मथुरा

मथुरा में किसानो पर पड़ी बरसात व् ओलावृष्टी की मार ने अन्नदाता को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है अब से प्रतिदिन हो रही बारिश के  चलते पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है ऊपर से राजस्व कर्मचारियों द्वारा फसलों के नुकसान सही आंकलन ना करने व् मुआवजे में हो रही देरी से किसानो में आक्रोश फैलता जा रहा है । सोमवार को महावन क्षेत्र में  उचित मुआवजे की माँग को लेकर सैकड़ों किसानों ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाम लगा दिया तो आज नौहझील क्षेत्र के कटेलिया , कौलाना गाँव के मध्य सैकड़ो किसानो ने अपनी मांगो को लेकर एक्सप्रेस-वे को सुबह 7 बजे एकत्रित होकर जाम कर दिया । जिससे नोएडा और आगरा के बीच करीब 2 घंटे से अधिक एक्सप्रेस-वे पर यातायात बाधित रहा । ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के चलते पहले से ही परेशान किसानों के लिए 2 दिन की बारिश जले पर नमक छिडकने जैसी हीं थी और इसी के चलते किसानों की बची हुई फसल भी पूरी तरह से बर्बाद हो गई । पहले से ही मौसम की मार झेल रहे जिले के किसान कल की बारिश के बाद आज फिर से सड़कों पर उतर आये । एक्सप्रेस-वे पर किसानों के चढ़ने और जाम लगाने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और आनन-फानन में पुलिस फ़ोर्स मोके पर पहुंच गया । लेकिन किसान जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे । मौके पर पहुँचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसानों की समझाने की काफी कोशिशें की लेकिन आक्रोशित किसानों की माँग थी कि जब तक उचित मुआवजा दिए जाने को लेकर कोई ठोस बात सामने नहीं आएगी, तब तक वो एक्सप्रेस-वे से नहीं हटेंगे । प्रदर्शनकारी किसानों के मुताबिक 18 हजार प्रति हेक्टेअर की दर से दिया जा रहा मुआवजा काफी कम है और इसमें केंद्र सरकार की ओर से 20 हजार प्रति हेक्टेअर और बढाकर दिए जाने की जरूरत है और उसी से पीड़ित किसान अगली फसल होने तक अपने परिवार व् पशुओ का पालन-पोषण कर पायेगा । मोके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी माँट ने 100 प्रतिशत नुक्सान की रिपोर्ट भेजने व् जल्द ही सरकार द्वारा तय राहत राशि दिलवाने के आश्वासन के बाद ही आक्रोशित किसान एक्सप्रेस-वे से हटने को तैयार हुए ।     

Read More

सौंख के गाॅव अड्डा में आयोजित इन्द्रधनुष शिविर का बच्चों को टीके लगाकर शुभारंम्भ करते शिक्षामित्र संघ के गोवर्धन ब्लाॅक अध्यक्ष राजकुमार चैधरी व लक्ष्मी चैधरी सौंख समाचार। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बीमारियों से बचने के लिये स्वास्थ्य विीााग द्वारा प्रथम इन्द्रधनुष शिविर सोमवार को नगला अड्डा में लगाया गया। शिविर में करीब 30 महिला और बच्चों को टीके लगाये गये।  शिविर की जानकारी देते हुए बीएचडब्लू ऊषा शर्मा ने बताया कि इन्द्रधनुष में लगाये जा रहे टीके गर्भवती महिला और बच्चों को सात प्रकार की बीमारियों से बचाव करते है। यह शिविर यह शिविर चार माह तक पूरे जनपद में चलाये जायेगें। इस मौके पर आंगनबाडी क्षैत्रीय प्रभारी लक्ष्मी चैधरी, शिक्षामित्र संघ के गोवर्धन ब्लाॅक अध्यक्ष राजकुमार चैधरी, पूर्णिमा पाण्डेय, मुकेशदेवी चैधरी, नवीना चतुर्वेदी, शालू आदि मौजूद थे।  

Read More

मथुरा : लम्बे अर्से से गरीबी की मार झेल रहे परिवार के आंगन में उम्मीद का एक दिया रोशन हुआ तो घर में खुशियों की किरण पैर पसारने लगी लेकिन प्रकृति की मार ने घर के एकमात्र कमाऊ चिराग को बुझा दिया। अब मृतक के परिजनों को चिंता सता रही है कि साहूकार और बैंक से लिया गया कर्ज कैसे अदा होगा और जवान बिटिया के के हाथ कैसे पीले होंगे। 

Read More

इन्सान ने सिखा दिया जानवरों को, मांगने से कोई कुछ नही मिलता छीन कर लेना पडता है बन्दरों की घुड़की से छत्त से कुदी महिला की मौत मथुरा। मथुरा जनपद की सबसे बड़ी समस्या अगर कोई यहां के निवासियों से पूछे तो उनके मुह से तुरन्त ही निकलेगा बन्दर। हर गली मौहल्ले की हर गली और हर छत्त इस समय बन्दरों से भरी पड़ी है। धार्मिक नगरी के कारण यहां रहने वाले सभी लोग हर जीव पर दया भाव दर्शाते हैं। बन्दर यहां बजरंगबली का अवतार माने जाते हैं। यही बजह है कि बन्दरों के लिये खाने और रहने के लिये कोई कमी नहीं है, यहां दिन रात बन्दरों की संख्या में आश्चर्य जनक वृद्धि देखी जा रही है। संख्या में वृद्धि के कारण अब इन्हें खाना देने वालों की सोच में भी बदलाव आ रहा है। बन्दरों को पर्याप्त खाना न मिलने के कारण ये अब राहगीरों को अपना निशाना बनाने लगे हैं। इस समस्या से यहां के जनप्रतिनिधियों पर शायद कोई फर्क न पड़ता हो लेकिन जनपद में निवास करने वाले व यहां पर्यटन की दृष्टि या तीर्थयात्रा की दृष्टि से आने वालों पर फर्क पड़ता है।  बन्दरों के द्वारा खाने पीने की वस्तुओं को छीना लेना तो आम बात है। अब बन्दरों की बजह से स्कूल काॅलेजों तक आने जाने वाले छोटे से बडे़ छात्रों को भी इनका निशाना बनना पड़ रहा है। वृन्दावन में तो तीर्थयात्रियों से छीना झपटी आम बात है। बन्दरों में भी अब समझ आ गई है कि इन्सानों से कुछ छीन कर ले जाया जाय तो यह कुछ न कुछ खाना खाने की वस्तु देंगे ही इस लिये अब बन्दरों ने सीख लिया है कि आदमी के सिर पर या कन्धे पर बैठ कर चश्मा, मौबाईल पर्स काम काज की कोई भी आवश्यक वस्तु छिना कर किसी उंचे स्थान पर जाकर बैठ जाना जिससे इनको खाना खाने की वस्तु देना मजबूरी बन जाय। इन्सान ने ही सिखा दिया जानवरों को कि मांगने से कोई कुछ नही देता छीन कर लेना पडता है। यह युक्ति बन्दरों ने इन्सानों से ही सीख ली है और यह काम भी कर रही है। बन्दर भी चालाक हो गये हैं अटटालिका पर बैठ कर देखते हैं कि खाने को कुछ मिल रहा है या नही अगर खाना नही तो सामान भी नहीं चश्मे की डन्डी धीरे धीरे तोडी जायेगी फिर भी खाना नही मिला तो दूसरी डन्डी तोड दी जायेगी इस पर भी नही मिला तो चश्मा मौबाइल पर्स आदि ऐसा कर दिया जायेगा कि यह हमारे किसी काम का नही तो तुम्हारे भी किसी काम का नही रहेगा।  जनपद के हर क्षेत्र में बन्दरों की अत्यधिक बढती संख्या का अनुमान नही लगाया जा सकता है। खाने पीने की वस्तुओं की कमी ने बन्दरों को आम सड़कों काॅलोनियों की सड़कों पर या छत्तों पर झुण्ड में हमला करते देखा जा सकता है। मथुरा शहर के हर मौहल्ले, वृन्दावन की हर गली मौहल्ले, गोवर्धन, राधाकुण्ड, दाऊजी, बलदेव, समेत तीर्थ यात्रा के सभी पड़ावों में यहां तक कि गावों में भी इस समस्या से लोग परेशान हैं। आज स्थिति यह है कि इन्सान पिंजडे में निवास करते हैं और बन्दर स्वछन्द घूमते हैं। बन्दरों को  पकड़ना और पकड़ कर कहीं और ले जाकर छोड़ना समस्या का हल नही है। इनके लिये स्थाई आवास बाड़ा बनाने की आवश्यकता है जिसमें उंची उंची बाड बन्दी होनी चाहिये जिसमें इनको रखा जाय चारों ओर खुला और हरियाली युक्त बातावरण हो धार्मिक आस्था के लोग वहां जाकर बन्दरों को खाने के लिये दे सकें। एकान्त में जंगलों में छोड़ दिये जाने पर यह फिर शहर की ओर रूख करते हैं जहां इनकों पर्याप्त खाना मिलता है यह वहां जायेंगे भी और लोगों को इसी तरह से परेशान भी करेंगे। अब तक न जाने कितनी जानें बन्दरों के काटने से हुयी हैं या इनके द्वारा गिरा दिये जाने या उंचाई से इनके भय से गिरने से हुयी हों।  हाल ही में थाना वृन्दावन के गोबिन्द बाग में एक महिला को कपड़ें सुखाने के दौरान छत्त पर आये बन्दरों के झुण्ड ने हमला वोल दिया जिससें घबड़ा कर महिला अपने घर की छत्त से नीचें कूद गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने बाजार बन्द कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचें आला अधिकारियों ने क्षेत्र में बन्दर पकड़वाने का आश्वसन देकर जाम को तो खुलवा दिया।  मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गोबिन्द वाग निवासीें धर्मशानाथ शास्त्री की 52 वर्षीय धर्मपत्नी अन्जली देवी प्रतिदिन की भांति छत्त पर कपड़ा सुखाने के लिए गई थी की इसी दौरान एक बन्दरों का झुण्ड आया जिससें अन्जली देवी द्वारा भगाने का प्रयास किया तो बन्दरों के झुण्ड ने महिला पर हमला वोल दिया। बन्दरों के एक तरफा हमलें से अन्जली देवी घबड़ा गई और वह बन्दरों के भय से छत्त से ही कूद गई। जिससें अन्जली देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना को स्थानीय लोगों में हड़.कम्प मच गया। स्थानीय लोग घटना स्थल की ओर दोड़ पड़ें। घटना से आक्रोशित लोगों ने महिला के शव को सड़क पर रखकर बाजार बन्द जाम लगा दिया। जिससें आवागमन में लोगों को दिक्कत होने लगी। जाम की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस व पालिका के प्रशासनिक अधिकारियों ने जाम लगा रहे लोगों को समझा बुझाकर जाम को खुलवाया तथा क्षेत्र में शीघ्र ही बन्दरों को पकड़वाने का आश्वासन दिया। घटना को लेकर क्षेत्र में पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन के विरूद्व आक्रोश बना हुआ हैं। यह एक बड़ी समस्या बनी हुई है लेकिन इस समस्या के लिये जिला प्रशासन के पास इसका कोई ठोस समाधान नही है।  

Read More

महात्मा ज्योतिबा राव फुले से जन्मोत्सव के मौके पर प्रस्तुति देते नन्हे मुन्ने बच्चे गोवर्धन। कस्बा के दसविसा के सैनी मौहल्ला स्थित महात्मा ज्योति राव पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में शनिवार को सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत महामहीम महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जन्मोत्सव विभिन्न कार्यक्रमों कार्यक्रमों के बीच धूम धाम से मनाया गया। इस मौके पर विद्यालय के संचालक भरत लाल सैनी ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जन्म महाराष्ट्र के गांव सतारा में हुआ था उन्होने हमारे समाज के लिए बहुत सघर्ष किये थे जो हमेशा याद रहेगें। इस मौके पर अभिमन्यू सैनी, रामबाबू सैनी, निरोत्तम सैनी, दूल्हेराम सैनी, राधेलाल सैनी, भगवान सैनी, भोला सैनी, गोपाल सैनी, नरेश कौशिक, योगेश कौशिक, प्रशांत तिवारी, रामदयाल वर्मा, राजू सैनी, रतन सैनी, गोकुलेश सैनी, प्रधानाचार्या अनिता सैनी आदि थे।

Read More

ब्रज फाउन्डेशन द्वारा किये गये सौंदर्यीकरण में राज्यपाल के कार्यक्रम में अवरोध डालने पर ब्रजवासियों में उबाल गोवर्धन। ब्रज फाउन्डेशन द्वारा ब्रज चैरासी कोस में ब्रज के विकास हेतु विभिन्न सामाजिक कार्य किये जा रहे हैं। विगत माह गोवर्धन में रूद्रकुण्ड का जीर्णाेद्धार कर ब्रज फाउन्डेशन द्वारा उसको एक नया रूप दिया गया। इसी कड़ी में ब्रज फाउन्डेशन द्वारा वृन्दावन के सेवाकुंज निकुंजवन का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। जिसके नवकलेश्वर महोत्सव में सेवाकुंज के सेवायत द्वारा विघ्न उत्पन्न किया जा रहा है जिससे सामाजिक संस्थाओं, संतों, ब्रजवासियों, व्यापारियों में आक्रोश है तथा उक्त   कृत्य की एक स्वर से निंदा की जा रही हेै। उक्त प्रकरण पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, व्यापारियों आदि की बैठक नगर की प्रमुख सामाजिक संस्था लक्ष्य वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित की गई। बैठक में संस्था के सचिव शरण बिहारी खण्डेलवाल ने बताया कि विगत चार वर्षों से तमाम बाधाओं को झेलते हुए सेवाकुंज का सौंदर्यीकरण ब्रज फाउन्डेशन द्वारा किया गया है। सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ करने पर सेवाकुंज के सेवायतों एवं ब्रजवासियों द्वारा उक्त प्रकल्प हेतु अपना सम्पूर्ण योगदान देने की बात कही गयी थी उसी कारण आज सेवाकुंज सौंदर्यीकरण के उपरान्त अपनी नयी छटा विखेर रहा है तथा उसका सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम पड़ाव पर है। मंदिर में नवकलेश्वर महोत्सव की तैयारियां चल रही हैं जो कि दिनांक 25 अप्रैल को प्रस्तावित है जिसमें प्रदेश के राज्यपाल के आने की अनुमति भी संस्थान को मिल चुकी है पर अन्तिम तैयारियों के दौरान होने वाली साज सजावट, चित्रकारी, रंगाई पुताई आदि में सेवाकंुज के सेवायत राधाकुमुद गोस्वामी द्वारा रोक लगा दी गयी है तथा संस्था को कोई भी कार्यक्रम न करने की चेतावनी दी गयी है। इस पर समाजसेवियों ने कहा कि ब्रज फाउन्डेशन एक सामाजिक संस्था है जिसके द्वारा निस्वार्थ भाव से ब्रज विकास के तमाम ऐसे कार्य किये गये हैं जो कि अपने आप में एक अतुलनीय उदाहरण हैं। संस्था द्वारा ब्रज के प्रमुख तीर्थ स्थलों बरसाना, गोवर्धन, वृन्दावन, नन्दगांव, मथुरा आदि में बहुत से कार्य कराये गये हैं। कई मंदिरों, परिक्रमा मार्ग के प्रमुख स्थलों, कुण्डों का जीर्णोद्वार कराया गया है। ब्रज की विरासत को अपने मूल स्वरूप में वापिस लाने के लिए संस्था शासन प्रशासन का लगातार सहयोग कर रही है। ऐसी स्थिति में उक्त सेवायत का कार्यक्रम में व्यथान डालना नितान्त निदंनीय है। संज्ञान में आया है कि उक्त सेवायत द्वारा ब्रजवासियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता हेै। नवकलेश्वर महोत्सव में खलल डालने पर गोवर्धन की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, सन्त महात्माओं, व्यापारियों ने निंदा करते हुए प्रशासन से कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सहयोग करने की मांग की है। मांग करने वालों में प्रमुख रूप से लक्ष्य वेलफेयर सोसाइटी के सचिव शरण बिहारी खण्डेलवाल, श्रीनाथ गर्ग, वीरेन्द्र गुप्ता एडवोकेट, विनोद कुमार खण्डेलवाल, हेमराज एडवोकेट, अमित कुमार, नरेन्द्र शर्मा, श्याम सखा मण्डल के राजेश गुप्ता, प्रमोद सिंघल, दाऊदयाल, राकेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, विनोद अग्रवाल, संत नरहरिदास, दीनबन्धु दास सहित अनेक संत, सामाजिक संस्थाओं के सदस्य, व्यापारी उपस्थित रहे।

Read More



Mediabharti