मथुरा

मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने उप जिलाधिकारी सदर, माॅट, महावन, छाता तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी एंव समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत को सूचित किया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत मार्गदर्शीय सिद्धांतो ंके आधार पर पात्र परिवारों के चिन्हांकन के कार्य को पूर्ण किये जाने की समय सीमा का निर्धारण किया गया है। उन्होने आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग उ0प्र0 जवाहर भवन लखनऊ के पत्र दिनांक 21 अप्रैल 2015 को आयुक्त आगरा मण्डल आगरा पत्र दिनंाक 25 अप्रैल 2015 में सचिव भारत सरकार उपभोक्ता मामले खाद्य एंव सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य एंव सार्वजनिक वितरण विभाग कृषि भवन नई दिल्ली के पत्र दिनंाक 24 मार्च 2015 के द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागू करने की तिथि 30 सितम्बर 2015 कर दी गई है। उक्त के दृष्टिगत पात्र परिवारों के चिन्हाकन के कार्य को पूर्ण किये जाने की संशोधित समय सीमा निम्नवत निर्धारित की गई है। उन्होने बताया कि आॅनलाइन आवेदन एंव आॅफलाइन सर्वे फार्म प्राप्त किये जाने का दिनांक 15 मई 2015, एंव प्राप्त आॅफ लाइन आवेदन एंव आॅफलाइन प्राप्त सर्वे फार्म का सत्यापन 15 जून 2015, शासनादेश दिनांक 07 अक्टूवर 2014 में दिये गये एक्सक्लूसन एंव इन्क्लूसन क्राइटेरिया के आधार पर किये सत्यापन के परिणाम के आधार पर प्रवृष्टियों को कम्प्यूटर में 30 जून 2015 तक फीड किया जाना है। उन्होने बताया कि एनआईसी द्वारा उपलब्ध कराये गये साॅफ्टवेयर के आधार पर ग्रामीण एंव शहरी क्षेत्रों में निर्धारित प्रतिशत के आधार पर पात्र गृहस्थियों की सूची 07 जुलाई 2015 तक तैयार की जानी है। पात्र गृहस्थियों की सूची तैयार कर जिला स्तर पर प्रेषित 10 जुलाई 2015 तक की जानी है, पहचान की गई पात्र गृहस्थियों की सूची सार्वजनिक क्षेत्रों में संप्रर्शिदत 12 जुलाई 2015 की जानी, सूची संप्रदर्शित के पश्चात प्राप्त आपत्तियों के निस्तारित करते हुए अन्तिम सूची का निर्धारण 19 जुलाई 2015 को किया जाना है, जिले स्तर पर पूरे जनपद की दुकानवार अन्त्योदय एंव पात्र गृस्थियों की सूची संकलित कर खाद्यायुक्त कार्यालय में प्रेषित 21 जुलाई 2015 की जानी है। खाद्यायुक्त कार्यालय द्वारा उपरोक्त डाटा जनपदवार संकलित कर शासन को 25 जुलाई 2015 तक प्रेषित किया जायेगा, उपरोक्त के संबंध में निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्तानुसार निर्धारित की गई समय शारणी के आधार पर जनपद के ग्रामीण एवं नगर क्षेत्रों में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार पात्र गृस्थियों के चिन्हाकंन का कार्य निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कराते हुए सूची उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।

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दो दिन पहले, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अटल पेंशन योजना (एपीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को कैबिनेट की मंजूरी प्रदान कर दी। पूर्व में, प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत एक बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की भी एक सफल कोशिश की गई थी। इस तरह की योजनाएं नि:संदेह नागरिकों को लाभ पहुंचाएंगी। लेकिन, इन तमाम योजनाओं के साथ-साथ एक सस्ती और टिकाऊ स्वास्थ्य बीमा स्कीम की भी जरूरत है। दुनिया में यह अपने जैसा अलग उदाहरण होगा।  महज 400-500 रुपये के सालाना भुगतान पर देश के नागरिकों को यदि लाख-दो-लाख रुपये मेडिक्लेम सुविधा मिल जाए तो यह उनके लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है। इससे सरकार के 'सबको स्वास्थ्य' सुविधा प्रदान करने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा। यकीन मानिए, इससे बड़ा 'मास्टर स्ट्रोक' मोदी सरकार के लिए नहीं हो सकता...। इतना ही नहीं, इससे 'सबका स्वास्थ्य, सबका विकास' नाम का नया नारा भी मोदी सरकार को मिलेगा...। ध्यान रहे, साल 2015-16 के बजट भाषण में यह कहा गया था कि भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा लाभ से वंचित है। सरकार ने सभी भारतीयों, विशेषकर निर्धन और उपेक्षित वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रणाली की स्थापना करने का फैसला लिया था। अठारह से 100 साल तक के लोगों के लिए उनकी आयु के हिसाब से प्रीमियम कम या ज्यादा तय किया जा सकता है... नशीले पदार्थों के सेवन करने वाले या न करने वाले लोगों के लिए भी प्रीमियम में बदलाव किया जा सकता है। मौजूदा स्वास्थ्य के स्तर को देखकर भी प्रीमियम में कम या ज्यादा का बदलाव किया जा सकता है। इस तरह एक हजार रुपये की सीमा के अंदर कई स्तरों पर नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा कराया जा सकता है। क्लेम न लेने पर अगले प्रीमियम में छूट का प्रावधान भी किया जा सकता है। इससे लोगों के सामाजिक जीवन में भी कई बदलाव लाए जा सकते हैं। ऐसी महत्वाकांक्षी योजना बनाते समय इसकी सफलता के लिए कई बातें ध्यान में रखी जा सकती हैं... जैसे कि बीमित व्यक्ति का इलाज देश के किसी भी अस्पताल में किया जा सकता है...। भर्ती होने या न होने की स्थिति का चुनाव किया जा सकता है। इसके लिए मौजूदा सरकारी अस्पतालों के तंत्र का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। सरकारी अस्पतालों में ज्यादातर सेवाएं पहले से ही मुफ्त हैं। बीमित व्यक्तियों को बेहतर सुविधाओं के लिए इन्हें बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है। इससे उन्हें निजी अस्पतालों से प्रतिस्पर्धा करने में भी मदद मिलेगी। पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के बारे में जागरूकता और प्रचार संबंधी गतिविधियों पर अगले पांच वर्षों में खर्च के लिए सरकारी अंशदान के रूप में 50 करोड़ रुपये वार्षिक धन प्रदान करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए भी खर्चा इससे ज्यादा नहीं बैठेगा। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को इससे सीधे-सीधे जोड़ा जा सकता है।  यह एक सुझाव है... सरकार इस बारे में और बेहतर तरीके से सोच सकती है... निर्णय ले सकती है...।

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सौंख : बुधवार की अराजकता के बाद गुरुवार को कस्बा में तनावपूर्ण शांति रही। पुलिस बल निरंतर कस्बा में गश्त करता रहा। झगड़े की आशंका से कस्बा के बाजार पर काफी असर पड़ा और बिक्री प्रभावित दिखी। 

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सौंख : बुधवार की अराजकता के बाद गुरुवार को कस्बा में तनावपूर्ण शांति रही। पुलिस बल निरंतर कस्बा में गश्त करता रहा। झगड़े की आशंका से कस्बा के बाजार पर काफी असर पड़ा और बिक्री प्रभावित दिखी।  रातभर दबिश चलती रही। पुलिस ने दबिश के दौरान आरोपियों के घर पर सामान को भी नहीं बख्शा। दिन में भी बाजार में जगह जगह पुलिस बल मौजूद रहा। कस्बा में नामजद हो जाने की आशंका से रात में ही काफी लोग राजस्थान के निकटवर्ती गांवों में पलायन कर गए। दोपहर को भाजपा का प्रतिनिधिमंडल भी स्थानीय पुलिस चौकी पर पहुचा और पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।  प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, पूर्व विधायक अजय पोइया, चेतन मलिक व अन्य लोगों ने पुलिस ने निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने की अपील की। इस पर चौकी प्रभारी सत्यवीर यादव ने कहा कि दोषी लोगों को ही चिह्नित किया गया है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही हैं। कस्बा के आवगमन के प्रमुख रास्तों तथा चौराहों पर पुलिस बल मुस्तैद रहा।  आला अफसरों ने पूरे दिन कस्बा में ही डेरा डाले रखा। एसपी क्राइम, एसडीएम सदर, एसपी यातायात, तहसीलदार सदर सीओ सदर, एसओ मगोर्रा चौकी पर मौजूद रहे। रालोद के प्रदेश महासचिव दीपक चौधरी ने थाना मगोर्रा में एसओ से मुलाकात कर निर्दोष लोगों को न फंसाने की बात पुलिस से कही। इस बारे में नगर  पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर वर्मा ने सभी लोगो ने सौहार्द बनाए रखने की अपील की। ध्यान रहे, अल्पसंख्यक समुदाय के युवक द्वारा एक हिन्दू युवती को भगा ले जाने के बाद से कस्बा में तनाव का माहौल है।

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मथुरा। उ0प्र0 कांग्रेंस विधन मडल दल के नेता विधयक प्रदीप माथुर ने अपनी क्षेेत्राीय विकास निध् िसे मथुरा शहर में विश्वलक्ष्मी नगर की 115 मी0 लम्बी तथा 5 लाख 35 हजार रू0 की लागत वाली इण्टरलाॅकिग सड़क का लोकार्पण किया। तथा न्युलक्ष्मी नगर बिरला मन्दिर जयसिंह पुरा की 109 मी0 लम्बी तथा 5 लाख0 39 हजार की लागत वाली सड़क का विध्वििधन के साथ इण्टरलाॅकिग सड़क का लोकार्पण किया। लोकार्पण के अवसर पर विद्यायक प्रदीप माथुर ने कहा कि वे मथुरा के विकास हेतु दृढ़ संकल्पित है तथा वे निरन्तर केन्द्र तथा राज्य सरकार से मथुरा विकास हेतु अनेकों योजनाओं के क्रियान्वन हेतु प्रयासरत् है। वे मथुरा के विकास हेतु हर सम्भव प्रयास करेगेे। इस अवसर पर स्थानीय निवासियों }ारा विधयक प्रदीप माथुर का अभिवादन तथा पफूल माला पहनाकर उनका स्वागत जोर-शोर से किया गया। विश्वलक्ष्मी के निवासियों ने सड़क के निर्माण होने पर श्री माथुर को ध्न्यवाद दिया तथा कहा कि इस सड़क के निर्माण से उनकी आवागमन में होने वाली समस्याओं का हल तो हुआ ही साथ-साथ मथुरा का क्षेत्राीय विकास  भी  हुआ है। यहाॅ की इस सड़क पर भारी वाहनों के आवागमन पर जी. होने के कारण अक्सर वाहनों का नुक्सान होने के साथ-साथ मार्ग अवरूद्व˜ होने पर कापफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। तथा पास ही में स्थित स्कूल के बच्चो को आने जाने में कापफी परेशानी होती थी। इस सड़क की हालत बहुत दयनीय थी यहाॅ से लोगो को आने जाने में कापफी परेशानी का सामना करना पड रहा था। तथा वाहनो को निकलने में कापफी परेशानी आ रही थी इस अवसर पर बृजेश पाठक, राजेन्द्र दीक्षित, राजू गौतम, भगवान सिंह सैनी, राज बहादुर, बंसल जी और दिलीप, मुकुट आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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मिशन द्वारा किया जाएगा यमुना में गिर रही नालियों को रोकने का प्रयासः पं0 अनिल शर्मा मथुरा। यमुना शुद्वि संकल्प मिशन 2015 के तहत कराए जा रहे घाटों के जीर्णोद्वार कार्य में दिन-प्रतिदिन तेजी आ रही है। सोमवार को मिशन ने सभी की सहमति से यह निर्णय लिया कि श्री कृष्ण गंगा घाट के आसपास की सभी छोटी नालियों को जोडकर एक नाले का रूप दिये जाने का कार्य कराया जाएगा जिससे शहर के नालों के माध्यम से आने वाला गंदा पानी सीध्े यमुना में न गिर सके। मिशन के संयोजक पं0 अनिल शर्मा ने बताया कि सभी नालियों को जोडकर एक नाले का रूप देने से से जहां एक ओर शहर की गंदगी यमुना में समाहित नहीं होगी वहीं दूसरी ओर यमुना के घाटों के किनारे पेड-पौधें का रोपण कर वहां के क्षेत्रा का पर्यटन की दृष्टि से विकसित कराया जाएगा। श्री शर्मा ने गोवधर््न से आए देवेन्द्र शर्मा, आनंद बाबा, दाउदयाल शर्मा, राजू पंेटर, विष्णु शर्मा, मुकेश ठाकुर, लपूटी पंडित, आशीष हनुमान जी वाले, शारदा शर्मा आदि की उपस्थिति में पारूल शर्मा को रामायण पाठ का प्रमुख नियुक्त किया। उनका कहना था कि अब रामायण पाठ की प्रमुख पारूल शर्मा के नेतृत्व में रामायण टीम ब्रज के विभिन्न क्षेत्रों में जाएगी और लोगों से यमुना शुद्वि के इस मिशन में सहयोग करने की अपील करेगी। हरिओम बाबा ने कहा कि यह रामायण पाठ ब्रज 84 कोस के प्रत्येक क्षेत्रा में आयोजित किया जाएगा जिससे यमुना भक्त जागरूक हो सकें और इस कार्य में अपना हाथ बढाएं। उन्होंने कहा कि रामायण पाठ के माध्यम से ठाकुर जी से प्रार्थना की जाएगी कि ये कार्य सपफल हो। उन्होंने आगे बताया कि विकास के कार्यो के अन्र्तगत जिन घाटों का जीर्णोद्वार यमुना शुद्वि संकल्प मिशन 2015 के अन्र्तगत पूर्व में कराया गया था अब उन घाटों पर रंगाई व पुताई का कार्य प्रारम्भ करा दिया गया है। इस अवसर पर रामायण प्रमुख पारूल शर्मा ने कहा कि मिशन द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है वह उसका पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगी। उन्होंने ब्रज की महिलाओं से अपील कि है कि वे इस कार्य में आगे आकर मिशन का सहयोग करें जिससे मिशन अपनी समय सीमा से पूर्व ही अपने कार्य को पूर्ण कर सके। दाउदयाल शर्मा ने बताया कि मथुरा व दिल्ली की तरह ही गोवधर््न से भी यमुना श्ुाद्वि संकल्प मिशन 2015 को पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है और शीघ्र ही मिशन अपने उद्ेश्यों की पूर्ति कर लेगा। उन्होंने आगे कहा कि मिशन के माध्यम से उन्हें यह जो यमुना को शुद्व व सापफ कराने का अवसर प्राप्त हुआ है इसके लिए वे स्वंय को भाग्यशाली मानते हैं और आवश्यकता पडने पर वे अपनी मां यमुना की रक्षा के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार हैं। 

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