किसी सयानी महिला की निगरानी में नाचते-गाते और कामकाज सीखते हैं। मन मिल गया तो शादी के साथ युवा जोड़े की घोटुल से विदाई हो जाती है। वे फिर उधर का रुख नहीं कर सकते। घोटुल अब बस्‍तर के परिवेश से गायब हो चले हैं। शहरी खासतौर पर मीडिया की दखलंदाजी ने इस संस्‍था को लुप्‍त होने पर मजबूर कर दिया है। पर, आदिवासी युवती की निरपेक्ष स्थ्‍िाति की इससे बेहतर मिसाल और क्‍या हो सकती है? आदिवासी युवतियों को अकेलेपन से भी डर नहीं लगता। बस्‍तर के सुदूर नक्‍सल प्रभावित इलाकों में ऐसी कई युवतियां हैं जिनके विख्‍यात परिवारों में अब जायदाद संभालने वाले नहीं रहे। लेकिन, वे वहां न केवल विरासत संभाल रही हैं बल्कि उनके परिवार की छत्रछाया की दरकार रखने वाले आदिवासियों को आसरा भी दे रही हैं। बड़े आदिवासी परिवारों की लड़कियां गांव छोड़कर दिल्‍ली से लंदन तक कहीं भी बस सकती थीं। उनका समर्पण देखिए, जज्‍बा देखिए अपने लोगों के लिए स्‍नेह देखिए। यह स्थिति तब है जब घने जंगलों के बीच बसे गांवों में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती, जंगली जानवरों का खतरा मंडराता रहता है और अस्‍पताल में दवाइयों का पता नहीं रहता और स्‍कूल बदहाल हैं। यदि इन्‍हें शहरी लोगों से मामूली या बराबर की सुविधाएं मिल जाएं तो इनकी हिम्‍मत, इनका जज्‍बा और ताकत बोजड़ होगी यह तय मानिए। (लेखिका वरिष्‍ठ पत्रकार हैं)

Read More

सोमवार को फरह के दीनदयाल धाम में आयोजित प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए सौंख क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते प्रदेश संगठन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह प्रदेश संगठन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पहुंचे सौंख सौंख समाचार। सोमवार को नगला दीनदयाल धाम में आयोजित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में भीड जुटाने के उद्देश्य से प्रदेश संगठन मंत्री स्वतंत्रदेव जनसंपर्क करने के लिए सौंख पहुंचे और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बडी सख्या में कार्यकर्ताओ से प्रधानमंत्री की जनसभा में पहुंचने की अपील की। गोवर्धन रोड पर एक गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन मंत्री ने अधिकाधिक संख्या में फरह क्षेत्र के दीन दयालधाम में सोमवार को होने वाली जन कल्याण पर्व रैली में पहुंचने की अपील की। उन्होने कहा कि कार्यकर्ता बडी संख्या में रैली में पहुचे और वहां से प्रधानमंत्री के संबोधन और संदेश को प्राप्त कर जनता तक पहंुचायें। इससे भाजपा की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल सके। इस मौके पर राजेश चैधरी, चेयरमैन सौख शिवशंकर वर्मा, जगदीश कुंतल, विजय सिंह, बलजीत सिंह, संजू सिंह, सुशील अग्रवाल, भूपेन्द्र चैधरी, अनिल कुमार, दीपक वर्मा, सत्तो सिंह, राधेश्याम, हुकुमसिंह हवलदार, आदि मौजूद थे।  

Read More

मथुरा : भारतीय जनता पार्टी का पूरा अमला नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली को भव्य बनाने में जुट गया है। 

Read More

एक माह पूर्व बछगांव से थी किशोरी गायब  गांव के ही युवक पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप सौंख समाचार। थाना मगोर्रा क्षेत्रान्तर्गत करीब एक माह पूर्व गांव बछगांव से एक किशोरी को बहला- फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में शनिवार को पुलिस ने किशोरी को राजस्थान से बरामद कर लिया है। आरोपी युवक को भी पकड लिया गया है।  एक माह पूर्व 14 अपै्रल को सौंख के गांव बछगांव का युवक गांव की एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। किशोरी के चाचा नकुल ने 22 अप्रैल को गांव के आरोपी युवक ओम नारायण के खिलाफ किशोरी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए शुक्रवार को देर शाम सर्विलांस के जरिए युवक और किशोरी की लोकेशन ट्रैस करके किशोरी को आरोपी युवक के साथ भिवाडी अलवर राजस्थान से पकड लिया। पुलिस टीम में चैकी प्रभारी सत्यवीर सिंह यादव व कांस्टेबल जायद हुसैन व अवधेश साथ थे। शनिवार को पुलिस ने आरोपी युवक और युवती को न्यायालय में पेश किया। जहां युवती के बयान दर्ज कराने के बाद युवती को परिजनों को सौंप दिया तथा आरोपी युवक को जेल भेज दिया गया।  

Read More

मथुरा : भारतीय जनता पार्टी का पूरा अमला नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली को भव्य बनाने में जुट गया है।  इस श्रृंखला में, भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कान्त वाजपेयी ने दीनदयाल धाम में मोदी की जनसभा के मंच और हेलीपेड की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।  इस अवसर पर नेता द्वय ने कहा कि जनकल्याण सभा आजादी के बाद मथुरा में हुई सभी जनसभाओं में सबसे बड़ी होगी और उत्कृष्ट होगी।  सुनील बंसल, मनीष शुक्ला, पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, डीपी गोयल, रविकांत गर्ग, ओमप्रकाश सिंह, कारिंदा सिंह, अजय पोइया, राजीव अग्रवाल, रामकिशन पाठक, माधव गुप्ता, महिपाल सिंह, ज्ञानेन्द्र शर्मा, राजदर्शन पचौरी, निखिल, अवधेश, रवि महेश्वरी, प्रदीप गोस्वामी, राजू यादव आदि उपस्थित थे।

Read More