मथुरा

प्रथम नियुक्ति से ही मिले प्रमोशन मथुरा। अंर्तजनपदीय शिक्षक एसोसियेशन के बैनरतले जिलाध्यक्ष कृष्णकांत भारद्वाज के नेतृत्व में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को प्रथम नियुक्ति तिथि से प्रमोशन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह कार्यक्रम प्रदेश संगठन के निर्देश पर सभी जिलों में चलाया जा रहा है। बताया गया कि यह आंदोलन चरणबद्ध चलेगा। इस अवसर पर बोलते शैलेन्द्र परिहार, जितेन्द्रपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह तोमर और करतार सिंह ने बताया कि वर्तमान में यह मुद्दा सभी मंत्रियों तक पंहुच गया है। उपाध्यक्ष मनोज रावत ने कहा कि हमारी वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति तिथि पर ही होनी चाहिए। इस अवसर पर बबीता रानी, तृप्ति श्रीवस्तव, राजकुमारी शर्मा, दीपारानी अग्रवाल, महेन्द्र प्रताप सिंह, कृष्णकांत शर्मा, नरवीर सिंह, सुनील कुमार, दुर्गेश गर्ग, कान्ता यादव, प्रवीण कुमार, चन्द्रवती सिंह, दुष्यंत कुमार, रोहित शर्मा, हरीश अग्रवाल, किशन सिंह वर्मा, मधुलेखा यादव, रेनू तिवारी, आदि उपस्थित थे।

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मुआवजा दिलवाने और मुकदमा हटवाने की मांग मथुरा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया और गोकुल बैराज डूब क्षेत्र किसानों के मुआवजे दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि गोकुल बैराज परियोजना अंतर्गत 1998 में किसानों की मर्जी के विरोध में शटर बंद कर दिये गये जिससे 11 राजस्व ग्राम पंचायतों की 248.75 हैक्टेयर भूमि जलमग्न हो गयी जिसके चलते 942 परिवारांे के 22 हजार किसान भूमिहीन हो गये। वर्ष 1998 से अब तक पीडि़त किसान परिवारों द्वारा सैंकड़ों बार धरना प्रदर्शन किये गये। गत 1 नवंबर 2014 को किसान पुलिस के लाठीचार्ज और गोलीबारी के शिकार हुए थे। इस विषय में अनपढ़ किसानों को प्रशासन की ओर से मुआवजे के नाम पर 16 साल से गुमराह किया जाता रहा है। आज इसी कारण किसान भुखमरी के कगार पर हैं। उन्होंने किसानों को वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने, किसानों पर लगाये मुकदमे हटाने, फसल का मुआवजा देने, जमीन का किराया देने, क्षेत्र का सर्किल रेट बढ़ाने और क्षेत्र में एक इंटर कालेज खुलवाने की मांग की और चेतावनी दी कि जबरन या अंधकार में रखकर कोई समझौता थोपा गया तो न्यायालय जाने को मजबूर होना पड़ेगा।  इस अवसर पर घनश्याम, विष्णु, भरतलाल, प्रेमचंद, भंवर सिंह, कन्हैया निषाद, राम, महेन्द्र सिंह, डालचंद, शिवराम सिंह, ब्रजमोहन, महेन्द्र निषाद, बनवारी, मीठू सिंह, रोहन सिंह धनगर, शिवराम सिंसौदिया सहित काफी लोग मौजूद थे।

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मथुरा। थाना फरह क्षेत्र के गांव भोजपुर में एक विवाहिता की बीतीरात दर्दनाक मौत हो गई। मृतका के मायके वालों ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए थाना फरह में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद मुकद्मा दर्ज कराया है। सभी आरोपी मौके से फरार हैं, पुलिस ने मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना फरह क्षेत्र के गांव शेरशाह निवासी रेखा पुत्री स्व. रामदयाल की शादी 4 वर्ष पूर्व इसी थाना क्षेत्र के गांव भोजपुर निवासी राधेश्याम के साथ हुई थी, मृतका के भाई मुकेश का आरोप है कि उसका पति राधेश्याम, ससुर महेशचंद तथा सास ओमा एवं देवर संजू व ननद आशा एवं गुडि़या उसे आए दिन अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान करती थी तथा मारपीट करते थे। जब हम लोग अतिरिक्त दहेज की रकम उन्हें नहीं दे सके तो कई महीने तक रेखा अपने मायके में रही बाद में समाज के लोगों द्वारा फैसला कराए जाने पर रेखा को वापस राधेश्याम अपने साथ गांव भोजपुर ले गया और बीतीरात मारपीट कर गले में फांसी का फंदा लगा उसकी हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार मृतका के गले, हाथ, पीठ पर चोटों के निशान हैं, जब उसकी मौत हो गई तो उन्हें खबर दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने पति, ससुर, सास एवं देवर व ननदों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकद्मा दर्ज करा पुलिस से न्याय की गुहार की है। थाना फरह पुलिस ने दहेज हत्या का मुकद्मा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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लेखपाल राजनैतिक दबाव मंे दलालों के घर बैठ कर तैयार कर रहे सर्वे रिर्पोट राधाकुण्ड, मुखराई व सकरवा के ले़खपालों ने की मनमानी सर्वे गोवर्धन की मीणा वाली धर्मशाला में सपा के विधान सभा अध्यक्ष मुकेश सिकरवार किसान समस्याओं को लेकर सम्बोधित करते हुए गोवर्धन। कस्वा के डीग अडडा स्थित मीणा वाली धर्मशाला मेें सोमवार को सपा के गोवर्धन विधान सभा अध्यक्ष मुकेश सिकरवार की अध्यक्षता में विधान सभा क्षेत्र के सैकडों आपदा पीडित किसान एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की। बैठक में आपदा पीडित किसानो को राहत राशि सरकार द्वारा दिये जाने की जानकारी दी गई। किसानों को अन्य राजनैतिक दलों के बहकावे में आकर परेशान न होने की बात कही। जनपद भर में किसानों पर कहर बनकर टूटी वर्षा के साथ ओलावृष्टि से जहाॅ किसान सदमें में है तो वही मरहम लगाने में केन्द्र सरकार सहित राज्य की अखिलेश सरकार भी किसानों को मदद करने में पीछे नही हट रही हंै। जनपद में वर्षा एवं ओलावृष्टि की चपेट में आकर बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा देने के लिये राज्य सरकार ने 112 करोड रूपये की पहली किस्त रिलीज कर दी गयी है।  जनपद की छाता माॅट एवं मथुरा तहसील के कुछ गाॅवों में किसानों मुआबजा राहत राशि के रूप में जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं राजनैतिक दलों की देख रेख में वितरण कार्य भी चल रहा है। वही दूसरी ओर लेखपालों की मनमानी के चलते मनमाफिक सर्वे रिपोर्ट तेयार की जा रही है। जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे। ऐसा ही मामला मुखराई, सकरवा, राधाकुण्ड एवं कुन्जेरा आदि कई गांवों के किसानों द्वारा बताया गया कि लेखपाल गांव में एक अपने निजी आदमी के घर बेठकर पूरे गाॅव के रकवा की सर्वे रिपोर्ट तेयार कर प्रशासन को दी जा रही है। जिस पर ग्रामीण किसाानों को संदेह हो रहा है। और काफी चितित नजर आ रहे है। वहीं तहसील के राधाकुण्ड व मुखराई गाॅव के आपदा पीडित किसानों ने लेखपाल द्वारा की गई फसलों की सर्वे को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि लेखपाल अपनी मनमानी से एक ही दिन एक स्थान पर बेठ पूरे गाॅव के रकवा की सर्वे रिपोर्ट तेयार कर प्रशासन को दी है। बिना मौका देखे तेयार की सर्वे रिपोर्ट से किसानों को उचित लाभ नही मिलेगा। किसानों ने लेखपाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लेखपाल शासन प्रशासन के आदेशों की अवेहलना कर किसानों को परेशान कर रहे है। उचित मुआवजा नही मिला तो लेखपाल की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जायेगी। मुखराई व राधाकुण्ड के आपदा पीडित किसान लेखपाल द्वारा की गई सर्बे रिपोर्ट से काफी चिंतित नजर आ रहे है। बेमौसम हुई वर्षा से प्रत्येक किसान का 40 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक गेंहूॅ व सरसों आलू की फसल में नुकसान हुआ है। लेकिन लेखपालों द्वारा किये गये सर्वे गाॅव में एक स्थान पर बेठ कर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जिस सर्वे मंे गाॅव की राजनीति के चलते गरीव किसानों का अहित हो रहा और उचित मुआवजे से बंचित रह जाने की आंशका है।

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मथुरा। जिला पंचायत राज अधिकारी ने अपनी विज्ञप्ति में अवगत कराया है कि 24 अपै्रल की तिथि राष्ट्रीय पंचायत दिवस के रूप में मनायी जाती है। इसी क्रम में दिनांक 24 अपै्रल 2015 को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के रूप में मनाने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर निम्नलिखित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। दिनांक 24 अपै्रल 2015 को अपनी अपनी तैनाती की ग्राम पंचायतो में ग्राम सभा की विशेष बैठक आयोजित की जाये। इस बैठक के एजेण्डा में सामान्य रूप से सम्मिलित किये जाने वाले बिन्दुओं के अतिरिक्त पंयायती राज मंत्रालय भारत सरकार व पंयायती राज विभाग उ0प्र0 शासन द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जन कलयाणकारी योजनाओं से ग्राम वासियो को अवगत कराया जाये एवं ग्राम सभा द्वारा विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लिये जाने वाले कार्यो से लाभार्थियों का चयन भी किया जाये साथ ही साथ ग्राम सभा व्दारा गत वर्ष ग्राम पंचायत द्वारा किये गये कार्यो की समीक्षा करते हुए ग्राम सभा से अनुमोदन की भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। ग्राम सभाओं की इन बैठको में जिला स्तरीय अधिकारियो को प्रतिभाग करने का अनुरोध किया जाये।

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इन्सान से ही सीखा बन्दरों ने कि मांगने से नहीं सब कुछ छीनने से मिलता है बन्दरों की घुड़की से छत्त से कुदी महिला की मौत मथुरा। जनपद की सबसे बड़ी समस्या अगर कोई यहां के निवासियों से पूछे तो उनके मुह से तुरन्त ही निकलेगा बन्दर। हर गली मौहल्ले की हर गली और हर छत्त इस समय बन्दरों से भरी पड़ी है। धार्मिक नगरी होने के कारण यहां रहने वाले सभी लोग हर जीव पर दया भाव दर्शाते हैं। बन्दर यहां बजरंगबली का अवतार माने जाते हैं। यही बजह है कि बन्दरों के लिये खाने और रहने के लिये कोई कमी नहीं है, यहां दिन रात बन्दरों की संख्या में आश्चर्य जनक वृद्धि देखी जा रही है। संख्या में वृद्धि के कारण अब इन्हें खाना देने वालों की सोच में भी बदलाव आ रहा है। बन्दरों को पर्याप्त खाना न मिलने के कारण ये अब राहगीरों को अपना निशाना बनाने लगे हैं। इस समस्या से यहां के जन प्रतिनिधियों पर शायद कोई फर्क न पड़ता हो लेकिन जनपद में निवास करने वाले व यहां पर्यटन की दृष्टि या तीर्थयात्रा की दृष्टि से आने वालों पर फर्क पड़ता है। बन्दरों के द्वारा खाने पीने की वस्तुओं को छीना लेना तो आम बात है। अब बन्दरों की बजह से स्कूल काॅलेजों तक आने जाने वाले छोटे से बडे छात्रों को भी इनका निशाना बनना पड़ रहा है। वृन्दावन में तो तीर्थयात्रियों से छीना झपटी आम बात है। बन्दरों में भी अब समझ आ गई है कि इन्सानों से कुछ छीन कर ले जाया जाय तो यह कुछ न कुछ खाना खाने की वस्तु देंगे ही इस लिये अब बन्दरों ने सीख लिया है कि आदमी के सिर पर या कन्धे पर बैठ कर चश्मा, मौबाईल पर्स काम काज की कोई भी आवश्यक वस्तु छिना कर किसी उंचे स्थान पर जाकर बैठ जाना जिससे इनको खाना खाने की वस्तु देना मजबूरी बन जाय। इन्सान ने ही सिखा दिया जानवरों को कि मांगने से कोई कुछ नही देता छीन कर लेना पडता है। यह युक्ति बन्दरों ने इन्सानों से ही सीख ली है और यह काम भी कर रही है। बन्दर भी चालाक हो गये हैं अटटालिका पर बैठ कर देखते हैं कि खाने को कुछ मिल रहा है या नही अगर खाना नही तो सामान भी नहीं चश्मे की डन्डी धीरे धीरे तोडी जायेगी फिर भी खाना नही मिला तो दूसरी डन्डी तोड दी जायेगी इस पर भी नही मिला तो चश्मा मौबाइल पर्स आदि ऐसा कर दिया जायेगा कि यह हमारे किसी काम का नही तो तुम्हारे भी किसी काम का नही रहेगा। जनपद के हर क्षेत्र में बन्दरों की अत्यधिक बढती संख्या का अनुमान नही लगाया जा सकता है। खाने पीने की वस्तुओं की कमी ने बन्दरों को आम सड़कों काॅलोनियों की सड़कों पर या छत्तों पर झुण्ड में हमला करते देखा जा सकता है। मथुरा शहर के हर मौहल्ले, वृन्दावन की हर गली मौहल्ले, गोवर्धन, राधाकुण्ड, दाऊजी, बलदेव, समेत तीर्थ यात्रा के सभी पड़ावों में यहां तक कि गावों में भी इस समस्या से लोग परेशान हैं। आज स्थिति यह है कि इन्सान पिंजडे में निवास करते हैं और बन्दर स्वछन्द घूमते हैं। बन्दरों को पकड़ना और पकड़ कर कहीं और ले जाकर छोड़ना समस्या का हल नही है। इनके लिये स्थाई आवास बाड़ा बनाने की आवश्यकता है जिसमें उंची उंची बाड बन्दी होनी चाहिये जिसमें इनको रखा जाय चारों ओर खुला और हरियाली युक्त बातावरण हो धार्मिक आस्था के लोग वहां जाकर बन्दरों को खाने के लिये दे सकें। एकान्त में जंगलों में छोड़ दिये जाने पर यह फिर शहर की ओर रूख करते हैं जहां इनकों पर्याप्त खाना मिलता है यह वहां जायेंगे भी और लोगों को इसी तरह से परेशान भी करेंगे। अब तक न जाने कितनी जानें बन्दरों के काटने से हुयी हैं या इनके द्वारा गिरा दिये जाने या उंचाई से इनके भय से गिरने से हुयी हों। अभी हाल ही में थाना वृन्दावन के गोबिन्द बाग में एक महिला पर कपड़ें सुखाने के दौरान छत्त पर आये बन्दरों के झुण्ड ने हमला बोल दिया। जिससें घबड़ा कर महिला अपने घर की छत्त से नीचें कूद गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने बाजार बन्द कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचें आला अधिकारियों ने क्षेत्र में बन्दर पकड़वाने का आश्वसन देकर जाम को तो खुलवा दिया। विस्तृत जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गोबिन्द बाग निवासीें धर्मशानाथ शास्त्री की 52 वर्षीय धर्मपत्नी अन्जली देवी प्रतिदिन की भांति छत्त पर कपड़ा सुखाने के लिए गई थी की इसी दौरान एक बन्दरों का झुण्ड आया जिससें अन्जली देवी द्वारा भगाने का प्रयास किया तो बन्दरों के झुण्ड ने महिला पर हमला वोल दिया। बन्दरों के एक तरफा हमलें से अन्जली देवी घबड़ा गई और वह बन्दरों के भय से छत्त से ही कूद गई। जिससें अन्जली देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना को स्थानीय लोगों में हड़.कम्प मच गया। स्थानीय लोग घटना स्थल की ओर दोड़ पड़ें। घटना से आक्रोशित लोगों ने महिला के शव को सड़क पर रखकर बाजार बन्द जाम लगा दिया। जिससें आवागमन में लोगों को दिक्कत होने लगी। जाम की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस व पालिका के प्रशासनिक अधिकारियों ने जाम लगा रहे लोगों को समझा बुझाकर जाम को खुलवाया तथा क्षेत्र में शीघ्र ही बन्दरों को पकड़वाने का आश्वासन दिया। घटना को लेकर क्षेत्र में पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन के विरूद्व आक्रोश बना हुआ हैं। यह एक बड़ी समस्या बनी हुई है लेकिन इस समस्या के लिये जिला प्रशासन के पास इसका कोई ठोस समाधान नही है।

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